भारत ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की

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1 भारत ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की

भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता और वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता फिर से व्‍यक्‍त की है। अबू धाबी में अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी की 16वीं बैठक में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि ऊर्जा उपयोग में परिवर्तन के लिए भारत का दृष्टिकोण वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत से प्रेरित – “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” है। श्री जोशी ने कहा कि भारत ने पेरिस समझौते के अंतर्गत अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान लक्ष्य से पांच वर्ष पहले ही, 2025 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से अपनी स्थापित विद्युत क्षमता का 50 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 266 गीगावॉट से अधिक हो गई है।

2 जी-7 की महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

 

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव अमरीका के वॉशिंगटन में जी-7 की महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक का उद्देश्य रणनीतिक संसाधनों के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना है। श्री वैष्णव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विकसित भारत का दृष्टिकोण साकार करने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखलाएं आवश्यक हैं। जी-7 में अमरीका, ब्रिटेन, जापान, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा के साथ यूरोपीय संघ शामिल हैं। लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और तांबा और दुर्लभ पृथ्वी तत्व जैसे महत्वपूर्ण खनिज रक्षा प्रणालियों, सेमीकंडक्टर्स, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों और उन्नत विनिर्माण के लिए आवश्यक हैं।

3 आंध्र विश्वविद्यालय में स्वच्छता कर्मी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर पुस्तक का विमोचन

 

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक हृदयस्पर्शी और सामाजिक रूप से अत्यंत सार्थक घटना देखने को मिली, जब आंध्र विश्वविद्यालय में सड़कों की सफाई करने वाली महिला स्वच्छता कर्मी लक्ष्मम्मा के हाथों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया। यह पुस्तक विमोचन अपने आप में एक साधारण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समानता, श्रम की गरिमा और समावेशिता का सशक्त संदेश लेकर सामने आया। इस पुस्तक का शीर्षक “अग्नि सरस्सुलो विकसितिंचिना कमलम् द्रौपदी मुर्मू” है। इस पुस्तक के लेखक यारलगड्डा लक्ष्मी प्रसाद हैं, जो पूर्व सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में विश्व हिंदी परिषद के अध्यक्ष हैं।

4 केरल के वायनाड में पेपरलेस कोर्ट की शुरुआत

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने 06 जनवरी 2026 को केरल के वायनाड ज़िले के कल्पेट्टा में देश की पहली पूरी तरह पेपरलेस ज़िला अदालत का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह ऐतिहासिक उपलब्धि ज़िला न्यायपालिका के पूर्ण डिजिटल परिवर्तन का प्रतीक है, जहाँ अब मामले की दाख़िलगी से लेकर अंतिम निर्णय तक सभी न्यायिक कार्यवाहियाँ पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित होंगी। ये सभी प्रक्रियाएं District Court Case Management System (DCCMS) के माध्यम से संचालित होंगी, जिसे केरल हाई कोर्ट द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। इससे भौगोलिक बाधाएं कम, विधिक लागत घटेगी, और पारदर्शिता में वृद्धि होगी — विशेषकर आम नागरिकों और MSME (लघु एवं मध्यम उद्यमों) के लिए।

5 ए.के. बालासुब्रमण्यन 2026 के लिए AERB का चेयरमैन नियुक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने जनवरी 2026 में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक ए.के. बालासुब्रमण्यन को परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) का अध्यक्ष नियुक्त किया। वे भारत के सर्वोच्च परमाणु सुरक्षा नियामक के रूप में तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने डॉ. डी.के. शुक्ला का स्थान लिया, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुआ था। यह महत्वपूर्ण नियुक्ति AERB के नेतृत्व में लगभग चार दशकों के व्यापक अनुभव वाले एक वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक को लेकर आई है, जिन्हें परमाणु विद्युत संयंत्रों के डिजाइन, विकास, सुरक्षा और कमीशनिंग का गहन अनुभव है। इससे भारत की विश्व-स्तरीय परमाणु सुरक्षा मानकों और नियामक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को निरंतर मजबूती मिलती है।

6 पीआईबी ने अरुणाचल प्रदेश में कमला हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी

 

भारत तेजी से स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अरुणाचल प्रदेश की कमला जलविद्युत परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हाल ही में सार्वजनिक निवेश बोर्ड (Public Investment Board) द्वारा स्वीकृत यह बड़ी जलविद्युत परियोजना न केवल नवीकरणीय बिजली उत्पादन में सहायक होगी, बल्कि बाढ़ नियंत्रण, रोज़गार सृजन और भारत के 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने में भी योगदान देगी। कमला जलविद्युत परियोजना, जिसे पहले सुबनसिरी मिडिल जलविद्युत परियोजना के नाम से जाना जाता था, अरुणाचल प्रदेश की कमला नदी पर स्थित है। यह परियोजना कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमे जिलों में विकसित की जा रही है।यह एक भंडारण आधारित (स्टोरेज-बेस्ड) जलविद्युत योजना है, जिसमें बाढ़ शमन (Flood Moderation) की एकीकृत व्यवस्था भी शामिल है। परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 6,870 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड को मजबूती मिलेगी।

7 गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘आशा वैन’ नामक मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट की शुरुआत की है। इस विशेष चिकित्सा वैन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में किया। यह वैन विशेष रूप से गांवों और दूरदराज़ के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए तैयार की गई है, जहाँ उन्नत चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच सीमित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाना है, ताकि समय पर इलाज शुरू हो सके और जान बचाई जा सके। कैंसर से लड़ाई में प्रारंभिक निदान बेहद अहम होता है। ‘आशा वैन’ के माध्यम से लोगों को अब बुनियादी जांच के लिए शहरों तक लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी—सेवा सीधे उनके द्वार तक पहुंचेगी।

8 मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

 

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र की शुरुआत की है। यह एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देश के लिए समग्र, बहुस्तरीय वायु रक्षा कवच तैयार करना है। यह पहल आधुनिक युद्ध में मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAVs) की बढ़ती भूमिका और पाकिस्तान से लगी संवेदनशील सीमाओं पर बढ़ते ड्रोन खतरों के मद्देनज़र भारत की रक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है। इस कार्यक्रम को 2035 तक पूरा करने का लक्ष्य है और यह इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) जैसी मौजूदा व्यवस्थाओं का पूरक होगा। पहल का केंद्र लेयर्ड डिफेंस है—जिसमें लंबी दूरी की अवरोधन प्रणालियों के साथ अल्प दूरी और बिंदु-रक्षा समाधान शामिल होंगे। यह भारत के प्लेटफ़ॉर्म-केंद्रित दृष्टिकोण से नेटवर्क-केंद्रित व खतरा-विशिष्ट वायु रक्षा योजना की ओर संक्रमण को दर्शाता है।

9 Indian Navy की फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन दक्षिण पूर्व एशिया के लिए रवाना

भारतीय नौसेना की फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन (1TS) दक्षिण पूर्व एशिया के लिए लंबी दूरी की ट्रेनिंग डिप्लॉयमेंट (LRTD) पर रवाना हो रही है। इसमें शामिल जहाज हैं – INS तीर, INS शार्दूल, INS सुजाता और ICGS सारथी। यह डिप्लॉयमेंट 110वीं इंटीग्रेटेड ऑफिसर्स ट्रेनिंग कोर्स (IOTC) के ट्रेनिंग करिकुलम का हिस्सा है। इस तैनाती के तहत कई नौसैनिक पोत लंबी दूरी तय करते हुए विदेशी जलक्षेत्रों में संचालित होंगे, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती नौसैनिक क्षमता और रणनीतिक सहभागिता को दर्शाता है।

10 तमिलनाडु ने भारत की पहली डीपटेक स्टार्टअप पॉलिसी लॉन्च की

भारत के नवाचार पारितंत्र को बड़ी मजबूती देते हुए तमिलनाडु ने देश की पहली समर्पित डीपटेक स्टार्टअप नीति का अनावरण किया है, जिससे विज्ञान-आधारित उद्यमिता के लिए एक राष्ट्रीय मानक स्थापित हुआ है। तमिलनाडु डीपटेक स्टार्टअप नीति 2025–26 का उद्देश्य अत्याधुनिक अनुसंधान को व्यावसायिक और स्केलेबल समाधानों में परिवर्तित करना है, ताकि राज्य को फ्रंटियर और डीप साइंस तकनीकों का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके। यह नीति प्रयोगशालाओं से वैश्विक बाजारों तक नवाचार को पहुंचाने की स्पष्ट रणनीति प्रस्तुत करती है। इसके अंतर्गत ₹100 करोड़ की राशि से 100 डीपटेक स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी। नीति का फोकस दीर्घ-कालिक, विज्ञान-आधारित नवाचारों पर है तथा इसमें फंडिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेंटरशिप और उद्योग साझेदारी का संरचित समर्थन शामिल है।

11 केयी पन्योर बना भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’

 

अरुणाचल प्रदेश का नवगठित जिला केयी पन्योर अब भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’ बनने जा रहा है। यह पहल जैव विविधता संरक्षण और मानवीय कल्याण को एकीकृत करने का एक अभिनव प्रयास है, जो सतत विकास की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह परियोजना प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन द्वारा प्रतिपादित “बायोहैप्पीनेस” की अवधारणा को पुनर्जीवित करती है और पारिस्थितिकी, आजीविका तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य के समन्वय से आधारित एक विकास मॉडल को बढ़ावा देती है। बायोहैप्पीनेस का आशय उस मानव कल्याण की अवस्था से है, जो तब प्राप्त होती है जब जैव विविधता का संरक्षण और सतत उपयोग करके पोषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, आय और आजीविका को सुदृढ़ किया जाता है। यह अवधारणा लोगों और प्रकृति के बीच सामंजस्य पर आधारित है, जहाँ संरक्षण को विकास की बाधा नहीं बल्कि उसकी आधारशिला माना जाता है।

12 2025 में महिलाओं के लिए सबसे अच्छा शहर रहा बेंगलुरु

देश में महिला सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे बेहतर शहरों के रूप में सामने आए हैं। वर्क प्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। ‘टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI) के चौथे संस्करण में यह बात सामने आई है कि इस रिपोर्ट में 125 शहरों की महिलाओं की भागीदारी रही। इन महिलाओं से सुरक्षा और करियर ग्रोथ के बारे में जानकारी ली गई। इसी आधार पर बेंगलुरु ने 53.29 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया है।

13 स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo) को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से पेमेंट एग्रीगेटर–क्रॉस बॉर्डर (PA-CB) के रूप में संचालन की अंतिम मंज़ूरी मिल गई है। यह स्वीकृति इसलिए खास है क्योंकि इसके जरिए बेंगलुरु स्थित यह प्लेटफॉर्म भारतीय निर्यातकों के लिए नियमित, सुरक्षित और तेज़ क्रॉस-बॉर्डर भुगतान सेवाओं का विस्तार कर सकेगा। विशेष रूप से यह पहल एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) तथा छोटे व्यवसायों के लिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान संग्रह को सरल, अनुपालन-अनुकूल और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी।

14 राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता: लवलीना बोरगोहेन, निकहत ज़रीन और मीनाक्षी हुडा ने अपने खिताबी मुकाबले जीते

नोएडा में राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता 2026 में लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग में जीत हासिल की। निकहत ज़रीन ने 52 किलोग्राम वर्ग में खिताब अपने नाम किया। विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुडा ने मंजू रानी को हराकर 48 किलोग्राम भारवर्ग में जीत दर्ज की। जबकि ओलंपियन पूजा रानी ने 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में नैना को हराया। पुरुष वर्ग में, जादुमणि सिंह ने फाइनल में पवन बार्टवाल को हराकर 55 किलोग्राम भारवर्ग का खिताब जीता।