1 भारत 2026 में ग्लोबल बिग कैट्स शिखर सम्मेलन की करेगा मेजबानी: भूपेंद्र यादव

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ब्राजील के बेलेम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉप 30 में अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के उच्च स्तरीय मंत्री सत्र में भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए घोषणा की कि भारत वर्ष 2026 में नई दिल्ली में ग्लोबल बिग कैट्स समिट की मेजबानी करेगा। उन्होंने ब्राजील के बेलेम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन कॉप 30 के उच्च स्तरीय सत्र में ब्राजील सरकार और अमेजन क्षेत्र के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि अमेजन पृथ्वी की पर्यावरणीय संपदा का जीवंत प्रतीक है और ऐसे स्थान पर यह सम्मेलन वैश्विक जलवायु जिम्मेदारी की गंभीरता को रेखांकित करता है।
2 सीओपी-30 जलवायु शिखर सम्मेलन में सभी से वर्ष 2030 तक वनों की कटाई रोकने का किया गया आग्रह

विश्व वन्यजीव कोष और ग्रीनपीस ने संयुक्त राष्ट्र सीओपी-30 जलवायु शिखर सम्मेलन में सभी से वर्ष 2030 तक वनों की कटाई रोकने के लिए एक रूपरेखा पर सहमत होने का आग्रह किया है। ब्राज़ील में 10 नवंबर से शुरू हुआ संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 21 नवंबर को सम्पन्न होगा। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में विश्व वन्यजीव कोष की अंतर्राष्ट्रीय महानिदेशक किर्स्टन शूइट और ग्रीनपीस ब्राज़ील की कार्यकारी निदेशक कैरोलिना पास्क्वाली ने कहा कि सीओपी-30 को वनों की कटाई रोकने के लिए एक ठोस, समयबद्ध योजना प्रस्तुत करनी चाहिए।
3 नागालैंड सरकार ने हॉर्नबिल महोत्सव के लिए ब्रिटेन को साझेदार देश के रूप में नामित किया

नागालैंड सरकार ने हॉर्नबिल महोत्सव के लिए ब्रिटेन को साझेदार देश के रूप में नामित किया है। इस महोत्सव का आयोजन एक से दस दिसंबर तक कोहिमा के किसामा में होगा।इस संबंध में नई दिल्ली में भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त लिंडी कैमरन, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और ब्रिटिश काउंसिल की भारत में कंट्री डायरेक्टर एलिसन बैरेट ने एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। नागालैंड ने हॉर्नबिल महोत्सव के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस को आधिकारिक यात्रा साझेदार भी घोषित किया। एयरलाइन, 20 नवंबर से नागालैंड आने-जाने वाली उड़ानों पर 15 प्रतिशत की छूट देगी।
4 सीएसी-48 में एशिया क्षेत्र के लिए कार्यकारी समिति में फिर से हुआ भारत का चुनाव

48वें कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग-सीएसी-48 में एशिया क्षेत्र के लिए कोडेक्स कार्यकारी समिति में भारत को फिर चुन लिया गया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि रोम में आयोजित सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रजित पुन्हानी ने किया। भारत ने खाद्य योजकों, कीटनाशक अवशेषों, पशु चिकित्सा दवाओं, विश्लेषण विधियों और खाद्य पदार्थों में संदूषकों से संबंधित डेटाबेस के नवीनीकरण और विकसित करने पर ध्यान दिया। सत्र में भारत ने कोडेक्स संचालन की दक्षता में सुधार के लिए, विशेष रूप से दस्तावेज़ अनुवाद के संबंध में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीकों के उपयोग का भी समर्थन किया। मंत्रालय ने कहा कि यह चुनाव 2027 में सीएसी-50 के अंत तक भारत की सहयोगी नेतृत्वकारी भूमिका की पुष्टि करता है।
5 भारत सरकार ने ‘युवा एआई फॉर ऑल’ का शुभारंभ किया – यह एक निःशुल्क राष्ट्रीय पाठ्यक्रम

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने भारत एआई मिशन के अंतर्गत, ‘युवा एआई फॉर ऑल’ का शुभारंभ किया है। यह अपनी तरह का पहला निःशुल्क पाठ्यक्रम है जो सभी भारतीयों, विशेषरूप से युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया से परिचित कराता है। यह छोटा, 4.5 घंटे का स्व-गतिशील पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, पेशेवरों और अन्य जिज्ञासु शिक्षार्थियों को एआई की मूल बातें समझाने और यह दिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि यह दुनिया को कैसे बदल रहा है। यह सरल और व्यावहारिक है तथा सीखने को रोचक और मनोरंजक बनाने के लिए वास्तविक जीवन के भारतीय उदाहरणों से भरा हुआ है। यह पाठ्यक्रम प्रमुख शिक्षण मंचों – फ्यूचरस्किल्स प्राइम, आईगोट कर्मयोगी और अन्य लोकप्रिय एड-टेक यानी उन्नत प्रौद्योगिकी पोर्टल्स पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस पाठ्यक्रम को पूरा करने वाले प्रत्येक शिक्षार्थी को भारत सरकार से एक आधिकारिक प्रमाण पत्र मिलेगा।
6 सरकार ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर नेशनल एक्शन प्लान 2.0 किया लॉन्च

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को रोकने और नियंत्रित करने के लिए नेशनल एक्शन प्लान ऑन एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (NAP-AMR) 2.0 लॉन्च किया। यह प्लान 2025 से 2029 तक लागू रहेगा। इसका पहला संस्करण साल 2017 में जारी किया गया था। NAP-AMR 2.0 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विश्व AMR जागरूकता सप्ताह (18-24 नवंबर) के पहले दिन लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह नया एक्शन प्लान AMR से निपटने के लिए “वन हेल्थ” दृष्टिकोण पर आधारित होगा, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पशु, कृषि और पर्यावरण सभी को जोड़कर काम किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, “20 से ज्यादा मंत्रालयों की भागीदारी और तय समयसीमा व बजट के साथ, यह प्लान सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।” नड्डा ने कहा कि एंटीबायोटिक के ज्यादा इस्तेमाल और गलत तरीके से उपयोग के कारण एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सर्जरी, कैंसर इलाज और गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि AMR एक गंभीर चुनौती बन चुका है जिसके लिए तत्काल कदम उठाने जरूरी हैं।
प्लान की 6 प्रमुख रणनीतियाँ:
- AMR पर जागरूकता बढ़ाना, प्रशिक्षण और संचार को मजबूत करना
- AMR की लैब क्षमता और निगरानी को मजबूत करना
- संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण के बेहतर उपाय
- मानव, पशु और खाद्य क्षेत्र में एंटीबायोटिक के सही और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा
- AMR पर अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
- AMR पर बेहतर गवर्नेंस और सेक्टरों के बीच तालमेल
7 WTDC-25: भारत ने वैश्विक डिजिटल एकता का किया आह्वान

भारत ने सोमवार को बाकू में आयोजित विश्व दूरसंचार विकास सम्मेलन (WTDC-25) में दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल समावेशन अभियान को प्रदर्शित किया और देशों से सुरक्षित, समावेशी और टिकाऊ डिजिटल भविष्य के लिए सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने सम्मेलन के उच्च-स्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए भारत का विज़न पेश किया। भारत 1869 से अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) का विश्वसनीय साझेदार रहा है। विश्व दूरसंचार विकास सम्मेलन (WTDC), ITU-D द्वारा आयोजित एक वैश्विक मंच है, जिसका उद्देश्य दूरसंचार और डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्राथमिकताएँ तय करना है। इसमें सरकारें, उद्योग जगत के नेता और विशेषज्ञ नई नीतियों और रणनीतियों पर सहमति बनाते हैं। बाकू में शुरू हुआ WTDC-25, सार्वभौमिक, सार्थक और किफायती कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक डिजिटल कार्यक्रमों की दिशा तय करेगा।
8 ईरान ने भारतीयों के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश निलंबित किया

ईरान सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय नागरिकों के लिए अपनी वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा निलंबित कर दी है। ईरान की तरफ से यह कदम उस मामले की प्रतिक्रिया के रूप में उठाया गया, जिसमें भारतीयों को नौकरी का लालच देकर ईरान में तस्करी करके लाया गया और बाद में फिरौती के लिए उनका अपहरण कर लिया गया। ईरान सरकार द्वारा निलंबित किया गया वीजा-मुक्त प्रवेश 22 नवंबर 2025 से प्रभावी होगा। सामान्य पासपोर्ट रखने वाले सभी भारतीय नागरिक इससे प्रभावित होंगे। इस फैसले के प्रभावित होते ही यात्रियों को ईरान में प्रवेश और पारगमन दोनों के लिए वीजा प्राप्त करना आवश्यक होगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य संगठित आपराधिक नेटवर्क द्वारा वीजा छूट के दुरुपयोग को रोकना है जो नौकरी चाहने वालों का शोषण करते हैं।
9 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जंगली जानवरों के हमलों और जलभराव से होने वाले नुकसान को भी शामिल किया जाएगा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब जंगली जानवरों के हमलों और धान की फसल के जलप्लावन से होने वाले फसल नुकसान को भी शामिल किया जाएगा। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने बताया कि जंगली जानवरों के हमले से होने वाले फसल नुकसान को अब स्थानीयकृत जोखिम श्रेणी के अंतर्गत पाँचवें अतिरिक्त कवर के रूप में मान्यता दी जाएगी। वहीं, धान की फसल के जलप्लावन को स्थानीयकृत आपदा के अंतर्गत पुनः शामिल किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि राज्य फसल क्षति के लिए ज़िम्मेदार जंगली जानवरों की सूची अधिसूचित करेंगे। साथ ही ऐतिहासिक आंकड़ों के आधार पर संवेदनशील ज़िलों या बीमा इकाइयों की पहचान करेंगे। इसमें कहा गया है कि किसानों को 72 घंटों के भीतर फसल बीमा ऐप का उपयोग करके जियोटैग की गई तस्वीरें अपलोड करके नुकसान की सूचना देनी होगी। यह निर्णय खरीफ 2026 से लागू होगा। इससे उन राज्यों के किसानों को काफ़ी लाभ होने की उम्मीद है जहाँ मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति ज़्यादा है। इन राज्यों में ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड के साथ-साथ हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्य जैसे असम, मेघालय, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
10 तेलंगाना सरकार ने नागरिक सेवाओं तक पहुंच में सुधार लाने के लिए मीसेवा शुरू की

तेलंगाना सरकार ने लगभग 40 विभागों में सरकार-से-नागरिक सेवाओं तक पहुंच में सुधार लाने के लिए व्हाट्सएप पर मीसेवा शुरू की है। मीसेवा एक उन्नत, संवादात्मक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित मंच है। इस मंच पर नागरिकों को एक सरल चैट इंटरफ़ेस के माध्यम से सरकारी सेवाओं तक पहुंचन में सहायता मिलेगी। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने इस सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य एकीकृत और सहज चैट-आधारित इंटरफ़ेस के माध्यम से पांच सौ 80 से अधिक सरकार-से-नागरिक सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है।
11 भारत के ओलिम्पयन गुरप्रीत सिंह ने पुरुषों की 25 मीटर सेंटर पिस्टल फायर स्पर्धा में रजत पदक जीता

मिस्र की राजधानी काहिरा में आई.एस.एस.एफ. राइफल / पिस्टल विश्व चैम्पियनशिप में भारत के ओलिम्पयन गुरप्रीत सिंह ने पुरुषों की 25 मीटर सेंटर पिस्टल फायर स्पर्धा में रजत पदक जीता है। उन्हें यूक्रेन के पावलो कोरोस्टिलोव से हार का सामना करना पड़ा। विश्व चैम्पियनशिप में गुरप्रीत का यह दूसरा व्यक्तिगत पदक है। उन्हें 2018 में चांगवन में 25 मीटर स्टैण्डर्ड पिस्टल स्पर्धा में पहली बार रजत पदक मिला था। भारत 13 पदकों के साथ विश्व चैम्पियनशिप अभियान में तीसरे नम्बर पर रहा। उसे तीन स्वर्ण, छह रजत और चार कांस्य पदक मिले। चीन पहले और कोरिया दूसरे स्थान पर रहे।
12 प्रधानमंत्री मोदी ने एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025 में 6 स्वर्ण सहित 10 पदक जीतने वाली भारतीय टीम को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025 में छह स्वर्ण सहित 10 पदक जीतकर अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए भारतीय टीम को बधाई दी है। ढाका में आयोजित 24वीं एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 10 पदक (6 स्वर्ण, 3 रजत, 1 कांस्य) जीते और शीर्ष स्थान हासिल किया। यह एशियाई तीरंदाजी के शक्ति-संतुलन में एक बड़ा बदलाव है, जिसमें अंकिता भावगत और धीरज बोम्मादेवारा ने रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतकर दक्षिण कोरिया की लंबे समय से चली आ रही बढ़त को तोड़ा।
13 विश्व COPD दिवस

विश्व सीओपीडी दिवस हर साल नवंबर के तीसरे बुधवार को मनाया जाता है। इस साल यह दिन 19 नवंबर को है। इसका उद्देश्य क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। सीओपीडी श्वसन और फेफड़ों से जुड़ी एक बेहद गंभीर बीमारी है। अक्सर लोग इस बीमारी को अस्थमा से जोड़ कर देखते हैं, हालांकि दोनों में सांस लेने में कठिनाई होती है, लेकिन ये एक ही बीमारी नहीं हैं। सीओपीडी एक प्रगतिशील बीमारी है, जिसका अर्थ है कि समय के साथ फेफड़ों की कार्यक्षमता बिगड़ती जाती है, और यह नुकसान अक्सर स्थायी होता है। यह मुख्य रूप से धूम्रपान या प्रदूषण के कारण होता है। दूसरी ओर अस्थमा सांस की नली में अस्थायी सूजन के कारण होता है, जो एलर्जी या ट्रिगर्स के संपर्क में आने पर होता है। अस्थमा का सही इलाज करने पर फेफड़ों की कार्यक्षमता आमतौर पर सामान्य हो जाती है।