1 भारत, सौर सेल अंशांकन मानक सुविधा स्थापित करने वाला विश्व का पांचवा देश बना

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (एनपीएल) में विश्व की दूसरी “राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला” और विश्व के पांचवें “सौर सेल अंशांकन (एक ऐसी प्रक्रिया जिसके द्वारा उपकरण को इस प्रकार समायोजित किया जाता है कि वह नमूने के लिए स्वीकार्य सीमा के भीतर परिणाम प्रदान करे) के लिए राष्ट्रीय प्राथमिक मानक सुविधा” का उद्घाटन किया। सीएसआईआर-एनपीएल के 80वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि भारत, सौर सेल अंशांकन मानक सुविधा स्थापित करने वाला विश्व का पांचवा देश बन गया है। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि विभिन्न पर्यावरणीय मापदंडों के अत्यधिक सटीक मापन को सक्षम बनाएगी और न केवल सरकारी एजेंसियों बल्कि गैर-सरकारी क्षेत्र और अन्य देशों को भी सेवाएं प्रदान करेगी।

भारतीय तटरक्षक बल ने पहले स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रदूषण नियंत्रण पोत, समुद्र प्रताप को अपने बेडे़ में शामिल किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोवा में इस पोत का शुभारंभ किया। यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण नियमों को लागू करने, समुद्री कानून प्रवर्तन, खोज और बचाव अभियानों में सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा। इसमें 70 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री इस्तेमाल की गई है। पोत में परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए एक हेलीकॉप्टर हैंगर भी है। इस 114 मीटर लंबे पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है। इसे तेल रिसाव का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये पोत, उन्नत स्वीपिंग आर्म्स और डायनामिक पोजिशनिंग की सुविधा से सुसज्जित है। यह गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा निर्मित दो प्रदूषण नियंत्रण पोतों में से पहला है। समुद्र प्रताप देश का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया प्रदूषण नियंत्रण पोत है और भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े का अब तक का सबसे बड़ा पोत है।
3 शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने वर्ष 2014 से 2025 तक पीएम मोदी के भाषणों पर पुस्तक ‘खतबात-ए-मोदी’ का विमोचन किया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में “खुत्बात-ए-मोदी: लाल किले की फ़सील से” से नामक पुस्तक का विमोचन किया। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री प्रधान ने बताया कि यह पुस्तक वर्ष 2014 से 2025 तक प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस समारोहों पर दिए गए भाषणों का संकलन है। उन्होंने कहा कि इन भाषणों में सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के सिद्धांत पर आधारित प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली का प्रमुखता से वर्णन है। यह पुस्तक प्रधानमंत्री के उर्दू भाषा में अनुवादित भाषणों का संकलन है और इसे उर्दू भाषा के राष्ट्रीय संवर्धन परिषद द्वारा प्रकाशित किया गया है।
4 तेलंगाना में देश के सबसे बड़े एकीकृत अंतर्देशीय रेनबो ट्राउट मछली फार्म का उद्घाटन किया गया

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह और उनके साथ कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में देश के सबसे बड़े एकीकृत अंतर्देशीय रेनबो ट्राउट मछली फार्म का उद्घाटन किया। स्मार्टग्रीन एक्वाकल्चर नामक एक स्टार्टअप ने उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए यह प्रजाति विकसित की है। यह दक्कन पठार की गर्म जलवायु में पनपेगी। इस फार्म में अनुमानित 50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। आमतौर पर भारत में ट्राउट पालन हिमालय के ऊंचाई वाले ठंडे पानी के क्षेत्रों तक ही सीमित रहा है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित कलई-II जलविद्युत परियोजना को पर्यावरणीय मंज़ूरी देने की सिफारिश की है। इस निर्णय पर पर्यावरणविदों ने गंभीर चिंता जताई है, क्योंकि उनका कहना है कि परियोजना की पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) रिपोर्ट में लोहित नदी बेसिन में पाई जाने वाली गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्वेत-उदर बगुला (White-bellied Heron) की उपस्थिति का उल्लेख नहीं किया गया। विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (EAC) ने लोहित नदी पर प्रस्तावित 1,200 मेगावाट की कलई-II परियोजना को मंज़ूरी दी। पर्यावरणविदों ने यह मुद्दा उठाया कि EIA रिपोर्ट में परियोजना क्षेत्र में पाई जाने वाली गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्वेत-उदर बगुला का ज़िक्र नहीं है। पर्यावरणविदों का कहना है कि परियोजना क्षेत्र इस पक्षी के ज्ञात आवास क्षेत्र में आता है, जिसमें नामदाफा टाइगर रिज़र्व और कमलांग टाइगर रिज़र्व के आस-पास के क्षेत्र शामिल हैं।
6 भारत में 3D-प्रिंट स्वचालित मौसम स्टेशन का निर्माण शुरू

भारतीय वैज्ञानिकों ने 3D-प्रिंटिंग तकनीक से ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) विकसित कर एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। ये स्वदेशी स्टेशन विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में अंतिम-मील (last-mile) मौसम डेटा संग्रह को मजबूत करेंगे। फरवरी 2026 से दिल्ली में इनके पहले इंस्टॉलेशन शुरू होंगे, जिससे मौसम पूर्वानुमान और जलवायु निगरानी की क्षमता बढ़ेगी। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने मिशन मौसम (Mission Mausam) के तहत 3D-प्रिंटेड ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन विकसित किए हैं। फरवरी 2026 से इनका पहला चरण दिल्ली में स्थापित किया जाएगा। यह पूरी तरह स्वदेशी और पहली-बार किया गया तकनीकी विकास है। 3D-प्रिंटिंग से निर्मित होने के कारण तेज़ उत्पादन और क्षेत्र-विशेष के अनुसार अनुकूलन संभव।
7 दिल्ली सरकार और आरबीआई के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए

दिल्ली सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक- आरबीआई के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार इस समझौता ज्ञापन के अन्तर्गत आरबीआई दिल्ली सरकार के बैंकर, ऋण प्रबंधक और वित्तीय एजेंट के रूप में कार्य करेगा। बयान में कहा है कि यह समझौता ज्ञापन राज्य विकास ऋणों के माध्यम से बाजार से ऋण लेने, अधिशेष नकदी के स्वचालित निवेश, पेशेवर नकदी प्रबंधन और कम लागत वाली तरलता सुविधाओं तक पहुंच को सुगम बनाएगा। यह समझौता केंद्र सरकार और आरबीआई अधिनियम द्वारा निर्धारित ढांचे के भीतर है।

मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने विजयवाड़ा के इंद्रकीलाद्री में श्री कनक दुर्गा देवी मंदिर के दर्शन किए। बाद में, राष्ट्रपति गोखूल ने गुंटूर जिले के मंगलागिरी में श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के दर्शन किए।
9 आंध्र प्रदेश में ONGC के मोरी-5 कुएं से गैस रिसाव, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति की समीक्षा की

आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले में ओएनजीसी के एक चालू तेल कुएं से गैस रिसाव की सूचना मिली है। यह रिसाव कोनासीमा जिले के इरसुमंदा गांव में कृष्णा-गोदावरी बेसिन में स्थित मोरी-5 कुएं से शुरू हुआ। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ओएनजीसी साइट पर गैस रिसाव के बाद स्थिति की समीक्षा की।

एक नई स्टडी में चेतावनी दी गई है कि ‘दिमाग खाने वाले अमीबा’ (Brain-Eating Amoebae) अब दुनिया भर में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में उभर रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन, पुराने होते जल पाइपलाइन सिस्टम और पानी की निगरानी में कमी के कारण ये खतरनाक अमीबा अब पानी और पर्यावरण में तेजी से फैल रहे हैं। स्टडी में बताया गया है कि ये अमीबा सामान्य कीटाणुओं से कहीं ज्यादा खतरनाक हैं क्योंकि ये अत्यधिक गर्मी, क्लोरीन जैसे डिसइन्फेक्टेंट और पानी की सप्लाई लाइन के अंदर भी जीवित रह सकते हैं — जहां लोग आमतौर पर पानी को सुरक्षित मानते हैं। अमीबा मिट्टी और पानी में पाए जाने वाले एक कोशिकीय जीव होते हैं। अधिकतर अमीबा हानिरहित होते हैं, लेकिन कुछ प्रजातियां गंभीर और जानलेवा संक्रमण फैला सकती हैं। इनमें सबसे खतरनाक Naegleria fowleri है, जिसे ‘दिमाग खाने वाला अमीबा’ कहा जाता है। यह तब शरीर में प्रवेश करता है जब संक्रमित पानी नाक के जरिए अंदर जाता है, जैसे स्विमिंग या तालाब में नहाते समय। यह अमीबा मस्तिष्क में घातक संक्रमण पैदा करता है, जो अक्सर जानलेवा साबित होता है।
11 दीव के समुद्री तट घोगला पर शुरू हो रहे हैं खेलो इंडिया समुद्र तटीय खेल

खेलो इंडिया समुद्र तटीय खेल दीव के समुद्री तट घोगला पर शुरू हो रहे हैं। इसका आयोजन केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव कर रहे हैं। प्रतियोगिता के आठ खेलों में 21 सौ से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। ये खेल जनवरी 5 से 10 जनवरी तक भारतीय खेल प्राधिकरण और राष्ट्रीय खेल संघों की देखरेख में आयोजित किए जाएंगे। समुद्र तटीय फुटबॉल, वॉलीबॉल, सेपक टकरा, कबड्डी, पेंचक सिलाट और ओपन वॉटर स्विमिंग छह पदक वाले खेल हैं, जबकि मल्लखंब और रस्साकशी गैर-पदक स्पर्धाएं होंगी।
12 नोवाक जोकोविच का बड़ा फैसला: अपनी ही बनाई PTPA से पूरी तरह अलग हुए दिग्गज खिलाड़ी

सर्बियाई के महान टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने कहा कि उन्होंने “प्रोफेशनल टेनिस प्लेयर्स एसोसिएशन” से पूरी तरह से दूरी बना ली है। इस संस्था की स्थापना उन्होंने ही की थी। जोकोविच का कहना है कि संगठन में पारदर्शिता और संचालन को लेकर लगातार समस्याएं थीं। जोकोविच और कनाडाई टेनिस खिलाड़ी वासेक पोस्पिसिल ने प्रोफेशनल टेनिस प्लेयर्स एसोसिएशन (पीटीपीए) की स्थापना एक नॉन-प्रॉफिट कॉर्पोरेशन के तौर पर की थी। ये प्रोफेशनल टेनिस के भविष्य को आकार देने में खिलाड़ियों की एक एकजुट, स्वतंत्र आवाज को सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। मार्च 2025 में पीटीपीए और कई खिलाड़ियों ने एटीपी, डब्ल्यूटीए, आईटीएफ और आईटीआईए समेत अन्य संस्थाओं पर कानूनी कार्रवाई की थी, जिसे एटीपी और डब्ल्यूटीए ने खारिज कर दिया। उन पर कई एंटीट्रस्ट उल्लंघनों का आरोप लगाया गया।
13 राष्ट्रीय पक्षी दिवस 2026

राष्ट्रीय पक्षी दिवस 2026 (National Bird Day 2026) 5 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित करता है। परागण से लेकर कीट नियंत्रण तक, पक्षी स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र को सहारा देते हैं। साथ ही यह दिन याद दिलाता है कि आवास विनाश, जलवायु परिवर्तन और अवैध वन्यजीव व्यापार आज भी दुनिया भर में पक्षी आबादी के लिए गंभीर खतरे बने हुए हैं, जिससे संरक्षण प्रयास और भी आवश्यक हो गए हैं। राष्ट्रीय पक्षी दिवस की शुरुआत 2002 में एवियन वेलफेयर कोएलिशन द्वारा की गई थी। यह अमेरिका के ऐतिहासिक क्रिसमस बर्ड काउंट के साथ जुड़ा हुआ है, जो दुनिया के सबसे पुराने वन्यजीव सर्वेक्षणों में से एक है। भारतीय मोर (Peacock), जिसका वैज्ञानिक नाम Pavo cristatus है, भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।इसे 1963 में इसके सांस्कृतिक, धार्मिक और पारिस्थितिक महत्व के कारण राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया।