1 पीएम मोदी ने ओडिशा में इंटरनेशनल खेल स्टेडियम का उद्घाटन किया

24 जून को पीएम नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में इंटरनेशनल खेल स्टेडियम का उद्घाटन किया। ये स्टेडियम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के होमटाउन मयूरभंज जिले में बनाया गया है। साउथ एशिया की प्रमुख स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, ‘ग्रेट स्पोर्ट्स टेक‘ ने इस स्टेडियम को डिजाइन किया है। इस स्टेडियम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के मौके देना है। इस स्टेडियम में FIFA के स्टैंडर्ड का एक फुटबॉल मैदान, वर्ल्ड एथलेटिक्स से सर्टिफाइड रनिंग ट्रैक और टेनिस और पिकलबॉल कोर्ट बनाए गए हैं।इस स्टेडियम में रात में भी मैच खेले जा सकेंगे। इसमें इवेंट्स आयोजित करने के लिए आधुनिक लाइटिंग की सुविधा है।
2 उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने ‘वी.आई.पी. कल्चर इन इंडिया: पावर, प्रिविलेज एंड डिस्टेंस फ्रॉम डेमोक्रेसी’ पुस्तक का विमोचन किया

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में ” वीआईपी कल्चर इन इंडिया: पावर, प्रिविलेज एंड द डिस्टेंस फ्रॉम डेमोक्रेसी” नामक पुस्तक का विमोचन किया और कहा कि अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यसभा सांसद श्री नबम रेबिया और सह-लेखक श्री संदीप कुमार द्वारा इस पुस्तक में उठाया गया विषय भारत में लोकतांत्रिक शासन और सार्वजनिक जीवन के मूल को छूता है। उपराष्ट्रपति ने पुस्तक में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की सादगी और लोक सेवा की भावना के उल्लेख की सराहना की। उन्होंने कहा कि लेखकों ने उपनिषदों, रामचरितमानस, भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और पंचतंत्र सहित भारत की सभ्यतागत तथा बौद्धिक परंपराओं के संदर्भों के माध्यम से अपने विश्लेषण को समृद्ध किया है।

दक्षिण अमेरिका के दक्षिणीपूर्वी हिस्से में स्थित उरुग्वे के नए राजदूत बिनॉय जॉर्ज होंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2006 बैच के आईएफएस जॉर्ज वर्तमान में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुग्वे में बतौर राजदूत नियुक्त किया गया है। वो जल्द ही अपना नया कार्यभार संभालेंगे। नियुक्ति से पहले तक, अर्जेंटीना में भारत के राजदूत अजनीश कुमार ही राजदूत के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी (समवर्ती मान्यता) निभा रहे थे।

भारत डायनामिक्स को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 1,347.71 करोड़ रुपए का सैन्य ऑर्डर मिला है, जिसमें हेलीकॉप्टर पर लगने वाले मिसाइल लॉन्चर भी शामिल हैं। यह जानकारी सरकारी कंपनी की ओर से बुधवार को एक्सचेंज को दी गई। इस ऑर्डर में 1,109.37 करोड़ रुपए के हेलिना लॉन्चर और लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स (एलआरयू) और 238.34 करोड़ रुपए के काउंटर मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम एलआरयू शामिल हैं। भारत डायनामिक्स ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट 24 से 60 महीनों में पूरा किया जाएगा। हेलिना (हेलीकॉप्टर से लॉन्च होने वाली एनएजी) भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित एक स्वदेशी, तीसरी पीढ़ी की “फायर-एंड-फॉरगेट” एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) है। हेलिना लॉन्चर खास तरह के ट्विन-ट्यूब स्टब-विंग माउंट होते हैं जिन्हें भारतीय सैन्य हेलीकॉप्टरों (जैसे एचएएल रुद्र और एलएएल प्रचंड) पर लगाया जाता है, ताकि दुश्मन के भारी बख्तरबंद लक्ष्यों के खिलाफ इन मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सके। काउंटर मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम एलआरयू (लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स) मॉड्यूलर, स्टैंडर्ड हार्डवेयर कंपोनेंट होते हैं जो एयरक्राफ्ट के डिफेंसिव सेल्फ-प्रोटेक्शन सुइट का हिस्सा होते हैं। इनका मुख्य काम हेलीकॉप्टर की ओर आ रही रडार-गाइडेड या इन्फ्रारेड-सीकिंग मिसाइलों को भ्रमित करने और नाकाम करने के लिए अपने आप या मैन्युअल रूप से चैफ और फ्लेयर्स छोड़ना है।
5 निर्भय चेतना, महिलाओं की सुरक्षा और जेंडर सेंसिटाइज़ेशन के लिए दुनिया की सबसे बड़ी पहल

पंचायती राज मंत्रालय ने निर्भया फंड के तहत, 17 से 19 जून 2026 तक नई दिल्ली में ‘निर्भय चेतना‘ पर ‘ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स‘ (ToT) प्रोग्राम शुरू किया। अपनी तरह की इस पहली राष्ट्रीय पहल का मकसद ज़मीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, जेंडर इक्वालिटी और महिलाओं के अधिकारों के बारे में 17.5 लाख से ज़्यादा चुने हुए पुरुष प्रतिनिधियों को जागरूक करना है। इस ट्रेनिंग को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुँचाने के लिए राज्य, ज़िला और ब्लॉक स्तर पर 28,500 मास्टर ट्रेनर्स का एक ग्रुप तैयार किया जाएगा। निर्भय चेतना, निर्भय रहो पहल के तहत तीन घटकों में से एक है, जिसे 11 मार्च 2026 को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था।
अन्य दो घटक इस प्रकार हैं:
निर्भय नेत्री — महिला इलेक्टेड रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए कैपेसिटी-बिल्डिंग और कानूनी जागरूकता।
निर्भय दृष्टि — पंचायतों में टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड सेफ्टी के लिए मुख्य रूरल लोकेशंस पर CCTV कैमरों की इंस्टॉलेशन।
निर्भय चेतना के लिए ट्रेनिंग मॉड्यूल ‘ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया’ ने तैयार किया था। इसके पायलट बैच में छह राज्यों—असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तराखंड—से लगभग 40 मास्टर ट्रेनर शामिल थे।
इस प्रोग्राम में ग्रुप डिस्कशन, केस स्टडी और अनुभव-आधारित सीखने के तरीकों के साथ भागीदारी वाला दृष्टिकोण अपनाया गया।

22 जून को ये MoU भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) और इजराइल की सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्था (State Comptroller and Ombudsman) के बीच हुआ है। भारत और इजराइल के बीच पब्लिक सेक्टर ऑडिटिंग यानी, सरकारी मंत्रालयों, विभागों, एजेंसियों के के वित्तीय लेनदेन और कामकाज की स्वतंत्र जांच करेंगे। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऑडिट के क्षेत्र में बेहतर तकनीक को साझा करना है। जिससे सरकारी खर्चों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इस MoU के तहत दोनों देशों के ऑडिट ऑफिसर के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस MoU के बाद डिजिटल ऑडिट, IT ऑडिट और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ सकेगा। ये MoU इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल और EUROSI के चेयरमैन मतन्याहू एंग्लमैन के भारत दौरे के समय हुआ। इस मौके पर भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के. संजय मूर्ति ने मतन्याहू एंग्लमैन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। इस बैठक में CAG ऑफिस से डिप्टी कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल (एचआर, आईआर, लीगल और कोऑर्डिनेशन) के.एस. सुब्रमण्यम, मुख्य टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) बीके. मोहंती मौजूद रहे। इसके साथ ही डायरेक्टर जनरल (इंटरनेशनल रिलेशन) विमलेंद्र पटवर्धन भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार और इजरायल के राज्य नियंत्रक अंतरराष्ट्रीय विभाग की प्रमुख मिरी वीस शामिल हुईं।

22 जून 2026 को, भारत को साल 2025 के लिए दुनिया का नंबर एक जहाज पुनर्चक्रण देश के रूप में रैंक किया गया। UNCTAD के मुताबिक, ग्लोबल जहाज पुनर्चक्रण में भारत का शेयर 2024 के 30.1% से बढ़कर 2025 में 35.4% हो गया। भारत ने 2025 में 2.99 मिलियन ग्रॉस टन (GT) जहाज़ पुनर्चक्रण किए, जो 2024 में रिकॉर्ड हुए 1.86 मिलियन GT से करीब 60% ज्यादा है। इसका मतलब यह भी है कि भारत ने अपना मैरीटाइम इंडिया विज़न (MIV) 2030 का जहाज पुनर्चक्रण टारगेट डेडलाइन से पांच साल पहले ही हासिल कर लिया। गुजरात का अलंग जहाज पुनर्चक्रण यार्ड भारत का मुख्य जहाज-तोड़ने का केंद्र है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए नीतिगत सुधारों को दिया।

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने बुधवार को कहा कि वह औपचारिक सेवा क्षेत्र की वृद्धि में होने वाले अल्पकालिक बदलावों को मासिक आधार पर मापने के लिए जुलाई 2026 में इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (आईएसपी) लॉन्च करेगा। मंत्रालय ने उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए इससे जुड़ी एक विस्तृत एफएक्यू यानी प्रश्न पुस्तिका भी जारी की है। एफएक्यू में बताया गया है कि इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (आईएसपी) एक अल्पकालिक संकेतक है, जिसे किसी निर्धारित आधार अवधि की तुलना में सेवा क्षेत्र के उत्पादन में समय के साथ होने वाले बदलावों को मापने के लिए तैयार किया गया है। यह सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के वास्तविक उत्पादन (रियल आउटपुट) में समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को दर्शाता है। आईएसपी, इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (आईआईपी) की तरह काम करेगा, लेकिन यह औपचारिक सेवा क्षेत्र को मासिक आधार पर कवर करेगा।
9 तमिलनाडु सरकार ने ‘वेत्री तमिलगम’ दस्तावेज़ को स्वीकृति दी

तमिलनाडु सरकार ने वेत्री तमिलगम दस्तावेज़ को मंज़ूरी दे दी है। इसमें मामा की ओर से सोने की अंगूठी देने की बात कही गई है। योजना के तहत, सरकारी अस्पतालों में बच्चे का जन्म होने पर राज्य के स्थायी बाशिंदों के नवजात शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए 755 करोड़ 83 लाख रुपये का सालाना बजट निर्धारित किया गया है।
10 लेह के हेमिस मठ में उत्साह और श्रद्धा के साथ हेमिस उत्सव शुरू

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में स्थित ऐतिहासिक हेमिस मठ में उत्साह और श्रद्धा के साथ हेमिस उत्सव की शुरुआत हुई। दो दिन के उत्सव में देश-विदेश के हज़ारों श्रद्धालु, पर्यटक, संस्कृति प्रेमी और बौद्ध विद्वान शामिल हो रहे हैं। लद्दाख के उप-राज्यपाल वी.के. सक्सेना उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। उत्सव की शुरुआत पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों, प्रार्थना और हेमिस मठ के भिक्षुओं द्वारा किए गए पवित्र ‘चम’ मुखौटा नृत्य के साथ हुई। रंग-बिरंगी वेशभूषा और विशेष मुखौटे पहने भिक्षुओं ने बुराई पर अच्छाई की जीत और शांति, करुणा तथा सद्भाव की प्रतीक आध्यात्मिक प्रस्तुति दीं।