भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा ई-कचरा उत्पादक देश बना

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राष्ट्रीय न्यूज़:-

1.भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा ई-कचरा उत्पादक देश बना:-पुराने हो चुके फोन, कंप्यूटर, प्रिंटर आदि का गलत तरीके से निपटारा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी समस्या है। इन उपकरणों में सोना, चांदी और तांबे जैसी कई कीमती धातुएं होती हैं। इन धातुओं को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से अलग करने के लिए हानिकारक तरीके अपनाए जाते हैं। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसी विधि विकसित की है, जिसकी मदद से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना ई-कचरे का पुनर्चक्रण हो सकता है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मिजोरम, सीएसआईआर-खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्थान (आइएमएमटी), भुवनेश्वर और एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मोदीनगर के वैज्ञानिकों ने मिलकर ई-कचरे से सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को निकालने के लिए माइक्रोवेव ऊष्मायन और अम्ल निक्षालन जैसी प्रक्रियाओं को मिलाकर एक नयी विधि विकसित की है।

यह नयी विधि सात चरणों में काम करती है। सबसे पहले माइक्रोवेव भट्टी में 1450- 1600 डिग्री सेंटीग्रेड ताप पर 45 मिनट तक ई-कचरे को गरम किया जाता है। गरम करने के बाद पिघले हुए प्लास्टिक तथा धातु के लावा को अलग-अलग किया जाता है। इसके बाद सामान्य धातुओं का नाइट्रिक अम्ल और कीमती धातुओं का एक्वा रेजिया की मदद से रसायनिक पृथक्करण किया गया है। सांद्र नाइट्रिक अम्ल द्वारा धातुओं को हटाकर जमा हुई धातुओं को शुद्ध करके निकाल लिया जाता है।

स अध्ययन में उपयोग किए गए ई-कचरे में पुराने कंप्यूटर और मोबाइलों के स्क्रैप, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) से निकाली गई एकीकृत चिप (आइसी), पोगो पिन, धातु के तार, एपॉक्सी बेस प्लेट, इलेक्ट्रोलाइट कैपेसिटर, बैटरी, छोटे ट्रांसफार्मर और प्लास्टिक जैसी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री शामिल थी। इससे संबंधित अध्ययन के दौरान 20 किलोग्राम ई-कचरे को पहले माइक्रोवेव में गरम किया गया और फिर अम्ल शोधन किया गया है। इससे लगभग तीन किलोग्राम धातु उत्पाद प्राप्त किए गए हैं। इन धातुओं में 55.7 प्रतिशत तांबा, 11.64 प्रतिशत लोहा, 9.98 प्रतिशत एल्युमीनियम, 0.19 प्रतिशत सीसा, 0.98 प्रतिशत निकल, 0.05 प्रतिशत सोना और 0.05 प्रतिशत चांदी मिली है। इस प्रक्रिया में बिजली की खपत भी बहुत कम होती है।

बाज़ार न्यूज़:-

2.आयकर विवादों के तेज निपटारे के लिए दो समितियों का गठन:-

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने अधिकारियों की दो समितियों का गठन किया है। ये समितियां इनकम टैक्स विभाग में आयकर विवादों के बेहतर प्रबंधन के उपाय सुझाएंगी और इस क्षेत्र में सवरेत्तम परिपाटियों पर भी विचार करेंगी। पहली समिति को विभाग के सामने आए विवादों को कम करने के उपाय सुझाने के लिए चार सूत्री कार्यक्रम या संदर्भ शर्त दिए गए हैं। इस समिति की अध्यक्षता इनकम टैक्स आयुक्त स्तर के एक अधिकारी करेंगे।

3.शादी में मिले महंगे गिफ्ट पर नहीं देना होता है कोई भी टैक्स, जानिए इसके बारे में:-शादियों में मिले हों कितने भी महंगे गिफ्ट फिर भी नहीं देना होगा कोई भी टैक्स: अंकित गुप्ता ने बताया कि शादियों में अक्सर लोगों को महंगे-महंगे गिफ्ट मिलते रहते हैं, जिसमें सोना, कैश (नकदी), प्रॉपर्टी इत्यादि जैसे महंगे गिफ्ट भी मिलते हैं। ऐसे में आयकर नियमों के अंतर्गत शादी में मिले ऐसे किसी भी गिफ्ट को गिफ्ट पाने वाले की सोर्स ऑफ इनकम में शामिल नहीं माना जाता है। लिहाजा शादियों के दौरान मिले किसी भी गिफ्ट पर टैक्स देनदारी नहीं बनती है। इन्हें इनकम ऑफ अदर सोर्स की श्रेणी में रखा जाता है। बेहतर होगा कि आप इस बात का उल्लेख इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के दौरान करें। इसका उल्लेख आप इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज में कर सकते हैं।

इस तरह के गिफ्ट पर भी नहीं देना होता है टैक्स:-

  • अभिभावक की ओर से बच्चे को मिला उपहार
  • पति-पत्नी की ओर से एक-दूसरे को दिया गया उपहार
  • भाई-बहन की ओर से एक-दूसरे को दिया गया उपहार
  • अपनी भाभी-भाई के पति/पत्नी से उपहार
  • माता-पिता के भाई या उनके भाई के पति या पत्नी से उपहार

गिफ्ट नहीं, लेकिन गिफ्ट से आय पर देना होता है टैक्स?

शादियों में मिलने वाला गिफ्ट तो टैक्स फ्री होता है, लेकिन अगर इससे आपको आय हो रही है तो उस पर टैक्स देना होगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी ने आपको शादी के मौके पर 1 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपाजिट कराके दी है, तो इस एफडी पर तो आपको टैक्स नहीं देना होगा लेकिन इससे जब अगले साल इनकम (इस पर मिलने वाले इंटरेस्ट) होने लगेगी तो उस पर टैक्स देना होगा।

सामान्य गिफ्ट पर भी लागू होते हैं टैक्स के नियम?

शादियों के अलावा मिलने वाले सामान्य गिफ्ट्स पर भी टैक्स के नियम लागू होते हैं। मान लिया आपको ऑफिस में किसी ने 50,000 रुपये तक का गिफ्ट दिया है, तो यह तो टैक्स फ्री होगा, लेकिन जैसे ही गिफ्ट की राशि 50,000 की सीमा को पार करेगी आपको उस पर हर हाल में टैक्स देना होगा।

4.राफेल डील में भारत ने 17.08% पैसा बचाया, यूपीए की डील के मुकाबले नया सौदा 2.86% सस्ता:-वायुसेना की खरीद से जुड़ी नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट बुधवार को राज्यसभा में पेश की गई। इस रिपोर्ट में राफेल डील से जुड़े विवरण भी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि 126 विमानों की पुरानी डील से तुलना करें तो 36 राफेल विमानों का नया सौदा कर भारत 17.08% पैसा बचाने में कामयाब रहा। यूपीए सरकार के वक्त की गई डील की तुलना में नया राफेल सौदा 2.86% सस्ता पड़ा। वहीं, पुरानी डील के मुकाबले नई डील में 18 विमानों की डिलीवरी का समय बेहतर है। शुरुआती 18 विमान भारत को पांच महीने जल्दी मिल जाएंगे।

खेल न्यूज़:-

5.18 साल के लुकास अकेले अटलांटिक महासागर को पार करने वाले दुनिया के सबसे युवा रोअर बने:-ब्रिटेन के रोअर लुकास हेट्जमन ने अकेले अटलांटिक महासागर पार करने का चैलेंज पूरा किया। 18 साल के लुकास ने इस चैलेंज में दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए। पहला- वे अकेले किसी महासागर को पार करने वाले सबसे युवा रोअर बने। दूसरा- उन्होंने यह चैलेंज सबसे कम समय में पूरा करने का रिकॉर्ड बनाया। लुकास ने 4800 किमी की दूरी 59 दिन, 8 घंटे 22 मिनट में रोइंग कर पूरी की।

6.11 रन पर 10 विकेट लेने वाले इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को इंडिया अंडर19 टीम में मिली जगह:-वर्ष 2018 के दिसंबर में मणिपुर के तेज गेंदबाज रैक्स राजकुमार सिंह काफी सुर्खियों में आए थे। रैक्स ने वो कमाल किया था जो क्रिकेट की दुनिया में बेहद कम गेंदबाजों ने किया है। उन्होंने 11 रन देकर 10 विकेट चटकाए थे और उनके इस शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें मिल गया है। मणिपुर के इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को बीसीसीआइ ने भारत की अंडर 19 टीम में शामिल किया है। रैक्स अब मणिपुर के पहले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्हें भारतीय टीम की तरफ से खेलने का मौका मिला है।