1 बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत भारत को सौंपे 8 चीते

बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत औपचारिक रूप से भारत को आठ चीते सौंपे हैं। राष्ट्रपति मुर्मु बोत्सवाना की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर हैं। बोत्सवाना के मोकोलोडी नेचर रिजर्व में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने भारत और बोत्सवाना के विशेषज्ञों की तरफ से घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन सेंटर में छोड़े जाने के साक्षी बने। यह कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत बोत्सवाना की ओर से भारत को आठ चीते उपहार में दिए जाने का प्रतीक था। भारत और बोत्सवाना 2026 में अपने राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे।

भारत में पिछले एक दशक में तपेदिक के कुल मामलों में 21 प्रतिशत की कमी आई है जो वैश्विक औसत 12 प्रतिशत से लगभग दोगुना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक टीबी रिपोर्ट 2025 के अनुसार देश में टीबी रोगियों की संख्या 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 237 से घटकर 2024 में प्रति लाख 187 हो गई है। यह गिरावट वैश्विक औसत दर से लगभग दोगुनी है। भारत ने एचआईवी-निगेटिव जनसंख्या में टीबी से मृत्यु दर में वैश्विक स्तर से अधिक कमी हासिल की है। टीबी उपचार कवरेज बढ़कर 92 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जिससे भारत अन्य उच्च-भार वाले देशों और वैश्विक औसत से आगे है। यह उपलब्धि नवीन केस-फाइंडिंग रणनीतियों और उपचार तक व्यापक पहुंच के परिणामस्वरूप संभव हुई है। वर्ष 2024 में 26.18 लाख टीबी मरीजों की पहचान की गई। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उपचार सफलता दर 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो कि वैश्विक सफलता दर 88 प्रतिशत से अधिक है। दवा-प्रतिरोधी टीबी के शीघ्र निदान के लिए रिफैम्पिसिन ससेप्टिबिलिटी परीक्षण की कवरेज भारत में 92 प्रतिशत है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 83 प्रतिशत है। दिसंबर 2024 में शुरू किए गए टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत हैंड-हेल्ड एक्स-रे उपकरणों में एआई आधारित रिपोर्टिंग, विस्तारित NAAT इंफ्रास्ट्रक्चर, कमजोर वर्गों पर केंद्रित सामुदायिक प्रयास और जन भागीदारी के माध्यम से 24.5 लाख मरीजों का निदान किया गया, जिनमें 8.61 लाख बिना लक्षण वाले टीबी रोगी शामिल हैं। वहीं, टीबी कार्यक्रम का वार्षिक बजट पिछले नौ वर्षों में दस गुना बढ़ा है, जिससे नवीन रोकथाम उपायों, डायग्नोस्टिक उपकरणों, उपचार पद्धतियों और सामाजिक सहायता योजनाओं की शुरुआत संभव हुई है। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत अप्रैल 2018 से अब तक 1.37 करोड़ लाभार्थियों को ₹4,406 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई है।

भारत सरकार ने दो पारंपरिक लेप्चा वाद्ययंत्रों – तुंगबुक और पुमटोंग पुलित – को जी आई टैग प्रदान किया है। इससे सिक्किम के लेप्चा समुदाय को सांस्कृतिक रूप से बढ़ावा मिला है। इन्हें 5 नवंबर को भारत सरकार की जीआई टैग की संगीत वाद्ययंत्र श्रेणी के अंतर्गत आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया। जीआई पंजीकरण प्रमाणपत्र नई दिल्ली में संस्कृति, जनजातीय मामलों और वाणिज्य और उद्योग मंत्रालयों द्वारा आयोजित प्रथम जनजातीय व्यापार सम्मेलन के दौरान औपचारिक रूप से प्रस्तुत किए गए। तुंगबुक एक तीन-तार वाला वाद्ययंत्र है, जबकि पुमटोंग पुलित एक बाँस की बांसुरी है। दोनों लेप्चा लोक संगीत का अभिन्न अंग हैं और इनका गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है।
4 सर्वोच्च न्यायालय ने सारंडा वन को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने के झारखंड सरकार को दिये निर्देश

सर्वोच्च न्यायालय ने पारिस्थितिकी रूप से समृद्ध लगभग 31 हजार चार सौ 68 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले सारंडा वन को वन्यजीव अभ्यारण्य के रूप में अधिसूचित करने का निर्देश झारखंड सरकार को दिया। न्यायालय का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अपने रवैये में बार-बार परिवर्तन करने के बाद राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती है। देश के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के नेतृत्व वाली पीठ ने कड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कैसे एक साल से अधिक समय तक ढुलमुल रवैया अपनाया। अदालत ने कहा कि पहले राज्य सरकार ने स्वीकार किया था कि सारंडा खेल अभ्यारण्य के पूरे क्षेत्र को 1968 में पहली बार अधिसूचित किया गया था। यह कोई सक्रिय खनन क्षेत्र नहीं था और उसे संरक्षण की आवश्यकता थी।
5 International Trade Fair: 14 से 27 नवंबर नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा आयोजित

44वां भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 14 से 27 नवंबर नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। इस वर्ष मेले की थीम – एक भारत श्रेष्ठ भारत है। इस बार मेले में बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर-प्रदेश भागीदार राज्य हैं। वहीं, मेले का विशेष राज्य झारखंड है। 14 दिवसीय इस मेले में संयुक्त अरब अमीरात, चीन, ईरान, दक्षिण कोरिया और मिस्र सहित 12 देश हिस्सा ले रहे हैं। यह व्यापार मेला घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को एक प्रमुख मंच प्रदान करता है। जिसमें व्यापार-से-व्यवसाय और व्यवसाय-से-उपभोक्ता जुड़ाव को बढ़ावा दिया जाता है।

जनजातीय गौरव वर्ष समारोह के अंतर्गत मणिपुर की राजधानी इंफाल में चार दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय फिल्म महोत्सव और कार्निवल का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव में नौ राज्यों की 23 जनजातीय फिल्में प्रदर्शित की जा रही हैं और सिनेमा तथा संस्कृति के माध्यम से भारत की विविध जनजातीय विरासत का जश्न मनाया जा रहा है। जनजातीय गौरव वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का एक वर्ष तक चलने वाला स्मरणोत्सव है।
7 ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन’ कार्यक्रम के छात्रों के पहले दल के साथ की बातचीत

केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने अष्टलक्ष्मी दर्शन युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्रों के पहले दल के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत की है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम की संकल्पना करते समय लड़के और लड़कियों की समान भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार का संकल्प था। यह समावेशिता और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। उन्होंने अष्टलक्ष्मी दर्शन को एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत एक विशिष्ट सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान पहल बताया। इसका उद्देश्य देश और आठ पूर्वोत्तर राज्यों के युवाओं के बीच भावनात्मक और सांस्कृतिक बंधन को मज़बूत करना है। यह कार्यक्रम छात्रों को क्षेत्र की भाषाओं, परंपराओं, पर्यावरण और सामुदायिक जीवन को अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है। इससे उन्हें देश की संपूर्ण विविधता और एकता को अनुभव करने में मदद मिलती है। बुधवार को कार्यक्रम के उद्घाटन संस्करण में 39 छात्र शामिल हुए। इनमें से 19 गोवा से और 20 उत्तराखंड से थे। यह पहले दल के रूप में अरुणाचल प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय और राजीव गांधी विश्वविद्यालय इनकी मेजबानी कर रहा है।

भारतीय वायुसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की वायु सेना के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वायु अभ्यास चल रहा है। दोनों देशों के इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य वायु सेनाओं के बीच आपसी समझ, सामरिक सहयोग और अंतर संचालन क्षमता को बढ़ाना है। गुरुवार, 13 नवंबर को इस अभ्यास का फाइनल व अंतिम दिन है। खास बात यह भी है कि इस अभ्यास में अमेरिकी वायुसेना ने अपने अत्याधुनिक बी-1बी लांसर सुपरसॉनिक बमवर्षक विमान के साथ भाग लिया है। सटीक व घातक मारक क्षमता बी-1बी लांसर अपनी लंबी दूरी की प्रहार क्षमता और सटीक टारगेट तकनीक के लिए प्रसिद्ध है। भारतीय वायुसेना के मुताबिक भारत व अमेरिकी वायु सेना के बीच यह अभ्यास 10 नवंबर को शुरू हुआ था और 13 नवंबर को पूरा होने जा रहा है।
9 ‘एक्सरसाइज अखंड प्रहार’: जैसलमेर के रेगिस्तान में सैन्य क्षमता का जबरदस्त प्रदर्शन

भारतीय सेना ने जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाके में जबरदस्त सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया है। यहां ड्रोन, मानवरहित प्रणालियां, एंटी-ड्रोन सिस्टम तथा इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर ग्रिड का प्रदर्शन किया गया। भारत में बने ये स्वदेशी हथियार व प्रौद्योगिकी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को सशक्त बनाते हैं। यहां ‘एक्सरसाइज अखंड प्रहार’ के अंतर्गत कोणार्क कोर की पूर्ण स्पेक्ट्रम युद्ध क्षमता का सफल परीक्षण किया गया। इसमें थलसेना की विभिन्न शाखाओं और सेवाओं का समन्वित संचालन शामिल था। इसमें मैकेनाइज्ड और इन्फैंट्री युद्धाभ्यास, ‘रुद्र ब्रिगेड’ द्वारा भूमि अभियानों का निष्पादन, स्पेशल हेलिबोर्न ऑपरेशन्स तथा आर्मी एविएशन के अटैक हेलीकॉप्टर मिशनों का समन्वय किया गया। इस दौरान भारतीय थलसेना और भारतीय वायुसेना के बीच निर्बाध तालमेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को भी मिला। भारतीय थलसेना की दक्षिणी कमान ने त्रि-सेवा अभ्यास ‘त्रिशूल’ के तहत रेगिस्तानी क्षेत्र में ‘एक्सरसाइज अखंड प्रहार’ का सफल आयोजन किया है।
10 एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द की

दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए हुए आतंकी हमले के बाद एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई की। एआईयू ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया है। एआईयू की ओर से गुरुवार को विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजे गए पत्र में यह जानकारी दी गई है। एआईयू ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी किसी भी प्रकार की गतिविधियों में एआईयू के नाम या लोगो का उपयोग नहीं कर सकती। साथ ही, विश्वविद्यालय को निर्देश दिया गया है कि वह अपने आधिकारिक वेबसाइट और सभी प्रचार सामग्रियों से एआईयू के लोगो को तुरंत हटा दे। बता दें कि दिल्ली बम धमाके की घटना के बाद जांच एजेंसियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर्स को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए डॉक्टरों में डॉ. उमर उन नबी, डॉ. शाहिद, डॉ. निसार-उल-हसन और डॉ. मुजम्मिल शामिल हैं।