कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी कीं ,भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ा

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1 कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी कीं ,भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ा

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी की। इनमें धान की 60 किस्में, मक्का की 50 और तिलहन की 13 किस्‍में शामिल हैं। इस अवसर पर श्री चौहान ने कहा कि भारत ने अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर ली है और 2025 में देश का चावल उत्पादन 15 करोड़ टन से अधिक हो गया है और भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का अग्रणी चावल निर्यातक देश बन गया है। वर्ष 1969 में शुरू हुई गजट अधिसूचना प्रक्रिया के बाद अब तक कुल 7205 फसल प्रजातियों को अधिसूचित किया जा चुका है जिनमें धान, गेहूं, ज्वार, मक्का, दलहन, तिलहन, रेशेदार और अन्य फसलें शामिल हैं, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11–12 वर्षों में नई किस्मों के विकास की गति और तेज हुई है, अकेले इस अवधि में 3236 उच्च उत्पादक प्रजातियों को मंजूरी मिली है, जबकि 1969 से 2014 तक 3969 प्रजातियों को अधिसूचित किया गया था।

2 एम्स की ‘आश्रय’ पहल: अस्पताल की सीमाओं से आगे बढ़कर मानवीय स्वास्थ्य सेवा का नया मॉडल

 

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने रोगी देखभाल को नई दिशा देते हुए एक ऐसी पहल शुरू की है, जो अस्पताल की चारदीवारी से बाहर भी संवेदनशील और गरिमापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करती है। केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से शुरू की गई ‘आश्रय’ सुविधा उन मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए राहत बनकर उभरी है, जिन्हें ओपीडी सेवाओं के लिए अक्सर रातभर अस्पताल के बाहर इंतजार करना पड़ता था। इस पहल के तहत रात के समय एम्स पहुंचने वाले मरीजों की पहचान की जाती है और उन्हें पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक शटल बसों के माध्यम से ‘आश्रय’ केंद्र तक ले जाया जाता है। यहां पहुंचते ही मरीजों को उनकी रिपोर्टिंग के क्रम में टोकन नंबर दिया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि अगले दिन ओपीडी पंजीकरण के दौरान उसी क्रम का पालन किया जाए। ‘आश्रय’ केंद्र में मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए निःशुल्क भोजन, स्वच्छ कंबल और साफ-सुथरी शौचालय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

3 राजस्थान 6 जनवरी को जयपुर में क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट सम्‍मेलन 2026 की मेजबानी करेगा

राजस्थान 6 जनवरी को जयपुर में क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट सम्‍मेलन 2026 की मेजबानी करेगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद हिस्‍सा लेंगे। इसका आयोजन राजस्थान डिजीफेस्ट और टी.आई.ई ग्लोबल समिट के सहयोग से हो रहा है। यह कार्यक्रम अगले महीने होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता-एआई का शासन सुधार, आर्थिक विकास और अन्य गतिविधियों में प्रयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

4 तुर्कमेनिस्तान ने क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग और ट्रेडिंग को कानूनी मान्यता दी

एक बड़े आर्थिक नीतिगत बदलाव के तहत तुर्कमेनिस्तान ने आधिकारिक रूप से क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग और एक्सचेंजों को वैध कर दिया है। अपनी कड़ी नियंत्रित अर्थव्यवस्था और लंबे समय से चली आ रही अलगाववादी नीतियों के लिए जाना जाने वाला यह देश अब सावधानीपूर्वक डिजिटल क्षेत्र को खोलने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यह फैसला प्राकृतिक गैस निर्यात पर निर्भरता कम करने, शासन के आधुनिकीकरण और तकनीकी निवेश को आकर्षित करने के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है, हालांकि राज्य का सख्त नियंत्रण बना रहेगा। तुर्कमेनिस्तान ने जनवरी 2026 से क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग और एक्सचेंजों को वैध बनाने वाला नया कानून पारित किया है। इस कानून पर राष्ट्रपति सेरदार बर्डीमुहम्मदोव ने हस्ताक्षर किए, जो दुनिया की सबसे बंद अर्थव्यवस्थाओं में से एक में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव को दर्शाता है।

5 भारत-यूएई डेजर्ट साइक्लोन II सैन्य अभ्यास अबू धाबी में संपन्न हुआ

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) नियमित संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से अपनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं। डेज़र्ट साइक्लोन–IIद्विपक्षीय थलसेना अभ्यास का दूसरा संस्करण, अबू धाबी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने दोनों देशों की सेनाओं के बीच बढ़ती इंटरऑपरेबिलिटी, आपसी विश्वास और समन्वय को प्रदर्शित किया। भारत–UAE संयुक्त सैन्य अभ्यास डेज़र्ट साइक्लोन–II का दूसरा संस्करण 30 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में संपन्न हुआ। यह अभ्यास लगभग दो सप्ताह तक चला और इसका उद्देश्य शहरी तथा उप-पारंपरिक युद्ध अभियानों में दोनों सेनाओं के बीच तालमेल और सहयोग को बढ़ाना था।

6 लूई ब्रेल की जयंती

 

4 जनवरी सन् 1809 में फ्रांस (France) की राजधानी पेरिस (Peris) से 40 किमी दूर कूपरे नामक गांव में लुई ब्रेल (लुइस ब्रेल) (lui brail) का जन्म हुआ था। लुई ब्रेल स्वयं दृष्टिहीन (blind) थे। फ्रांस के लुई ब्रेल ने स्वयं एक दृष्टिहीन होने के बावजूद दृष्टिहीनों को पढ़ने-लिखने के योग्य बनाया। सामान्य बच्चे या तो रोमन लिपि (Roman Lipi) में पढ़ते हैं या देवनागरी लिपि (Devnagari Lipi) में, लेकिन दृष्टिहीन बच्चों के पढ़ने के लिए लुई ब्रेल ने एक अलग लिपि विकसित की और उसे ब्रेल लिपि (brail lipi) नाम मिला। लुई ब्रेल की याद में 4 जनवरी को लुई ब्रेल दिवस मनाया जाता है, क्योंकि लुई ब्रेल के अथक प्रयासों की वजह से ही नेत्रहीनों को पढ़ने का मौका मिला।