भारत–न्यूजीलैंड FTA से भारत के 100 प्रतिशत निर्यात पर शून्य शुल्क

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1 भारत–न्यूजीलैंड FTA से भारत के 100 प्रतिशत निर्यात पर शून्य शुल्क

भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता-(एफटीए) वार्ता के बाद भारत द्वारा न्यूजीलैंड को निर्यात किए जाने वाले माल पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। यह मुक्त व्यापार समझौता न्यूजीलैंड में भारतीय निर्यात के लिए बाजार पहुंच और शुल्‍क वरीयताओं को बढ़ाता है तथा व्यापक ओशिनिया और प्रशांत द्वीप बाजारों के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। यह मुक्‍त व्‍यापार समझौता दोनों देशों के बीच निवेश साझेदारी को उल्‍लेखनीय रूप से मज़बूत करेगा। इस समझौते के हिस्‍से के रूप में न्‍यूजीलैंड ने अगले पंद्रह सालों में भारत में बीस बिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस FTA में न्यूजीलैंड द्वारा भारत को अब तक का सबसे बेहतर बाजार पहुंच और सेवा प्रस्ताव दिया गया है। इसमें 118 सेवा क्षेत्र शामिल हैं, जैसे कंप्यूटर संबंधित सेवाएं, प्रोफेशनल सर्विसेज, ऑडियो-विजुअल, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन, टूरिज्म और ट्रैवल सेवाएं। इसके अलावा 139 उप-क्षेत्रों में मोस्ट-फेवर्ड नेशन (MFN) प्रतिबद्धता भी दी गई है। बता दें, ओमान, ब्रिटेन, ईएफटीए देशों, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस के बाद पिछले कुछ वर्षों में यह भारत का 7वां एफटीए है।

2 युवा शोध फैलोशिप कार्यक्रम-शक्ति की राष्ट्रीय महिला आयोग ने की शुरुआत

 

राष्ट्रीय महिला आयोग ने युवा शोध फैलोशिप कार्यक्रम-शक्ति फैलोशिप की शुरुआत की है। इसमें भारत में महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर शोध के लिए युवा छात्रों और शोधकर्ताओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस फैलोशिप का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा, लिंग आधारित हिंसा, कानूनी अधिकार और न्याय, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, आर्थिक सशक्तिकरण और श्रम भागीदारी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर व्‍यापक शोध को प्रोत्साहित करना है। किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक की उपाधि प्राप्‍त किए हुए 21 से 30 वर्ष के नागरिक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने बताया कि चयनित उम्मीदवारों को छह महीने के शोध अध्ययन के लिए एक लाख रुपये का शोध अनुदान दिया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।

3 इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने भारत में युद्ध के लिए महत्वपूर्ण दो सक्षम प्रणालियां विकसित करने के लिए सैफरान के साथ सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मेक-इन-इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप मिनी नवरत्न रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने सैफरान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस (फ्रांस) के साथ दो सक्षम युद्ध प्रणालियां विकसित करने के लिए सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे इन प्रणालियों के. भारत में विकसित किए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इन दो सक्षम युद्ध प्रणालियों में शामिल है-सिग्मा 30एन डिजिटल रिंग लेजर जाइरो इनर्शियल नेविगेशन प्रणाली जिसका उपयोग तोपखाने, वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइलों और रडारों में किया जाता है; और सीएम3-एमआर डायरेक्ट फायरिंग साइट, जिसे तोपखाने और ड्रोन रोधी प्रणालियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह नया समझौता, जनवरी 2024 के समझौता ज्ञापन के आधार पर भारत में इन उन्नत प्रणालियों के विकास और समर्थन के लिए दोनों भागीदारों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

4 डीआरडीओ और आरआरयू ने रक्षा और आंतरिक सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते पर किया हस्ताक्षर

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) ने अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण तथा रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू पर डीआरडीओ की वैज्ञानिक एवं महानिदेशक (उत्पादन समन्वय एवं सेवा अंतःक्रिया) डॉ. चंद्रिका कौशिक और आरआरयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिमल एन. पटेल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य भारत की रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा प्रणालियों में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं और आत्मनिर्भरता को और अधिक मजबूत बनाना है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्व की संस्था है और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा नामित ‘रक्षा अध्ययन हेतु नोडल केंद्र’ के रूप में कार्यरत है।

5 सेना को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान देगा एनएसयूटी विश्वविद्यालय

 

भारतीय सेना और दिल्ली स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सेना व विश्वविद्यालय के बीच इस सहयोग का उद्देश्य सेना के लिए सॉफ्टवेयर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान विकसित करना है। मंमंइससे देश की रक्षा तैयारियों को स्वदेशी तकनीक के माध्यम से और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। इसके अनुसार विश्वविद्यालय के छात्र और फैकल्टी सेना की तकनीकी समस्याओं के लाइव समाधान का हिस्सा बन सकेंगे। सेना के विभिन्न तकनीकी समाधानों में छात्रों और फैकल्टी की सीधी भागीदारी होगी। छात्र और शिक्षक भारतीय सेना की वास्तविक स्तर की समस्याओं पर आधारित परियोजनाओं में भाग लेंगे। इससे उन्हें अत्याधुनिक तकनीकी चुनौतियों पर काम करने का अनुभव मिलेगा। विश्वविद्यालय की टीमें भारतीय सेना की जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करेंगी, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर टूल्स, डेटा एनालिटिक्स और टेक संबंधी परियोजनाएं शामिल होंगी। विश्वविद्यालय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और विशेष रूप से तैयार किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।

6 नौसेना में तीसरी पनडुब्बी रोधी उथले पानी का जहाज ‘अंजदीप’ शामिल

 

भारतीय नौसेना में तीसरी पनडुब्बी रोधी उथले पानी का जहाज ‘अंजदीप’ शामिल किया गया। दरअसल,गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। आठ एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी पनडुब्बी रोधी उथले पानी के जहाजों में से एक यानी तीसरा अंजदीप जहाज, 22 दिसंबर 2025 को चेन्नई में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी जहाजों को जीआरएसई और मेसर्स एल एंड टी शिपयार्ड, कट्टुपल्ली के सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) के तहत इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के अनुसार डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह सहयोगी रक्षा विनिर्माण की सफलता को दर्शाता है। लगभग 77 मीटर लंबाई वाले ये जहाज भारतीय नौसेना के सबसे बड़े वाटरजेट युद्धपोत हैं और अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रूप से निर्मित पनडुब्बी रोधी रॉकेट और उथले पानी के सोनार से सुसज्जित हैं। यह पानी के नीचे के खतरों का प्रभावी ढंग से पता लगाने और उनसे निपटने में सक्षम हैं। ये जहाज नौसेना की पनडुब्बी रोधी, तटीय निगरानी और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को मजबूत करेंगे। यह जहाज 2003 में सेवामुक्त पूर्ववर्ती पेट्या श्रेणी के युद्धपोत आईएनएस अंजदीप का पुनर्जन्म है। जहाज का नाम कर्नाटक के कारवार तट पर स्थित अंजदीप द्वीप से लिया गया है, जो भारत के विशाल समुद्री क्षेत्र की रक्षा की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

7 National Shooting Championship:10 मीटर एयर राइफल में नेवी के किरण अंकुश जाधव ने जीता गोल्ड

 

68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के 10 मीटर एयर राइफल पुरुष फाइनल इवेंट में नेवी के किरण अंकुश जाधव ने गोल्ड मेडल पर निशाना साधा। एमपी स्टेट शूटिंग एकेडमी में जारी इस चैंपियनशिप में अंकुश जाधव ने 252.1 के स्कोर के साथ ओलंपियन अर्जुन बबूता को पछाड़ा। अर्जुन बबूता ने 251.4 के स्कोर के साथ सिल्वर अपने नाम किया, जबकि मौजूदा 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन के नेशनल चैंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 229.8 के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
10 मीटर एयर राइफल मेंस जूनियर फाइनल में, गुजरात के मोहम्मद मुर्तजा वानिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 254.3 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता। पश्चिम बंगाल के अभिनव शॉ ने 251.6 के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि ओंकार विकास वाघमारे 230.1 के साथ तीसरे स्थान पर रहे और ब्रॉन्ज मेडल जीता।
ओंकार विकास वाघमारे ने 10 मीटर एयर राइफल पुरुष यूथ फाइनल में 250 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता। ओंकार ने आखिरी शॉट्स में निर्णायक बढ़त बनाई और अपने राज्य के साथी नारायण प्रणव से सिर्फ 0.3 अंक आगे रहे, जिन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। तमिलनाडु के शक्तिवेल सेंथिवेल ने 229.5 के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।

8 अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 156 पर सिमटा

अंडर 19 एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 191 रन से मात देकर दूसरी बार खिताब अपने नाम किया। इससे पहले पाकिस्तान साल 2012 में भारत के साथ संयुक्त विजेता रहा था। आईसीसी एकेडमी ग्राउंड पर खेले गए इस ‘हाईवोल्टेज मैच’ में भारत ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया, लेकिन टीम इंडिया को यह फैसला भारी पड़ गया। पाकिस्तान ने 50 ओवरों के खेल में 8 विकेट खोकर 347 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम 26.2 ओवरों में सिर्फ 156 रन पर ऑलआउट हो गई। इस टीम को कप्तान आयुष म्हात्रे के रूप में 32 के स्कोर पर पहला झटका लगा। कप्तान टीम के खाते में सिर्फ 2 ही रन जुटा सके। यहां से वैभव सूर्यवंशी ने भारत को संभालने की कोशिश की। वैभव ने 10 गेंदों में 3 छक्कों और 1 चौके की मदद से 26 रन की पारी खेली, लेकिन उनके आउट होते ही टीम विशाल टारगेट के सामने लड़खड़ा गई।