1 जस्टिस सूर्य कांत ने AI चैटबॉट ‘सु सहाय’ लॉन्च किया

11 मई को चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने ज्युडिशियल डिजिटाइजेशन के तहत ‘वन केस वन डेटा‘ सिस्टम और AI चैटबॉट ‘सु सहाय’ लॉन्च किया। ‘वन केस वन डेटा’ सिस्टम सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, डिस्ट्रिक्ट और तालुक कोर्ट, सभी स्तरों के केस रिकॉर्ड को एक यूनिफाइड डेटाबेस में जोड़ेगा। पहली बार ऐसा होगा जहां, सुप्रीम कोर्ट से लेकर तालुक कोर्ट तक का डेटा एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा। इससे सुप्रीम कोर्ट के जज निचली अदालतों के मामलों की पूरी जानकारी रियल टाइम में देख सकेंगे और निचली अदालतों को भी ऊपर की अदालतों का डेटा मिल सकेगा। ये सिस्टम अपने आप केस से जुड़ी जानकारी निकालने और जांचने का काम कर सकेगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट को भी डेटा का एक्सेस मिलेगा, इससे केस ट्रैकिंग और अदालतों के बीच तालमेल बेहतर होगा। ये पहल कोर्ट के केस मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने के लिए शुरू की गई है। ‘सु सहाय’ एक AI चैटबॉट है, जिसे नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर यानी NIC ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के साथ मिलकर तैयार किया है। ये सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा और याचिकाकर्ताओं और हितधारकों को केस से जुड़ी जानकारी देगा। साथ ही कोर्ट की सेवाओं को आसानी से समझने में मदद करेगा ताकि न्याय तक पहुंच आसान हो सके।
2 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आईसीएमआर ने तीन स्वदेशी चिकित्सा तकनीकें उद्योग को सौंपीं

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने तीन स्वदेशी चिकित्सा प्रौद्योगिकियों को उद्योग भागीदारों को हस्तांतरित किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित बीआरआईसी-राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान (एनआईआई) में आयोजित ‘विज्ञान-टेक’ कार्यक्रम के दौरान हुआ। इस आयोजन का समन्वय प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) कार्यालय ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सहयोग से किया, जिसमें 14 वैज्ञानिक मंत्रालयों और विभागों ने भाग लिया। आईसीएमआर ने कार्यक्रम में जैव-फार्मा, स्वास्थ्य और जैव-औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी छह महत्वपूर्ण स्वदेशी तकनीकों का प्रदर्शन किया। इनमें कोवैक्सिन, कोविड कवच एलिसा किट, सीआरआईएसपीआर-कैस आधारित टीबी पहचान प्रणाली, निपाह प्वाइंट-ऑफ-केयर एसे, डेंगू पहचान एलिसा किट और मच्छर नियंत्रण के लिए बायोलार्विसाइड शामिल थे। तीन प्रौद्योगिकियों का उद्योगों को हस्तांतरण :
आईसीएमआर ने अपनी मेडिकल इनोवेशन पेटेंट मित्र पहल के तहत तीन तकनीकों का लाइसेंस उद्योग भागीदारों को दिया। पहली तकनीक प्रोस्टेट बायोप्सी फैसलों में मदद के लिए विकसित किफायती पीएसपी-94 एलिसा थी, जिसे आईसीएमआर-एनआईआरडब्ल्यूओएच की वैज्ञानिक टीम ने विकसित किया। इसका लाइसेंस कृषजेन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया।
दूसरी तकनीक फैक्टर-8 इनहिबिटर और कोगुलेशन डिसऑर्डर के लिए पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक थी, जिसे आईसीएमआर-एनआईआरबीआईडी में विकसित किया गया। इसका लाइसेंस मेरिल लाइफ साइंसेज को दिया गया।
तीसरी तकनीक डेंगू, चिकनगुनिया और जीका वायरस की पहचान के लिए सिंगल-ट्यूब मल्टीप्लेक्स रियल-टाइम आरटी-पीसीआर थी, जिसे आईसीएमआर-राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में विकसित किया गया। इसका लाइसेंस वैनगार्ड लाइफ साइंसेज को सौंपा गया।
3 जे.पी. नड्डा और शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में लॉन्च हुआ ‘सेहत मिशन’

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में सोमवार को दिल्ली में ‘सेहत मिशन’ लॉन्च किया गया। यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेती से स्वास्थ्य तक भारत की नई बड़ी पहल माना जा रहा है। आईसीएआर और आईसीएमआर की साझेदारी से शुरू किए गए इस मिशन का उद्देश्य हेल्दी फूड, हेल्दी फार्म और हेल्दी इंडिया के विजन को आगे बढ़ाना है। ‘सेहत’ यानी साइंस एक्सीलेंस फॉर हेल्थ थ्रू एग्रीकल्चरल ट्रांसफॉर्मेशन, आईसीएआर और आईसीएमआर का संयुक्त राष्ट्रीय मिशन है। इसका उद्देश्य खेती को बेहतर पोषण, रोग-निवारण, किसान कल्याण और वैज्ञानिक नीति-निर्माण से जोड़ना है। मिशन के तहत पोषण गुणवत्ता सुधार, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी कम करने, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और टिकाऊ खाद्य प्रणाली विकसित करने पर फोकस रहेगा।

1 जुलाई से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम का शुभारंभ होगा। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों को उनकी रोजगार मांग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसा न होने की स्थिति में श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार होंगे। ग्रामीण विकास और रोजगार को नई दिशा देते हुए 11 मई को विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025 को अधिसूचित कर दिया है। यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम लागू होने के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (महात्मा गांधी नरेगा), 2005 उसी तिथि से निरस्त माना जाएगा। नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्राप्त होगी। यह अधिनियम समयबद्ध और पारदर्शी मजदूरी भुगतान पर विशेष बल देता है। मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाता रहेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा मस्टर रोल बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार श्रमिक विलंब क्षतिपूर्ति (मुआवजा) पाने के पात्र होंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने ₹95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए बजट अनुमान चरण में अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। राज्यों के संभावित राज्यांश सहित इस कार्यक्रम का कुल परिव्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। यह आवंटन ग्रामीण अवसंरचना विकास, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन तथा ग्रामीण आय में वृद्धि को नई गति प्रदान करेगा। महिला श्रमिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विकसित भारत जी राम जी अधिनियम कार्यस्थलों पर बच्चों की देखभाल के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान करता है। पांच वर्ष से कम उम्र के पांच या अधिक बच्चों की उपस्थिति में उनकी देखभाल के लिए एक महिला श्रमिक को नियुक्त किया जाएगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान – आईआईटी बॉम्बे में एकीकृत कार्बन कैप्चर और उपयोग संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने भूवैज्ञानिक कार्बन डाइऑक्साइड पृथक्करण के लिए वैज्ञानिक ड्रिलिंग का भी शुभारंभ किया। इस परियोजना को अगले महीने फ्रांस में होने वाले भारत इनोवेट्स 2026 में प्रस्तुत किया जाएगा। इस अवसर पर आईआईटी बॉम्बे में भारत की पहली संपूर्ण कार्बन कैप्चर, यूटिलाइज़ेशन और स्टोरेज फील्ड प्रयोगशाला पायलट परियोजना का शुभारंभ भी हुआ। इसमें स्वदेशी रूप से विकसित कार्बन कैप्चर एंड यूटिलाइज़ेशन संयंत्र को दक्कन बेसाल्ट संरचनाओं में गहरे भंडारण के लिए जियोलॉजिकल कार्बन-डाई-ऑक्साइड सीक्वेस्ट्रेशन के साथ एकीकृत किया गया है। यह पहल आईआईटी बॉम्बे द्वारा पेटेंट की गई लागत प्रभावी जलीय कार्बन-डाई-ऑक्साइड कैप्चर तकनीक का उपयोग करके एक आत्मनिर्भर, बंद-लूप कार्बन न्यूनीकरण दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है। यह गैर-पेयजल का उपयोग करके परिवेशी वायु और औद्योगिक स्रोतों से उत्सर्जन को पकड़ने में सक्षम है। इस प्रक्रिया के माध्यम से कार्बन डाइऑक्साइड से कैल्शियम कार्बोनेट नामक एक उप-उत्पाद का उत्पादन होगा। इसका उपयोग चूने के विकल्प के रूप में इस्पात, पेंट, सीमेंट और आवास जैसे उद्योगों में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परियोजना को आने वाले दिनों में व्यावसायिक रूप से शुरू किया जाएगा।
6 वर्ष 2026-27 में अर्थव्यवस्था में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान: एसबीआई की रिपोर्ट

वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा जारी रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में अर्थव्यवस्था में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। रिपोर्ट में पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि का अनुमान लगभग 7.2 प्रतिशत लगाया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने विकास की मजबूत गति को बनाए रखा है। संकेतक लचीली आर्थिक गतिविधि का संकेत दे रहे हैं। हालांकि, चौथी तिमाही में थोड़ी मंदी रही है। रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा दिए गए बैंक ऋण वृद्धि एक वर्ष पहले के 11.0 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 16.1 प्रतिशत हो गई। कुल ऋण वृद्धि 29.5 लाख करोड़ रुपये रही।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले में कुनो राष्ट्रीय उद्यान के खुले जंगल में दो मादा चीता को छोड़ा। ये दोनों चीते इस वर्ष फरवरी में बोत्सवाना से भारत लाए गए नौ चीतों में से हैं। उन्हें क्वारंटीन और अनुकूलन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद जंगल में छोड़ा गया। बोत्सवाना से लाए गए चीतों में छह मादा और तीन नर हैं। इनके आने से देश में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़कर ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की थी। यह दुनिया का पहला अंतरमहाद्वीपीय बिग कैट रिलोकेशन प्रोजेक्ट था। इसके बाद वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए। इसी वर्ष फरवरी में बोत्सवाना से भी नौ चीते कूनो पहुंचे थे।
8 डॉ. ए.के. पंडा ने सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का कार्यभार संभाला

डॉ. अशोक कुमार पंडा ने 9 मई 2026 को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इससे पहले वह कंपनी में निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उनके पास लगभग नौ महीनों तक निदेशक (वाणिज्यिक) का अतिरिक्त प्रभार भी रहा। डॉ. पंडा ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. करने के बाद वर्ष 1992 में मैनेजमेंट ट्रेनी (तकनीकी) के रूप में सेल में अपने करियर की शुरुआत की थी।
9 तीरंदाजी विश्व कप में भारत ने चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता

शंघाई में तीरंदाजी विश्व कप- चरण 2 के रोमांचक फाइनल में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने मेजबान चीन को पांच-चार से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है। रिकर्व टीम में दीपिका कुमारी, अंकिता भगत और कुमकुम मोहोद शामिल थीं। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने दस बार के ओलम्पिक चैम्पियन दक्षिण कोरिया को हराया था।

एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप 2026 गुजरात के गांधीनगर में शुरू हो रही है। यह चैंपियनशिप 17 मई को संपन्न होगी। भारत में यह प्रतियोगिता 44 वर्षों के बाद आयोजित की जा रही है। इसमें 28 देशों के लगभग 180 एथलीट भाग लेंगे। इसमें भारत, चीन और श्रीलंका के 16-16 भारोत्तोलक भाग ले रहे हैं जबकि चीनी ताइपे से 15 प्रतिभागी हैं। भारतीय टीम का नेतृत्व बिंद्यारानी देवी और अजीत नारायण जैसे अनुभवी भारोत्तोलक करेंगे। मीराबाई चानू चोट लगने के कारण इस चैंपियनशिप में भकाग नहीं लेंगी।
11 फुटबॉल: एफसी बार्सिलोना ने रियल मेड्रिड को हराकर वर्ष 2025-26 का ला लीगा खिताब जीता

फुटबॉल में एफसी बार्सिलोना ने रियल मेड्रिड को दो शून्य से हराकर वर्ष 2025-26 का ला लीगा खिताब जीत लिया है। इस जीत के साथ बार्सिलोना रियल मेड्रिड से 14 अंक ऊपर आकर अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है और लगातार दूसरे वर्ष अपना वर्चस्व कायम किया है।
12 अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस

प्रत्येक वर्ष 12 मई को संपूर्ण विश्व में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिवस आधुनिक नर्सिंग की जननी Florence Nightingale के जन्मदिवस के रूप में विशेष महत्व रखता है। 19वीं शताब्दी में, जब चिकित्सा व्यवस्था अभी अपने प्रारंभिक चरण में थी, तब नाइटिंगेल ने नर्सिंग को केवल सेवा-कार्य से ऊपर उठाकर एक संगठित, वैज्ञानिक और गरिमापूर्ण पेशे का स्वरूप प्रदान किया। Crimean War के दौरान उन्होंने जिस समर्पण और साहस के साथ घायल सैनिकों की सेवा की, वह इतिहास में अद्वितीय उदाहरण के रूप में दर्ज है। रात के सन्नाटे में हाथ में दीपक लिए, वे निरंतर रोगियों की देखभाल करती रहीं। एक ऐसी छवि, जिसने सेवा को साधना का रूप दे दिया। इसी निस्वार्थ समर्पण के कारण उन्हें “लेडी विद द लैंप” कहा गया।

10 मई को तेलुगु एक्टर भरत कांत की हैदराबाद में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। वे 31 साल के थे। इस हादसे में सिनेमैटोग्राफर जी.साई त्रिलोक की भी जान चली गई। भरत कांत ने 2021 की फिल्म ग्रामम और 2024 की फिल्म टेनेंट में काम किया था। भरत ने वेब सीरीज गीतांजलि और पार्वती परमेश्वरुलु में भी एक्टिंग की थी। भरत डिजिटल कंटेंट बनाने के अलावा तेलुगू फिल्मों और शॉर्ट फिल्मों में भी काम करते थे।