इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (अमेंडमेंट) बिल 2025 लोकसभा से पारित

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1 इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (अमेंडमेंट) बिल 2025 लोकसभा से पारित

30 मार्च को इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (अमेंडमेंट) बिल 2025 (IBC) लोकसभा से पारित हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इसे पेश किया। इस बिल के बाद अब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) को किसी कंपनी के डिफॉल्ट (बैंकरप्सी ) साबित होने के बाद आवेदन स्वीकार करने के लिए 14 दिन का समय मिलेगा। इससे पहले तक ये आवेदन लंबे समय तक पेंडिंग होते थे, उनपर कोई कार्रवाई नहीं होती थी। इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में सुधार का उद्देश्य दिवालिया होने पर प्रोसेस में होने वाली देरी को खत्म करना है। मंत्रालय के मुताबिक, इस बिल का उद्देश्य बैंकों के कर्ज यानी नॉन परफॉमिंग एसेट्स (NPA) को कम करना है। साथ ही दिवालिया होने वाली कंपनियों को भी बचाना है। मंत्रालय के मुताबिक, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) देश के बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति में सुधार लाने में एक बड़ा फैक्टर रही है, जिसमें नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की वसूली भी शामिल है। इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) बिल 2025 में कुल 12 संशोधन किए गए हैं, जिनमें 11 कमेटी ने दिए हैं और एक सरकार ने पेश किया है। इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) को 2016 में लागू किया गया था। इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड बिल को अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

2 केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया ‘लीफ’

 

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को ‘लीफ’ यानी ‘लाइट इलेक्ट्रिक-व्हीकल एक्सेलेरेशन फोरम (एलईएएफ)’ लॉन्च किया, जो एक इंडस्ट्री-नेतृत्व वाला मंच है। यह फोरम एक निष्पक्ष प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया गया है, जहां लाइट इलेक्ट्रिक वाहन (एलईवी) सेक्टर से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स, जैसे वाहन निर्माता (ओईएम), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर, कंपोनेंट निर्माता और टेक्नोलॉजी प्रदाता, एक साथ काम कर सकें। यह फोरम सरकार, रेगुलेटरी संस्थाओं और इंडस्ट्री संगठनों के साथ मिलकर ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देगा और देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को अपनाने में तेजी लाएगा। इस पहल का मकसद चार्जिंग नेटवर्क के बीच बेहतर तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) बनाना, सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाना और यूजर्स को एक समान अनुभव देना है, साथ ही सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार करना भी है।

3 उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए वाणिज्यिक वाहनों हेतु ग्रीन कार्ड प्रणाली लागू

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए  वाणिज्यिक यात्री वाहनों के लिए “ग्रीन कार्ड प्रणाली” शुरू की गई है। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने रिद्वार जिले के रोशनबाद में इस प्रणाली का उद्घाटन किया। ग्रीन कार्ड प्रणाली यात्रा में भाग लेने वाले वाणिज्यिक वाहनों की तकनीकी फिटनेस और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। यह न केवल वाहन की फिटनेस को प्रमाणित करेगी बल्कि आपात स्थिति में वाहन से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएगी। परिवहन विभाग के अनुसार, वाहन मालिक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इसके बाद, निकटतम परिवहन कार्यालय में वाहन के तकनीकी निरीक्षण के बाद ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा।

4 जापान ने विश्व का पहला डुअल-बैंड इन्फ्रारेड सेंसर विकसित किया

जापान की फुजित्सु ने डिफेंस और डिज़ास्टर प्रिवेंशन फील्ड में मॉनिटरिंग कैपेबिलिटीज़ को बढ़ाने के लिए दुनिया के लीडिंग, हाई-सेंसिटिविटी और हाई-रिज़ॉल्यूशन इंफ्रारेड सेंसर के डेवलपमेंट की घोषणा की। यह सेंसर एक टाइप-II सुपरलैटिस (T2SL) इंफ्रारेड सेंसर है जिसमें 1 मिलियन से ज़्यादा पिक्सल हैं, जो मिड-वेवलेंथ इंफ्रारेड (MWIR) और लॉन्ग-वेवलेंथ इंफ्रारेड (LWIR) लाइट दोनों का पता लगा सकता है। इसकी हाई-सेंसिटिविटी इसे 0.05°C या उससे कम के छोटे थर्मल अंतर को साफ-साफ कैप्चर करने देती है, जिससे दिन और रात हाई-प्रिसिजन मॉनिटरिंग हो पाती है। यह 1-मेगापिक्सल से ज़्यादा का डुअल-बैंड T2SL इंफ्रारेड सेंसर दुनिया में अपनी तरह का पहला है। यह टेक्नोलॉजी जापान के रक्षा मंत्रालय की एक्विजिशन टेक्नोलॉजी एंड लॉजिस्टिक्स एजेंसी (ATLA) से “वाइड बैंड और हाई रिस्पॉन्सिविटी फोटो-डिटेक्टर के प्रोटोटाइप” के हिस्से के तौर पर कॉन्ट्रैक्ट के तहत डेवलप की गई थी, जिसे फुजित्सु ने प्रोटोटाइप सेंसर की डिलीवरी पूरी कर दी है।

5 कोलकाता के जीआरएसई द्वारा निर्मित चौथी पनडुब्बी रोधी उथले पानी की नौका-एग्रे नौसेना में शामिल

कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों (एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी) में से चौथा, ‘एग्रे’, 30 मार्च 2026 को कोलकाता में भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। कोलकाता के जीआरएसई द्वारा भारतीय जहाजरानी रजिस्टर (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के अनुसार इन एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी का डिजाइन और निर्माण किया गया है, जो स्वदेशी रक्षा जहाज निर्माण की सफलता को रेखांकित करता है। लगभग 77 मीटर लंबे ये जहाज जलजेट द्वारा संचालित भारतीय नौसेना के सबसे बड़े युद्धपोत हैं और अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उथले पानी के सोनार से सुसज्जित हैं, जो पानी के नीचे के खतरों का प्रभावी ढंग से पता लगाने और उनसे निपटने में सक्षम बनाते हैं। इस जहाज के शामिल होने से भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी और बारूदी सुरंग रोधी क्षमताओं के साथ-साथ तटीय निगरानी में और वृद्धि होगी।

6  13 भाषाओं में उपलब्ध होगा आयुर्वेद अनुसंधान, सीसीआरएएस ने ‘अनुवादिनी एआई’ से किया करार

आयुष मंत्रालय के तहत केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) ने आयुर्वेद से जुड़े साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक ज्ञान को देशभर में अधिक सुलभ बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। परिषद ने अनुवादिनी एआई के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत आयुर्वेद अनुसंधान को 13 भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा विकसित अनुवादिनी एआई के माध्यम से लागू होगी। इसका उद्देश्य साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक जानकारी को भाषाई सीमाओं से परे आम लोगों तक पहुंचाना है। इस करार के तहत सीसीआरएएस के शोध परिणामों और शैक्षणिक सामग्री का हिंदी सहित 13 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा।

7 पैरालंपिक मेडलिस्ट शीतल देवी ने जीता ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर’ खिताब

भारत की शीतल देवी को विश्‍व तीरंदाजी ने वर्ष 2025 का सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुना है। जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय शीतल देवी पिछले साल दक्षिण कोरिया के ग्वांगझू में आयोजित विश्‍व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली और एकमात्र बिना बाजू वाली तीरंदाज बनीं। उन्होंने विश्‍व चैंपियनशिप में महिला टीम का रजत और मिक्‍सड टीम का कांस्य पदक भी जीता है। शीतल ने पेरिस पैरालंपिक्स में मिक्‍सड टीम स्पर्धा में कांस्य, एशियाई पैरा गेम्स-2022 और एशियाई चैंपियनशिप-2023 में रजत पदक अपने नाम किया है। वर्ष 2011 में शुरू किए गए विश्‍व तीरंदाजी पुरस्कार, अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर खेल में उत्कृष्टता और योगदान को सम्मानित करते हैं। पुरूष वर्ग में ‘वर्ष का सर्वश्रेष्ठ तीरंदाज’ तुर्कीए के एमिरकान हैनी को चुना गया। ‘वर्ष का सर्वश्रेष्ठ युवा तीरंदाज’ का पुरस्कार फ्रांस के बैपटिस्ट एडिस को और ‘वर्ष की सर्वश्रेष्ठ टीम’ का पुरस्कार कोरिया की रिकर्व पुरुष टीम ने जीता है।

8 आर्यना सबालेंका ने मियामी ओपन जीता

29 मार्च को दुनिया की नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने मियामी ओपन जीता। सबालेंका ने फाइनल में अमेरिका की कोको गाफ को हराया। सबालेंका ने एक ही सीजन में इंडियन वेल्स और मियामी ओपन जीतकर सनशाइन डबल पूरा कर लिया है। सबालेंका ये रिकॉर्ड बनाने वाली 5वीं महिला खिलाड़ी हैं। सबालेंका का ये साल का तीसरा खिताब है, इसमें उन्हें 11 करोड़ की प्राइज मनी मिली। सबालेंका ने 2025 के आखिर में वर्ल्ड नंबर 1 रैंकिंग हासिल की और 2026 में भी उस पर बरकरार हैं। अमेरिका की टेलर टाउनसेंड और चेक गणराज्य की कैटरीना सिनियाकोवा ने मियामी ओपन महिला डबल्स का खिताब अपने नाम किया। टेलर-कैटरीना की जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में इटली की सारा एरानी और जैस्मीन पाओलिनी की जोड़ी को 7-6 (0), 6-1 से हराया। इस जीत के साथ टेलर टाउनसेंड और कैटरीना सिनियाकोवा ‘सनशाइन डबल’ पूरा करने वालीं साल 2019 के बाद पहली जोड़ी बन गई हैं।

9 इटली के स्टार टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने जीता मियामी ओपन का खिताब

इटली के स्टार टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने मियामी ओपन का खिताब जीत लिया है। उन्होंने फाइनल मुकाबले में चेक गणराज्य के जिरी लेहेका को 6-4, 6-4 से हराया। इस जीत के साथ ही सिनर ने ‘सनशाइन डबल’ भी पूरा किया। जैनिक सिनर फाइनल में जिरी लेहेका को 6-4, 6-4 से हराकर 2017 में रोजर फेडरर के बाद एक ही सीजन में इंडियन वेल्स और मियामी जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा, सिनर दोनों इवेंट्स में एक भी सेट गंवाए बिना यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। 24 साल के सिनर ने अपने करियर में पहली बार इंडियन वेल्स जीता और ‘सनशाइन डबल’ जीतने वाले आठवें पुरुष खिलाड़ी बने। नोवाक जोकोविच और फेडरर ने कई मौकों पर यह उपलब्धि हासिल की है।

10 किमी एंटोनेली सबसे युवा फॉर्मूला-1 चैंपियन बने

इटली के फॉर्मूला नंबर-1 ड्राइवर किमी एंटोनेली ने जापान ग्रांड प्रीक्स जीती। इससे पहले एंटोनेली ने चीन ग्रांड प्रीक्स भी जीती थी। 19 साल के एंटोनेली फॉर्मूला-1 जीतने वाले सबसे युवा चैंपियन बने। एंटोनेली ने 2022 में मल्टीपल F4 टाइटल जीता। 2023 में एंटोनेली ने फॉर्मूला रीजनल यूरोपियन चैम्पियनशिप जीती। एंटोनेली 1953 में अल्बर्टो अस्करी के बाद फॉर्मूला वन में बैक-टू-बैक रेस जीतने वाले पहले इतालवी भी बन गए हैं।