पीएम मोदी और नॉर्वे के पीएम की सार्थक बातचीत, ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर सहमति

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1 पीएम मोदी और नॉर्वे के पीएम की सार्थक बातचीत, ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर सहमति

पीएम मोदी ने ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ हुई अपनी बातचीत को बेहद सार्थक बताया। इस दौरान दोनों देशों के बीच साझेदारी को ‘ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। पीएम मोदी सोमवार को अपनी पांच देशों की यात्रा के चौथे चरण में नॉर्वे पहुंचे। खास सम्मान दिखाते हुए नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे। भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर, नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गंगटे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद थे। अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी ने ओस्लो के रॉयल पैलेस में नॉर्वे के राजा हेराल्ड-वी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने खास तौर पर उभरती टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारतीय और नॉर्वेजियन कंपनियों के बीच बढ़ते सहयोग पर चर्चा की। इससे पहले दिन में पीएम मोदी को नॉर्वे के विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को दिए जाने वाले सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया।

2 ऑफशोर विंड समेत 5 रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान भारत और नॉर्वे ने विज्ञान और तकनीक साझेदारी को मजबूत करते हुए पांच बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते ग्रीन एनर्जी, सतत विकास, समुद्री तकनीक, नवाचार और भू-विज्ञान सहयोग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग मजबूत करना, उद्योग और स्टार्टअप भागीदारी बढ़ाना, शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना और सतत विकास परियोजनाओं को तेजी देना है।
सबसे अहम समझौतों में से एक डीएसआईआर/सीएसआईआर (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) और नॉर्वे की रिसर्च काउंसिल ऑफ नॉर्वे (आरसीएन) के बीच हुआ, जिसके तहत रिसर्च, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, इनोवेशन और क्षमता निर्माण में सहयोग बढ़ाया जाएगा। समझौते में संयुक्त कार्यशालाएं, रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, वैज्ञानिकों के एक्सचेंज प्रोग्राम और जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे वैश्विक मुद्दों पर सहयोग की व्यवस्था शामिल है।
इसके अलावा, सीएसआईआर ने नॉर्वे की प्रमुख स्वतंत्र रिसर्च संस्था एसआईएनटीईएफ के साथ 2026-2029 के लिए एक नया सहयोग समझौता भी किया। यह साझेदारी सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबिलिटी ट्रांजिशन पर केंद्रित होगी, जिसके तहत बायो-बेस्ड मैटेरियल, ओशन एनर्जी, ऑफशोर विंड, कार्बन कैप्चर, स्टोरेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च और इनोवेशन कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
एक अन्य महत्वपूर्ण समझौते के तहत कई सीएसआईआर संस्थानों ने एसआईएनटीईएफ संस्थाओं के साथ समुद्री ऊर्जा और ऑफशोर विंड एनर्जी तकनीकों पर प्रोजेक्ट आधारित सहयोग समझौता किया। इस सहयोग में सीएसआईआर-स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर, सीएसआईआर-नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेट्रीज, सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी और सीएसआईआर-फोर्थ पैराडाइम इंस्टीट्यूट शामिल हैं।
वहीं नॉर्वे की ओर से एसआईएनटीईएफ ओशन, एसआईएनटीईएफ डिजिटल, एफएमई नॉर्थविंड और एसआईएनटीईएफ कम्युनिटी इस साझेदारी का हिस्सा होंगे। इस संयुक्त कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की ऑफशोर रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को मजबूत करना और देश के नवीकरणीय ऊर्जा तथा कार्बन न्यूट्रैलिटी लक्ष्यों को समर्थन देना है। इस प्रोजेक्ट के तहत फ्लोटिंग ऑफशोर विंड टेक्नोलॉजी, ऊर्जा लागत कम करना, सस्टेनेबिलिटी स्टैंडर्ड, ईएसजी फ्रेमवर्क, पायलट प्रोजेक्ट, स्किल डेवलपमेंट और औद्योगिक विकास पर काम किया जाएगा। इस पहल के लिए सीएसआईआर लगभग 3.41 करोड़ रुपए की फंडिंग सहायता देगा।
इसके अलावा, “ग्रीन शिफ्ट के लिए विज्ञान, तकनीक और नवाचार सहयोग” शीर्षक से एक संयुक्त घोषणा पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सीएसआईआर, एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च (एसीएसआईआर) और नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एनटीएनयू) के बीच हुआ। इस घोषणा पत्र में सस्टेनेबिलिटी, सर्कुलर इकोनॉमी, ओशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है।

3 पीएम मोदी ने तीसरी इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया

 

19 मई को पीएम मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में तीसरी इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया। डिया-नॉर्डिक समिट भारत और पांच नॉर्डिक देशों- नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के बीच एक महत्वपूर्ण मंच है। समिट में पीएम मोदी ने सभी नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की। नॉर्डिक में शामिल देश स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, व्यापार और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं। पीएम मोदी ने नॉर्वे के राजा हेराल्ड V से मुलाकात की और भारत-नॉर्वे के रिश्तों को ‘ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप‘ के स्तर पर ले जाने का ऐलान किया। 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नॉर्वे की यात्रा की है। इससे पहले 1983 में इंदिरा गांधी ने नॉर्वे का दौरा किया था।

4 केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आयुष ग्रिड पहल के तहत आयुष अनुदान पोर्टल लॉन्च किया

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आयुष क्षेत्र में डिजिटल शासन को सुदृढ़ करने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में आयुष अनुदान पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल आयुष ग्रिड पहल के तहत आयुष मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है, जो मंत्रालय की विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं के अंतर्गत वित्तपोषण प्रस्तावों के प्रस्तुतीकरण, प्रसंस्करण, अनुमोदन और निगरानी को सुव्यवस्थित करने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आयुष अनुदान पोर्टल संगठनों और संस्थानों को सुव्यवस्थित और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस के माध्यम से ऑनलाइन अनुदान प्रस्ताव प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है, जिससे मैन्युअल और कागज़-आधारित प्रणालियों पर निर्भरता समाप्त हो जाती है। एनजीओ दर्पण पोर्टल के साथ एकीकृत यह प्लेटफ़ॉर्म आवेदक संगठनों के प्रमाणीकरण और सत्यापन को सुगम बनाता है। इससे संस्थागत विश्वसनीयता बढ़ती है और सत्यापन प्रक्रियाएं सरल हो जाती हैं। पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं में से एक इसकी योजना-वार आवेदन प्रबंधन प्रणाली है, जो मंत्रालय की विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्तावों को वर्गीकृत करने, संसाधित करने और निगरानी करने में सक्षम बनाती है। इस प्लेटफॉर्म में एक रीयल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग तंत्र भी शामिल है, जो आवेदकों और अधिकारियों को प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में प्रस्ताव की स्थिति की निगरानी करने की सुविधा देता है।

5 मध्य प्रदेश में उर्टन और धीरौली खदानों से शुरू हुआ कोयला उत्पादन

मध्य प्रदेश में उर्टन और धीरौली कोयला खदानों से उत्पादन शुरू होने के साथ ही कोयला मंत्रालय ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन खदानों के चालू होने से घरेलू कोयले की उपलब्धता बढ़ेगी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित उर्टन कोयला खदान का आवंटन JMS Mining Private Limited को किया गया है। इस खदान से 15 मई 2026 से कोयले का उत्पादन शुरू हो गया है। खास बात यह है कि वाणिज्यिक कोयला नीलामी प्रणाली के तहत उत्पादन शुरू करने वाली उर्टन देश की पहली भूमिगत कोयला खदान बन गई है। इसे कोयला क्षेत्र में सुधार आधारित बदलाव की ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्थित धीरौली कोयला खदान में भी उत्पादन शुरू हो गया है। इस खदान का आवंटन Mahan Energen Limited को किया गया है। यहां 17 मई 2026 से कोयला उत्पादन शुरू हुआ है। माना जा रहा है कि इससे संसाधन संपन्न सिंगरौली क्षेत्र से कोयले की आपूर्ति और मजबूत होगी।

6 भारत में AI शिक्षा को बढ़ावा देने की लिए गूगल की राज्यों और यूनिसेफ से साझेदारी

गूगल ने भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों और यूनिसेफ के साथ नई साझेदारियों की घोषणा की है। लंदन में आयोजित Education World Forum 2026 के दौरान कंपनी ने देशभर में AI साक्षरता, प्रशिक्षण और शैक्षणिक उपकरणों के विस्तार के लिए बड़े अभियान का ऐलान किया। कंपनी ने कहा कि यह पहल National Education Policy 2020 के अनुरूप तैयार की गई है और इसका उद्देश्य स्कूलों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में AI के उपयोग को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम के तहत Google भारत में “Google AI Educator Series” यानी GES शुरू करेगा। यह पहल महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और असम सरकारों, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख तथा Punjab School Education Board के सहयोग से लागू की जाएगी। कंपनी के अनुसार यह मोबाइल-फर्स्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय शिक्षकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रारंभिक चरण में इसे असमिया, हिंदी, मराठी, तेलुगु, ओड़िया और पंजाबी समेत छह भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि आगे और भाषाओं में विस्तार की योजना है। इसका उद्देश्य शिक्षकों और फैकल्टी सदस्यों को गूगल के AI टूल्स, खासकर “Gemini”, का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सिखाना है ताकि कक्षा में पढ़ाई का अनुभव बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा Google ने UNICEF के साथ तीन वर्षीय वैश्विक साझेदारी की भी घोषणा की है। यह साझेदारी भारत के अलावा ब्राजील, पाकिस्तान और केन्या में शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और सीखने के परिणाम बेहतर बनाने पर केंद्रित होगी। इस सहयोग के तहत गूगल की तकनीक और यूनिसेफ की शैक्षणिक विशेषज्ञता को मिलाकर शिक्षण व्यवस्था मजबूत की जाएगी, शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा और सीखने के उपकरणों तक पहुंच बढ़ाई जाएगी। कंपनी ने बताया कि “Gemini” और “ReadAlong” जैसे AI आधारित टूल्स का उपयोग व्यक्तिगत सीखने, पढ़ने की क्षमता और समझ विकसित करने के लिए किया जाएगा, जबकि “NotebookLM” जैसे प्लेटफॉर्म के कक्षा उपयोग की संभावनाएं भी तलाश की जाएंगी।

7 रक्षामंत्री राजनाथ सिंह वियतनाम के दौरे पर पहुंचे

 

19 मई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने मैरीटाइम सिक्योरिटी यानी समुद्री सुरक्षा और रीजनल पीस बात की। ये यात्रा भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगांठ पर हुई है। राजनाथ सिंह ने वियतनाम के रक्षामंत्री जनरल फान वान गियांग से भी मुलाकात की। दोनों प्रमुखों ने भारत-प्रशांत सुरक्षा सहयोग और भारत-वियतनाम रक्षा संबंधों के विस्तार पर बात की। दोनों प्रमुखों ने ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर भी चर्चा की। राजनाथ सिंह ने टो लाम के साथ वियतनाम के एयरफोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में स्थापित लैंग्वेज लैब का भी उद्घाटन किया। दोनों देशों ने AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी को लेकर एक समझौता ज्ञापन यानी MoU भी साइन किया।

8 बिहार के हाजीपुर में देश का तीसरा NIFTEM बनेगा

बिहार सरकार ने देश का तीसरा ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट‘ (NIFTEM) स्थापित करने के लिए, वैशाली जिले के हाजीपुर में 100 एकड़ ज़मीन के हस्तांतरण को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी है। इस संस्थान से बिहार के युवाओं के लिए खाद्य प्रसंस्करण, उद्यमिता, अनुसंधान, कौशल विकास और रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस परियोजना से किसानों को कृषि उत्पादों में ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन), आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों और बेहतर बाज़ार पहुँच को बढ़ावा देकर सहायता मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान (NIFTEM):
स्थापना: मई, वर्ष 2012
स्थान: कुंडली, हरियाणा
मंत्रालय: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
द्वितीय परिसर: राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान–तंजावुर तमिलनाडु में संचालित है।

9 झारखंड में स्थापित होगा भारत का पहला Human-Elephant Conflict Centre

झारखंडपलामू टाइगर रिज़र्व में देश का पहला समर्पित ‘मानव-हाथी संघर्ष अनुसंधान केंद्र’ स्थापित करने जा रहा है। इसका उद्देश्य मानव और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्षों का अध्ययन करना और हताहतों की संख्या तथा आवास संबंधी तनाव को कम करने के लिए वैज्ञानिक समाधान विकसित करना है। यह प्रस्तावित केंद्र, रिज़र्व क्षेत्र के भीतर पलामू किला और कमलदह झील के बीच चिह्नित लगभग 20 एकड़ ज़मीन पर बनाया जाएगा। इस परियोजना का प्रस्ताव झारखंड सरकार द्वारा तैयार किया गया है और इसे आगे की मंज़ूरी के लिए जमा कर दिया गया है। यह केंद्र वैज्ञानिक उपकरणों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रणालियों का उपयोग करके हाथियों के व्यवहार के पैटर्न, संघर्ष के कारणों, झुंड की आवाजाही, आवास संबंधी तनाव और मानवीय प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करेगा। यह सुविधा उन राज्यों के लिए एक दीर्घकालिक निर्णय-समर्थन और नीति अनुसंधान केंद्र के रूप में भी काम करने की उम्मीद है, जहाँ बार-बार मानव-हाथी संघर्ष की समस्याएँ सामने आती हैं। शोधकर्ता संघर्ष की स्थितियों, प्रजनन काल, बच्चे के जन्म, मौसमी बदलावों, आपसी संचार के संकेतों, भोजन और पानी की तलाश में आवाजाही तथा ख़तरे या पर्यावरणीय तनाव के प्रति हाथियों के व्यवहार का अध्ययन करेंगे।