भारत के 52वें सीजीआई बने जस्टिस बीआर गवई, राष्ट्रपति मुर्मु ने दिलाई शपथ

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1 भारत के 52वें सीजीआई बने जस्टिस बीआर गवई, राष्ट्रपति मुर्मु ने दिलाई शपथ

जस्टिस बीआर गवई ने बुधवार को भारत के 52वें सीजीआई के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें शपथ दिलाई। सीजीआई संजीव खन्ना का कार्यकाल 13 मई को खत्म हो गया था। उनका कार्यकाल सिर्फ सात महीने का है। न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई के अगले मुख्य न्यायाधीश होने की जानकारी केंद्रीय विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दी थी। गवई देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश हैं। उनसे पहले जस्टिस के. जी. बालाकृष्णन इस पद पर आसीन रहे थे। जस्टिस बालाकृष्णन साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे। हाल ही में एक अनौपचारिक बातचीत में गवई ने कहा था कि वे देश के पहले बौद्ध चीफ जस्टिस बनने जा रहे हैं। उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ। 14 नवंबर 2003 को वे बॉम्बे उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 12 नवंबर 2005 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किए गए। उन्होंने मुंबई की मुख्य पीठ के साथ-साथ नागपुर, औरंगाबाद और पणजी में भी विभिन्न प्रकार के मामलों की अध्यक्षता की। 24 मई 2019 को उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

2 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. अजय कुमार को संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. अजय कुमार को संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. कुमार का कार्यकाल उस दिन शुरू होगा, जब वह आयोग के अध्यक्ष के रूप में पद ग्रहण करेंगे। डॉ. कुमार एक सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। वे केरल कैडर के 1985 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने पूर्व में अगस्त 2019 से अक्टूबर 2022 तक रक्षा सचिव के रूप में कार्य किया था।

3 भारत ने भार्गवस्त्र स्वदेशी ड्रोन रोधी प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

 

भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित की गई नई ड्रोन रोधी प्रणाली भार्गवस्त्र का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। यह कम लागत वाली ‘हार्ड किल मोड’ में काम करने वाली प्रणाली है, जिसे सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने डिजाइन और विकसित किया है। इसका उद्देश्य ड्रोन झुंडों (Swarm Drones) से उत्पन्न बढ़ते खतरे को कुशलता से समाप्त करना है। 13 मई को ओडिशा के गोपालपुर स्थित सीवर्ड फायरिंग रेंज में इसका परीक्षण किया गया, जिसमें भारतीय थल सेना की वायु रक्षा (AAD) शाखा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। तीन परीक्षणों के दौरान कुल चार माइक्रो रॉकेट दागे गए- पहले दो परीक्षणों में एक-एक रॉकेट और तीसरे में दो रॉकेटों को मात्र दो सेकंड में सल्वो मोड में दागा गया। सभी रॉकेटों ने अपने लक्ष्य हासिल किए और अपेक्षित प्रदर्शन किया। भार्गवस्त्र में दो परतों वाली सुरक्षा प्रणाली है, पहले में अनगाइडेड माइक्रो रॉकेट होते हैं जो 20 मीटर के घातक दायरे में झुंड रूपी ड्रोन को समाप्त कर सकते हैं और दूसरे में पहले से परीक्षण किए गए गाइडेड माइक्रो-मिसाइल हैं जो सटीक हमले में सक्षम हैं। यह प्रणाली छोटे ड्रोन को 2.5 किलोमीटर दूर से पहचान और समाप्त कर सकती है। इसकी खास बात यह है कि इसे उच्च पर्वतीय क्षेत्रों (5000 मीटर से अधिक ऊंचाई) समेत किसी भी इलाके में आसानी से तैनात किया जा सकता है। यह प्रणाली मॉड्यूलर है, यानी इसमें अतिरिक्त सॉफ्ट किल तकनीक जैसे जैमिंग और स्पूफिंग को भी जोड़ा जा सकता है। इसका रडार, ईओ (Electro-Optical) और आरएफ रिसीवर सेंसर उपयोगकर्ता की जरूरत के अनुसार कॉन्फिगर किए जा सकते हैं। यह प्रणाली मौजूदा नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर ढांचे में भी आसानी से एकीकृत की जा सकती है। इसमें एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी है, जो C4I (कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कंप्यूटर और इंटेलिजेंस) तकनीक से लैस है। खास बात यह है कि इसका रडार 6 से 10 किलोमीटर दूर तक के सूक्ष्म हवाई खतरों को पहचान सकता है और EO/IR सेंसर के माध्यम से कम रडार क्रॉस-सेक्शन (LRCS) वाले लक्ष्यों को सटीकता से ट्रैक किया जा सकता है। इससे ऑपरेटर को झुंड या व्यक्तिगत ड्रोन को पहचानने और नष्ट करने में आसानी होगी।

 

4 कनाडा: प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारतीय मूल की अनिता आनन्‍द को विदेश मंत्री नियुक्त किया

 

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपने नए मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री के महत्‍वपूर्ण पद पर भारतीय मूल की अनिता आनन्‍द की नियुक्ति की है। उन्‍होंने मनिन्‍दर सिद्धू को अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार मंत्री नियुक्त किया है, जबकि भारतीय मूल के दो अन्‍य व्‍यक्तियों को राज्‍य मंत्री के समकक्ष पद दिया गया है। विदेश मंत्री के रूप में अनिता आनन्‍द का सबसे महत्‍वपूर्ण कार्य अमरीका के साथ नाज़ुक रिश्‍तों और भारत के साथ लगभग बिगड़ चुके संबंधों को पटरी पर लाना रहेगा, जिसका संकेत मार्क कार्नी पहले ही दे चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से विरासत में मिले मंत्रिमंडल के साथ मार्क कार्नी को अब देश पर अपनी छाप छोड़ने का अवसर मिलेगा। हाल में हुए चुनावों में उनके नेतृत्‍व में लिबरल पार्टी को शानदार जीत मिली।

5 जम्मू-कश्मीर में नदी परिवहन को बढ़ावा देने के लिए श्रीनगर में खुला IWAI का कार्यालय

केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाला आंतरिक जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) अब जम्मू-कश्मीर में जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम करेगा। इसी उद्देश्य से IWAI ने श्रीनगर में नया कार्यालय शुरू किया है, जो परिवहन भवन में स्थित है। यह भवन जम्मू-कश्मीर सरकार ने उपलब्ध कराया है। यह कार्यालय पूरे केंद्र शासित प्रदेश में IWAI की सभी योजनाओं और परियोजनाओं का मुख्य केंद्र रहेगा। गौरतलब है कि IWAI ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत तीन राष्ट्रीय जलमार्गों पर काम किया जाएगा NW-26 (चिनाब नदी), NW-49 (झेलम नदी) और NW-84 (रावी नदी)। इन जलमार्गों के विकास के तहत कई अहम काम किए जाएंगे, जैसे 10 जगहों पर फ्लोटिंग जेट्टी लगाई जाएगी, नदियों की सफाई और गहराई बढ़ाने के लिए ड्रेजिंग होगी, रात्रि नेविगेशन के लिए दिशा संकेत लगाए जाएंगे और नियमित हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण किए जाएंगे ताकि नावों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

6 एस पी शर्मा की पुस्तक “इंडिया@2047: लीडिंग द ग्लोबल इकनोमिक ऑर्डर” का विमोचन

मई 2025 में, न्यू इकनोमिक ऑर्डर इकोनॉमिस्ट्स के मुख्य अर्थशास्त्री और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुख्य अर्थशास्त्री, श्याम प्रकाश शर्मा ने नई दिल्ली में इंडिया हैबिटेट सेंटर के जुनिपर हॉल में एक लॉन्च इवेंट में अपनी पुस्तक, “इंडिया@2047: लीडिंग द ग्लोबल इकनोमिक ऑर्डर” का विमोचन किया। यह पुस्तक नई दिल्ली स्थित एएफ प्रेस द्वारा प्रकाशित की गई थी, जो एकेडमिक फाउंडेशन की एक छाप है। इस पुस्तक का विमोचन भारत की स्वतंत्रता के 100वें वर्ष तक वैश्विक आर्थिक नेतृत्व बनने के लिए विकास की कल्पना करने के उद्देश्य से किया गया था।

7 पोर्टर सीरीज एफ राउंड में 200 मिलियन अमरीकी डॉलर जुटाकर 2025 में भारत का तीसरा यूनिकॉर्न बन गया

मई 2025 मेंबेंगलुरु (कर्नाटक) स्थित पोर्टर, एक ऑन-डिमांड लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म, ने सीरीज एफ फंडिंग राउंड में 200 मिलियन अमरीकी डॉलर (लगभग 1700 करोड़ रुपये) जुटाए, जिससे यह नेट्राडाइन और जसपे के बाद 2025 में भारत का तीसरा यूनिकॉर्न बन गया। पोर्टर का लक्ष्य शहरी लॉजिस्टिक्स की दक्षता में सुधार करना भी है, जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को समर्थन देने और गिग इकॉनमी श्रमिकों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

8 अडानी समूह ने छत्तीसगढ़ में खनन के लिए भारत का पहला हाइड्रोजन-संचालित ट्रक लॉन्च किया

मई 2025 में, अहमदाबाद (गुजरात) स्थित अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने रायपुर, छत्तीसगढ़ में खनन रसद के लिए भारत का पहला हाइड्रोजन-संचालित ईंधन सेल ट्रक पेश किया, ताकि स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा दिया जा सके और अपने रसद संचालन में डीजल वाहनों की जगह ली जा सके। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री (CM) विष्णु देव साईं द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किए गए इस ट्रक का उपयोग छत्तीसगढ़ के गारे पेल्मा III ब्लॉक (रायगढ़, छत्तीसगढ़) से कोयले को छत्तीसगढ़ में एक सरकारी बिजली संयंत्र तक ले जाने के लिए किया जाएगा। राज्य के स्वामित्व वाली छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) ने प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से AEL को गारे पेल्मा III ब्लॉक के लिए खदान डेवलपर और ऑपरेटर के रूप में नियुक्त किया।