देश में पहला पेट्रोग्लिफ कंजर्वेशन पार्क बनेगा

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1 देश में पहला पेट्रोग्लिफ कंजर्वेशन पार्क बनेगा

18 अप्रैल को लद्दाख की प्राचीन धरोहर को संरक्षित करने के देश के पहले पेट्रोग्लिफ कंजर्वेशन पार्क का शिलान्यास हुआ। ये पार्क लेह में सिंधु नदी के किनारे बनाया जाएगा। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पेट्रोग्लिफ कंजर्वेशन का शिलान्यास किया। पेट्रोग्लिफ प्रागैतिहासिक चित्र और प्रतीक होते हैं, जिन्हें पत्थरों की सतह पर उकेरा जाता है। लद्दाख में ऐसे करीब 400 स्थल हैं, जहां ये शैलचित्र पाए गए हैं। पर्यटन और तेजी से हो रहे निर्माण कार्य की वजह से इस धरोहर को संरक्षित करने का फैसला लिया गया है। सिंधु और जांस्कर नदियों के किनारे स्थित पेट्रोग्लिफ्स ज्यादा जोखिम भरे हैं। इस पार्क में इन शैलचित्रों को संरक्षित किया जाएगा और पर्यटकों के लिए प्रदर्शित भी किया जाएगा। विरासत के संरक्षण के लिए अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने MoU पर साइन किया। लद्दाख के पेट्रोग्लिफ (शिलाचित्र) विभिन्न कालों के हैं, जो 2,000 से 5,000 वर्ष पुराने तक माने जाते हैं। कुछ शुरुआती चित्र कांस्य युग (दूसरी से तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व) के माने जाते हैं, जबकि बाद के चित्र 8वीं से 10वीं शताब्दी ईस्वी के शुरुआती तिब्बती युग के माने जाते हैं। पेट्रोग्लिफ अफ्रीका, साइबेरिया, स्कैंडिनेविया, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पश्चिमी उत्तरी अमेरिका में भी हैं। सबसे पुराने पेट्रोग्लिफ पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मुरुजुगा में माने जाते हैं, जो 40,000-50,000 वर्ष पुराने हैं। भारत में सबसे पुराने पेट्रोग्लिफ (शिलाचित्र) और प्रागैतिहासिक चित्र मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के भीमबेटका में पाए जाते हैं, जो लगभग 30,000 वर्ष पुराने हैं।

2 जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 अप्रैल को जर्मनी की तीन दिन की यात्रा पर रवाना होंगे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान वर्तमान रक्षा सहयोग प्रस्‍तावों की समीक्षा और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने के बारे में बातचीत होगी। श्री राजनाथ सिंह जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ आपसी वार्ता करेंगे। चर्चा में रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाना, सैन्य संबंध मजबूत करना और साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशिय़ल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसे उभरते क्षेत्रों के बारे में बातचीत होगी। इस दौरान रक्षा औद्योगिक सहयोग रूपरेखा और संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

3 24,815 करोड़ के दो मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

18 अप्रैल को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24,815 करोड़ की लागत के दो मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। ये प्रोजेक्ट्स उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के 15 जिलों को कवर करेंगे। जिससे मौजूदा भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 601 किमी बढ़ जाएगा। प्रोजेक्ट में गाजियाबाद-सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन और राजमुंदरी (निदादावोलु)-विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण शामिल है। गाजियाबाद-सीतापुर परियोजना ₹14,926 करोड़ की अनुमानित लागत होगी। इसमें 403 किमी का ट्रैक तैयार किया जाएगा यानी 403 किमी की दूरी तय की जाएगी। राजमुंदरी (निदादावोलु)-विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) परियोजना में ₹9,889 करोड़ की लागत होगी और इससे 198 किमी की दूरी तय की जाएगी। गाजियाबाद-सीतापुर प्रोजेक्ट में 6 नए स्टेशनों को भी डेवलप किया जाएगा। इसमें न्यू हापुड, न्यू मोरादाबाद, न्यू रामपुर, न्यू बरेली, न्यू शाहजहांपुर और न्यू सीतापुर शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के पूरे होने से हर साल 36 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई हो सकेगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में सालाना 2,877 करोड़ रुपए की कमी आएगी। इस प्रोजेक्ट राजमुंदरी (निदादावोलु)-विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) की समयसीमा पांच साल है और इसमें गोदावरी नदी पर 4.3 किमी लंबे रेल पुल को भी शामिल किया गया है।

4 हरिवंश नारायण सिंह ने राज्यसभा के उपसभापति के रूप में तीसरे कार्यकाल के साथ इतिहास रचा

हरिवंश लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति के पद पर निर्विरोध चुने गए हैं। यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि वे इस पद को संभालने वाले पहले मनोनीत सदस्य बन गए हैं। यह चुनाव विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच व्यापक सहमति और संसदीय कार्यप्रणाली में उनके अनुभव की स्वीकार्यता को दर्शाता है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल, 2026 को समाप्त हो गया था, जिससे यह पद रिक्त हो गया था; अब इस रिक्ति को बिना किसी बाधा के भर दिया गया है। यह चुनाव विशेष रूप से ऐतिहासिक है, क्योंकि हरिवंश राज्यसभा के पहले ऐसे मनोनीत सदस्य हैं जो उपसभापति बने हैं।परंपरागत रूप से, यह पद निर्वाचित सदस्यों द्वारा ही संभाला जाता रहा है। हरिवंश एक पत्रकार से राजनेता बने व्यक्ति हैं, जो संसदीय कार्यवाही में अपनी शांति और संतुलित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। वे ‘प्रभात खबर’ के पूर्व संपादक रह चुके हैं।

5 उत्तराखंड: चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ

अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को श्री यमुनोत्री धाम और श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जो वार्षिक चार धाम यात्रा के प्रारंभ का प्रतीक है। मंदिरों को फूलों से खूबसूरती से सजाया गया है, और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विशेष प्रार्थनाओं और अनुष्ठानों के बाद देवी गंगा की पालकी (डोली) मुखबा गांव स्थित उनके शीतकालीन निवास से रवाना हो चुकी है। इसी बीच, देवी यमुना की पालकी भी खरसाली गांव स्थित उनके शीतकालीन निवास से रवाना हो गई है। इस बीच, श्री केदारनाथ धाम 22 अप्रैल को खुलेगा, जिसके बाद श्री बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को खुलेगा।

6 गोवा की साध्वी सैल बनीं फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 की विजेता

गोवा की साध्‍वी सैल को ओडिसा के भुवनेश्‍वर में फैमिना मिस इंडिया वर्ल्‍ड-2026 के ग्रैंड फिनाले में विजेता घोषित किया गया। उन्‍हें ग्रैंड फिनाले के सर्वोच्‍च सम्‍मान से नवाजा गया और मिस वर्ल्‍ड प्रतिस्‍पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्‍व करने का अवसर दिया गया। महाराष्‍ट्र की राजनंदिनी को प्रथम रनरअप तथा केन्‍द्रशासित प्रदेशों की सम्मिलित प्रतिनिधि श्रीअद्वैता को सैकेंड रनरअप घोषित किया गया।

7 वस्त्र मंत्रालय ने ‘विश्व सूत्र – विश्‍व के लिए भारत की बुनाई’ नामक पहल की शुरूआत की

वस्त्र मंत्रालय ने ‘विश्व सूत्र – विश्‍व के लिए भारत की बुनाई’ नामक एक पहल की शुरूआत की है। डिजाइनरों का एक विशेष संग्रह, ओडिसा के भुवनेश्‍वर में 61वीं फेमिना मिस इंडिया के आयोजन में प्रस्‍तुत किया गया। इस पहल की शुरूआत हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय ने राष्‍ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्‍थान के सहयोग से की है। इसका उद्देश्‍य मौजूदा भारतीय हथकरघा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है। इस पहल के अंतर्गत तीस विशेष हथकरघा बुनाई रखी गई हैं जो विभिन्‍न राज्‍यों का प्रतिनिधित्‍व करती हैं।

8 पंजाब: बेअदबी विरोधी जागत जोत श्री गुरु ग्रन्‍थ साहिब सत्‍कार संशोधन विधेयक-2026 को मिली स्‍वीकृति

पंजाब के राज्‍यपाल गुलाब चन्‍द क‍टारिया ने बेअदबी विरोधी जागत जोत श्री गुरु ग्रन्‍थ साहिब सत्‍कार संशोधन विधेयक-2026 को स्‍वीकृति दे दी है। उनका समर्थन मिलने से यह विधेयक अब औपचारिक रूप से प्रभावी हो गया है। इससे राज्‍य इस विधेयक के प्रावधानों को तत्‍काल प्रभाव से लागू कर सकेगा। पंजाब के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान ने अपने सोशल मीडिया पोस्‍ट पर हस्‍ताक्षरित फाइल की एक प्रति साझा कर इसकी पुष्टि की। यह विधेयक गुरु ग्रन्‍थ साहिब के विरुद्ध बेअदबी और बेअदबी की साजिश से जुड़े जागत जोत श्री गुरु ग्रन्‍थ साहिब सत्‍कार अधिनियम-2008 का एक संशोधन है। इसमें 25 लाख रुपये के जुर्माने के साथ दस वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान है। इससे पहले, इस विधेयक को पंजाब विधानसभा ने 13 अप्रैल को सर्वसम्‍मति से पारित किया था।

9 बीसीसीआई ने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का अनुबंध एक वर्ष के लिए बढ़ाया

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वरिष्ठ चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का अनुबंध एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। यह निर्णय वर्ष 2027 के एक दिवसीय क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अगरकर के नेतृत्व में, अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच चयनित भारतीय टीमें चार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी। इनमें दो टी-ट्वेंटी क्रिकेट विश्व कप और एक आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल की जीत शामिल हैं।

10 घरेलू खिलाड़ियों को अनुबंध देने वाला पहला राज्य क्रिकेट संघ बना MCA

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने 2026-27 के घरेलू सीज़न से ‘खिलाड़ी अनुबंध प्रणाली’ (Player Contract System) शुरू करने की घोषणा की है। हाल ही में हुई एपेक्स काउंसिल की बैठक में इस फ़ैसले को मंज़ूरी दी गई, जिसके साथ ही MCA भारत का पहला ऐसा राज्य क्रिकेट एसोसिएशन बन गया है जिसने इस तरह का एक व्यवस्थित पारिश्रमिक मॉडल लागू किया है। इस पहल का उद्देश्य घरेलू खिलाड़ियों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करना है, विशेष रूप से उन खिलाड़ियों को जो IPL जैसी ज़्यादा पैसे देने वाली लीगों या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शामिल नहीं हो पाते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अनुबंधों के समान एक श्रेणीबद्ध प्रणाली (ग्रेड A, B, C) शुरू की गई है। यह पहल रणजी ट्रॉफी खिलाड़ियों के लिए 100% वेतन वृद्धि (2024) जैसे पूर्ववर्ती सुधारों पर आधारित है और इसका उद्देश्य घरेलू क्रिकेट को सुदृढ़ बनाना तथा उभरती प्रतिभाओं को समर्थन देना है।

11 सीनियर बीजेपी नेता बलबीर पुंज का निधन

18 अप्रैल को सीनियर भाजपा नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद बलबीर पुंज का निधन हो गया है। वे 76 साल के थे। पुंज ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। वर्ष 1971 में उन्होंने द मदरलैंड अखबार से काम शुरू किया। 1990 में पुंज ने सक्रिय राजनीति में आए और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गए। पुंज पहली बार 2000 से 2006 तक उत्तर प्रदेश और दूसरी बार 2008 से 2014 तक ओडिशा से राज्यसभा सांसद रहे। पुंज भाजपा के राष्ट्रीय सचिव, पंजाब, गुजरात, केरल और हिमाचल प्रदेश के प्रभारी तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे। 2013 में पंजाब भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए थे। हालांकि, उन्होंने पंजाब में कभी चुनाव नहीं लड़ा। पुंज ने अपने करियर में कई किताबें लिखीं, जिनमें ‘अयोध्या से संवाद’ उनकी सबसे चर्चित किताबों में से एक है। इस किताब में उन्होंने अयोध्या विवाद के इतिहास को सरल तरीके से समझाया है।