प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26वें एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की 26वीं बैठक में भाग लिया

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1 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26वें एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की 26वीं बैठक में भाग लिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क, विकास तथा आपसी सहयोग को लेकर भारत का दृष्टिकोण सामने रखा। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि बिश्केक घोषणापत्र के अलावा चार समझौता ज्ञापनों और बीस से अधिक फैसलों और बयानों को भी अपनाया गया। जॉर्ज ने बताया कि इनमें जलवायु परिवर्तन, परमाणु सुरक्षा, ऊर्जा संरक्षण और नशीले पदार्थों की लत से मुकाबला जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। भारत ने कई महत्वपूर्ण पहलों का नेतृत्व किया और उनका समर्थन किया, जिन्हें बिश्केक घोषणा-पत्र में स्थान मिला। “इनमें एससीओ चार्टर में अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल करना, सभ्यता संवाद मंच, युवा वैज्ञानिक मंच और युवा लेखक सम्मेलन जैसी पहलें शामिल हैं।”

2 BRIC-NABI में ‘ग्रीन फोर्ज’ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मोहाली स्थित BRIC-नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट (BRIC-NABI) में अपनी तरह के पहले ‘ग्रीन फोर्ज’ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस सुविधा को अलग-अलग पर्यावरणीय स्थितियों में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फसलों की नियंत्रित खेती और उन पर प्रयोग करने में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पंजाब के मोहाली में, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने BRIC-NABI कैंपस में बनी एक नई रिसर्च फैसिलिटी ‘ग्रीन फोर्ज’ (Green Forge) का उद्घाटन किया। नियंत्रित स्थितियों में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फसलों की खेती और उन पर प्रयोग करने में मदद करना। इस फैसिलिटी में सिमुलेशन चैंबर हैं, जहाँ वैज्ञानिक तरीके से पर्यावरणीय स्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है। ‘ग्रीन फोर्ज’ शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद करेगी कि GM फसलें अलग-अलग पर्यावरणीय स्थितियों में कैसा व्यवहार करती हैं और उनकी खेती के लिए सही जगहें कौन सी हैं। यह फैसिलिटी शोधकर्ताओं को ऐसी पर्यावरणीय स्थितियाँ फिर से बनाने में सक्षम बनाती है जिन्हें प्राकृतिक रूप से बनाना मुश्किल हो सकता है। एडवांस्ड सिमुलेशन टेक्नोलॉजी के साथ AI को जोड़ने से कृषि बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च के लिए नई संभावनाएँ खुल सकती हैं। इस फैसिलिटी के बारे में BioE3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए बायोटेक्नोलॉजी) पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान जानकारी दी गई। सरकार स्टार्ट-अप, SME और शोधकर्ताओं की मदद के लिए 22 मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित कर रही है।

3 श्रीहरिकोटा से 4 सितंबर को उड़ान भरेगा देश का पहला जियो-इमेजिंग सैटेलाइट

भारत के अंतरिक्ष मिशन के लिए एक और बड़ी उड़ान तैयार है। देश का पहला जियो-इमेजिंग सैटेलाइट 4 सितंबर को श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष भेजा जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी है। जितेंद्र सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन 4 सितंबर को सुबह 02:55 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। जीएसएलवी-एफ17 की 19वीं उड़ान जीएसएलवी-एफ17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल की 19वीं उड़ान है। इसमें 4 मीटर डायमीटर वाली ओगिव (कम्पोजिट) पेलोड फेयरिंग लगी है। यह रॉकेट ईओएस-05 सैटेलाइट को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित करेगा। लॉन्च सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड (एसएलपी) से होगा। ईओएस-05 एक अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है। इसे जीआईएसएटी-1ए के नाम से भी जाना जाता है। इसका वजन 2,367 किलोग्राम है। यह जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट होगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप की लगभग रियल-टाइम और हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग उपलब्ध कराना है। यह आपदा निगरानी, कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

4 राष्ट्रीय पोषण सप्ताह : पोषित भारत की राह में चुनौतियां और समाधान

भारत में हर वर्ष 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1982 में हुई थी। इसका उद्देश्य लोगों को संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति जागरूक करना है। आज भारत कुपोषण की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। एक ओर बच्चों में अल्पपोषण, महिलाओं में एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी जैसी समस्याएं मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर शहरी और युवा आबादी में मोटापा, अस्वास्थ्यकर खान-पान तथा जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केवल पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। पौष्टिक, सुरक्षित और विविध आहार के साथ सही पोषण संबंधी जानकारी भी जरूरी है।

5 पीएम मोदी ने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं को को दिए ये खास उपहार भेंट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की 26वीं बैठक में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा उनके परिवार के सदस्यों को भारत की समृद्ध कला, संस्कृति, संगीत और हस्तशिल्प परंपरा से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और विद्वान बिबेक देबरॉय द्वारा अंग्रेजी में अनूदित महाभारत का 10 खंडों का संपूर्ण संस्करण भेंट किया। इसके अलावा राष्ट्रपति को लद्दाख का पारंपरिक ‘त्सुग-दुल’ ऊनी कंबल भी भेंट किया गया। किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को डोकरा कला से निर्मित पारंपरिक संगीतकारों की जोड़ी भेंट की गई। यह प्राचीन ‘लॉस्ट-वैक्स’ धातु ढलाई तकनीक से तैयार हस्तशिल्प भारतीय लोककला और संगीत परंपरा का प्रतीक है तथा दोनों देशों की लोक संगीत विरासत को जोड़ने वाला सांस्कृतिक संदेश देता है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को चंदन की लकड़ी से बनी शततंत्री वीणा (संतूर) भेंट की गई। जम्मू-कश्मीर की संगीत परंपरा से जुड़ा यह वाद्य उज्बेकिस्तान के पारंपरिक ‘चांग’ वाद्य से काफी मिलता-जुलता है और दोनों देशों की साझा संगीत विरासत को दर्शाता है। राष्ट्रपति को लकड़ी के नक्काशीदार बॉक्स में कांगड़ा की प्रीमियम चाय भी दी गई, जिसमें कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी शामिल हैं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की पत्नी को आगरा की संगमरमर जड़ाई वाली पेटी और वाराणसी की बनारसी सिल्क स्टोल भेंट की गई। यह उपहार भारत की दो प्रतिष्ठित हस्तशिल्प परंपराओं का सुंदर संगम है। वहीं, राष्ट्रपति की बेटी को फाइन सिल्वर ब्रोच भेंट किया गया, जिसमें फूलों की आकृति, जालीदार नक्काशी और बारीक धातु शिल्प भारतीय आभूषण कला की उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को संगमरमर जड़ाई वाली सजावटी प्लेट भेंट की। आगरा की पारंपरिक पत्थर जड़ाई कला से तैयार इस प्लेट पर नीले, हरे और लाल रंगों के पुष्पीय डिजाइन बनाए गए हैं, जो भारत और उज्बेकिस्तान की साझा कलात्मक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकला का प्रतीक हैं।

6 नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने हब एंड स्पोक उड़ान सेवाओं का उद्घाटन किया

नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में क्रांतिकारी ‘हब एंड स्पोक‘ अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं का उद्घाटन किया। इससे गुजरात की वैश्‍विक कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। वाराणसी और अमृतसर के बाद अहमदाबाद हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में तीसरा क्षेत्रीय केंद्र बन गया है। इस पहल से गुजरात से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्री सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही चेक-इन, बैगेज टैगिंग और आव्रजन संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे और फिर दिल्ली के रास्ते वैश्विक गंतव्यों के लिए निर्बाध उड़ान भर सकेंगे।

7 एआईआईए ने ‘आयुर्वार्ता’ डिजिटल संवाद श्रृंखला शुरू की

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान – एआईआईए नई दिल्ली ने ‘आयुर्वार्ता’ नामक एक विशेष डिजिटल संवाद श्रृंखला की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य देश-विदेश में आयुर्वेद के प्रामाणिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और इसकी समकालीन प्रासंगिकता को बड़े पैमाने पर दर्शकों तक पहुंचाना है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस पहल की शुरुआत इस महीने की 23 तारीख को मनाए जाने वाले ‘आयुर्वेद दिवस’ से ठीक पहले की गई है। मंत्रालय ने बताया कि ‘आयुर्वार्ता’ के सभी एपिसोड अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान – एआईआईए के आधिकारिक डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किए जाएंगे।

8 केंद्रीय गोबरधन योजना प्रभावी

केंद्रीय गोबरधन योजना 1 सितम्बर से प्रभावी हो गई है। यह योजना 23,731 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय की है। भारत में संपीड़ित बायोगैस के उत्पादन और उपयोग को बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना 2035-36 तक लागू रहेगी। कम्प्रेस्ड बायोगैस भारत के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण का एक प्रमुख स्तंभ बनाएगी। इस योजना का उद्देश्य घरेलू कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाना है। यह बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने की 6 तारीख को इस योजना को मंजूरी दी थी।

9 एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने रक्षा सेवाओं में पहली महिला (गैर-चिकित्सा) दो-सितारा अधिकारी बनकर इतिहास रचा

भारतीय वायु सेना के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा भारतीय रक्षा बलों में एयर वाइस मार्शल या इसके समकक्ष पद हासिल करने वाली पहली महिला (गैर-चिकित्सा) अधिकारी बन गई हैं। उन्होंने 1 सितंबर, 2026 को वायुसेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा) का पदभार ग्रहण किया। एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा 18 जून 1994 को भारतीय वायु सेना की शिक्षा शाखा में शामिल हुईं और वे अपने नए पद पर व्यापक अनुभव लेकर आई हैं।

11 इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने अपना 9वां स्थापना दिवस मनाया

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ने 1 सितंबर को अपना 9वां स्थापना दिवस मनाया, जिसमें देश भर में सुलभ, समावेशी और प्रौद्योगिकी-सक्षम वित्तीय सेवाओं के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। 9वें स्थापना दिवस समारोह के भाग के रूप में, आईपीपीबी ने व्यापारियों के लिए डाकपे साउंड बॉक्स लॉन्च करने की घोषणा की, जिसे व्यापारियों के लिए दैनिक डिजिटल भुगतान स्वीकृति को सरल और मजबूत बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बैंक ने अपने ‘डिजिटल इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म‘ के शुभारंभ की भी घोषणा की, जिसे ग्राहकों को जीवन, स्वास्थ्य और सामान्य बीमा के अवसरों से जोड़कर बीमा समाधान प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा, आईपीपीबी ने एक डिजिटल म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों को एक सरल, सुलभ और सहज डिजिटल निवेश अनुभव प्रदान करना है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की स्थापना संचार मंत्रालय के डाक विभाग के तहत की गई है और इसमें भारत सरकार की 100% हिस्सेदारी है। आईपीपीबी को 1 सितंबर 2018 को शुरू किया गया था।

12 World Coconut Day

नारियल कई सारे न्यूट्रिशन से भरा हुआ सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद फल है। नारियल के इसी गुण और महत्व को बताने के लिए भारत सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कई देशों में हर साल 2 सितंबर को विश्व नारियल दिवस मनाया जाता है। विश्व नारियल दिवस दुनिया के सबसे उपयोगी प्राकृतिक उत्पादों में शामिल नारियल के आर्थिक, कृषि और सामाजिक महत्व को बताता है। विश्व नारियल दिवस 2026 की थीम “अनिश्चितता के समय में नारियल: भोजन, ऊर्जा और आजीविका की सुरक्षा” है। यह थीम बताती है कि बदलते वैश्विक हालात में नारियल खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा और रोजगार के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। विश्व नारियल दिवस पहली बार वर्ष 2009 में मनाया गया था। यह दिवस एशियाई और प्रशांत नारियल समुदाय से जुड़ा है, जिसे अब अंतर्राष्ट्रीय नारियल समुदाय के नाम से जाना जाता है। 2 सितंबर की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि इसी दिन इस संगठन की स्थापना हुई थी।