1 भारतीय वायु सेना की 93वीं वर्षगांठ पर गुवाहाटी में पूर्वी कमान का पहला भव्य एयर शो

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने अपनी 93वीं वर्षगांठ के समारोह को जारी रखते हुए 09 नवंबर, 2025 को गुवाहाटी में गौरवमयी ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर एक मनमोहक एवं रोमांचकारी हवाई प्रदर्शन किया। असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य इस भव्य आयोजन के मुख्य अतिथि थे। ये विमान इस क्षेत्र के सात हवाई अड्डों – गुवाहाटी, तेजपुर, जोरहाट, छाबुआ, हासीमारा, बागडोगरा और पानागढ़ से उडान भरेंगे। लड़ाकू विमानों की सूची में राफेल, सुखोई-30, अपाचे, मिग-29, आईएल-78 रिफ्यूलर, मिराज, जगुआर, सी-17 ग्लोबमास्टर, एमआई-17, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर-एमके1, सी-130 हरक्यूलिस, एंटोनोव एएन-32 और सूर्य किरण विमान शामिल होंगे। इस वर्ष वायु सेना दिवस समारोह का विषय “अचूक, अभेद्य और सटीक” है, जो भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, लचीलेपन और सटीकता पर ध्यान केंद्रित करने का प्रतीक है।
2 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लुआंडा में अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लौरेंसो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लुआंडा में अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लौरेंसो के साथ व्यापक द्विपक्षीय चर्चा की। दोनों देशों ने मत्स्य पालन, जलीय कृषि, समुद्री संसाधनों और वाणिज्य दूतावास संबंधी मामलों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापनों का भी आदान-प्रदान किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने इंटरनेशनल बीग कैट एलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस में शामिल होने के अंगोला के निर्णय का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने अंगोला की विकास यात्रा में, द्विपक्षीय रूप से और साथ ही भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन के व्यापक ढाँचे में, एक विश्वसनीय भागीदार बने रहने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने ऊर्जा साझेदारी, बुनियादी ढाँचे, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल प्रौद्योगिकियों सहित सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। राष्ट्रपति मुर्मु 8 से 13 नवंबर तक अंगोला और बोत्सवाना की यात्रा पर हैं। अंगोला में वह मंगलवार को अंगोला की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल होंगी। यह किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की इन दो अफ्रीकी देशों की पहली यात्रा है।
3 प्रधानमंत्री मोदी ने नेक्सकार19 लॉन्च किया: भारत की पहली घरेलू कार टी-सेल थेरेपी

भारत के स्वास्थ्य और जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2025 में NexCAR19 — भारत की पहली स्वदेशी CAR T-सेल थेरेपी — का शुभारंभ किया। यह नवाचार कैंसर उपचार में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में भारत का निर्णायक कदम है। इसे इम्यूनोACT (IIT बॉम्बे इनक्यूबेटेड स्टार्टअप), टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, DBT (जैव प्रौद्योगिकी विभाग) और BIRAC के सहयोग से विकसित किया गया है। NexCAR19 एक उन्नत CAR (Chimeric Antigen Receptor) T-सेल थेरेपी है — जिसमें मरीज की अपनी T-कोशिकाओं (T-cells) को जेनेटिक रूप से संशोधित किया जाता है ताकि वे कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर नष्ट कर सकें।यह विशेष रूप से B-सेल ब्लड कैंसर, जैसे किल्यूकेमिया (Leukemia), लिंफोमा (Lymphoma) के इलाज के लिए बनाई गई है।
4 पीएम मोदी की उपस्थिति में नैनी सैनी एयरपोर्ट के अधिग्रहण पर हुआ ऐतिहासिक समझौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में रविवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और उत्तराखंड सरकार के बीच पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी एयरपोर्ट के अधिग्रहण के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। नैनी सैनी एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल लगभग 70 एकड़ है। यहां का टर्मिनल भवन व्यस्त समय में 40 यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम है। साथ ही, एयरपोर्ट का एप्रन एक समय में दो विमानों (कोड-2बी) को समायोजित करने की सुविधा से सुसज्जित है। इस अधिग्रहण से एयरपोर्ट के मौजूदा बुनियादी ढांचे का उन्नयन, परिचालन मानकों का सुव्यवस्थित प्रबंधन और उत्तराखंड की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। नैनी सैनी एयरपोर्ट का विकास प्रदेश की स्थानीय कला, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षेत्र को नया प्रोत्साहन देगा। इससे व्यापार, तीर्थ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आतिथ्य क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए आयाम सृजित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी रविवार को देहरादून पहुंचे, जहां उन्होंने ‘उत्तराखंड रजत जयंती उत्सव’ में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने एक विशेष डाक टिकट जारी किया। उन्होंने उत्तराखंड को आठ हजार करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 7329.06 करोड़ रुपए की लागत वाली 19 ऐसी योजनाएं थीं, जिनका शिलान्यास किया गया। 931.65 करोड़ रुपए की लागत की 12 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।
5 भारतीय नौसेना का आईएनएस सह्याद्रि उत्तरी प्रशांत में मालाबार अभ्यास में शामिल

भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सह्याद्रि, बहुपक्षीय अभ्यास मालाबार में भाग लेने के लिए उत्तरी प्रशांत क्षेत्र के गुआम में है, जिसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की नौसेनाएं भाग ले रही हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मालाबार अभ्यास में आईएनएस सह्याद्रि की भागीदारी भारत की स्थायी साझेदारी और समन्वय को मज़बूत करने, अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प की पुष्टि करती है। आईएनएस सह्याद्रि को स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित किया गया है। मालाबार अभ्यास के बंदरगाह चरण में परिचालन योजना और भाग लेने वाले देशों के बीच परिचयात्मक दौरे तथा खेल कार्यक्रम होंगे। बंदरगाह चरण के बाद जहाज और विमान नौसैनिक अभ्यास में भाग लेंगे, जिसमें संयुक्त बेड़े के संचालन, पनडुब्बी रोधी युद्ध, तोपखाने की श्रृंखला और उड़ान संचालन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
भारत-श्रीलंका की सेनाएं सोमवार से 23 नवंबर तक वार्षिक सैन्य अभ्यास मित्र शक्ति के 11वें संस्करण में शामिल होंगी। यह अभ्यास कर्नाटक के बेलगावी स्थित विदेशी प्रशिक्षण विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया जाएगा।मित्र शक्ति 2025 अभ्यास का उद्देश्य शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संयुक्त अभियानों के संचालन में दोनों सेनाओं के बीच तालमेल को बढ़ाना है।
6 असम में बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025 को मंत्रिमंडल की मंज़ूरी

एक प्रमुख सामाजिक पहल के तहत, असम मंत्रिमंडल ने असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दे दी है। इसका उद्देश्य छठी अनुसूची के क्षेत्रों को छोड़कर, पूरे राज्य में बहुविवाह की प्रथा को गैरकानूनी करार देना और समाप्त करना है। यह विधेयक किसी भी ऐसे व्यक्ति को विवाह करने से रोकता है जिसका पहले से ही जीवित जीवनसाथी है, और वे कानूनी रूप से अलग नहीं हुए हैं, या उनका पिछला विवाह तलाक के आदेश से भंग नहीं हुआ है। यह विधेयक बहुविवाह से प्रभावित महिलाओं को मुआवज़ा देने का भी प्रावधान करता है।
7 कर्नाटक भारत का पहला राज्य बना जिसमें मासिक धर्म के लिए सवेतन अवकाश मिलेगा

कर्नाटक सरकार ने लैंगिक समानता और कार्यस्थल समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए महिलाओं को प्रति वर्ष 12 दिन (प्रति माह 1 दिन — कुल 12 दिन प्रतिवर्ष) का सवेतन मासिक धर्म अवकाश (Paid Menstrual Leave) देने की मंज़ूरी दी है। यह नीति सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों पर लागू होगी, जिससे राज्य भारत का पहला प्रदेश बन गया है जिसने इस तरह का व्यापक कदम उठाया है।
8 भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का एक अंश भूटान की राजधानी थिम्पू में किया गया स्थापित

भारत से ले जाए गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का एक अंश भूटान की राजधानी थिम्पू के प्रमुख मठ, ताशिछोद्ज़ोंग में स्थापित किया गया है। यह मठ भूटान की सर्वोच्च आध्यात्मिक और राजनीतिक संस्थाओं का केंद्र है। यह समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार से शुरू होने वाली दो दिन की भूटान यात्रा से पहले हुआ है। थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को पारंपरिक चिपड्रेल शोभायात्रा, प्रार्थनाओं, समारोहों और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ ताशिछोद्ज़ोंग के ग्रैंड कुएनरे हॉल में स्थापित किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि ये अवशेष 8 से 18 नवंबर तक थिम्पू में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखे जाएँगे। इन अवशेषों को ‘भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष’ कहा जाता है। इन्हें नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा गया है। ये पवित्र अवशेष दूसरी बार भारत से भूटान भेजे गए हैं।
9 बीएसएफ की ट्रैकर डॉग बबीता को राष्ट्रीय के9 वीरता पुरस्कार-2025 से सम्मानित

सीमा सुरक्षा बल – बीएसएफ की बहादुर ट्रैकर डॉग बबीता को हैदराबाद में राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान उसके असाधारण साहस, अटूट निष्ठा और विशिष्ट सेवा के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल आरआरयू राष्ट्रीय के9 वीरता पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया। बबीता को एक प्रशस्ति पत्र और एक पदक से सम्मानित किया गया। पंजाब के अमृतसर सेक्टर में तैनात, डॉग बबीता ने सितंबर 2025 में एक बड़े ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसकी बुद्धिमत्ता ने सैनिकों को एक संदिग्ध घर तक पहुंचाया, जिसके बाद 3 तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।
10 आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप: भारत के अनीश भानवाला ने पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में जीता रजत पदक

निशानेबाजी में, भारत के अनीश भानवाला ने मिस्र के काहिरा में चल रही आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा है। अनीश ने फाइनल में 28 निशाने लगाए। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ, अनीश ओलंपिक स्पर्धा में विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाले पहले भारतीय व्यक्तिगत पिस्टल निशानेबाज बन गए हैं।
11 राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस

9 नवंबर को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसके कारण जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने वाले संगठनों की स्थापना हुई। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत विधिक सेवा प्राधिकरणों की स्थापना समाज के हाशिए पर पड़े और वंचित वर्गों को निःशुल्क और सक्षम विधिक सेवाएं प्रदान करने के लिए की गई थी। चूंकि यह अधिनियम 9 नवंबर, 1995 को लागू हुआ था, इसलिए इसके कार्यान्वयन के उपलक्ष्य में इस दिन को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता और अन्य सेवाओं की उपलब्धता के क्रम में, इस दिन, देश भर में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं।