1 गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं में नेवी का मार्चिंग दल सर्वश्रेष्ठ, राज्यों में महाराष्ट्र की झांकी अव्वल

गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए तीनों सेनाओं और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ)/अन्य सहायक बलों में से सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्तों तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों/विभागों की सर्वश्रेष्ठ झांकियों के परिणामों की घोषणा कर दी गई है। इन दस्तों और झांकियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए गठित जजों के तीन पैनल ने निम्नलिखित विजेताओं का चयन किया है:
तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता – भारतीय नौसेना
सीएपीएफ/अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता – दिल्ली पुलिस
शीर्ष तीन झांकियां (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश):
- महाराष्ट्र (गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक)
- जम्मू और कश्मीर (जम्मू और कश्मीर के हस्तशिल्प और लोक नृत्य)
- केरल (वॉटर मेट्रो और शत-प्रतिशत डिजिटल साक्षरता: आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल)
केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में सर्वश्रेष्ठ झांकी – संस्कृति मंत्रालय (वंदे मातरम — एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार)
विशेष पुरस्कार:
- केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (वंदे मातरम — 150 वर्षों का उत्सव)
- ‘वंदे मातरम: भारत की शाश्वत गूँज’ नृत्य समूह
नागरिकों द्वारा अपने पसंदीदा झांकी और मार्चिंग दस्तों को वोट देने के लिए माईगॉव पोर्टल पर आयोजित ऑनलाइन पोल के आधार पर पॉपुलर चॉइस श्रेणी के परिणाम इस प्रकार हैं:
- तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता – असम रेजिमेंट
- सीएपीफ/अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता – सीआरपीएफ
शीर्ष तीन झांकियां (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश):
- गुजरात (स्वदेशी का मंत्र – आत्मनिर्भरता – स्वतंत्रता: वंदे मातरम)
- उत्तर प्रदेश (बुंदेलखंड की संस्कृति)
- राजस्थान (रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श: बीकानेर की स्वर्ण कला (उस्ता कला)
केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में सर्वश्रेष्ठ झांकी – स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: भारतीय स्कूली शिक्षा को विकसित भारत की राह पर अग्रसर करना)
2 बीटिंग रिट्रीट के साथ 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य समापन

29 जनवरी 2026 को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य समापन हो गया। राष्ट्रपति भवन के ठीक सामने विजय चौक भारतीय धुनों और देशभक्ति के संगीत से गूंज उठा। इस अवसर पर सैन्य बैंडों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शक्ति को संगीत के माध्यम से दर्शाया, वहीं ड्यूटी पर तैनात भारतीय सेना के जवानों की झलक भी प्रस्तुत की गई।
3 UIDAI का नया आधार ऐप, पहचान सत्यापन होगा और आसान व सुरक्षित

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने देश को नया आधार ऐप समर्पित किया। यह ऐप लोगों की पहचान सत्यापन प्रक्रिया को आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए तैयार किया गया है, जिसमें नागरिकों की सुविधा और सहमति को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा विकसित यह नया आधार ऐप एक नेक्स्ट-जेनरेशन मोबाइल एप्लिकेशन है, जो आधार नंबर धारकों को अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रूप से दिखाने, साझा करने और सत्यापित करने की सुविधा देता है। ऐप का फोकस प्राइवेसी-फर्स्ट, सहमति आधारित (Consent-based) और उपयोगकर्ता के नियंत्रण पर है। नया आधार ऐप रोजमर्रा की कई जरूरतों में उपयोगी होगा। इसमें होटल चेक-इन के लिए QR कोड आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन, सिनेमा टिकट के लिए आयु सत्यापन, अस्पतालों में आगंतुकों का सत्यापन, गिग वर्कर्स और सर्विस पार्टनर्स की पहचान जांच जैसी सुविधाएं शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर फेस वेरिफिकेशन का विकल्प भी उपलब्ध है। ऐप में कई उन्नत फीचर्स दिए गए हैं, जैसे एक क्लिक में बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री देखना और संपर्क विवरण साझा करने के लिए QR आधारित कॉन्टैक्ट कार्ड। एक ही मोबाइल में पांच आधार प्रोफाइल मैनेज करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे “One Family – One App” की अवधारणा को बढ़ावा मिलता है।
4 साराह मुल्लाली इंग्लैंड के चर्च की पहली महिला बिशप बनीं

28 जनवरी को साराह मुल्लाली इंग्लैंड के चर्च की पहली महिला बिशप बनीं। चर्च ऑफ इंग्लैंड के 1,400 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को आर्चबिशप ऑफ कैंटरबरी का पद दिया गया है। इंग्लैंड चर्च के बिशप को दुनिया भर में एंग्लिकन कम्युनिटी का सबसे बड़ा स्पिरिचुअल गुरु माना जाता है। जस्टिन वेल्बी मुल्लाली से पहले बिशप के पद पर थे। उनके खिलाफ शिकायत के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। 63 वर्षीय साराह 1999 से 2004 तक इंग्लैंड की चीफ नर्सिंग ऑफिसर रह चुकी हैं। 2005 में, नर्सिंग में उनके योगदान के लिए साराह को ब्रिटिश साम्राज्य की ‘डेम कमांडर’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। 2018 में लंदन के 133वें बिशप के रूप में चुने जाने से पहले, वह क्रेडिटन की बिशप थीं, ये पद उन्होंने 2015 से तीन साल तक संभाला था। साराह की शादी एमोन मुल्लाली से हुई है और उनके दो बच्चे हैं।
5 यूजीसी के नए भेदभाव नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 2012 के प्रावधान लागू रहेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने फिलहाल यूजीसी के नए रेगुलेशन पर रोक लगा दी है और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि तब तक 2012 के यूजीसी रेगुलेशन ही लागू रहेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि उन्होंने यूजीसी के नए नियमों के सेक्शन 3सी को चुनौती दी है। उनका कहना था कि रेगुलेशन में भेदभाव की जो परिभाषा दी गई है, वह संविधान के अनुरूप नहीं है। विष्णु शंकर जैन ने तर्क दिया कि संविधान के अनुसार, भेदभाव का प्रश्न देश के सभी नागरिकों से जुड़ा है, जबकि यूजीसी के नए नियमों में भेदभाव को केवल विशेष वर्ग तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह परिभाषा न केवल अधूरी है, बल्कि संवैधानिक भावना के विपरीत भी है।
6 अमेरिकी संग्रहालय लौटाएगा तमिलनाडु की तीन प्राचीन मूर्तियां

अमेरिका के प्रतिष्ठित नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट – स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन दशकों पहले मंदिरों से अवैध रूप से हटाई गईं दक्षिण भारत की तीन ऐतिहासिक कांस्य मूर्तियां भारत को वापस करेगा। जिन तीन मूर्तियों को लौटाया जा रहा है, उनमें ‘शिव नटराज’ (चोल काल, लगभग 990), ‘सोमस्कंद’ (चोल काल, 12वीं शताब्दी) और ‘संत सुंदरर विद परावई’ (विजयनगर काल, 16वीं शताब्दी) शामिल हैं। ये सभी दक्षिण भारतीय कांस्य कला परंपरा के बेहतरीन उदाहरण मानी जाती हैं। ये मूर्तियां पहले तमिलनाडु के मंदिरों में धार्मिक जुलूसों के दौरान निकाली जाती थीं। हालांकि बुधवार को म्यूजियम ने बताया कि इनमें से एक चोलकालीन ‘शिव नटराज’ मूर्ति भारत सरकार के साथ हुए समझौते के तहत दीर्घकालिक ऋण (लॉन्ग-टर्म लोन) के तौर पर अमेरिका में ही रहेगी। इसके तहत म्यूजियम इस मूर्ति को प्रदर्शित करता रहेगा। साथ ही इसके इतिहास, अवैध हटाए जाने और वापसी की पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करेगा। संग्रहालय ने कहा कि इस मूर्ति को प्रदर्शनी ‘द आर्ट ऑफ नॉइंग इन साउथ एशिया, साउथईस्ट एशिया, एंड द हिमालयाज’ का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि इसके इतिहास हटाए जाने और वापसी की पूरी कहानी सार्वजनिक रूप से दिखाई जा सके।

भारतीय रिजर्व बैंक ने यूरोपीय प्रतिभूति और बाज़ार प्राधिकरण-ईएसएमए के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के हालिया भारत यात्रा के दौरान किया गया। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड-सीसीआईएल और आरबीआई द्वारा विनियमित अन्य केंद्रीय प्रतिपक्षों को ईएसएमए द्वारा औपचारिक मान्यता प्रदान करना है। यह समझौता ज्ञापन कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, न ही कोई अधिकार प्रदान करता है और न ही किसी घरेलू कानून को निरस्त करता है। यह समझौता ज्ञापन अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने की तिथि से प्रभावी है और अनिश्चित काल तक लागू रहेगा।
8 भारत की क्वांटम-प्रतिरोधी साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सहयोग और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हेतु बीआईएसएजी-एन और क्यूएनयू लैब्स ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत भास्करचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी-एन) ने क्वांटम-प्रतिरोधी साइबर सुरक्षा समाधानों के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए क्यूएनयू लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत, बीआईएसएजी-एन की स्वदेशी क्रिप्टोग्राफिक सॉफ्टवेयर क्षमताएं, जिनमें “वैदिक कवच” भी शामिल है, क्यूएनयू लैब्स द्वारा प्रदान किए गए क्वांटम हार्डवेयर और सुरक्षित अवसंरचना प्लेटफार्मों के साथ एकीकृत की जाएंगी। बीआईएसएजी-एन ने वैदिक कवच विकसित किया है और भारत में क्वांटम-प्रतिरोधी वेब सर्वरों और क्वांटम रैंडम नंबर जनरेशन (क्यूआरएनजी) से एकीकृत एक स्वदेशी सुरक्षित वेब ब्राउज़र को शामिल करते हुए, सरकार द्वारा संचालित शुरुआती कार्यान्वयनों में से एक का कार्य किया है।
9 आयुषएक्सील और जेप्टो ने डिजिटल पहुंच मजबूत करने और आयुष उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए

आयुष मंत्रालय ने आयुष निर्यात प्रोत्साहन परिषद (आयुषएक्सील) और जेप्टो लिमिटेड के बीच देशभर में आयुष औषधियों और अन्य स्वास्थ्य रक्षा उत्पादों की एक ऑनलाइन पहुंच को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए एक समझौता प्रपत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह MoU पारंपरिक स्वास्थ्य उत्पादों में गुणवत्ता अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास सुनिश्चित करते हुए डिजिटल खोज को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है। इस समझौता प्रपत्र के तहत, आयुषएक्सील योग्य आयुष निर्माताओं की सिफारिश करेगा और नियामक अनुपालन के लिए शैक्षिक सामग्री की समीक्षा करेगा, जबकि जेप्टो अपनी प्लेटफॉर्म पर समर्पित आयुष स्टोरफ्रंट के माध्यम से उत्पाद खोज का समर्थन करेगा। इस सहयोग में संयुक्त उपभोक्ता जागरूकता भी शामिल हैं और मान्यता प्राप्त गुणवत्ता मानकों, जिसमें आयुष क्वालिटी मार्क शामिल है, उसे अपनाने को प्रोत्साहित किया जायेगा । आयुष निर्यात प्रोत्साहन परिषद (Ayush Export Promotion Council), जिसे संक्षेप में आयुषएक्सील (AYUSHEXCIL) कहा जाता है, एक नवगठित निर्यात प्रोत्साहन परिषद है, जिसे आयुष मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया है और जिसे वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समर्थन प्रदान किया जाता है।
10 सेल को लगातार तीसरी बार मिला ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ सर्टिफिकेशन

भारत की महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने फरवरी 2026 से फरवरी 2027 की अवधि के लिए प्रतिष्ठित ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क‘ (Great Place to Work) प्रमाणन हासिल किया है। सेल ने लगातार तीसरी बार यह उपलब्धि ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ संस्थान (भारत) द्वारा किए गए कंपनी-व्यापी मूल्यांकन के बाद प्राप्त की है। यह मान्यता कार्यस्थल की एक ऐसी संस्कृति को संजोने की सेल की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है जो आधुनिक, चुस्त और अपने कर्मचारियों के पेशेवर व व्यक्तिगत विकास के अनुरूप है।
11 सीसीएसयू मेरठ में भारत के पहले एआई-सक्षम राज्य विश्वविद्यालय के प्रायोगिक मॉडल की घोषणा

केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री जयंत चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित गूगल के ‘एआई फॉर लर्निंग फोरम’ में शिक्षा और कौशल विकास इकोसिस्टम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण के लिए सरकार के विज़न को रेखांकित किया। माननीय मंत्री जी ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, गूगल क्लाउड और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ के बीच हुए एक ऐतिहासिक गठजोड़ से जुड़ी घोषणाएं कीं, जिसके तहत सीसीएसयू को भारत के पहले एआई-सक्षम राज्य विश्वविद्यालय के प्रायोगिक मॉडल (पायलट) के रूप में स्थापित किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री के प्रौद्योगिकी-सशक्त विकसित भारत 2047 के विज़न को साकार रूप देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। इस प्रायोगिक मॉडल के तहत, सीसीएसयू मेरठ एआई-आधारित संस्थागत सुधार के लिए एक ‘लिविंग लैबोरेटरी’ के रूप में कार्य करेगा। विश्वविद्यालय, छात्रों के लिए व्यक्तिगत एआई ट्यूटर, एआई-आधारित कौशल-अंतर विश्लेषण तथा प्रशासनिक कार्यप्रवाह को सुव्यवस्थित करने हेतु इंटेलिजेंट डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग को लागू करेगा। यह पहल एक ऐसा स्केलेबल ढांचा विकसित करने के लिए तैयार की गई है, जिसे भारत के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम में व्यापक रूप से अपनाया जा सके।
12 पूर्व CBSE चेयरमैन फादर थॉमस वी. कुन्नुनकल का निधन

28 जनवरी को पूर्व CBSE चेयरमैन और शिक्षाविद फादर थॉमस वी. कुन्नुनकल का 99 साल की उम्र में निधन हो गया। फादर कुन्नुनकल 1962 से 1974 तक और 1977 से 1979 तक सेंट जेवियर्स स्कूल, दिल्ली के प्रिंसिपल रहे। प्रधानमंत्री राजीव गांधी के अनुरोध पर कुन्नुनकल 1980 से 1987 तक सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के चेयरमैन रहे। 1974 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। 1989 में कुन्नुनकल ने नेशनल ओपन स्कूल की स्थापना की, जिसे अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल कहा जाता है। 3 जुलाई 1926 में केरल के अलाप्पुझा में फादर कुन्नुनकल का जन्म हुआ था। वे 20 जून 1945 को सोसाइटी ऑफ जीसस में शामिल हुए।