मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान मिला

0
22

1 मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान मिला

इथियोपिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान- द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया से सम्मानित किया। इथियोपिया ने पीएम मोदी को सम्मानित करने में पुरानी परंपराएं तोड़ दीं। पीएम मोदी दुनिया के पहले विदेशी राष्ट्र प्रमुख हैं, जिन्हें इथियोपिया ने देश के सर्वोच्च सम्मान द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया से नवाजा। उन्हें दुनिया के 25वां देश सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित कर चुके हैं। मोदी से पहले किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को इतने शीर्ष सम्मान हासिल नहीं हुए हैं। पीएम मोदी को यह सम्मान अदीस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया।

2 नई दिल्ली में 17 से 19 दिसंबर तक पारंपरिक चिकित्सा पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के दूसरे वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा

 

17 से 19 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दूसरे वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य और कल्याण पर वैश्विक संवाद का आयोजन किया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा सह-आयोजित यह शिखर सम्मेलन संतुलित, समावेशी और सतत स्वास्थ्य प्रणालियों के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए दुनिया भर के नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, स्वदेशी ज्ञान धारकों और नागरिक समाज के नेताओं को एक साथ लाएगा। इस शिखर सम्मेलन का विषय है “संतुलन की बहाली : स्वास्थ्य और कल्याण का विज्ञान और अभ्यास”। वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य प्रणालियों में असमानताओं, पर्यावरणीय तनाव और बढ़ती दीर्घकालिक बीमारियों के समय में यह शिखर सम्मेलन पारंपरिक चिकित्सा की प्रासंगिकता को पुनः स्थापित करने के साथ-साथ विज्ञान, साक्ष्य और उत्तरदायित्वपूर्ण अभ्यास के आधार पर इसकी भूमिका को सुदृढ़ करेगा। 2023 में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित पहले शिखर सम्मेलन से मिली सफलता आगे बढ़ाते हुए, नई दिल्ली में आयोजित यह सम्मेलन वैश्विक स्वास्थ्य एजेंडा में पारंपरिक चिकित्सा को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

3 भारत और एडीबी ने विकास परियोजनाओं के लिए 2.2 बिलियन डॉलर से अधिक के ऋण मसौदे पर हस्ताक्षर किए

भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए कुल 2.2 बिलियन डॉलर से अधिक के पांच ऋण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह वित्तपोषण कौशल और रूफटॉप सौर प्रणाली लगाने में भारत के राष्ट्रीय प्रमुख कार्यक्रमों के तहत पहलों के साथ-साथ तीन राज्यों में स्वास्थ्य सेवा, मेट्रो विकास और इकोटूरिज्म संवर्धन का समर्थन करने वाली परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगा। ऋणों को अंतिम रूप देने के लिए भारत सरकार का एडीबी के साथ जुड़ाव आर्थिक कार्य विभाग के संयुक्त सचिव (एडीबी और जापान) श्री बलदेव पुरुषार्थ के मार्गदर्शन में किया गया था। तदनुसार, ऋण समझौतों पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग के उप सचिव श्री सौरभ सिंह और एडीबी की ओर से अधिकारी-प्रभारी और डिप्टी कंट्री डायरेक्टर, इंडिया रेजिडेंट मिशन सुश्री आरती मेहरा ने हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षरित परियोजनाओं में अपग्रेडेड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट प्रोग्राम के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन का समर्थन (846 मिलियन डॉलर); किफायती और समावेशी रूफटॉप सौर प्रणालियों के विकास कार्यक्रम में तेजी लाना (उपकार्यक्रम 1 –650 मिलियन डॉलर); असम राज्य तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल संवर्धन परियोजना (आस्था- 398.8 मिलियन डॉलर); चेन्नई मेट्रो रेल निवेश परियोजना (किस्त 2- 240 मिलियन डॉलर); और मेघालय में एकीकृत इकोटूरिज्म और सतत कृषि-आधारित आजीविका विकास परियोजना (77 मिलियन डॉलर) शामिल हैं।

4 डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल, 2025 पेश किया

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल, 2025 पेश किया, जो भारत के परमाणु ऊर्जा को नियंत्रित करने वाले कानूनी तंत्र को अपडेट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु क्षति के लिए नागरिक जिम्मेदारी अधिनियम, 2010 को रद्द करना और उन्हें भारत की वर्तमान एवं भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुरूप एक एकल, व्यापक कानून में परिवर्तित करना है। प्रस्तावित विधेयक भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा एवं जलवायु लक्ष्यों से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। यह 2070 तक कार्बन न्यूनीकरण के लिए देश की रूपरेखा और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के लक्ष्य को रेखांकित करता है। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, विधेयक स्वदेशी परमाणु संसाधनों का पूर्ण उपयोग करने और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देता है, साथ ही भारत को वैश्विक परमाणु ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करता है।

5 केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक सभा में पेश किया “विकसित भारत– जी राम जी बिल”

केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक सभा में विकसित भारत– जी राम जी (Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB–G RAM G विधेयक- 2025 पेश किया। इसके तहत हर वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। संसद में शिवराज सिंह ने कहा कि हमारा संकल्प है गरीबों का कल्याण और इसमें उसी संकल्प को पूरा करने का हमने प्रयत्न किया है। न केवल गरीबों का कल्याण बल्कि उसके साथ गांवों का संपूर्ण विकास, जो महात्मा गांधी भी कहते थे- एक संपूर्ण गांव, एक स्वावलंबी गांव, एक विकसित गांव का निर्माण। इसका प्रावधान इसमें किया गया है और केवल प्रावधान ही नहीं, केंद्र सरकार इस पर 95 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अभी खर्च करने का काम करेगी, यह हमने तय किया है।

6 भारतीय नौसेना उप प्रमुख की मालदीव यात्रा – अभ्यास एकता – 2025 का समापन

भारतीय नौसेना के उप प्रमुख, वाइस एडमिरल तरुण सोबती, 15 से 17 दिसंबर 2025 तक मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और मालदीव के बीच आयोजित संयुक्त द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘एकता 2025’ के समापन समारोह में भाग लेना है। अभ्यास एकता, जिसकी शुरुआत 2017 में हुई थी, भारतीय नौसेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के बीच आयोजित होने वाला एक वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है। इस अभ्यास के 8वें संस्करण में इंटरऑपरेबिलिटी और परिचालन तालमेल को बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक प्रोफेशनल बातचीत देखी गई। गतिविधियों में तकनीकी और कॉम्बैट डाइविंग, बोर्डिंग ऑपरेशंस, फायरिंग अभ्यास, विध्वंस और विस्फोटक प्रबंधन, असममित युद्ध रणनीति और विशेष हेली-बोर्न ऑपरेशन अभ्यास शामिल थे।

7 डीएससी ए20 (पहले डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट) को कमीशन किया गया

भारतीय नौसेना ने 16 दिसंबर, 2025 को कोच्चि नौसेना बेस में आयोजित एक समारोह के दौरान पांच गोताखोरी सहायक जहाजों (डीएससी) में से पहले पोत डीएससी ए20 को औपचारिक रूप से नौसेना में कमीशन किया। इन जहाजों को मेसर्स टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने की, जबकि इसकी मेजबानी युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक वाइस एडमिरल संजय साधु ने की। समारोह में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, कोलकाता स्थित मेसर्स टिटागढ़ रेल सिस्टम लिमिटेड के प्रतिनिधि और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। पांच गोताखोरी सहायक जहाजों के निर्माण का अनुबंध 12 फरवरी, 2021 को रक्षा मंत्रालय और कोलकाता स्थित मेसर्स टिटागढ़ रेल सिस्टम लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित किया गया था।

8 NHAI ने मध्य प्रदेश में NH-45 पर भारत की पहली वन्यजीव-सुरक्षित सड़क शुरू की

 

पर्यावरण-संवेदनशील अवसंरचना विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-45 (NH-45) के एक हिस्से पर भारत की पहली वन्यजीव-सुरक्षित सड़क शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य पशु-वाहन टक्करों को कम करना और साथ ही वन गलियारों से होकर सुचारु सड़क संपर्क सुनिश्चित करना है। यह वन्यजीव-सुरक्षित सड़क NH-45 के 11.96 किलोमीटर लंबे हिरन सिंदूर खंड पर स्थित है, जो भोपाल और जबलपुर को जोड़ता है। जबलपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित यह मार्ग नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व के बीच घने वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। यह इलाका बाघ, हिरण, सांभर, सियार सहित कई वन्यजीवों का आवास है, जहाँ बार-बार जानवरों के सड़क पार करने से दुर्घटनाएँ होती रही हैं। इस परियोजना की सबसे खास विशेषता ‘टेबल-टॉप रेड रोड मार्किंग्स’ हैं, जिनका उपयोग भारत में पहली बार किया गया है। पारंपरिक स्पीड ब्रेकर से अलग, ये सड़क पर बनाई गई हल्की उभरी हुई, चेकर्ड लाल सतहें होती हैं। इनका डिज़ाइन टेबल-टॉप प्रभाव पैदा करता है, जिससे चालक बिना अचानक ब्रेक लगाए स्वाभाविक रूप से गति कम कर लेते हैं। चमकीला लाल रंग पारंपरिक सफेद या पीले निशानों की तुलना में अधिक स्पष्ट दिखाई देता है और चालकों को चेतावनी देता है कि वे वन्यजीव-संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। लगभग पूरे 12 किलोमीटर के वन खंड में ये मार्किंग्स की गई हैं ताकि गति पर निरंतर नियंत्रण बना रहे।

9 बी. साईराम कोल इंडिया लिमिटेड के नए सीएमडी बने

कोयला मंत्रालय ने बी. साईराम को कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) का नया अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 15 दिसंबर 2025 को घोषित की गई, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी के नेतृत्व की जिम्मेदारी एक अनुभवी खनन पेशेवर को सौंपी गई है। ऊर्जा सुरक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र के प्रशासन और औद्योगिक नीति के दृष्टिकोण से यह नेतृत्व परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

10 भारत में बना पहला स्वदेशी 1.0 GHz माइक्रोप्रोसेसर

भारत ने DHRUV64 के प्रक्षेपण के साथ तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह देश का पहला पूर्णतः स्वदेशी 1.0 गीगाहर्ट्ज़, 64-बिट डुअल-कोर माइक्रोप्रोसेसर है। इसे माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम (MDP) के तहत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) द्वारा विकसित किया गया है। यह प्रोसेसर भारत के घरेलू सेमीकंडक्टर डिज़ाइन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया है। यह चिप भारत को विदेशी चिप्स पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अनुसार, यह प्रोसेसर भारत की स्वदेशी प्रोसेसर पाइपलाइन को सशक्त बनाता है और रणनीतिक तथा वाणिज्यिक—दोनों प्रकार के अनुप्रयोगों को समर्थन देने में सक्षम है।

11  विजय दिवस

विजय दिवस, जिसे विक्ट्री डे या बिजॉय डिबोस भी कहा जाता है, भारत और बांग्लादेश में हर वर्ष 16 दिसंबर को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह दिन 1971 के भारत–पाक युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय की 54वीं वर्षगांठ को चिह्नित करता है। यह युद्ध दक्षिण एशिया की भू-राजनीति को नया आकार देने वाला सिद्ध हुआ और इसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। यह दिवस निर्णायक सैन्य विजय के साथ-साथ दोनों देशों के उन शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता है जिन्होंने युद्ध में अपने प्राण न्योछावर किए। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सशस्त्र बलों ने ढाका (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) में भारतीय सशस्त्र बलों और मुक्ति वाहिनी (बांग्लादेश की मुक्ति सेना) के समक्ष औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इस आत्मसमर्पण के साथ बांग्लादेश मुक्ति संग्राम और 1971 का भारत–पाक युद्ध समाप्त हुआ—यह भारत के सैन्य इतिहास की सबसे निर्णायक जीतों में से एक है। लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने हथियार डाले, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण माना जाता है।