प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 25 अक्टूबर को करेंगे आकाशवाणी से मन की बात

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राष्ट्रीय न्यूज़

1.प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 25 अक्टूबर को करेंगे आकाशवाणी से मन की बात:-

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी इस महीने की 25 तारीख को आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में देश और विदेश में रह रहे लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे। श्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि इस बार की मन की बात विशेष है क्‍योंकि यह कार्यक्रम की 50वीं कड़ी होगी। उन्‍होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए लोगों के सुझाव पर गौर करना उनके लिए सुखद होगा। उन्‍होंने नरेन्‍द्र मोदी मोबाइल ऐप पर लोगों से अपने विचार भेजने को कहा।

2.‘मातृत्व अवकाश प्रोत्साहन योजनाके बारे में स्पष्टीकरण:- 

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(i) मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के दायरे में वे कारखाने, खदानें, बागान, दुकानें एवं प्रतिष्ठान और अन्य निकाय आते हैं, जहां 10 अथवा उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कुछ विशेष प्रतिष्ठानों में शिशु के जन्म से पहले और उसके बाद की कुछ विशेष अवधि के लिए वहां कार्यरत महिलाओं के रोजगार का नियमन करना और उन्हें मातृत्व लाभ के साथ-साथ कुछ अन्य फायदे भी मुहैया कराना है। मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के जरिए इस अधिनियम में संशोधन किया गया, जिसके तहत अन्य बातों के अलावा महिला कर्मचारियों के लिए सवेतन मातृत्व अवकाश की अवधि 12 हफ्तों से बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दी गई है।

(ii) वैसे तो इस प्रावधान पर अमल सार्वजनिक क्षेत्र के लिए अच्छा है, लेकिन इस आशय की रिपोर्ट आई हैं कि यह निजी क्षेत्र के साथ-साथ अनुबंध या ठेके पर काम करने वाली महिलाओं के लिए ठीक नहीं है। इस आशय की व्यापक धारणा है कि निजी क्षेत्र के निकाय महिला कर्मचारियों को प्रोत्साहित नहीं कर रहे हैं, क्योंकि यदि उन्हें रोजगार पर रखा जाता है तो उन्हें विशेषकर 26 हफ्तों का सवेतन मातृत्व अवकाश देना पड़ सकता है। इसके अलावा, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को भी विभिन्न हलकों से इस आशय की शिकायतें मिल रही हैं कि जब नियोक्ता को यह जानकारी मिलती है कि उनकी कोई महिला कर्मचारी  गर्भवती है अथवा वह मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन करती है तो किसी ठोस आधार के बिना ही उनके अनुबंध को निरस्त कर दिया जाता है। श्रम मंत्रालय को इस आशय के अनेक ज्ञापन मिले हैं कि किस तरह से मातृत्व अवकाश की बढ़ी हुई अवधि महिला कर्मचारियों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है, क्योंकि मातृत्व अवकाश पर जाने से पहले ही किसी ठोस आधार के बिना ही उन्हें या तो इस्तीफा देने को कहा जाता है अथवा उनकी छंटनी कर दी जाती है।

(iii) इसलिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एक ऐसी प्रोत्साहन योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत उन नियोक्ताओं को 7 हफ्तों का पारिश्रमिक वापस कर दिया जाएगा, जो 15,000/- रुपये तक की वेतन सीमा वाली महिला कर्मचारियों को अपने यहां नौकरी पर रखते हैं और 26 हफ्तों का सवेतन मातृत्व अवकाश देते हैं। इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। यह अनुमान लगाया गया है कि प्रस्तावित प्रोत्साहन योजना पर अमल करने से भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को लगभग 400 करोड़ रुपये के वित्तीय बोझ को वहन करना होगा।

प्रमुख प्रभावः प्रस्तावित योजना यदि स्वीकृत और कार्यान्वित कर दी जाती है तो वह इस देश की महिलाओं को पर्याप्त सुरक्षा एवं सुरक्षित परिवेश सुनिश्चित करने के साथ-साथ रोजगार एवं अन्य स्वीकृत लाभों तक उनकी समान पहुंच भी सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा, महिलाएं शिशु की देखभाल के साथ-साथ घरेलू कार्य भी अच्छे ढंग से निपटा सकेंगी।

प्रस्ताव की वर्तमान स्थितिः मीडिया में इस आशय की कुछ रिपोर्ट आई हैं कि इस योजना को मंजूरी दे दी गई है/अधिसूचित कर दिया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट किया जाता है कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय फिलहाल आवश्यक बजटीय अनुदान प्राप्त करने और सक्षम प्राधिकरणों से मंजूरियां प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। इस आशय की रिपोर्ट कि मातृत्व अवकाश प्रोत्साहन योजना का वित्त पोषण श्रम कल्याण उपकर (सेस) से किया जाएगा, वह भी गलत है, क्योंकि इस मंत्रालय में इस तरह का कोई भी उपकर नहीं है।

3.भारत में आपातकालीन मेडिसन एवं चिकित्सा:-

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श्री अश्विनी कुमार चौबे, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री, भातर सरकार ने  प्रातः बंगलौर में भारतीय इमरजेंसी मेडिसन सोसायटी  द्वारा इमरजेंसी मेडिसन जैसे बढ़ते हुए लोक महत्व के विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया । उन्होंने प्रसन्नता व्यक्ति की कि यह संस्था वर्ष 2000 से लगातार इस सम्मेलन का आयोजन करती आ रही है । संस्था देश में आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल के लिए वर्ष 1999 से लगातार काम कर रही है । श्री चौबे ने कहा कि भारत सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से तथा अपनी कई केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध है । उन्होंने कहा कि भारत में इमरजेंसी मेडिसन सर्विसेज की विधिवत शुरुआत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से 2005 में हुई । इस समय देश में 31 राज्यों और यूनियन टेरिटरीज में 108 तथा 102 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुलाने की सुविधा है । इस समय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 102 एवं 108 को मिलाकर 18,583 एंबुलेंस काम कर रही है । इसके अलावा निजी क्षेत्र तथा राज्य सरकारों की भी और एंबुलेंस सेवाएं काम कर रही हैं ।

श्री चौबे ने बल देकर कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार जीवन जीने का अधिकार सर्वोच्च है । हेल्थकेयर, विशेष रूप से इमरजेंसी हेल्थकेयर भारत जैसे विश्व के दूसरे विशाल जनसंख्या वाले देश के लिए एक बहुत बडी चुनौती है, परन्तु सरकार अपने नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं, बेहतर जीवनशैली प्रदान करने के लिए कटिबद्ध होकर लगातार काम कर रही है । आयुष्मान भारत इसका उत्कृष्ठ उदाहरण है । उन्होंने कहा कि 1 वर्ष में भारत में करीब 1,50,785 मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण होती है । डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि भारत में यह चुनौती और भी बढ़ी है क्योंकि जो मौतें होती है वे ज्यादातर 15-49 आयु वर्ग के लोगों की होती है । इस चुनौती से निपटने के लिए भारत सरकार ने एक केंद्रीय योजना बनाई है जिसके तहत नेशनल हाईवे पर स्थापित सरकारी अस्पतालों में ट्रौमा सेंटर स्थापित करना शामिल है । अभी तक हमने विभिन्न स्तर के ट्रौमा सेंटर देश में स्थापित किए गए हैं और 30 ट्रौमा सेंटर वर्ष 2020 तक देशभर में और स्थापित करने का प्रस्ताव है । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रत्येक मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल डिपार्टमेंट खोले जाएंगे । फलस्वरूप इन योजनाओं और हमारी एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से हम इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना प्रारंभ करेंगे ।इमरजेंसी मेडिकल चिकित्सा दुर्घटना होने के बाद यदि ‘फर्स्ट ऑवर’ में जिसको ‘गोल्डन ऑवर’ भी कहते हैं, उसके अंदर मेडिकल सहायता मिल जाती है तो कई लोगों की जानें बच सकती हैं । इमरजेंसी चिकित्सा समय पर बिमार या दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को मिल सके इसके लिए यह आवश्यक है कि देश में इमरजेंसी चिकित्सा की पर्याप्त और उत्कृष्ठ सेवाएं उपलब्ध हो । उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर इमरजेंसी एयर एंबुलेंस सेवा को बड़े पैमाने पर चलाने के लिए काम करना चाहिए । इस समय देश में 37 एमडी सीटें है जो कि इमरजेंसी मेडिसन के क्षेत्र में उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त, निजी क्षेत्र के 35 अस्पतालों एवं संस्थाओं में ‘डीएनवी’ की डिग्री इमरजेंसी मेडिसन के क्षेत्र में दी जाती हैं । उन्होंने यह भी कहा कि हमें मेडिकल इमरजेंसी व एमडी की सीटें बढ़ाने और टेक्नीशियन्स का प्रशिक्षित पूल देश में स्थापित करने की आवश्यकता है । इसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने एक केंद्रीय योजना इमरजेंसी मेडिकल सुविधाओं के क्षेत्र में शुरु की है ।  जिसके लिए 423 करोड़ रुपए वर्ष 2017-20 तक के लिए निर्धारित किया गया हैं । इस योजना के तहत देशभर में 140 सेंटर स्थापित होंगे जो नेशनल इमरजेंसी मेडिकल लाइफ सपोर्ट कोर्स के क्षेत्र में प्रशिक्षण देंगे ।अभी तक देश के 39 मेडिकल कॉलेजों को इस स्कीम के तहत ग्रांट दिया गया है । श्री चौबे ने आशवस्त किया कि भारत सरकार इमरजेंसी मेडिकल और इमरजेंसी मेडिसन केयर के प्रति विशेष रूप से सजग है । मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और नेशनल एग्जामिशन बोर्ड इस विषय पर पहले ही गंभीरता दिखा चुके हैं । 30 मार्च, 2016 को भारत सरकार ने ‘गुड समैरिटन’ विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं । भारत सरकार ने एक वर्किंग कोर ग्रुप स्थापित किया है ताकि देश में इंटीग्रेटिड इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं के लिए रोड़मेप तैयार हो सके ।

4.प्रयागराज से दिल्ली को चलेंगे पानी के जहाज, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा:-

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जल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के लिए यमुना नदी में पानी के जहाज चलाए जाएंगे। इसमें पर्यटकों के लिए मिनी क्रूज भी होंगे। वाणिज्यिक जहाज भी संचालित होंगे। भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है।प्रमुख सचिव पर्यटन आराधना शुक्ला, प्राधिकरण के निदेशक एके मिश्रा, चीफ इंजीनियर एसवाईके रेड्डी, प्रयागराज के डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह की हुई महत्वपूर्ण बैठक में जल्द ही कार्य शुरू कराने पर सहमति बनी। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का प्रजेंटेशन भी हो गया। यह राष्ट्रीय जलमार्ग मार्ग 1010 होगा।जलमार्ग के लिए प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, फतेहपुर, आगरा, मथुरा समेत आठ जिलों में यमुना किनारे टर्मिनल तथा चार जिलों में जेटी बनाए जाएंगे। इन जिलों के अफसर भी बैठक में मौजूद रहे। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त बजट से यह कार्य शुरू हो सकेगा। एडीएम वित्त ने बताया कि इसके लिए प्रयागराज में तैयारियां तेज हो गई हैं।जलमार्ग से प्रयागराज से नई दिल्ली की यात्रा से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा मालवाहक जहाजों से सामान भी लाए जाए जा सकेंगे। इससे परिवहन की कीमत तो कम आएगी ही, साथ में सड़क मार्ग पर दबाव भी कुछ न कुछ कम ही होगा।

जलस्तर नापने को आईं मशीनें 
प्रयागराज से दिल्ली के लिए पानी के जहाज संचालित किए जाने के लिए जलस्तर नापने को मशीनें यहां आ गई हैं। ये मशीनें पानी वाले जहाज से ही लाई गई हैं। ये मशीनें चुनार और पटना से मंगाई गई हैं। जहां कम पानी होगा, वहां से जहाज निकालने के लिए ड्रेजिंग मशीन भी जहाज से लाई गई है।कुंभ के दौरान दो छोटे जहाज और दो मिनी क्रूज संचालित किए जाने की योजना है। एडीएम वित्त ने बताया कि यमुना नदी में सुजावन देव मंदिर घाट से गऊघाट, बोट क्लब, सरस्वती घाट, किला घाट, अरैल घाट व छतनाग घाट के लिए ये छोटे जहाज और मिनी क्रूज संचालित होंगे।

 

अन्तर्राष्ट्रीय न्यूज़

5.भारत में एमएसएमई सेक्टर की महत्वपूर्ण स्थिति : डॉ. पांडा:- 

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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सचिव डॉ. अरुण कुमार पांडा ने कहा कि भारत में एमएसएमई सेक्टर की महत्वपूर्ण स्थिति है। वह भारत-ताइवान एसएमई विकास फोरम में भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। फोरम का आयोजन ताइवान की राजधानी ताईपेई में 17 नवंबर 2018 तक होगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस समय भारत में 63 मिलियन सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्योग मौजूद हैं, जिनमें 111 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त है और यह सेक्टर कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ये उद्योग 8 हजार से अधिक वस्तुओं का उत्पादन करते हैं, जिनमें पारंपरिक वस्तुओं से लेकर हाई-टेक वस्तुएं शामिल हैं।

स्टार्ट-अप इंडिया के तहत भारत सरकार की पहलों के बारे में डॉ. पांडा ने कहा कि भारत में उद्यमशीलता की संस्कृति को प्रोत्साहन देने के लिए ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ और ‘स्टैंड-अप इंडिया’ जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। परिणामस्वरूप भारत के पास विश्व में तीसरी सबसे बड़ी स्टार्ट-अप इको-प्रणाली तैयार हो गई है, जहां 26 हजार से अधिक स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि फोरम में सामान्य इंजीनियरिंग, वाहनों के कलपुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्लास्टिक के उत्पादन से संबंधित 20 उद्योग हिस्सा ले रहे हैं। इन उद्योगों का उद्देश्य अपने-अपने क्षेत्रों में ताइवान की कंपनियों के साथ सहयोग करना है।

6.श्रीलंका की संसद में महिंदा राजपक्‍स के नेतृत्‍व वाली नई सरकार के विरूद्ध नये अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा।:-

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श्रीलंका में संसद महिंदा राजपक्‍स के नेतृत्‍व वाली नई सरकार के विरुद्ध नए सिरे से अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा करेगी। देश के राजनीतिक संकट को सुलझाने की दिशा में राष्‍ट्रपति और संसद अध्‍यक्ष के बीच इस बारे में सहमति हुई है। अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर संसद में दो दिन तक चले हंगामे के बाद आज दोपहर फिर चर्चा होगी।श्रीलंका के राजनीतिक संकट की शुरूआत पिछले महीने हुई जब राष्‍ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना ने श्री रानिल विक्रमसिंघे को हटाकर महिंदा राजपक्‍स को प्रधानमंत्री नियुक्‍त कर दिया था। राष्‍ट्रपति ने इसके बाद संसद का सत्रावसान कर दिया और फिर संसद भंग कर दी, लेकिन सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने संसद भंग करने के निर्णय पर रोक लगा दी।

7.सीएसआईआरसीआरआरआई ने फुटपाथ प्रौद्योगिकी और सड़क बुनियादी ढांचा इंजीनियरिंग पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया :-

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श्री नितिन गडकरी ने राजमार्ग क्षेत्र में स्वदेशी भवन निर्माण सामग्री और प्री-कास्ट प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेषज्ञों का आह्वान किया उन्‍होंने कहा कि लागत कम करने के दौरान गुणवत्ता सुधार पर भी ध्‍यान दिया जाना चाहिए
केन्‍द्रीय सड़क‍ अनुसंधान संस्‍थान ने  नई दिल्‍ली में दो दिवसीय (16-17 नवम्‍बर, 2018) “फुटपाथ एंड कम्प्यूटेशनल एप्रोच” विषय पर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया है। इस सम्‍मेलन का उद्देश्य विकासशील देशों की जरूरतों पर विशेष ध्‍यान देते हुए दुनिया भर में फुटपाथ प्रौद्योगिकी और सड़क बुनियादी ढांचा इंजीनियरिंग में हुई प्रगति पर विचार करना है। सम्‍मेलन में भाग लेने वाले विशेषज्ञ फुटपाथ के डिजाइन और निर्माण, सामग्री विशेषता, कम्प्यूटेशनल विश्लेषण तथा मॉडलिंग से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। विचार-विमर्श के दौरान प्रौद्योगिकी उन्नयन और इस क्षेत्र में उनके सफल कार्यान्वयन के बारे में नए विचार सामने आने की संभावना है।

केन्‍द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, शिपिंग, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने अपने वीडियो संदेश में कहा है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का मिशन देश में कम लागत से उच्च गुणवत्तायुक्‍त सड़कों का निर्माण करना है। उन्होंने सम्मेलन में विशेषज्ञों को अभिनव प्रौद्योगिकी के बारे में प्रयोग करने का आह्वान किया, ताकि स्‍वदेशी कच्‍चा माल का उपयोग संभव हो सके और प्री-कास्ट प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जा सकें। उन्होंने कहा कि पुराने बुनियादी ढांचे, सड़कों पर भीड़, भारी वाहन यातायात में वृद्धि और अपर्याप्त रखरखाव में विकासशील देशों में सड़क परिवहन को अक्षम बना दिया है।

 

खेल न्यूज़

8.पंकज आडवाणी ने लगातार तीसरा बिलियर्ड्स खिताब जीता, उनके विश्‍व खिताबों की संख्‍या बीस हुई।:-

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भारत के पंकज आडवाणी ने  150 अप प्रारूप में  लगातार तीसरी बार आई.बी.एस.एफ बिलियर्ड्स खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ उनके विश्व खिताबों की संख्या बीस हो गई  है। कल फाइनल मैच में आडवाणी ने म्यामांर के नाय श्वॉय ओ को हराया।

9.भारत आयरलैंड को हराकर आई सी सी महिला ट्वेंटी-ट्वेंटी विश्‍व क्रिकेट के सेमीफाइनल में।:- 

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भारत आयरलैंड को हराकर आईसीसी महिला ट्वेंटी-ट्वेटी क्रिकेट विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंच गया है। गयाना में कल भारत ने आयरलैंड को 52 रन से हराया।

लगातार तीसरी जीत के साथ भारत के छह अंक हो गये हैं और वह आस्ट्रेलिया के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गया है।

 

बाजार न्यूज़

10.पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटकों को सहयोग और सलाह-मशविरा देने से संबंधित प्रमाण पत्र स्‍तर का प्रशिक्षण कार्यक्रम किया शुरू।:

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पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटकों को सहयोग और सलाह-मशविरा देने से संबंधित प्रमाण पत्र स्‍तर का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। पर्यटन सचिव रश्मि वर्मा ने नई दिल्‍ली में इस कार्यक्रम की शुरूआत की।