ओलंपिक का नया आदर्श वाक्य जारी किया गया

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  1. ओलंपिक का नया आदर्श वाक्य जारी किया गया
  • 20 जुलाई, 2021 कोओलंपिक के आदर्श को “Faster, Higher, Stronger” से बदलकर “Faster, Higher, Stronger – Together” में अपडेट किया गया। यह अपडेट कोविड-19 महामारी के समय दुनिया भर में एकजुटता दिखाने के लिए किया गया है। टोक्यो ओलंपिक से पहले अपने सत्र में, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने इस बदलाव को मंजूरी दे दी है। 1894 के बाद से, ओलंपिक आदर्श वाक्य लैटिन में “सिटियस, अल्टियस, फोर्टियस” (Citius, Altius, Fortius) या “तेज़, उच्च, मजबूत” (Faster, Higher, Stronger) रहा है, जब इसे अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के संस्थापक पियरे डी कूपर्टिन के सुझाव पर अपनाया गया था। अब इस वाक्य का लैटिन संस्करण “सिटियस, अल्टियस, फोर्टियस, कम्युनिटर” (Citius, Altius, Fortius, Communiter) है।
  1. खेल मंत्री ने तोक्‍यो ओलिम्पिक में भारतीय खिलाड़ियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए हमारा विक्‍टरी पंच अभियान शुरू किया
  • युवा कार्य और खेल मंत्रीअनुराग ठाकुर ने लोगों से आग्रह किया है कि वे टोक्यो ओलिम्पिक में भाग लेने वाले भारतीय खिलाडियों को प्रोत्‍साहित करते हुए अपने मित्रों और परिवार के सदस्‍यों के साथ वीडियो बनाकर हैश टैग हमारा विक्‍टरी पंच(#HumaraVictoryPunch) पर साझा करें। श्री ठाकुर ने एक ट्वीट में कहा कि लोग वीडियो बनाकर इसे पांच अन्‍य लोगों को टैग कर सकते हैं और उन्‍हें भी भारतीय ओलिम्पिक टीम के समर्थन में अपना वीडियो साझा करने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।
  1. एपीडा ने लद्दाख के कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र के अधिकारियों के साथ साझेदारी की
  • कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण- एपीडाने लद्दाख क्षेत्र में किसानों की आय बढाने के लिए वहां के अधिकारियों के साथ मिलकर एक अनूठा प्रयोग शुरू किया है। इसके तहत सी बकथार्न और खुबानी सहित औषधीय गुण वाले फलों की खेती और जैविक उत्‍पादों को बढावा देना शामिल है। इसके लिए एपीडा की ओर से उद्यमियों, किसानों और अधिकारियों को तकनीकी मदद दी जाएगी। इसके अलावा लद्दाख को जैविक उत्‍पादों के क्षेत्र के रूप में सामने लाने के लिए वहां के उत्‍पादों की ब्रांडिंग और विपणन में भी सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्‍य 2025 तक लद्दाख को एक जैविक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्‍य हासिल करना है।
  1. लद्दाख के लिए एकीकृत बहु-उद्देशीय बुनियादी ढांचा विकास निगम की स्‍थापना को मंजूरी
  • मंत्रिमंडलने लद्दाख के लिए एकीकृत बहु-उद्देशीय बुनियादी ढांचा विकास निगम की स्‍थापना को मंजूरी दी है। इस निगम के लिए प्रबंध निदेशक के एक पद के सृजन को भी स्‍वीकृति दी गई है। वर्तमान में नवगठित केन्‍द्रशासित प्रदेश लद्दाख में इस प्रकार का कोई संगठन नहीं है। इस निगम की स्‍थापना से कई प्रकार की विकास गतिविधियों को बढावा मिलेगा जिससे कई लोगों को रोजगार मिलेगा। यह निगम उद्योगों, पर्यटन, परिवहन और स्‍थानीय उत्‍पादों तथा हस्‍तशिल्‍प की वस्‍तुओं के विपणन के लिए काम करेगा।
  1. मंत्रिमंडल ने सात सौ पचास करोड रुपये की लागत से लद्दाख में केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी
  • केन्‍द्रीय मंत्रिमंडलने लद्दाख में सात सौ पचास करोड रूपए की लागत से एक केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मादी ने पिछले वर्ष स्‍वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में लद्दाख में केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना का वायदा किया था। मंत्रिमंडल के इस फैसले से उच्‍च शिक्षा में क्षेत्रीय असंतुलन दूर होगा। लद्दाख में केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालय की स्‍थाना से वहां के सर्वागींण विकास को बढावा मिलेगा और लोकतांत्रिक मूल्‍यों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके लिए, केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालय अधिनियम 2009 में संशोधन के लिए विधेयक लाया जाएगा।
  1. भारत, विश्‍व के 75 प्रतिशत कोरोना रोधी टीकों का उत्‍पादन करने वाले विश्‍व व्‍यापार संगठन के पांच सदस्‍य देशों में
  • विश्व मेंकोविड वैक्सीन के कुल उत्पादन का तीन चौथाई उत्पादन विश्व व्यापार संगठन के पांच सदस्य देशों में हुआ है। संगठन की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो इवियला ने कहा है कि इस वर्ष की वैक्सीन का लगभग 75 प्रतिशत उत्पादन भारत, जर्मनी, अमरीका, फ्रांस और चीन में हुआ है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन का उत्पादन पूरी तरह केन्द्रीकृत बना हुआ है। वे कल कोविड वैक्सीन की एकसमान पहुंच को बढ़ावा देने के लिए वैक्सीन उत्पादन का विस्तार विषय पर एक उच्चस्तरीय संवाद को संबोधित कर रही थीं। सुश्री ओकोंजो इवियला ने कहा कि वैक्सीन की असमान पहुंच ही वैश्विक अर्थव्यवस्था के संतुलित रूप से बहाल न होने का प्रमुख कारण है।
  1. देश में उन्‍नत किस्‍म के इस्‍पात के उत्‍पादन को बढावा देने के लिए उत्‍पादन आधारित प्रोत्‍साहन योजना को मंजूरी
  • सरकार ने देश मेंउन्‍नत किस्‍म के इस्‍पात के उत्‍पादन को बढावा देने के लिए उत्‍पादन आधारित प्रोत्‍साहन योजना को मंजूरी दे दी है। केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। इस योजना पर अगले पांच साल में छह हजार 322 करोड रुपये खर्च किए जायेंगे। इसके तहत उत्‍पादन के आधार पर चार से 12 प्रतिशत तक की रियायत दी जायेगी। इस योजना के तहत उच्‍च किस्‍म के ऐसे इस्‍पात के उत्‍पादन को प्रोत्‍साहित किया जायेगा जो काफी मजबूत किस्‍म का होगा।
  1. स्पेस राइस: चीन ने अंतरिक्ष में तैयार किए धान के बीज
  • हाल ही मेंचीन ने ‘स्पेस राइस’ की अपनी पहली फसल की कटाई की है, चीन ने नवंबर में ‘चांग ई-5’ मिशन के तहत 23 दिवसीय चंद्र यात्रा के दौरान चावल के बीज भेजे थे। ब्रह्मांडीय विकिरण और शून्य गुरुत्वाकर्षण के संपर्क में आने के बाद लगभग 40 ग्राम वज़न वाले इन बीजों पर चीन के ‘अंतरिक्ष प्रजनन अनुसंधान केंद्र’ में अनुसंधान किया जा रहा है। ज्ञात हो कि वैज्ञानिकों का मानना है कि अंतरिक्ष में पर्यावरण के संपर्क में आने वाले चावल के बीज पृथ्वी पर उत्परिवर्तित हो सकते हैं और अधिक पैदावार दे सकते हैं। चीन 1987 से चावल और अन्य फसलों के बीज अंतरिक्ष में ले जा रहा है और उन पर अनुसंधान कर रहा है। चीन में कपास और टमाटर सहित 200 से अधिक पौधों की किस्मों को अंतरिक्ष में रोपण के लिये अनुमोदित किया गया है। वर्ष 2018 में चीन में स्वीकृत अंतरिक्ष फसलों के लिये कुल वृक्षारोपण क्षेत्र 4 मिलियन हेक्टेयर से अधिक तक पहुँच गया था। ज्ञात हो कि पृथ्वी के जीवों पर ब्रह्मांडीय किरणों का ज़ीरो ग्रेविटी प्रभाव को जानने के उद्देश्य से अंतरिक्ष प्रजनन वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के लिये सदैव काफी महत्त्वपूर्ण रहा है।
  1. आंध्र प्रदेश में तीन स्मारक आदर्श स्मारक के रूप में चिन्हित किये गये
  • ‘आदर्श स्मारक योजना’ के तहतआंध्र प्रदेश में तीन स्मारकों की पहचान की गई है, जिसका उद्देश्य उन्हें अतिरिक्त सुविधाएँ प्रदान कर पर्यटकों के अनुकूल बनाना है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद को सूचित किया है कि ‘आदर्श स्मारक योजना’ के तहत गुंटूर के नागार्जुनकोंडा में मौजूद स्मारकों, श्रीकाकुलम के सालिहुंडम में बौद्ध अवशेषों और अनंतपुर में वीरभद्र मंदिर (लेपाक्षी) को ‘आदर्श स्मारक’ के रूप में चुना गया है तथा इसके तहत इन स्थानों पर वाई-फाई, कैफेटेरिया एवं व्याख्या केंद्र जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी, ताकि इन क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सके। ‘आदर्श स्मारक योजना’ की शुरुआत वर्ष 2014 में ऐतिहासिक स्मारकों में आगंतुकों (मुख्यतः शारीरिक रूप से अक्षम लोगों) को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने लिये की गई थी। यह योजना संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आती है। इन स्थलों पर नागरिक सुविधाओं में वृद्धि का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश में केंद्रीय रूप से संरक्षित 135 स्मारक और स्थल मौजूद हैं।
  1. Project 75-India : सरकार ने 6 पनडुब्बियों के निर्माण के लिए 50,000 करोड़ रुपये जारी किए
  • प्रोजेक्ट 75-इंडिया(Project 75-India) के तहत, सरकार ने छह पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के निर्माण के लिए 50,000 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। ये पनडुब्बियां स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों से बड़ी होंगी, जिन्हें मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड्स लिमिटेड में बनाया जा रहा है। प्रोजेक्ट-75 इंडिया के तहत छह पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से 50,000 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है।लार्सन एंड टुब्रो (Larsen and Toubro) और मझगांव डॉकयार्ड्स लिमिटेड (Mazagon Dockyards Limited) को टेंडर जारी कर दिया गया है। यह दोनों भारतीय कंपनियां अब जर्मनी, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, रूस और स्पेन की फर्मों सहित पांच वैश्विक मूल उपकरण निर्माताओं (original equipment manufacturers) में से एक-एक भागीदार का चयन करेंगी।
  1. सरकार ने अतिरिक्त खर्च के लिए संसद से मांगी मंजूरी
  • 20 जुलाई को वित्त मंत्रीनिर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए 17,000 करोड़ सहित चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त 23,675 करोड़ खर्च करने के लिए भारतीय संसद से मंजूरी मांगी है। कोविड से संबंधित विभिन्न मुद्दों और अन्य स्वास्थ्य तैयारियों के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 16,463 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च जारी किया गया है। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग को 526 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं ताकि वे आपातकालीन महामारी की तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए तैयारी कर सकें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के लिए 2,050 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमेंएयर इंडिया को अग्रिम और ऋण के लिए 1,872 करोड़ रुपये भी शामिल हैं । चीनी मिलों को सहायता प्रदान करने के लिए उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के लिए भी 1,100 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के सरकारी ऋण की माफी और बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के सरकारी ऋण और अर्जित ब्याज की छूट के लिए फार्मास्युटिकल विभाग के तहत अतिरिक्त 1,222 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति मांगी गई है। राजस्थान ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड और हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड का बकाया चुकाने के लिए अतिरिक्त अनुदान को मंजूरी दी गई है। अतिरिक्त खर्च ₹83 लाख करोड़ के कुल व्यय से काफी अधिक है जिसे वर्ष 2021-22 के बजट में अनुमानित किया गया था।
  1. पशुपालन और डेयरी विभाग ने Dairy Investment Accelerator लॉन्च किया
  • भारत सरकार केपशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने अपने निवेश सुविधा प्रकोष्ठ (Investment Facilitation Cell) के तहत डेयरी निवेश एक्सेलरेटर (Dairy Investment Accelerator) की स्थापना की है। डेयरी निवेश एक्सेलरेटर देश के डेयरी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और सुगम बनाने की दिशा में कार्य करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। डेयरी इन्वेस्टमेंट एक्सेलेरेटर एक क्रॉस फंक्शनल टीम है जिसे निवेशक इंटरफेस के रूप में काम करने के लिए गठित किया गया है। यह निवेश एक्सेलरेटर पूरे निवेश चक्र (investment cycle) में सहायता प्रदान करेगा।यह निवेश के अवसरों के मूल्यांकन के संबंध में इनपुट प्रदान करेगा और सरकार को आवेदन के बारे में विभिन्न प्रश्नों को भी संबोधित करेगा। डेयरी निवेश एक्सेलरेटर स्थानीय और वैश्विक उद्योग प्रतिभागियों के साथ कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग के साथ मिलकर काम करेगा और निवेशकों के साथ उनके दृष्टिकोण को बेहतर ढंग से समझने के लिए आमने-सामने चर्चा करने में भी मदद करेगा।यह विभिन्न सरकारी अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत की सुविधा भी प्रदान करेगा।
  1. NEA Scout : नासा का नया अंतरिक्ष यान
  • नासाने घोषणा की है कि उसका नया अंतरिक्ष यान NEA Scout सभी आवश्यक परीक्षणों से सफलतापूर्वक गुजर चुका है और अब स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के अंदर सुरक्षित रूप से रख दिया गया है। NEA Scout उन पेलोड में से एक है जो आर्टेमिस I पर भेजा जायेगा, जिसके नवंबर में लॉन्च होने की उम्मीद है। Near-Earth Asteroid Scout (NEA Scout) एक छोटा अंतरिक्ष यान है। NEA Scout का प्राथमिक मिशन निकट-पृथ्वी क्षुद्रग्रह से डेटा एकत्र करना है। यह अमेरिका का पहला अंतरग्रहीय मिशन होगा जो विशेष सौर सेल प्रणोदन (solar sail propulsion) का उपयोग करेगा। यह अंतरिक्ष यान स्टेनलेस स्टील मिश्र धातु बूम का उपयोग करके बनाया गया है। इस अंतरिक्ष यान को लक्षित क्षुद्रग्रह तक पहुंचने में लगभग दो साल लगेंगे और क्षुद्रग्रह के साथ मुठभेड़ के दौरान यह पृथ्वी से लगभग 93 मिलियन मील दूर होगा।
  1. रूस भारत को 21 MIG-29 लड़ाकू विमान की आपूर्ति करेगा
  • वर्ष 2020 में, भारतीय वायु सेनाको रूस से 12 सु-30 MKI के अलावा 21 मिग-29 लड़ाकू जेट विमानों की खरीद के लिए रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिली थी। हाल ही में आई खबरों में रूस की फ़ेडरल सर्विस फ़ॉर मिलिट्री-टेक्निकल कोऑपरेशन के एक प्रवक्ता ने कहा है कि रूस भारत को 21 मिग-29 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति करेगा। भारतीय वायु सेना (IAF) ने भारत सरकार से रूस से नए लड़ाकू विमान खरीदने करने का आग्रह किया था जिसमें 12 सुखोई MKI और 21 मिग -29 शामिल हैं। भारतीय वायुसेना द्वारा मिग-29 लड़ाकू विमानों के एयरफ्रेम की जांच के लिए अध्ययन किया गया है। वर्तमान में, वायु सेना के पास मिग-29 के तीन स्क्वाड्रन हैं जो नियमित रूप से अपग्रेड होते हैं और विभिन्न वायु रक्षा भूमिकाओं के लिए विश्वसनीय हैं।
  1. यूनेस्को: लिवरपूल का विश्व विरासत का दर्जा हटाया गया
  • 2004 मेंलिवरपूल को विश्व विरासत स्थल का खिताब दिए जाने के बाद, 21 जुलाई 2021 इसे यूनेस्को विश्व विरासत स्थल की सूची से हटा दिया गया है। यूनेस्को समिति द्वारा गुप्त मतदान के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने लिवरपूल के इस दर्जे को हटाने का निर्णय लिया। लिवरपूल ने अपने समुद्री इतिहास की मान्यता में 2004 में विश्व विरासत का दर्जा प्राप्त किया था। 18वीं और 19वीं शताब्दी में, यह दुनिया के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक था। विरासत सूची को इमारतों, स्मारकों और अन्य स्थलों को संरक्षित करने और चिन्हित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और लिवरपूल को हटाने का यह निर्णय शहर की प्रतिष्ठा को प्रभावित करेगा। इससे पहले, केवल दो स्थानों ने अपनी विरासत का दर्जा खो दिया है: वर्ष 2007 में ओमान में अरेबियन ओरिक्स अभयारण्य (Arabian Oryx Sanctuary), और वर्ष 2009 में जर्मनी में ड्रेसडेन एल्बे घाटी (Dresden Elbe Valley)। स्थानों को इस सूची हटा दिया जाता है यदि वे इन स्थलों को ठीक से संरक्षित नहीं रखते हैं।
  1. PM-KISAN के तहत 42 लाख से अधिक लाभार्थी अपात्र, 2,992.75 करोड़ की वसूली की जाएगी: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह
  • हाल ही में केन्द्रीय कृषि मंत्रीश्री नरेंद्र सिंह तोमर ने संसद में कहा कि PM-KISAN के तहत 42 लाख से अधिक लाभार्थी अपात्र हैं और उनसे ₹2,992.75 करोड़ की वसूली की जाएगी। PM-KISAN के तहत अपात्र लाभार्थियों की सबसे ज्यादा संख्या असम से है, असम में 35 लाख लोगों से 554.01 करोड़ रुपये रिकवर किये जायेंगे। असम के बाद पंजाब से ₹437.9 करोड़, महाराष्ट्र से ₹357.9 करोड़, तमिलनाडु से ₹340.56 करोड़ और उत्तर प्रदेश से ₹258.64 करोड़ की वसूली की जायेगा। आंकड़ों के अनुसार, अन्य राज्यों में गुजरात (₹ 220.7 करोड़), मध्य प्रदेश (₹ 195.9 करोड़), राजस्थान (₹144.1 करोड़) और कर्नाटक (₹ 129.32 करोड़) शामिल हैं। पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना के तहत, भारत सरकार छोटे और सीमांत किसानों के खाते में 6,000 रुपये स्थानांतरित करती है। इन पैसों को तीन किस्तों में स्थानांतरित किया जाता है। 2,000 रुपये की पहली किस्त अप्रैल और जून के बीच दी जाती है। दूसरी किस्त अगस्त और नवंबर के बीच दी जाती है। तीसरी किस्त दिसंबर और मार्च के बीच दी जाती है।
  1. 11वीं मेकांग-गंगा सहयोग (Mekong-Ganga Cooperation) बैठक आयोजित की गयी
  • 21 जुलाई, 2021 को, 11वींमेकांग-गंगा सहयोग (Mekong-Ganga Cooperation – MGC) बैठक को संबोधित करते हुए , भारत के विदेश मंत्री एस, जयशंकर ने कोरोनावायरस महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए “सामूहिक और सहयोगात्मक” प्रतिक्रिया का आह्वान किया। भारत मेकांग क्षेत्र को बहुत महत्वपूर्ण मानता है और इसलिए मेकांग देशों के साथ बहुआयामी जुड़ाव चाहता है। भारत सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना चाहता है और ऐसा करने से देशों की साझेदारी व्यापक होगी। इस बैठक को संबोधित करते हुए, एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत इस क्षेत्र में आर्थिक, डिजिटल और लोगों से लोगों के बीच बेहतर संपर्क को बढ़ावा देना चाहता है। इस बैठक में बेहतर MGC साझेदारी के माध्यम से महामारी के खिलाफ लड़ाई के तरीके खोजने पर विचार किया गया। एस .जयशंकर ने कहा कि संकट से निपटने के लिए साझेदार देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है। भारत ने कहा कि मेकांग गंगा सहयोग साझा ऐतिहासिक और भौगोलिक संबंधों पर आधारित मजबूत नींव पर खड़ा है और प्रगति और समृद्धि लाने के लिए देशों के बीच सहयोग में सुधार किया जाना चाहिए।
  1. IMF ने 2021 के वैश्विक विकास अनुमान को 6% पर रखा
  • 21 जुलाई, 2021 को, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष(International Monetary Fund) ने कहा कि 2021 के लिए वैश्विक विकास दर लगभग 6% रहेगी। IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा (Kristalina Georgieva) ने कहा कि जब तक कोविड-19 टीकाकरण की गति नहीं बढ़ जाती, तब तक आर्थिक सुधार में कमी आएगी। अप्रैल के महीने में IMF ने अनुमान लगाया था कि 2021 के लिए वैश्विक विकास दर 6% तक पहुंच जाएगी। जॉर्जीवा ने कहा कि विकासशील देशों में टीकों तक पहुंच की कमी के साथ-साथ कोविड-19 वायरस के डेल्टा संस्करण के तेजी से प्रसार से आर्थिक सुधार की गति धीमी होने का खतरा है। इस वर्ष के लिए IMF की अनुमानित वैश्विक विकास दर 6% है। कुछ देशों के अब तेजी से बढ़ने का अनुमान है जबकि कुछ के धीमी गति से बढ़ने का अनुमान है। IMF-विश्व बैंक का लक्ष्य देशों को उनकी COVID टीकाकरण दरों को बढ़ाने के लिए 50 बिलियन अमरीकी डालर प्रदान करना था, लेकिन यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इसकी शुरुआत में 11 बिलियन से अधिक खुराक की आवश्यकता होगी क्योंकि बूस्टर शॉट्स अब प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक हो सकते हैं।
  1. ताइवान लिथुआनिया में ताइवाननाम के साथ अपना पहला कार्यालय स्थापित करेगा
  • “ताइवान” नाम का उपयोग करते हुए, ताइवान की सरकारलिथुआनिया में अपना पहला कार्यालय स्थापित करेगी। ताइवान सरकार यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि वह बीजिंग के लगातार बढ़ते दबाव के साथ दुनिया भर में अपनी राजनयिक उपस्थिति को मजबूत करना चाहती है। चीन ने इस फैसले की कड़ी निंदा है, जबकि अमेरिका ने इसकी प्रशंसा की थी। ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने लिथुआनिया में अपना कार्यालय खोलने के सरकार के फैसले की घोषणा की। महाद्वीप पर ताइवान की अन्य राजनयिक चौकियों का नाम “ताइपेई” (Taipei) है। बीजिंग के ताइवान मामलों के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि लिथुआनिया कार्यालय का गठन स्वतंत्रता प्राप्त करने का एक प्रयास है। चीन ने लिथुआनिया से चीन के एक-चीन सिद्धांत (One-China Principle) का पालन करने का भी आग्रह किया है।
  1. वित्त मंत्रालय की संयुक्त सचिव रश्मि आर. दास को संयुक्त राष्ट्र कर समिति में नियुक्त किया गया
  • वित्त मंत्रालयकी संयुक्त सचिव रश्मी रंजन दास (Rasmi Ranjan Das) को 2021 से 2025 की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र कर समिति (UN Tax Committee) में सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इसे औपचारिक रूप से कर मामलों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर विशेषज्ञों की संयुक्त राष्ट्र समिति के रूप में जाना जाता है। यह समिति देशों के प्रयासों को मजबूत और दूरंदेशी कर नीतियों को आगे बढ़ाने में मदद करती है। यह समिति कई या दोहरे कराधान और गैर-कराधान को रोकने के अपने प्रयासों में देशों की सहायता भी करती है।साथ ही, यह उनके कर आधार को व्यापक बनाने, अंतर्राष्ट्रीय कर चोरी (tax evasion) और परिहार (avoidance) को रोकने के साथ-साथ उनके कर प्रशासन को मजबूत करने में मदद करती है। यह समिति विकासशील देशों और उनके विभिन्न नीतिगत वातावरणों पर भी ध्यान केंद्रित करती है। इस समिति के नवनियुक्त सदस्यों में से अधिकांश विकासशील देशों से हैं। संयुक्त राष्ट्र कर समिति नीतियों की समावेशी सेटिंग को विकसित करने, मार्गदर्शन करने और प्रोत्साहित करने के लिए सरकार, व्यवसाय और शिक्षाविदों के साथ-साथ नागरिक समाज के विभिन्न पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर काम करती है।
  1. केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया पौधा प्राधिकरण भवन का शिलान्यास
  • केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रीश्री नरेंद्रसिंह तोमर ने पूसा, नई दिल्ली में पौधा प्राधिकरण भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि पौधा प्राधिकरण के माध्यम से किसानों के अधिकारों का संरक्षण हो रहा है, जिसके लिए भारतीय संसद ने दुनिया के लिए यह एक अनूठा मॉडल दिया है। इससे किसान अपनी परंपरागत किस्‍मों के ऊपर और किसी अन्‍य किस्‍म के अपने ही पैदा किए हुए बीज के ऊपर अधिकार प्राप्‍त कर सकता है। साथ ही, यह भी सुविधा है कि बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन से किसानों का शोषण न हो। किसान पहले की तरह स्वतंत्रता से खेती कर सकते हैं व पौधा प्रजनक भी अपने पूरे अधिकार का संरक्षण कर सकते है।