डॉ. हर्षवर्धन ने आगरा में आईसीएमआर-एनजेआईएल और ओएमडी, में नए अनुसंधान भवन ‘देसिकन भवन’ का उद्घाटन किया

0
18

1. बंगलादेश में एक निजी टेलीविजन समाचार चैनल ने पहले ट्रांसजेंडर को समाचार प्रस्‍तुतकर्ता नियुक्‍त किया

बंगलादेश में एक निजी टेलीविजन समाचार चैनल ने पहले ट्रांसजेंडर यानी उभयलिंगी को समाचार प्रस्‍तुतकर्ता नियुक्‍त किया है। अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आठ मार्च से तश्‍नुवा अनान शिशिर, ‘बोइशाखी टीवी’ के लिए समाचार पढना शुरू करेंगी। तश्‍नुआ अनान एक मॉडल और अभिनेत्री रह चुकी हैं। उन्‍होंने अपना व्‍यवसायिक जीवन वर्ष 2007 में नटुवा नाट्य मंडली के साथ शुरू किया। वह बंगलादेश के रंगमंच से सक्रिय रूप से जुडी हुई हैं और कई लोकप्रिय नाटकों में काम कर चुकी हैं।

2. सरकार ने स्‍वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिये प्रधानमंत्री की अध्‍यक्षता में राष्‍ट्रीय समिति गठित की

सरकार ने स्‍वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में राष्‍ट्रीय समिति गठित की है। समिति में 259 सदस्‍य हैं, जिनमें समाज के सभी वर्गों के जाने-माने लोग शामिल हैं। यह समिति राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर विभिन्‍न कार्यक्रमों की तैयारी के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश देगी। अगले वर्ष 15 अगस्‍त को स्‍वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्‍य में 75 सप्‍ताह पहले से कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम इस वर्ष 12 मार्च से शुरू हो जायेंगे। 12 मार्च को राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के नेतृत्‍व में चलाए गए ऐतिहासिक नमक सत्‍यग्रह के 91 साल पूरे हो रहे हैं। समिति की पहली बैठक 8 मार्च को होगी, जिसमें तैयारी की रूपरेखा तय की जाएगी। सरकार, राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर इस अवसर को आजादी का अमृत महोत्‍सव के रूप में मनाना चाहती है।

3. भारत विज्ञान और अनुसंधान फैलोशिप के लिए इस वर्ष छह देशों के 40 वैज्ञानिकों को चुना गया

भारत विज्ञान और अनुसंधान फैलोशिप के लिए इस वर्ष छह देशों के 40 वैज्ञानिकों को चुना गया है। इन वैज्ञानिकों को भारतीय विज्ञान संस्‍थानों और विश्‍वविद्यालयों में अनुसंधान का अवसर मिलेगा। भारत की पड़ोसी देशों के प्रति पहल के तहत विज्ञान और टैक्‍नोलोजी के क्षेत्र में फैलोशिप प्रदान की जाती है। इन देशों में अफगानिस्‍तान, बंगलादेश, भूटान, मालदीव, म्‍यामां, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के वैज्ञानिक शामिल होते हैं। यह फैलोशिप 2015 से शुरू की गई है। पिछले वर्ष कोविड महामारी के कारण फैलोशिप की घोषणा नहीं की गई थी। अब तक पडोसी देशों के 120 से अधिक अनुसंधानकर्ताओं को फैलोशिप दी गई है।

4. डॉ. हर्षवर्धन ने आगरा में आईसीएमआर-एनजेआईएल और ओएमडी, में नए अनुसंधान भवन देसिकन भवन’ का उद्घाटन किया

भारत सरकार के माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, डॉ. हर्षवर्धन ने आगरा में आईसीएमआर-एनजेआईएल और ओएमडी, में कोविड-19 की नैदानिक ​​सुविधा से सुसज्जित नए अनुसंधान भवन ‘देसिकन भवन’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान-आईसीएमआर के महानिदेशक और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव प्रो बलराम भार्गव उपस्थिति थे। यह भवन, पशु प्रयोगों, कोविड-19 नमूनों की जांच, विभिन्न माइकोहेक्टीरियु के पूरे जीनोम अनुक्रमण: तपेदिक रोधी दवा के विकास के लिए औषधीय पौधों से प्रजातियों और फाइटोकेमिकल निष्कर्षण जैसी अनुसंधान सुविधाओं के लिए समर्पित है। कोविड-19 परीक्षण प्रयोगशाला की क्षमता प्रतिदिन लगभग 1200 नमूनों की जांच की है। यह कोविड परीक्षण प्रयोगशाला बायो सुरक्षा स्तर- II (बीएसएल-I) कैबिनेट्स, स्वचालित आरएनए निष्कर्षक और रियल टाइम पीसीआर मशीनों से युक्त है, जिसके साथ परीक्षण परिणाम एक दिन के अंदर मिल जाते हैं।

5. रमन अनुसंधान संस्थान (आरआरआई) के वैज्ञानिकों द्वारा लाल रक्त कोशिकाओं पर अल्कोहल के लंबी अवधि के प्रभाव का पता लगाने के लिए हाई रेजोल्यूशन प्लेटफॉर्म विकसित

वैज्ञानिकों ने लाल रक्त कोशिकाओं के आकार की हाई रेजोल्यूशन माप के जरिए उन पर अल्कोहल की लंबी अवधि के असर का पता लगाने के लिए विशेष निर्देशों के अनुरूप प्लेटफॉर्म बनाया है। हाई रेजोल्यूशन प्लेटफॉर्म जो कि अल्कोहल के प्रभाव से आरबीसी के आकार में कमी दिखाता है, को विभिन्न परिस्थितियों जो रक्त में आरबीसी की संख्या और आकार में बदलाव करती हैं, के लिए प्वाइंट ऑफ केयर जांच के लिए अनुकूल बनाया जा सकता है। हालांकि ये ज्ञात है कि अल्कोहल आरबीसी को प्रभावित करता है, सटीकता के साथ शारीरिक बदलावों को मापना काफी जटिल और कठिन है। इस चुनौती को हल करने के लिए, रमन अनुसंधान संस्थान (आरआरआई) जो कि विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के द्वारा वित्त पोषित एक स्वायत्त संस्थान है, के वैज्ञानिकों ने प्रोफेसर गौतम सोनी के नेतृत्व में विशेष निर्देशानुसार इलेक्ट्रो-फ्लूएडिक प्लेटफॉर्म को विकसित किया है, जो कि परिष्कृत रेजोल्यूशन से कोशिका के आकार को माप कर बदलाव का पता लगाता है।

6. प्रधानमंत्री ने सेरावीक कॉन्‍फ्रेंस-2021 में मुख्य भाषण दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सेरावीक-2021 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य भाषण दिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री को सेरावीक ग्लोबल एनर्जी और एंवायरमेंट लीडरशिप पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और आपदाओं से निपटने के केवल दो ही रास्ते हैं। एक नीतियों, कानूनों, नियमों और आदेशों के माध्यम से। प्रधानमंत्री ने इस संबंध में उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया भारत की वर्तमान बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों का हिस्सा 38 प्रतिशत तक बढ़ गया है। भारत ने अप्रैल 2020 से भारत-6 उत्सर्जन मानदंड को अपनाया है, जो यूरो – 6 ईंधन के बराबर हैं। भारत वर्ष 2030 तक प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की दिशा में काम कर रहा है। एलएनजी को भी ईंधन के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में शुरू किए गए राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन और पीएम कुसुम योजना का भी उल्लेख किया, जो सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक न्यायसंगत और विकेंद्रीकृत मॉडल को बढ़ावा देता है।

 7. पहली बार एक “स्पेस हरिकेन” की खोज की

वैज्ञानिकों ने पहली बार एक “स्पेस हरिकेन” की खोज की है। पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में उत्तरी ध्रुव पर आठ घंटे तक यह तूफान चला। ये तूफान आमतौर पर पृथ्वी के निचले वातावरण में घटित होते हैं। यह ऊपरी वायुमंडल में कभी नहीं देखा गया था। इससे पहले, स्पेस हरिकेन का अगस्त 2014 में एक पूर्वव्यापी विश्लेषण के दौरान पता चला था, जिसका नेतृत्व चीन के शेडोंग विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं ने किया था। इसके निष्कर्ष फरवरी 2021 में नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुए थे। अमेरिका, नॉर्वे, चीन और यूनाइटेड किंगडम के वैज्ञानिकों ने रक्षा मौसम विज्ञान उपग्रह कार्यक्रम (DMSP) उपग्रहों और एक 3D मैग्नेटोस्फीयर मॉडलिंग का उपयोग करके स्पेस हरिकेन की छवि का अवलोकन किया। उत्तरी ध्रुव पर पाए गए तूफान में कई स्पाइरल भुजाओं वाले प्लाज्मा शामिल हैं। यह एक एंटीक्लॉकवाइज दिशा में घूम रहा था। इस तूफान का व्यास 1,000 किलोमीटर है, जबकि ऊंचाई में यह 110 किलोमीटर से 860 किलोमीटर तक है। इसमें 2,100 मीटर प्रति सेकंड तक की गति है। प्लाज्मा का घूमता द्रव्यमान जो पानी के बजाय आयनमंडल में इलेक्ट्रॉनों की बारिश करता है, उसे “स्पेस हरिकेन” कहा जाता है।

8. भारत ने नेपाल में नए स्कूल भवन का निर्माण करने के लिए 44.17 मिलियन रुपये का अनुदान दिया

भारत ने नेपाल-भारत मैत्री विकास साझेदारी (Nepal-Bharat Maitri Development Partnership) के तहत नेपाल के रूपन्देही जिले में एक नया स्कूल भवन बनाने के लिए नेपाल को 44.17 मिलियन नेपाली रुपए का अनुदान दिया है। नेपाल में भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा, इस निर्माण परियोजना के लिए दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारतीय दूतावास ने कहा कि 2003 से, हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स प्रोग्राम के तहत, भारत ने नेपाल के सभी सात प्रांतों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कनेक्टिविटी, स्वच्छता और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं के निर्माण के क्षेत्रों में 446 परियोजनाएं पूरी की हैं।

9. वैक्सीन मैत्री पहल के तहत भारत ने वैक्सीन की 461.66 लाख डोज़ की आपूर्ति की

वैक्सीन मैत्री पहल के तहत भारत की कुल वैक्सीन आपूर्ति 461.66 लाख खुराक तक पहुंच गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, इसमें से 71.5 लाख खुराक अनुदान के माध्यम से और 288.4 लाख खुराक व्यावसायिक रूप से वितरित की गई हैं। कुल मिलाकर, भारत ने 47 देशों और संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्यकर्मियों को भी टीके वितरित किए हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन मैत्री पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा द्वारा निर्देशित किया गया है कि भारत की डिलीवरी और उत्पादन क्षमता का उपयोग मानव जाति के लाभ के लिए किया जाएगा। वैक्सीन मैत्री पहल 20 जनवरी 2021 को लांच की गई थी।इस पहल के तहत, भारत अपने पड़ोसी देशों को मेड-इन-इंडिया कोविड-19 टीके की आपूर्ति कर रहा है।नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के अन्य प्रमुख साझेदारों को भी वैक्सीन दी जाएगी।भूटान और मालदीव टीके प्राप्त करने वाले पहले देश थे।इसके बाद बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को टीके दिए गये।विनियामक अनुमोदन के बाद श्रीलंका को वैक्सीन की खुराक मिल रही है।अफगानिस्तान और मॉरीशस को भी आवश्यक नियामक मंजूरी देने के बाद टीके मिलेंगे।अब तक, भारत ने भूटान को 1,50,000 खुराक, मालदीव को 100,000 खुराक, बांग्लादेश को 2 मिलियन खुराक, नेपाल को 1 मिलियन खुराक, म्यांमार को 5 मिलियन खुराक, सेशेल्स को 50,000 खुराक और मॉरीशस को 100,000 खुराक प्रदान की है।