भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल सौंपी गई

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1 भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल सौंपी गई

ग्लासगो में 11 दिन तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हो गया है। रविवार रात को ओवो हाइड्रो एरिना में ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम की परफॉर्मेंस से क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत हुई। उसके बाद कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुका ने 2030 गेम्स के मेजबान भारत को मशाल सौंपी। यहां नीरज चोपड़ा, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी मौजूद रहे। पैरा एथलीट मेलानी वुड्स को डेविड डिक्सन अवार्ड दिया गया। उन्हें यह अवॉर्ड गेम्स के आसाधारण प्रदर्शन और खेल भावना के लिए दिया गया। वुड्स ने महिलाओं T54 1500 मीटर रेस जीत ली थी, लेकिन रनर्स के क्रैश होने के कारण उन्होंने रेस फिर से कराने की मांग की और दोबारा रिकॉर्ड टाइम के साथ गोल्ड जीता। 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरे करेगा। पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था। भारत दूसरी बार गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में गेम्स की मेजबानी की थी। तब सारे इवेंट दिल्ली में हुए थे।

2 वर्षा अशोक अगलावे GSI की पहली महिला महानिदेशक बनीं

प्रख्यात भू-वैज्ञानिक वर्षा अशोक अगलावे ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के 54वें महानिदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। उनकी यह ऐतिहासिक नियुक्ति GSI के 176 वर्ष के इतिहास में पहली बार किसी महिला के इस देश के प्रमुख भू-वैज्ञानिक संगठन का नेतृत्व करने का प्रतीक है। उन्होंने असित साहा का स्थान लिया है, जिन्होंने अपना दो वर्षीय प्रशासनिक कार्यकाल पूरा किया। वर्षा अशोक अगलावे पुराजीवविज्ञान (Palaeontology)—अर्थात प्राचीन जीवाश्मों के अध्ययन तथा परागकण  विज्ञान (Palynology) अर्थात परागकण एवं अन्य सूक्ष्म जैविक कणों के अध्ययन की विशेषज्ञ हैं। उन्होंने मध्य भारत के सालबर्डी–घोरपेंड डायनासोर घोंसला स्थल की खोज में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा लखनऊ में एक आधुनिक परागकण विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना का नेतृत्व किया।

3 प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। एक विशाल राष्ट्रव्यापी वीडियो कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने 28,000 से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से अधिक युवाओं सहित विविध सभा का औपचारिक रूप से अभिवादन किया। इस पहल की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि परिवारों, समाज और पूरे राष्ट्र के व्यापक हितों की भी पूर्ति करता है। ‘नशामुक्त भारत संकल्प अभियान’ के मूल उद्देश्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत को प्राप्त करने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और आत्मविश्वास से भरपूर युवा पीढ़ी का होना अनिवार्य है, जो आत्म-विनाशकारी आदतों से पूरी तरह मुक्त हो।

4 पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक 2026

 

भारत को वर्ष 2026 के येल पर्यावरणीय प्रदर्शन सूचकांक (EPI) में 177 देशों में से 176वाँ स्थान प्राप्त हुआ, उसका स्कोर 22.46 रहा। इस प्रकार वह वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे निचला देश रहा (लाओस से ऊपर) और 8 दक्षिण एशियाई देशों में 7वें स्थान पर रहा, जबकि एस्टोनिया ने 74.79 अंक के साथ सूचकांक में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। EPI एक द्विवार्षिक वैश्विक सूचकांक है, जिसे वर्ष 2000 में प्रारंभ किया गया था और जिसे येल सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल लॉ एंड पॉलिसी (YCELP) तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर इंटरनेशनल अर्थ साइंस इंफॉर्मेशन नेटवर्क (CIESIN) द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित किया जाता है। EPI 2026 में 177 देशों का 47 संकेतकों के आधार पर, 12 पर्यावरणीय मुद्दा-श्रेणियों के अंतर्गत आकलन किया गया है, जिन्हें तीन नीतिगत उद्देश्यों—पर्यावरणीय स्वास्थ्य, पारितंत्रीय जीवंतता और जलवायु परिवर्तन—में विभाजित किया गया है। यह सूचकांक संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDG), पेरिस समझौते तथा कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढाँचे की दिशा में प्रगति को मापने हेतु एक वैश्विक मानक के रूप में कार्य करता है। भारत की रैंकिंग प्रवृत्ति: 141वाँ (2016) → 177वाँ (2018) → 168वाँ (2020) → 180वाँ (2022) → 176वाँ (2024 एवं 2026)।

5 सफदरजंग अस्पताल में दुनिया की पहली रोबोटिक एवी वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी

 

नई दिल्ली स्थित वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित वयस्क मरीज की रोबोटिक तकनीक से सफल सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के अनुसार, इस तरह की रोबोटिक एवी वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी दुनिया में पहली बार की गई है। इस सफलता को वैश्विक चिकित्सा जगत में भारत की अत्याधुनिक सर्जिकल क्षमता के महत्वपूर्ण उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग की टीम ने यह जटिल ऑपरेशन किया। सर्जरी का नेतृत्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) अनुभव गुप्ता ने किया। डॉक्टरों की टीम ने मरीज की जटिल हृदय संरचना को ध्यान में रखते हुए रोबोटिक तकनीक से वाल्व रिप्लेसमेंट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

6 आंध्र प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलिया से किया समझौता

आंध्र प्रदेश और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों ने अमरावती में 4 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। इनका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, समावेशी शिक्षा, छात्र मानसिक स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। इन समझौतों में से एक के अंतर्गत चयनित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र मानसिक स्वास्थ्य पर एक प्रौद्योगिकी-आधारित पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। यह परियोजना आंध्र प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद और ऑस्ट्रेलिया के रिबाउंड संस्था के सहयोग से लागू की जायगी। समझौतों पर हस्ताक्षर आंध्र प्रदेश के शिक्षा सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश और ऑस्ट्रेलिया के अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा, नागरिकता, सीमा शुल्क और बहुसांस्कृतिक मामलों के सहायक मंत्री जूलियन हिल की उपस्थिति में हुए।

7 डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट ‘जलावतरण’ नौसेना में शामिल

 

1 अगस्त को कोलकाता के टीटागढ़ में डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (DSC) प्रोजेक्ट का पांचवां और आखिरी जहाज डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट यानी, DSCA24 जलावतरण लॉन्च किया। ये जहाज पानी के भीतर ऑपरेट किया जा सकता है। इसका उपयोग नौसेना के गोताखोरों को समुद्र में विभिन्न अभियानों में सहायता देने के लिए किया जाता है। इस जहाज का उपयोग समुद्र के भीतर मरम्मत, निरीक्षण, खोज और बचाव जैसे कामों के लिए किया जाता है। इस जहाज को ‘इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग’ के नेवल नियमों और कानूनों के अनुसार डिजाइन और तैयार किया गया है। DSC A24 इस मेक इन इंडिया के तहत बनाया गया इस प्रोजेक्ट का पांचवां और आखिरी जहाज है। DSC A24 में बड़ा डेक एरिया, जिससे डाइविंग उपकरण और टीम के साथ काम करना आसान होता है। ये ऊंची लहरों और कठिन समुद्री परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से संचालन कर सकता है। ये आधुनिक डाइविंग सिस्टम से लैस, जो ऑपरेशनल डाइविंग मिशनों के लिए उपयुक्त हैं।

8 तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर महिला सिंगल्स का खिताब जीता

 

बैडमिंटन में, तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर महिला सिंगल्स का खिताब जीत लिया है। यह तन्वी का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब है। फाइनल में, तन्वी ने वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी गुयेन थुई लिन्ह को हराया। 17 साल की तन्वी, ताइवान की ताई ज़ू यिंग को पीछे छोड़कर सबसे कम उम्र की ताइपे ओपन चैंपियन बनी हैं। वे 2008 में साइना नेहवाल के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं।

9 प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शिक्षाविद आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की 166वीं जयंती

भारत की पहली दवा कंपनी बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स के संस्थापक, प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शिक्षाविद आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की 166वीं जयंती मनाई जा रही है। उनका जन्म 2 अगस्त 1861 को वर्तमान बांग्लादेश के खुलना में हुआ था। आचार्य राय को भारत में आधुनिक रसायन  विज्ञान का जनक माना जाता है। उन्होंने देश में वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा दिया और रसायन विज्ञान में भारत के पहले आधुनिक शोध संस्थान की स्थापना की। उन्होंने मरक्यूरस नाइट्राइट की खोज की और “ए हिस्ट्री ऑफ हिंदू केमिस्ट्री” नामक पुस्तक लिखी।