प्रोजेक्ट कुश (Project Kusha) : भारत की वायु रक्षा प्रणाली

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1 प्रोजेक्ट कुश (Project Kusha) : भारत की वायु रक्षा प्रणाली

रक्षा मंत्री ने हैदराबाद स्थित DRDO के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स में ‘उन्नत हथियार प्रणाली परिसर‘ का उद्घाटन करते हुए ‘प्रोजेक्ट कुशा‘ को भारत के सुरक्षा ढाँचे के लिये एक “गेम चेंजर” के रूप में वर्णित किया। प्रोजेक्ट कुशा, जिसे ‘एक्सटेंडेड रेंज एयर डिफेंस सिस्टम‘ (ERADS) के नाम से भी जाना जाता है, एक स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है। इसका विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया जा रहा है, ताकि विभिन्न हवाई खतरों के विरुद्ध एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली सुनिश्चित की जा सके। इस प्रणाली के अंतर्गत तीन इंटरसेप्टर वेरिएंट्स की परिकल्पना की गई है — लगभग 150 किमी. की मारक क्षमता वाला M1लगभग 250 किमी. क्षमता वाला M2 तथा लगभग 350–400 किमी. क्षमता वाला M3 वेरिएंट — जो बहु-स्तरीय अवरोधन क्षमता प्रदान करने में सक्षम हैं। प्रोजेक्ट कुशा को लड़ाकू विमानों, स्टील्थ प्लेटफॉर्म्स, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइलों, सटीक-निर्देशित युद्धक सामग्रियों तथा कुछ विशिष्ट बैलिस्टिक मिसाइल खतरों का मुकाबला करने के लिये डिज़ाइन किया गया है। इस प्रणाली को भारतीय वायु सेना के ‘इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम’ (IACCS) के साथ एकीकृत किया जाना प्रस्तावित है, जो सैन्य और नागरिक रडार नेटवर्कों के मध्य वास्तविक समय में समन्वय स्थापित करने में सक्षम बनाएगा।

2 गुजरात की जसदान पटारी संदूक को GI टैग मिला

 

16 जून को गुजरात के राजकोट जिले की प्रसिद्ध हस्तशिल्प कला ‘जसदान पटारी को हाल ही में भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication – GI) मिला। GI टैग के बाद इस पारंपरिक शिल्प की विशिष्ट पहचान, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय कारीगरों के कौशल को संरक्षण दिया जाएगा। जसदान पटारी सागौन की लकड़ी से बना पारंपरिक संदूक होता है। इस संदूक पर पीतल, तांबा जैसी धातुओं की उभरी हुई नक्काशी की जाती है। GI टैग मिलने से उत्पाद की प्रामाणिकता और विशिष्ट भौगोलिक पहचान को कानूनी संरक्षण मिलता है।

3 केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी खाद्य भंडारण के लिए स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम का शुभारंभ करेंगे

 

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) 18 जून को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम का शुभारंभ करेगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी मौजूद रहेंगे। स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम को एक एकीकृत तकनीक-आधारित समाधान के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य गोदाम प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाना और खाद्यान्न भंडारण से जुड़े कार्यों की दक्षता बढ़ाना है। इस पहल से एक आधुनिक भंडारण तंत्र विकसित होने की उम्मीद है, जो खाद्यान्न प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाएगा और लंबे समय तक देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4 भारत में पहली बार मिस ग्रांड इंटरनेशनल 2026 आयोजित होगा

 

16 जून को आधिकारिक ऐलान किया गया है कि भारत पहली बार मिस ग्रांड इंटरनेशनल 2026 का आयोजन भारत में होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ये प्रतियोगिता अक्टूबर में जयपुर, आगरा और नई दिल्ली में होंगी। मिस ग्रांड इंटरनेशनल का ये 14वां संस्करण है और भारत को आधिकारिक तौर पर 2025 के फिनाले के दौरान 2026 का मेजबान देश घोषित किया गया था। मिस ग्रांड इंटरनेशनल में भारत का प्रतिनिधित्व लक्षिता थिलागराज करेंगी, जिन्होंने मिस ग्रांड इंडिया 2026 का खिताब जीता है। 2025 की मिस ग्रांड इंटरनेशनल विनर फिलीपींस की एमा मेरी टिगालो थीं। इस ग्रांड इंटरनेशनल से भारत को ग्लोबली फैशन को प्रेजेंट करने, टूरिज्म को बढ़ाने और अपने कल्चर को प्रेजेंट करने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता में दुनिया भर के देशों की ब्यूटी क्वीन हिस्सा लेंगी।

5 फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने FIFA में पहली हैट्रिक लगाई

17 जून को अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर और कैप्टन लियोनेल मेसी ने FIFA वर्ल्डकप में अपना 200वां इंटरनेशनल मैच खेला। 38 वर्षीय मेसी ने टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा 16 गोल किए और टूर्नामेंट की पहली हैट्रिक लगाई। मेसी दुनिया के सबसे ज्यादा गोल करने वाले सबसे उम्र दराज प्लेयर में शामिल हो गए हैं और मेसी अब तक 11 इंटरनेशनल हैट्रिक लगा चुके हैं। इस हैट्रिक के साथ मेसी ने वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा 16 गोल करने वाले मिरोस्लाव क्लोज के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इसके साथ ही मेसी 6 मेंस फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी भी बन गए हैं। कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में मेसी के इस दमदार प्रदर्शन से अर्जेंटीना ने ग्रुप-जे के मुकाबले में अल्जीरिया को 3-0 से हराया। मेसी 8 बार फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार बैलन डी’ओर जीत चुके हैं।

6 विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1994 में 17 जून को ‘विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस मरुस्थलीकरण और सूखे के प्रभावों से निपटने के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस वर्ष का विषय है- चारागाह: पहचान, सम्मान और पुनर्स्थापना। यह विषय चारागाहों के आर्थिक, पारिस्थितिकीय और सांस्कृतिक महत्व को अधिक मान्यता देने, संरक्षकों के प्रति सम्मान दिखाने और खराब हो चुके चारागाहों को पुनर्स्थापित करने के लिए अधिक निवेश की ज़रूरत की ओर संकेत करता है।

7 अंतर्राष्ट्रीय पिकनिक दिवस

अंतर्राष्ट्रीय पिकनिक दिवस (International Picnic Day) हर वर्ष 18 जून को दुनिया भर में मनाया जाता है। यह दिन लोगों को अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर परिवार, मित्रों और प्रियजनों के साथ प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए प्रेरित करता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़, बढ़ते तनाव और डिजिटल उपकरणों पर बढ़ती निर्भरता के दौर में यह दिवस हमें याद दिलाता है कि जीवन का वास्तविक आनंद केवल काम और जिम्मेदारियों में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए उन सुखद पलों में भी छिपा होता है, जो जीवनभर की यादें बन जाते हैं।