1 भारतीय नौसेना 3 अप्रैल को स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी- F41’ को बेड़े में शामिल करेगी

भारतीय नौसेना 3 अप्रैल को अपने नवीनतम स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी – F41 को अपने बेड़े में शामिल करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशाखापत्तनम में इस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि यह युद्धपोत अन्य युद्धपोतों की तुलना में अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और अधिक सुव्यवस्थित आकार में निर्मित है। यह युद्धपोत घातक स्टील्थ के साथ काम कर सकता है। स्टील्थ प्रणाली से लैस जहाज रडार की पकड में आसानी से नहीं आते। मंत्रालय ने कहा कि युद्धपोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का प्रयोग हुआ है। यह युद्धपोत घरेलू औद्योगिक क्षमताओं को दर्शाता है जिसमें अब 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम शामिल हैं। युद्धपोत डीजल और गैस दोनों से ही संचालित किया जा सकता है।
2 एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा, पारस्परिक ऋण गारंटी योजना में बड़े बदलाव

सरकार ने बजट 2025-26 के अनुरूप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विनिर्माताओं और निर्यातकों को बढ़ावा देने के लिए पारस्परिक ऋण गारंटी योजना में बड़े बदलाव किए हैं। पारस्परिक ऋण गारंटी योजना के तहत पात्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों मशीनरी/उपकरण खरीदने हेतु 100 करोड़ तक के सावधि ऋण पर 60 प्रतिशत गारंटी कवरेज प्रदान किया जाता है। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड द्वारा समर्थित यह योजना, गारंटी देकर बैंकों से आसान ऋण दिलाने में मदद करती है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि संशोधनों से य़ोजना का विस्तार होगा, अनुपालन बोझ कम होगा और निर्यातक एमएसएमई को प्रोत्साहन मिलेगा। संशोधित योजना में चौथे वर्ष बाद किस्तों में पांच प्रतिशत अग्रिम अंशदान वापसी की जा सकती है। संतोषजनक ऋण प्रदर्शन पर चौथे वर्ष से हर साल इसका एक प्रतिशत वापस किया जा सकेगा। पात्रता मानदंड को विस्तारित कर सेवा क्षेत्र के एमएसएमई को भी इसमें शामिल किया गया है। मशीनरी और उपकरणों के लिए न्यूनतम परियोजना लागत की आवश्यकता पहले के 75 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है।
3 केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने प्रकृति 2026 का उद्घाटन किया

भारत सरकार का प्रमुख आयोजन ‘प्रकृति 2026’—कार्बन बाजारों पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन—नई दिल्ली में प्रारंभ हुआ। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा, विद्युत मंत्रालय और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संरक्षण में आयोजित यह सम्मेलन ‘भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026’ के अंतर्गत हो रहा है। यह उच्च स्तरीय मंच राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर कार्बन बाजारों की बदलती गतिशीलता, जलवायु परिवर्तन में उनकी भूमिका तथा भारत के हरित विकास के अवसरों पर व्यापक विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करता है।इस वर्ष की विषयवस्तु “वैश्विक साझेदारी और डिजिटल माध्यमों के माध्यम से एनडीसी कार्यान्वयन हेतु कार्बन वित्त को सुगम बनाना” है, जो जलवायु कार्रवाई को गति देने के लिए वित्तीय संसाधनों के संकलन, सहयोग को सुदृढ़ करने व डिजिटल नवाचार के उपयोग पर भारत के विशेष बल को दर्शाती है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल, विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भारतीय कार्बन बाजार पोर्टल (www.indiancarbonmarket.gov.in) का शुभारंभ किया। यह पोर्टल भारतीय कार्बन बाजार के कार्यान्वयन और प्रशासन के लिए एक केंद्रीय डिजिटल मंच के रूप में कार्य करेगा।
4 जल शक्ति मंत्रालय नई दिल्ली में विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026 की आयोज करेगा

22 मार्च को विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला विश्व जल दिवस मीठे पानी के महत्वपूर्ण महत्व और स्थायी जल प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता की याद दिलाता है। यह वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित करने की दिशा में कार्य करने के लिए दुनिया भर की सरकारों, उद्योगों और समुदायों को एकजुट करते हुए, जलवायु परिवर्तन और समान पहुंच की बढ़ती चुनौतियों पर प्रकाश डालता है। इस वर्ष का वैश्विक विषय, “वाटर एंड जेंडर“, समावेशी और न्यायसंगत जल शासन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। इस वैश्विक आह्वान को सुदृढ़ करते हुए, जल शक्ति मंत्रालय 23 मार्च 2026 को डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में “इंडस्ट्री फॉर वाटर” विषय के अंर्तगत विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026 का आयोजन करेगा । उद्घाटन सत्र जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और सरकार एवं उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा।
5 केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग का आयकर अधिनियम, 2025 पर राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान ‘प्रारंभ 2026’ लॉन्च किया

केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में ‘प्रारंभ (PRARAMBH) 2026’ लॉन्च किया, जो आयकर विभाग का ‘आयकर अधिनियम, 2025’ के बारे में देशव्यापी जागरूकता अभियान है। प्रिंट, रेडियो, टेलीविज़न, आउटडोर, डिजिटल और सोशल मीडिया तक फैला यह मल्टीमीडिया अभियान, नए अधिनियम की मुख्य विशेषताओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए तैयार किया गया है। यह अधिनियम 01.04.2026 से लागू होने वाला है। ये नियम भारत की कर अनुपालन प्रणाली में व्यापक सुधारों का हिस्सा हैं और नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत पुराने प्रावधानों को प्रतिस्थापित करेंगे। इन सुधारों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, रिपोर्टिंग मानकों को मजबूत करना और डिजिटल व अंतरराष्ट्रीय (क्रॉस-बॉर्डर) व्यवसायों के लिए कर प्रणाली को आधुनिक बनाना है।

भारत और भूटान के बीच डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की गई है। जल्द ही दोनों देशों के बीच यूपीआई के जरिए क्रॉस-बॉर्डर मनी ट्रांसफर (विदेश में पैसे भेजने की सुविधा) यानी धन-प्रेषण पहल शुरू की जाएगी। यह सुविधा डाक नेटवर्क के जरिए दी जाएगी, जिसमें यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) के पोस्ट ट्रांसफर सिस्टम को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से जोड़ा जाएगा। इस पहल से दोनों देशों के लोगों को सस्ता और आसान तरीके से पैसे भेजने और प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी, जिससे वित्तीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। इस संबंध में भारत और भूटान ने डाक सहयोग के लिए एक समझौता (एमओयू) भी किया है, जो इंडिया पोस्ट और भूटान पोस्ट के बीच सहयोग का एक ढांचा तैयार करेगा।
7 The Golden Road की सफलता: विलियम डेलरिम्पल को मिला बड़ा सम्मान

इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल ने प्रतिष्ठित मार्क लिंटन हिस्ट्री प्राइज 2026 (Mark Lynton History Prize 2026) जीता है। उन्हें यह पुरस्कार उनकी पुस्तक ‘द गोल्डन रोड: हाउ एन्शिएंट इंडिया ट्रांसफॉर्म्ड द वर्ल्ड’ के लिए दिया गया। यह पुरस्कार उन उत्कृष्ट ऐतिहासिक लेखनों को सम्मानित करता है, जो गहन शोध के साथ-साथ रोचक और प्रभावशाली प्रस्तुति भी प्रदान करते हैं। डेलरिम्पल की पुस्तक प्राचीन वैश्विक आदान-प्रदान में भारत की केंद्रीय भूमिका को उजागर करती है और केवल ‘सिल्क रोड’ पर केंद्रित पारंपरिक दृष्टिकोण को चुनौती देती है।
8 भारत ने स्वदेशी फ्लोटिंग लिडार बोया सिस्टम का परीक्षण किया

भारत ने समुद्री तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए फ्लोटिंग LiDAR बोया सिस्टम (Floating LiDAR Buoy System) का सफल परीक्षण किया है। यह उन्नत प्रणाली समुद्र के ऊपर हवा की गति और दिशा को अत्यंत सटीकता से मापने के लिए विकसित की गई है। इससे मौसम पूर्वानुमान, चक्रवात की भविष्यवाणी और ऑफशोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी।यह पहल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु निगरानी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूत करती है। फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम एक आधुनिक समुद्री उपकरण है, जो समुद्र के ऊपर हवा की गति और दिशा को मापता है। यह LiDAR (Light Detection and Ranging) तकनीक पर आधारित हैइसे समुद्र में तैरते बोया (Buoy) पर स्थापित किया जाता है यह समुद्र तल से विभिन्न ऊंचाइयों पर हवा के डेटा को एकत्र करता है।

रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और अध्यक्ष नीता अंबानी को कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) के मेंबर में KISS ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। यह अवॉर्ड उन्हें उनके सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण बदलाव, महिला सशक्तिकरण और खेल को बढ़ावा देने के योगदान के लिए दिया गया। पुरस्कार श्रीलंका के नोबेल पुरस्कार विजेता मोहन मुनासिंघे ने प्रदान किया और कार्यक्रम में KIIT, KISS और KIMS के संस्थापक अच्युत सामंत, वरिष्ठ अधिकारी, छात्र एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। KISS ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो सामाजिक विकास और मानव कल्याण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है। यह पुरस्कार मोहन मुनासिंघे द्वारा अच्युत सामंत और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया। समारोह में KISS के छात्र, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
10 GSI का बड़ा फैसला: कालिंजर किले को मिला भू-धरोहर का दर्जा

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India) द्वारा उत्तर प्रदेश के कालिंजर किला (Kalinjar Fort) को राष्ट्रीय भू-धरोहर (Geo-Heritage Site) का दर्जा दिया गया है। यह मान्यता भारत की एक अनोखी भूवैज्ञानिक संरचना को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल केवल विज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास, पर्यटन और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा देगी। यह स्थल पृथ्वी के अरबों वर्षों के विकास का रिकॉर्ड प्रस्तुत करता है, जिससे यह अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण बन जाता है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा यह दर्जा देने का उद्देश्य दुर्लभ भूवैज्ञानिक स्थलों के संरक्षण के महत्व को उजागर करना है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्थित यह किला अब अपने वैज्ञानिक और प्राकृतिक महत्व के लिए आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त कर चुका है। यह कदम भारत की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के प्रयासों को मजबूत करता है। कालिंजर किला “Eparchaean Unconformity” नामक दुर्लभ भूवैज्ञानिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह पृथ्वी के इतिहास में बहुत बड़े समय अंतराल को दर्शाती है। यहां लगभग 2.5 अरब वर्ष पुरानी बुंदेलखंड ग्रेनाइट चट्टान के ऊपर 1.2 अरब वर्ष पुरानी कैमूर सैंडस्टोन परत मौजूद है। यह स्पष्ट परतें वैज्ञानिकों को पृथ्वी के विकास को समझने में मदद करती हैं।

पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से ‘श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय पंजाब विधेयक, 2026’ पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्य श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर, सिखों के नौवें गुरु के नाम पर एक अत्याधुनिक और विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना करना है। अगले तीन वर्षों में इस परियोजना में कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें मौजूदा बजट में 20 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया गया है। यह विश्वविद्यालय रक्षा, एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्रों में उत्तरी भारत के पहले विशेष पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा। इसका लक्ष्य इस संस्थान को दुनिया के अग्रणी शिक्षण केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करना है। इन पाठ्यक्रमों के इसी वर्ष जुलाई माह से शुरू होने की संभावना है।