1 कवि-गीतकार वैरामुथु को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला

प्रसिद्ध तमिल कवि और गीतकार वैरामुथु को वर्ष 2025 के लिए प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान तमिल साहित्य और कविता में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है। उन्होंने अपने उपन्यास कल्लिकट्टू इतिहासम के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार (2003) भी जीता। उन्हें वर्ष 2003 में पद्म श्री और वर्ष 2014 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान माना जाता है, जो भारतीय भाषाओं में उत्कृष्ट साहित्यिक रचना करने वाले लेखकों को हर वर्ष दिया जाता है। वैरामुथु अपनी प्रभावशाली कविताओं, साहित्यिक लेखन और तमिल सिनेमा के लिए लिखे गए हजारों गीतों के कारण व्यापक रूप से प्रसिद्ध हैं। ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार हर वर्ष किसी भारतीय भाषा के लेखक को साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। यह सम्मान रचनात्मक उत्कृष्टता और साहित्यिक परंपराओं पर लेखक के दीर्घकालिक प्रभाव को मान्यता देता है। वर्ष 1961 में शुरू होने के बाद से यह पुरस्कार भारत के कई महान साहित्यकारों को दिया जा चुका है।
2 शिक्षा मंत्रालय ने IIT कानपुर के सहयोग से SATHEE पोर्टल लॉन्च किया

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए, शिक्षा मंत्रालय ने IIT कानपुर के सहयोग से SATHEE (Self-Assessment, Test and Help for Entrance Exams) प्लेटफॉर्म को पूर्ण रूप से संचालित कर दिया है। SATHEE एक पूर्णतः निशुल्क डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य उन विद्यार्थियों के लिये अवसर उपलब्ध कराना है जो महॅंगे निजी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते। प्रारंभ में इसे JEE (इंजीनियरिंग) और NEET (चिकित्सा) परीक्षाओं की तैयारी के लिये शुरू किया गया था, किंतु अब इसमें CUET, SSC, IBPS, ICAR, CLAT तथा RRB जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी शामिल कर ली गई है। शैक्षिक सामग्री को IIT, IISc और एम्स सहित प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षकों द्वारा तैयार किया गया है।
3 जयंती कुमारेश को संगीत कलानिधि पुरस्कार के लिए चुना गया

प्रसिद्ध वीणा वादक जयंती कुमारेश को चेन्नई स्थित The Music Academy द्वारा प्रतिष्ठित संगीत कलानिधि पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान कर्नाटक संगीत के क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है। कर्नाटक संगीतकारों के परिवार में जन्मी और पली-बढ़ी कुमारेश (जिनकी शादी वॉयलिन वादक कुमारेश राजगोपालन से हुई है) ने तब राजसी ‘सरस्वती वीणा’ सीखना शुरू किया, जब उनकी माँ ने उन्हें इसका एक छोटा रूप (बेबी वर्शन) उपहार में दिया।
4 नई दिल्ली में 18 मार्च को भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 का शुभारंभ होगा

भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (टीआरआईएफईडी) भारत सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय के साथ मिलकर 18 से 30 मार्च 2026 तक नई दिल्ली स्थित सुंदर नर्सरी में भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 का आयोजन कर रहा है जिसमें देश भर के जनजातीय कारीगरों, उद्यमियों और सांस्कृतिक कलाकारों को एक साथ लाया जाएगा। जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री माननीय श्री जुएल ओराम 18 मार्च, 2026 को नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री माननीय श्री दुर्गादास उइके और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। यह महोत्सव 30 मार्च तक चलेगा। महोत्सव में देश-भर के 78 वन-धन विकास केंद्रों के 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे और 300 से अधिक जनजातीय कारीगर शामिल होंगे।
5 बच्चे को गोद लेने पर भी मिलेगा 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश: सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने उस कानून को रद्द कर दिया जिसमें कहा गया था कि तीन महीने से कम उम्र के बच्चे को कानूनी रूप से गोद लेने वाली महिला ही मातृत्व अवकाश की हकदार होगी। न्यायालय ने कहा कि गोद लिए गए बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो, मां को 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए। न्यायालय की पीठ ने कहा कि मातृत्व लाभ की सुरक्षा को बच्चे की उम्र तक सीमित नहीं किया जा सकता। न्यायलय ने केंद्र सरकार से पितृत्व अवकाश को सामाजिक सुरक्षा लाभ के रूप में मान्यता देने वाला प्रावधान भी लाने को कहा। दरअसल, पहले कानून में यह प्रावधान था कि अगर कोई महिला तीन महीने तक के बच्चे को गोद लेती है, तभी उसे 12 हफ्तों की मैटरनिटी लीव मिलती थी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस नियम को गलत और भेदभावपूर्ण माना। कोर्ट ने सामाजिक सुरक्षा संहिता के सेक्शन 60(4) को रद्द करते हुए कहा कि यह प्रावधान संविधान के आर्टिकल 14 (समानता का अधिकार) और आर्टिकल 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन करता है।

भारत सरकार द्वारा साहित्य के क्षेत्र में प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 घोषित किया गया है। इस वर्ष संस्कृत भाषा के लिए यह सम्मान महान विद्वान महामहोपाध्याय स्वामी भद्रेशदासजी को उनकी कृति ‘प्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोष’ के लिए प्रदान किया गया है। भारत की सर्वश्रेष्ठ संस्कृत कृति के रूप में चयनित इस ग्रंथ में हिंदू धर्म के प्रमुख शास्त्र—उपनिषद, श्रीमद्भगवद्गीता, और ब्रह्मसूत्र—के साथ-साथ भगवान स्वामिनारायण द्वारा प्रदत्त वचनामृत के आधार पर ब्रह्म तत्त्व का व्यापक निरूपण किया गया है। सूत्रात्मक (सूत्र शैली) काव्यात्मक रूप में रचित इस ग्रंथ को विद्वानों द्वारा दार्शनिक काव्य की उत्कृष्ट कृति माना गया है। इसकी साहित्यिक विशेषताओं और गहन दार्शनिकता को ध्यान में रखते हुए चयन समिति ने इसे वर्ष 2025 की सर्वश्रेष्ठ संस्कृत रचना के रूप में चयनित किया है।
7 नेशनल डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव 2026: दिल्ली में 19-20 मार्च को होगा आयोजन

रक्षा मंत्रालय का रक्षा उत्पादन विभाग एक बड़ा आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन को ‘नेशनल डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव 2026’ नाम दिया गया है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्वदेशी रक्षा उपकरण के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम दिल्ली में 19 और 20 मार्च को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित होगा। यह कॉन्क्लेव रक्षा उपकरणों को भारत में बनाने के लिए मजबूत तंत्र स्थापित करने में मदद करेगा। खास तौर पर छोटे और मध्यम उद्योगों यानी एमएसएमई को इस सेक्टर से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है ताकि वे भी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में हिस्सा ले सकें। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्यक्रम दिल्ली में 19 और 20 मार्च को मानेकशॉ सेंटर में होगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस बार का फोकस नई और एडवांस टेक्नोलॉजी पर है। इस थीम भी ‘एडवांस मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजीस’ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, 3डी प्रिंटिंग (एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) और स्मार्ट मैटेरियल्स।
8 RBI को मिला ‘इनिशिएटिव ऑफ द ईयर अवॉर्ड’

आज के डिजिटल दौर में जहां एक क्लिक में पैसे ट्रांसफर करना और ऑनलाइन शॉपिंग करना आम बात हो गई है, वहीं साइबर फ्रॉड का खतरा भी लगातार बढ़ा है। इसी चुनौती से निपटने के लिए भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई ने एक बड़ी पहल की है, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। लंदन की प्रतिष्ठित संस्था सेंट्रल बैंकिंग ने आरबीआई को ‘इनिशिएटिव ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ से सम्मानित करने की घोषणा की है। आरबीआई को यह सम्मान ‘.बैंक.इन’ डोमेन लॉन्च करने के लिए मिला है। इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने बैंकिंग सिस्टम के लिए एक सुरक्षित और विशेष इंटरनेट डोमेन को अनिवार्य किया है। अब सभी बैंकों की आधिकारिक वेबसाइट इसी डोमेन पर आधारित होगी, जिससे फर्जी वेबसाइट बनाकर धोखाधड़ी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। आरबीआई के अनुसार, इस पहल से उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा, डिजिटल पेमेंट से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी और वित्तीय प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
9 पश्चिम बंगाल में मुख्य सचिव नंदिनी को पद से हटाया

16 मार्च को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया। नंदिनी पश्चिम बंगाल की पहली महिला चीफ सेक्रेटरी हैं। 1 जनवरी 2026 को वे इस पद पर अपॉइंट हुईं थीं। नंदिनी पश्चिम बंगाल कैडर 1994 बैच की IAS हैं। नंदिनी चक्रवर्ती की जगह 1993 बैच के IAS दुष्यंत नारियाला को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के दूसरे ही दिन चुनाव आयोग ने 6 अफसरों का तबादला कर दिया। डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) पीयूष पांडे की जगह सिद्धनाथ गुप्ता को DGP बनाया है। राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की IAS अफसर संघमित्रा घोष को गृह सचिव अपॉइंट किया गया है।
10 अरुण मामेन फिर बने ATMA के अध्यक्ष

ऑटोमोटिव टायर निर्माता संघ (ATMA) ने घोषणा की है कि अरुण मामेन को दोबारा चेयरमैन चुना गया है। अरुण मामेन MRF Ltd के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। यह घोषणा 16 मार्च 2026 को की गई, जो भारत के ऑटोमोबाइल टायर क्षेत्र में नेतृत्व के निरंतरता को दर्शाती है।

गुजरात सरकार ने पशुधन की सुरक्षा और बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्यव्यापी फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान 1 मार्च से 15 अप्रैल तक पूरे राज्य में चलाया जा रहा है। इसे राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) के तहत लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत में प्रमुख पशु रोगों को समाप्त करना है। यह अभियान पशुधन में तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी को रोकने के लिए बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत गाय, भैंस, भेड़ और बकरियों जैसे पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। राज्यभर में पशु चिकित्सा टीमें गांवों और डेयरी फार्मों में जाकर टीकाकरण और स्वास्थ्य निगरानी कर रही हैं।