भारतीय स्टेट बैंक ने “उत्सव सावधि जमा योजना” शुरू की

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1.लंदन में दादाभाई नौरोजी के घर को मिला ‘ब्लू प्लैक’ सम्मान

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रतिष्ठित सदस्य रहे और ब्रिटेन के पहले भारतीय सांसद दादाभाई नौरोजी दक्षिण लंदन के जिस घर में लगभग आठ वर्षों तक रहे, उसे ‘ब्लू प्लैक’ यानी नीली पट्टिका से सम्मानित किया गया है। ‘इंग्लिश हैरिटेज’ चैरिटी की योजना ‘ब्लू प्लैक’ लंदन की ऐतिहासिक महत्व की इमारतों को दिया जाने वाला एक सम्मान है। नौरोजी को यह सम्मान हाल ही में दिया गया और यह ऐसे समय में दिया गया है जब भारत अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। नौरोजी 19वीं सदी के अंत में लगभग आठ वर्षों तक लंदन के इस घर में रहे थे। ‘‘भारतीय राजनीति के पितामाह’’ (ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया) कहलाने वाले नौरोजी ऐसे समय में वाशिंगटन हाउस, 72 एनर्ले पार्क, पेंगे, ब्रोमली रहने गए थे जब वे वैचारिक तौर पर 1897 में भारत की पूर्ण आजादी के समर्थक बन रहे थे। मुंबई में एक पारसी परिवार में जन्मे नौरोजी भारत और ब्रिटेन दोनों जगह एक प्रभावशाली और बुद्धिजीवी नेता थे। उनके अधिकांश काम ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के उनके तथाकथित ड्रेन थ्योरी पर आधारित थे। ड्रेन सिद्धांत ने ब्रिटिश उपनिवेशवाद की क्लासिक भारतीय राष्ट्रवादी व्याख्या का आधार बनाया। वे जुलाई 1892 के आम चुनाव में फिन्सबरी सेंट्रल के उत्तरी लंदन निर्वाचन क्षेत्र के लिए लिबरल टिकट पर चुने गए और ब्रिटेन की संसद में बैठने वाले पहले भारतीय के रूप में इतिहास रच दिया।

2.सरकार ने भारतीय क्षेत्र में विलुप्तप्राय प्रजातियों की पुनर्स्थापना के लिए चीता परियोजना का शुभारंभ किया

सरकार ने महत्‍वाकांक्षी चीता परियोजना शुरू करने का फैसला किया है। इसका लक्ष्‍य भारत में चीते से संबंधित ऐतिहासिक रेंज में इसकी प्रजातियों को फिर से बसाना है। वन्‍य प्रजातियों, विशेष रूप से चीते को फिर से बसाने की परियोजना अंतरराष्‍ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ-आई यू सी एन के दिशा-निर्देशों के अनुसार शुरू की गई है। पर्यावरण मंत्रालय ने कहा है कि बिमारियों की जांच, मुक्‍त किए गए जानवरों के संगरोधन और वन्‍य जीवों को एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप में लाने ले जाने के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाने और लागू करने की आवश्‍यकता है। नामीबिया गणराज्य के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और दक्षिण अफ्रीका के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जाने की प्रक्रिया चल रही है।

3.भाजपा ने सोशल मीडिया अभियान- ‘देश की बदली सोच’ शुरू किया

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया अभियान- देश की बदली सोच शुरू किया है। इसमें भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के स्‍वतंत्रता दिवस के भाषणों की तुलना पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सहित पूर्व प्रधानमंत्रियों के भाषणों से की है। भाजपा ने ट्विटर हैंडल पर श्री मोदी और उनके पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों के भाषणों के अंश का उल्‍लेख करते हुये कई ग्राफिक साझा किया है। एक ट्वीट में आरोप लगाया गया है कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद 1963 में अपने भाषण में शहीदों को कोई श्रद्धांजलि नहीं दी, जबकि श्री मोदी ने 2020 में लालकिले की प्राचीर से अपने संबोधन में लद्दाख में चीन के सैनिकों के साथ संघर्ष में जान गंवाने वाले सैनिकों को याद किया था। भाजपा ने अपने ट्वीटर हैंडल पर यह भी कहा है कि 1975 में आपातकाल लगाये जाने के बाद इंदिरा गांधी ने इसे राजनीतिक, आर्थिक और अन्‍य राष्‍ट्रीय व्‍यवस्‍था की सफाई के लिए कडवी गोली बताते हुए सही ठहराया था, जबकि श्री मोदी ने 2017 में अपने भाषण में लोकतंत्र को देश की सबसे बडी शक्ति बताया था।

4.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया वीर दुर्गादास राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के जोधपुर में उनकी 385वीं जयंती पर “वीर दुर्गादास राठौड़” की प्रतिमा का अनावरण किया। रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर वीर दुर्गादास राठौड़ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सामाजिक सद्भाव, ईमानदारी, बहादुरी और भक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जाति या धर्म के बावजूद लोगों को वीर दुर्गादास राठौड़ से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने समाज में विभाजनकारी तत्वों के खिलाफ शांति और सद्भाव के लिए प्रयास किया। 17वीं शताब्दी में महाराजा जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद वीर दुर्गादास राठौड़ ने अकेले दम पर मारवाड़ (जोधपुर) पर राठौड़ वंश के शासन को बनाए रखा। दुर्गा दास राठौड़ (13 अगस्त 1638 – 22 नवम्बर 1718) को 17वीं सदी में जसवंत सिंह के निधन के पश्चात् मारवाड़ में राठौड़ वंश को बनाये रखने का श्रेय जाता है। यह करने के लिए उन्हें मुग़ल शासक औरंगज़ेब को चुनौती दी। उनके पिता आसकरण राठौड़ महाराजा जसवंत सिंह के मंत्री थे। उन्हें विशेष सैन्य का दर्ज़ा मिला हुआ था। मां का नाम नेतकँवर बाई था। दुर्गादास का पालन पोषण लुनावा नाम के गाँव में हुआ था। 22 नवंबर 1718 को शिप्रा के तट पर उज्जैन, दुर्गादास की 81 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई, लाल पत्थर में उनकी छतरी अभी भी चक्रतीर्थ, उज्जैन में है, जो सभी स्वतंत्रता सेनानियों और राजपूतों के लिए तीर्थ है।

5.पालन ​​1000 राष्ट्रीय अभियान एवं पेरेंटिंग ऐप

16 अगस्त, 2022 को ‘पालन 1000 राष्ट्रीय अभियान’ शुरू किया गया। इसे भारती प्रवीण पवार (केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री) ने वर्चुअल मोड में लॉन्च किया । इस अवसर पर, एक पेरेंटिंग एप्लिकेशन का भी अनावरण किया गया, जो मुख्य रूप से पहले दो वर्षों में बच्चों के विकास पर केंद्रित है। भारती प्रवीण पवार के अनुसार, भारत ने 2014 से बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। परिणामस्वरूप, बाल मृत्यु दर 2019 में घटकर 35 प्रति 1000 जीवित जन्म हो गई है, जबकि 2014 में यह प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 45 थी। यह अभियान इसलिए शुरू किया गया था, क्योंकि पहले 1000 दिन बच्चे के शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक, संज्ञानात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए एक ठोस मंच के रूप में कार्य करते हैं। ‘Paalan 1000 Journey of the First 1000 Days’ में परिवारों, माता-पिता और देखभाल करने वालों के लिए प्रारंभिक वर्षों के प्रशिक्षण के साथ-साथ परिवारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने वाली सेवाएं भी शामिल हैं। “Early Childhood Development Conclave” में पेरेंटिंग एप्लीकेशन लॉन्च किया गया था, ताकि देखभाल करने वालों को व्यावहारिक सलाह दी जा सके कि वे रोजमर्रा की दिनचर्या में क्या कर सकते हैं। यह माता-पिता के कई संदेहों को सुलझाने में भी मदद करेगा।

6.अरुणाचल प्रदेश ने ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ प्रोजेक्ट शुरू किया

अरुणाचल प्रदेश में, “मेडिसिन फ्रॉम द स्काई” का 15 अगस्त, 2022 को सफलतापूर्वक अनावरण किया गया। ड्रोन सेवा की पहली उड़ान सेप्पा से पूर्वी कामेंग जिले के च्यांग ताजो तक आयोजित की गई थी। यह परियोजना भारत को दुनिया के ड्रोन हब में बदलने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित है। अरुणाचल प्रदेश में, विश्व आर्थिक मंच (WEF) के सहयोग से “मेडिसिन फ्रॉम द स्काई प्रोजेक्ट” पायलट परियोजना शुरू की जा रही है। “मेडिसिन फ्रॉम द स्काई प्रोजेक्ट” को यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) द्वारा वित्त पोषित किया गया है। इसे रेडविंग लैब्स द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, जो बेंगलुरु में बेस्ड एक स्टार्ट-अप है। यह परियोजना परिचालन मुद्दों, नियामक मुद्दों और वित्तीय व्यवहार्यता पर एक स्पष्ट दृष्टि प्रदान करेगी। इसके आधार पर सरकार नीति बनाएगी और उभरती हुई तकनीक को चरणबद्ध तरीके से अपनाने के लिए कदम उठाएगी।

7.‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा ’ हेतु नागरिक सर्वेक्षण में भाग लेने का आग्रह किया

केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री ने नागरिकों की भागीदारी द्वारा नया पाठ्यक्रम विकसित करने के लिये राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) हेतु नागरिक सर्वेक्षण में भाग लेने का आग्रह किया है। के अनुरूप एक सशक्त राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा, विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगी। एक जीवंत, सशक्त, समावेशी और भविष्यवादी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा का विकास वैश्विक दृष्टिकोण के साथ समन्वित सांस्कृतिक सुदृढ़ता सहित, शिक्षा को औपनिवेशिक प्रभाव से मुक्त करने और हमारी अगली पीढ़ियों में गर्व की गहरी भावना पैदा करने के लिये अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा तैयार करने और बाद में पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तकों और अन्य शिक्षण सामग्री के डिज़ाइन के लिये एक ऑनलाइन सार्वजनिक परामर्श सर्वेक्षण के माध्यम से जनता के सुझाव आमंत्रित किये हैं। भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को NEP, 2020 की घोषणा की, जो राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा विकसित करते हुए शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता में सुधार की सिफारिश करती है। ज़िला परामर्श समितियों, राज्य-केंद्रित समूहों और राज्य संचालन समिति, राष्ट्रीय केंद्रित समूहों, राष्ट्रीय संचालन समिति आदि के गठन के माध्यम से राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा की प्रक्रिया शुरूआत की गई है।

8.पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में 11 अधिवक्ताओं को न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत किया गया

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में ग्यारह अधिवक्ताओं को न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत किया गया और इसके साथ ही इस साल विभिन्न उच्च न्यायालयों में कुल 138 न्यायाधीश नियुक्त किये गये हैं। यह जानकारी कानून मंत्रालय ने दी। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में नियुक्त न्यायाधीशों के नाम इस प्रकार हैं- निधि गुप्ता, संजय वशिष्ठ, त्रिभुवन दहिया, नमित कुमार, हरकेश मनुजा, अमन चौधरी, नरेश सिंह, हर्ष बांगर, जगमोहन बंसल, दीपक मनचंदा और आलोक जैन। उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने 13 अधिवक्ताओं के नाम की सिफारिश की थी, जिनमें से 11 को सरकार ने मंजूरी दी। कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने एक बयान में कहा कि इलाहाबाद, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुवाहाटी, उड़ीसा और हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालयों में 26 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई। नयी नियुक्तियों के साथ, सरकार ने इस साल अब तक विभिन्न उच्च न्यायालयों में 138 नियुक्तियां की हैं।

9.भारतीय रेलवे सुरक्षा बल ने शुरू किया “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा”

भारतीय रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक अखिल भारतीय अभियान शुरू किया है जिसे ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के नाम से जाना जाता है। इस पहल के तहत यात्रियों को चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। ऑपरेशन यात्री सुरक्षा को गति देने के लिए आरपीएफ द्वारा जुलाई 2022 में यात्रियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ एक महीने के अखिल भारतीय अभियान का शुभारंभ किया गया था। अभियान के दौरान 365 संदिग्धों को आरपीएफ कर्मियों द्वारा पकड़ा गया और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जीआरपी को सौंप दिया गया, जिसके आधार पर यात्री अपराध यानी यात्री सामान की चोरी, ड्रगिंग, डकैती, चेन स्नैचिंग आदि के 322 मामलों की जानकारी मिली। अपराधियों के कब्जे से या इन अपराधों की जांच के दौरान यात्रियों की एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी की संपत्ति इनसे बरामद की गई।

10.भारतीय स्टेट बैंक ने “उत्सव सावधि जमा योजना” शुरू की

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने “उत्सव जमा योजना” नामक एक अनूठा सावधि जमा कार्यक्रम शुरू किया है। इस सावधि जमा योजना में उच्च ब्याज दरें हैं और यह केवल सीमित समय के लिए उपलब्ध है। यह कार्यक्रम देश की आजादी के 76 वें वर्ष के अवसर पर पेश किया गया है, जिसे आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। SBI 1000 दिनों के कार्यकाल के साथ सावधि जमा पर 6.10% प्रति वर्ष की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। और वरिष्ठ नागरिक नियमित दर से अधिक 0.50% की अतिरिक्त ब्याज दर प्राप्त करने के पात्र होंगे। ये दरें 15 अगस्त 2022 से प्रभावी हैं और यह योजना 75 दिनों की अवधि के लिए वैध है।

11.अमरीका में राष्‍ट्रपति जो. बाइडेन ने जलवायु और स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी कानून पर हस्‍ताक्षर किए

अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य देखभाल व्‍यय संबंधी कानून पर हस्ताक्षर कर दिये हैं। इस कानून का उद्देश्य दवाओं की कीमतों में बदलाव लाना है। खबरों के अनुसार निगमों पर कम से कम 15 फीसदी कर लगेगा। व्हाइट हाउस के अनुसार, 740 अरब डॉलर का बिल देश के इतिहास में जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक दशक में लगभग 375 अरब डॉलर का निवेश करेगी। व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि बाइडेन की मुद्रास्फीति में कमी अधिनियम 2030 में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को लगभग एक अरब टन कम कर देगा।

12.केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने तीन लाख रुपये तक के अल्‍पावधि कृषि ऋणों पर ब्‍याज में डेढ़ प्रतिशत की छूट को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने सभी वित्तीय संस्थानों के लिए लघु अवधि के कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान को बहाल कर 1.5 प्रतिशत करने की मंजूरी दे दी है। इस प्रकार 1.5 प्रतिशत का ब्याज अनुदान उधार देने वाले संस्थानों (सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, लघु वित्त बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक और वाणिज्यिक बैंकों से सीधे तौर पर जुड़े कम्प्यूटरीकृत पीएसीएस) को किसानों को वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक 3 लाख रुपये तक के लघु अवधि के कृषि ऋण देने के लिए प्रदान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान सहायता में बढ़ोतरी के लिए 2022-23 से 2024-25 की अवधि में 34,856 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजटीय प्रावधान की आवश्यकता होगी।

13.केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने स्वीकार्य गारंटियों की सीमा बढ़ाने हेतु आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के कोष में वृद्धि को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की सीमा में 50,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करके उसे 4.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच लाख करोड़ करने को मंजूरी दे दी है। यह अतिरिक्त राशि विशेष रूप से आतिथ्य (हास्पिटैलिटी) और उससे संबंधित क्षेत्रों के उद्यमों के लिए निर्धारित की गई है। यह वृद्धि आतिथ्य और उससे संबंधित उद्यमों में कोविड-19 महामारी की वजह से आए गंभीर व्यवधानों को ध्यान में रखकर की गई है।

14.केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय परिवहन क्षेत्र में आईटीएफ गतिविधियों का समर्थन करने के लिए भारत और फ्रांस के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल को अवगत कराया गया कि अंतर्राष्‍ट्रीय परिवहन मंच और प्रौद्योगिकी सूचना, पूर्वानुमान एवं आकलन परिषद (टीआईएफएसी) की ओर से फ्रांस के आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के साथ एक अनुबंध पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं, ताकि भारतीय परिवहन क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय परिवहन मंच (आईटीएफ) की गतिविधियों का समर्थन किया जा सके। इस अनुबंध पर 6 जुलाई, 2022 को हस्ताक्षर किए गए थे।

15.भारत और थाईलैंड संयुक्‍त आयोग की बैठक बैंकॉक में सम्‍पन्‍न

भारत और थाईलैंड संयुक्‍त आयोग की नौवीं बैठक आज बैंकॉक में सम्‍पन्‍न हुई। विदेश मंत्री डाक्‍टर सुब्रहमण्‍यम जयशंकर और थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री डॉन प्रमुदविनयी ने संयुक्‍त रूप से बैठक की अध्‍यक्षता की। डाक्‍टर जयशंकर ने बैठक के बाद एक ट्वीट संदेश में कहा कि सभी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा के साथ-साथ रक्षा, संपर्क और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में संबंध बढ़ाने पर भी चर्चा की। डॉक्‍टर जयशंकर ने यह भी कहा कि दोनों देशों ने म्‍यांमां के पड़ौसी होने के नाते म्‍यांमां की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया। उन्‍होंने बताया कि दोनों पक्षों ने आसियान और बिमस्‍टेक में सहयोग पर भी चर्चा की। डॉक्‍टर जयशंकर ने बताया कि भारत और थाईलैंड ने हिन्‍द-प्रशांत योजना पर भी विचार साझा किए। विदेश मंत्री ने ट्वीट संदेश में बताया कि स्‍वास्‍थ्‍य और प्रसारण में सहयोग पर सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किए गए, जिससे दोनों देशों के सम्‍बन्‍धों में इजाफा होगा। दोनों देश राज‍नयिक संबंधों की स्‍थापना के 75 वर्ष मना रहे हैं। डॉक्‍टर जयशंकर ने भारतीय समुदाय के साथ बैठक के साथ अपनी थाईलैंड की यात्रा शुरू की।

16.दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय ने भारतीय ओलिम्पिक संघ का काम संभालने के लिए तीन सदस्‍यों की समिति नियुक्‍त करने का आदेश दिया

दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय ने भारतीय ओलिम्पिक संघ के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्‍यों की प्रशासक समिति गठित करने का निर्देश दिया है। न्‍यायमूर्ति मनमोहन और नजमी वजीरी ने कहा कि भारतीय ओलिम्पिक संघ द्वारा खेल संहिता का उल्‍लंघन करने के कारण यह आवश्‍यक हो गया है कि इसका संचालन प्रशासकों को समिति के सुपुर्द कर दिया जाए। इस समिति में उच्‍चतम न्‍यायालय के पूर्व न्‍यायाधीश अनिल आर दवेपूर्व मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त डाक्‍टर एस वाई कुरैशी और विदेश मंत्रालय के पूर्व सचिव विकास स्‍वरूप हैं। न्‍यायालय ने भारतीय ओलिम्पिक संघ की कार्यकारी समिति को अपना कार्यभार नवनियुक्‍त समिति को सौंपने का निर्देश दिया है। न्‍यायालय ने कहा है कि प्रशासकों की समिति को सहयोग देने के लिए तीन जाने माने खिलाड़ियों को नियुक्‍त किया गया है। ये हैं- निशानेबाज ओलिम्पियन अभिनव बिंद्रा, लम्‍बी कूद में ओलिम्पियन अंजू बॉबी जार्ज और तीरंदाज ओलिम्यिन बम्‍बेला देवी-राम

17.केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कम्पोस्ट किए जाने योग्य प्लास्टिक के निर्माण और व्यावसायीकरण के लिए स्टार्टअप ऋण को मंजूरी दी

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने “कम्पोस्ट किए जाने योग्य (कंपोस्टेबल)” प्लास्टिक के व्यावसायीकरण के लिए मैसर्स टीजीपी बायोप्लास्टिक्स को 1 करोड़ 15 लाख रुपये के स्टार्टअप ऋण को मंजूरी दी और इस तरह सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) के उपयोग को भी कम करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। कंपोस्टेबल प्लास्टिक के निर्माण और व्यावसायीकरण के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत एक सांविधिक निकाय प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड तथा मैसर्स टीजीपी बायोप्लास्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, सतारा, महाराष्ट्र के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। डॉ जितेंद्र को अवगत कराया गया कि यह स्टार्टअप एकल उपयोग (सिंगल यूज प्लास्टिक – एसयूपी) के वैकल्पिक समाधान के साथ आया है जिसमें एक कंपोस्टेबल प्लास्टिक सामग्री के उपयोग का प्रोटोटाइप है जो पर्यावरण को प्रभावित किए बिना मिट्टी में खाद के रूप में टूट कर मिल जाता है। इस अनूठी परियोजना को प्रोटोटाइप विकास के लिए निधि (एनआईडीएचआई) प्रयास (डीएसटी), नीति आयोग और संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के तहत सीड फंडिंग सहायता प्राप्त हुई है।

18.केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पेटेंट कार्यालयों के अलावा उपयोगकर्ताओं के लिए भी पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (टीकेडीएल) के डेटाबेस तक पहुंच का विस्तार करने की मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने “पेटेंट कार्यालयों के अलावा, उपयोगकर्ताओं के लिए भी पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (टीकेडीएल) डेटाबेस तक पहुंच का विस्तार करने की मंजूरी दे दी है। उपयोगकर्ताओं के लिए टीकेडीएल डेटाबेस को खोलना भारत सरकार का महत्वाकांक्षी और भविष्य-उन्मुख निर्णय है। यह भारतीय पारंपरिक ज्ञान के लिए एक नयी सुबह है, क्योंकि टीकेडीएल; विविध क्षेत्रों में भारत की मूल्यवान विरासत के आधार पर अनुसंधान व विकास तथा नवाचार को बढ़ावा देगा। टीकेडीएल को सुलभ बनाने की परिकल्पना; नई शिक्षा नीति 2020 के तहत भारतीय ज्ञान परम्परा के माध्यम से विचारों को जानने-समझने और ज्ञान नेतृत्व को विकसित करने को ध्यान में रखते हुए की गई है।

19.राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ाई और 69454 मेगावॉट स्थापित क्षमता हासिल की

राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम-एनटीपीसी लिमिटेड, भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी ने 15.08.2022 को एनटीपीसी कवास, गुजरात में 56 मेगावाट कावास सोलर पीवी परियोजना की कमीशनिंग के साथ 69454 मेगावॉट समूह स्थापित और वाणिज्यिक क्षमता हासिल की। कंपनी ने अपने विभिन्न स्टेशनों पर 9,50,000 से अधिक पीवी मॉड्यूल स्थापित करके अपने जलाशय क्षेत्र के 1300 एकड़ से अधिक भाग पर 262 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा स्थापित करने की योजना बनाई है, जिसमें से 242 मेगावाट का सन्यंत्र चालू किया गया है। इसमें तेलंगाना के रामागुंडम में 100 मेगावाट, केरल के कायमकुलम में 92 मेगावाट और आंध्र प्रदेश के सिम्हाद्री तथा गुजरात के कावास में 25 मेगावाट का देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल है। ये परियोजनाएं 2,00,000 से अधिक घरों को रोशन करेंगी और वार्षिक आधार पर आधा मिलियन टन से अधिक कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में सहायक होंगी। इनके अलावा, परियोजनाओं से प्रति वर्ष 5 ट्रिलियन लीटर पानी की बचत होगी, जो 15,000 घरों की वार्षिक पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। एनटीपीसी अपने ऊर्जा सघन लक्ष्यों की घोषणा करने वाली दुनिया की पहली ऊर्जा कंपनी बन गई है। हाल ही में इसने ‘नेट ज़ीरो’ लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नीति आयोग के साथ सहयोग किया है। एनटीपीसी समूह की वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त करने की योजना है। वर्तमान में, एनटीपीसी के पास कार्यान्वयन और निष्पादन के तहत 3.9 गीगावाट के साथ 2.3 गीगावाट चालू नवीकरणीय क्षमता है।

20.इटली की सबसे बड़ी गार्डा झील दशकों में अब तक के सबसे कम जल स्तर तक पहुँच गई

इटली के सबसे भीषण सूखे के कारण देश की सबसे बड़ी गार्डा झील दशकों में अब तक के सबसे कम जल स्तर तक पहुँच गई है। इसके परिणामस्वरूप जल के नीचे की चट्टानें दिखने लगी और जल का तापमान कैरेबियन सागर के औसत तापमान तक गर्म हो गया। उत्तरी इटली ने महीनों तक काफी कम वर्षा हुई और वर्ष 2022 में हिमपात भी 70% कम हुआ है, जिससे पो जैसी महत्त्वपूर्ण नदियाँ सूख गईं, जो इटली के कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में बहती हैं। इटली की सबसे लंबी नदी पो की सूखी हुई स्थिति से उन किसानों को अरबों यूरो का नुकसान हुआ, जो आम तौर पर खेतों और धान की सिंचाई के लिये इस पर निर्भर रहते हैं। नुकसान की भरपाई के लिये अधिकारियों ने गार्डा झील से अधिक जल को स्थानीय नदियों प्रवाहित करने की अनुमति दी। लेकिन जुलाई 2022 के अंत में उन्होंने झील और उससे जुड़े आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण पर्यटन के लिये राशि कम कर दी। बड़ी मात्रा में जल को नदियों की ओर मोड़ने के साथ झील अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई।