1 केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोक सभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोक सभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया। इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों को और मजबूत करना है। इसके तहत त्वरित जांच, विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से त्वरित सुनवाई, विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति, अपीलों का समयबद्ध निपटान और अधिक कठोर दंड प्रावधानों की व्यवस्था की गई है, ताकि लोक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और संगठित गड़बड़ियों को प्रभावी तरीके से रोका जा सके। इस विधेयक में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के लिए सज़ा बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके तहत जेल की सज़ा को कम से कम तीन वर्ष, जिसे पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, के मौजूदा प्रावधान से बढ़ाकर कम से कम पांच वर्ष, जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, अधिकतम जुर्माना भी 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने का प्रस्ताव है। इस अधिनियम के तहत अपराधों में शामिल पाए जाने वाले सेवा प्रदाताओं के लिए, विधेयक में अधिकतम जुर्माना 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने और उन्हें कोई भी लोक परीक्षा आयोजित करने से प्रतिबंधित करने की अवधि को चार वर्ष से बढ़ाकर आठ वर्ष करने का प्रस्ताव है। इस विधेयक में सेवा प्रदाताओं के प्रबंधकीय कर्मियों के लिए कड़ी सज़ा का भी प्रस्ताव है। इसमें कम से कम पांच वर्ष और अधिक से अधिक दस वर्ष तक की जेल की सज़ा और अधिकतम जुर्माना 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने का प्रावधान है। इस संशोधन विधेयक में परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों से बेहतर तरीके से निपटने के लिए जेल की कम से कम सज़ा को पांच वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष, जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, करने और अधिकतम जुर्माना 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव है। यह विधेयक केंद्र सरकार को यह अधिकार भी देता है कि वह इस अधिनियम के तहत अपराधों की जांच का कार्य, इस उद्देश्य के लिए गठित विशेष कार्य बल को सौंप सकता है।

पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने नई दिल्ली के कृषि भवन में आयोजित एक समारोह में आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम, समर्थ पंचायत पोर्टल का शुभारंभ किया और पंचायती राज संस्थाओं के लिए राजस्व के स्वयं के स्रोत (ओएसआर) नियमों का मॉडल जारी किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री को पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) – डेटा संचालित शासन फॉर विकसित भारत के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (एनएईजी) 2026 के तहत मंत्रालय को दिए गए स्वर्ण पुरस्कार के लिए ट्रॉफी और प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम पंचायती राज मंत्रालय की एक अनूठी पहल है, जो ग्राम पंचायतों और ब्लॉक पंचायतों को स्थानीय संसाधनों और अवसरों की पहचान करने और मंत्रालय के समर्पित तकनीकी सहयोग से उन्हें विकसित करने में सक्षम बनाती है। इसका उद्देश्य स्थायी परिचालन लागत (ओएसएसआर) का निर्माण करने वाली, ऋण योग्य, राजस्व उत्पन्न करने वाली परियोजनाओं में उनका समावेश करना है। समर्थ पंचायत पोर्टल पंचायती राज मंत्रालय की अपनी तरह की पहली डिजिटल पहल है, जिसे प्रौद्योगिकी-आधारित ओएसआर प्रबंधन के माध्यम से ग्राम पंचायतों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक एकीकृत, विन्यास योग्य राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित, समर्थ ग्राम पंचायतों को करदाता पंजीकरण और मांग सृजन से लेकर ऑनलाइन भुगतान, संग्रह और वास्तविक समय की निगरानी तक, संपूर्ण ओएसआर जीवनचक्र को डिजिटल रूप से प्रबंधित करने में सक्षम बनाता है। पंचायत उन्नति सूचकांक सहित पंचायती राज से संबंधित चार पहलों को 1 से 2 जुलाई 2026 तक जयपुर में आयोजित ई-गवर्नेंस पर 29वें राष्ट्रीय सम्मेलन में ई-गवर्नेंस 2026 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसमें तीन स्वर्ण और एक रजत पुरस्कार शामिल हैं, जो डेटा संचालित, जमीनी स्तर के डिजिटल शासन में पंचायती राज क्षेत्र के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।
3 रूपमणि गढ़ माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली असम की पहली महिला बनीं

रूपमणि गढ़ ने असम की पहली महिला के तौर पर माउंट एवरेस्ट फतह किया है। इस कारनामे पर असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें सम्मानित किया और असम पुलिस में नौकरी की बात कही है। लोक सेवा भवन में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली असम की पहली महिला रूपमणि गढ़ और आईटीबीपी की असिस्टेंट कमांडेंट भनिता तिमुंगपी को सम्मानित किया, जिन्होंने सफल ऑल-वुमन माउंट एवरेस्ट अभियान का नेतृत्व किया। सीएम ने उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए रूपमणि गढ़ को 10 लाख और भनिता तिमुंगपी को 2 लाख रुपए भी प्रदान किए।

भारतीय डीप-टेक कंपनी ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस (Dreamfly Innovations) ने सोमवार को उत्तर बेंगलुरु में 40,000 वर्ग फुट क्षेत्र में अत्याधुनिक एविएशन बैटरी निर्माण संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की। कंपनी का कहना है कि यह परियोजना भारत के ड्रोन उद्योग को मजबूती देने के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। कंपनी के अनुसार, इस संयंत्र की शुरुआती वार्षिक उत्पादन क्षमता 100 मेगावाट-घंटा (MWh) होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 200 MWh तक किया जा सकेगा। यह ड्रोन क्षेत्र के लिए भारत की सबसे बड़ी एविएशन बैटरी निर्माण इकाइयों में से एक होगी। इस प्लांट में रक्षा, निगरानी, बुनियादी ढांचे के निरीक्षण, कृषि में ड्रोन स्प्रे, लॉजिस्टिक्स और भविष्य की एयर टैक्सी जैसी सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन के लिए उन्नत बैटरियां बनाई जाएंगी।

27 जुलाई को गुजरात सरकार ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक नई सेवा शुरू की। इस सेवा का नाम ‘साइबर वित्तीय धोखाधड़ी ई-जीरो FIR‘ (Cyber Financial Fraud e-Zero FIR) रखा गया है। इसके माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोग घर बैठे ही अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए पीड़ित को अब पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शिकायत मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई शुरू कर देगी ताकि धोखाधड़ी की गई राशि को फ्रीज किया जा सकेगा। यह कदम बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल भुगतान में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है। राज्य पुलिस ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल और हेल्पलाइन भी जारी किया है।गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सिंघवी ने सर्विस लॉन्च की।

26 जुलाईको जेन टेक्नोलॉजिस ने भारत का पहला स्वदेशी हाई एल्टिट्यूड एंटी-ड्रोन सिस्टम पेश किया। यह मैन-पोर्टेबल है, यानी इसे सैनिक आसानी से उठाकर पहाड़ों पर ले जा सकते हैं। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी डिटेक्शन, डेटा फ्यूजन और सर्वदिशात्मक (omni-directional) जैमिंग तकनीक शामिल है। इसमें 5 किमी तक ड्रोन का पता लगाने की क्षमता है। इसे विशेष रूप से हिमालय जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिए बनाया गया है। यह प्रणाली दुश्मन के छोटे ड्रोनों को जाम करने और उन्हें मार गिराने में सक्षम है। इसे जेन टेक्नोलॉजिस ने DRDO के सहयोग से बनाया है। भविष्य में इसे निर्यात करने की योजना भी बनाई जा रही है। यह ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
7 तेलंगाना में भारत के पहले ‘इंटीग्रेटेड ऑयल पाम कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन

27 जुलाई 2026 को गोदरेज एग्रोवेट ने तेलंगाना में भारत के पहले इंटीग्रेटेड ऑयल पाम कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह कॉम्प्लेक्स तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थापित किया गया है। इसका कुल निवेश 300 करोड़ है। इसमें पाम तेल निकालने की इकाई, रिफाइनरी और एक आधुनिक नर्सरी शामिल है। मिल की शुरुआती क्षमता 30 टन प्रति घंटा है जिसे आगे 60 टन प्रति घंटा तक बढ़ाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य भारत की खाद्य तेल आयात पर निर्भरता को कम करना है। इस संयंत्र से स्थानीय किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम और तकनीक मिलेगी। पाम ऑयल की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकती है। यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम है। इस परिसर का निर्माण घरेलू पाम तेल उत्पादन को तेजी से बढ़ाने और विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से किया गया है। ऑयल पाम से किसानों को बीज, तकनीकी सलाह, प्रसंस्करण और विपणन जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

भारतीय खगोलविदों ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर निर्माण की प्रक्रिया में एक दुर्लभ ब्लू स्ट्रैगलर तारा – बी.एस.एस खोजा है। इससे तारों के निर्माण की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रमाण मिला है। बी.एस.एस तारा समूहों में पाए जाने वाले तारों का एक विशेष वर्ग हैं, जो अपने समकक्षों की तुलना में अधिक गर्म, चमकीले और अधिक द्रव्यमान वाले दिखाई देते हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि खगोलविद लंबे समय से इनकी उत्पत्ति और विकास को समझने का प्रयास कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि स्वीकृत व्याख्या है कि ये तारे किसी साथी तारे से या तारकीय विलय के माध्यम से द्रव्यमान प्राप्त करते हैं, जिससे वे प्रभावी रूप से पुनर्जीवित हो जाते हैं। ऐसी निर्माण प्रक्रियाओं के प्रत्यक्ष अवलोकन संबंधी प्रमाण अत्यंत दुर्लभ हैं।
9 पर्यटन मंत्रालय ने एयर इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

पर्यटन मंत्रालय ने एयर इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य प्रतिष्ठित इंक्रेडिबल इंडिया ब्रांड के अंतर्गत भारत को पसंदीदा वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देना है। यह समझौता नई दिल्ली में पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हुआ। इस सहयोग का लक्ष्य एयर इंडिया के व्यापक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के साथ-साथ मंत्रालय की पर्यटन स्थल प्रचार पहलों का लाभ उठाकर भारत की वैश्विक पर्यटन क्षमता को बढ़ाना है। समझौते के अंतर्गत मंत्रालय और एयर इंडिया डिजिटल और ऑफलाइन प्लेटफार्म पर संयुक्त प्रचार अभियान, सह-ब्रांडेड डेस्टिनेशन मार्केटिंग और पर्यटन संबंधी कहानियों का संचालन करेंगे।
10 हेपेटाइटिस से निपटने के लिए देश कर रहा है व्यवस्थित रूप से प्रयास

भारत हेपेटाइटिस से निपटने के लिए व्यवस्थित रूप से प्रयास कर रहा है। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम का लक्ष्य 2030 तक इस बीमारी को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य प्रणाली दृष्टिकोण अपनाया गया है और संक्रमण की रोकथाम तथा प्रभावित लोगों को मुफ्त निदान और उपचार के लिए विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों के साथ एकीकृत किया गया है। हेपेटाइटिस यकृत की सूजन है जो हेपेटाइटिस वायरस, अन्य संक्रमण, शराब और नशीली दवाओं जैसे विषाक्त पदार्थों के कारण होती है साथ ही यह ऑटोइम्यून बीमारियों के कारण भी होती है- जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के स्वस्थ हिस्सों को प्रभावित करती है। हेपेटाइटिस के पांच मुख्य वायरस ए, बी, सी, डी और ई हैं, जिनमें हेपेटाइटिस बी और सी, सिरोसिस और यकृत कैंसर के सामान्य कारण हैं। सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप स्क्रीनिंग और उपचार सेवाएं प्रदान करने के लिए 2018 में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया।
11 राष्ट्रमंडल खेल: शर्मिला धनकर ने महिला शॉटपुट एफ-57 स्पर्धा में भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीता

राष्ट्रमंडल खेलों में, भारत की शर्मिला धनकर ने ग्लासगो में आयोजित महिला शॉट पुट F57 फाइनल में जीत हासिल करके देश के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीता है। इस जीत के साथ, पांचवें दिन के अंत तक भारत के पदकों की संख्या 10 हो गई, जिसमें 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। 9 दशमलव 81 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ, शर्मिला ने पैरा एथलेटिक्स में भारत की पहली राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता बनकर इतिहास रच दिया। F57 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके निचले अंगों में विकलांगता, शारीरिक अक्षमता या मांसपेशियों की शक्ति कम होती है। इसी स्पर्धा में, शिल्पा के शायला को कांस्य पदक से नवाजा गया, जिससे भारत के पदकों की संख्या में और वृद्धि हुई। वल्लूरी अजय बाबू ने पुरुषों के भारोत्तोलन के 79 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। 21 वर्षीय खिलाड़ी ने स्नैच में 149 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम का भार उठाकर खेलों का रिकॉर्ड बनाया, कुल मिलाकर 330 किलोग्राम का भार उठाया। वे मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रहे, जिन्होंने 331 किलोग्राम के भार के साथ स्वर्ण पदक जीता। खेलों में भारोत्तोलन में भारत का यह छठा पदक था। एथलेटिक्स में, सर्वेश अनिल कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद में दूसरा स्थान हासिल करके एक और रजत पदक अपने नाम किया।
12 कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: राजा मुथुपांडी और ऋषिकांत ने जीता रजत पदक

भारत के युवा वेटलिफ्टर राजा मुथुपांडी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किया। मणिपुर के ऋषिकांत ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल हासिल किया। मलेशिया के बिन कस्डन मोहम्मद अनिक ने कुल 273 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड जीता, जबकि केन्या के जोशुआ अमूंगा मबोया (260 किलोग्राम) ने पोडियम पर तीसरा स्थान हासिल किया।
13 राष्ट्रमंडल खेल: भारतीय भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता

भारतीय भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार उठाकर कुल 199 किलोग्राम का भार हासिल किया। नाइजीरिया की ओनोम ओमोलोला दिदिह ने कॉमनवेल्थ गेम्स के रिकॉर्ड 206 किलोग्राम भार के साथ स्वर्ण पदक जीता। एक अन्य भारतीय भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 112 किलोग्राम भार उठाकर कुल 199 किलोग्राम भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया। नाइजीरिया की रफियातु फोलशादे ने 229 किलोग्राम के कुल भार के साथ स्वर्ण पदक जीता, जो खेलों का रिकॉर्ड है, जबकि कनाडा की ऐन सोफी ताशेरो ने 215 किलोग्राम के कुल भार के साथ रजत पदक हासिल किया।
14 नई दिल्ली में 22वीं ‘कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप’ का शुभारंभ

27 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ हुआ। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। यह इस चैंपियनशिप का 22वां संस्करण है। यह प्रतियोगिता 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है। इसमें लगभग 25 कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में टीम इंडिया पुरुष और महिला दोनों वर्गों में मजबूत दावेदारी पेश करेगा। पुरुष टीम में अनुभवी खिलाड़ी जी. साथियान, हरमीत देसाई, मानव ठक्कर, मनुष शाह और पयास जैन हैं। महिला वर्ग की अगुवाई श्रीजा अकुला टीम करेंगी। उनके साथ यशस्विनी घोरपड़े, स्वास्तिका घोष, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास को जगह मिली है। इससे पहले भारत में यह प्रतियोगिता मुंबई, हैदराबाद, नई दिल्ली, जयपुर, सूरत और कटक में आयोजित हो चुकी है। प्रतियोगिता में शामिल प्रमुख स्पर्धाएं पुरुष टीम, महिला टीम, पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल हैं।
15 ISSF विश्व कप में निशानेबाज ईशा सिंह को स्वर्ण

भारत की उदीयमान निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को आईएसएसएफ विश्व कप (राइफल/पिस्तौल/शॉटगन) में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ओलंपिक पदक विजेता हमवतन खिलाड़ी मनु भाकर को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। मनु ने कांस्य पदक जीता और भारत ने इस तरह से इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए। 21 वर्षीय ईशा ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 40 अंक बनाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु ने शूटऑफ जीतकर कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने कुल 28 अंक बनाए।
16 भारतीय रेसर आदित्य पटनायक ने मलेशिया में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कार रेसिंग खिताब जीता

भारत के आदित्य पटनायक ने सेपांग अंतर्राष्ट्रीय सर्किट में गोल्ड वियोस चैंपियनशिप मलेशिया के तीसरे दौर में स्पोर्टिंग क्लास जीतकर अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय कार रेसिंग खिताब हासिल किया है। मुंबई के 21 वर्षीय आदित्य ने रेस 1 में तीसरा स्थान हासिल किया और उसके बाद रेस 2 में रोमांचक जीत दर्ज करते हुए पोडियम पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उन्हें 15 हजार मलेशियाई रिंगिट का पुरस्कार भी मिला। यह जीत आदित्य की अंतर्राष्ट्रीय कार रेसिंग के पहले ही साल में मिली एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले वे लगातार दो साल पोलो कप इंडिया में उप-राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं।