1 यूट्यूब पर पीएम मोदी नंबर-1, 30 मिलियन सब्सक्राइबर्स के साथ रचा इतिहास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल जगत में एक और अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 3 करोड़ (30 मिलियन) सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ वह यूट्यूब पर दुनिया के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेता बन गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी 2007 में यूट्यूब से जुड़े थे। इस वैश्विक रैंकिंग में प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्षों से काफी आगे हैं। दूसरे स्थान पर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो हैं, जिनके सब्सक्राइबर्स की संख्या लगभग 66 लाख (6.6 मिलियन) है, जो प्रधानमंत्री मोदी की तुलना में महज एक-चौथाई है। यूट्यूब पर पीएम मोदी की डिजिटल पहुंच अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप के मुकाबले भी कहीं अधिक व्यापक बताई जा रही है। उनके सब्सक्राइबर्स की संख्या ट्रंप से सात गुना से भी ज्यादा है।
2 भारतीय नौसेना के लिए 04 X 500 टन स्व-चालित ईंधन नौकाओं के लिए मैसर्स शोफ्ट शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे के साथ अनुबंध

मेसर्स शोफ्ट शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे (एमएसएमई शिपयार्ड) के साथ 04 X 500T स्व-चालित ईंधन बार्ज के निर्माण के लिए 02 मार्च, 2026 को एक अनुबंध किया गया। ये बार्ज भारत सरकार की “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” पहलों के गौरवशाली ध्वजवाहक हैं और इनका निर्माण इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के अंतर्गत किया जाएगा। इन बार्ज का प्राथमिक कार्य बंदरगाह और लंगरगाह में स्थित जहाजों और पनडुब्बियों को ईंधन की आपूर्ति करना होगा । इस अनुबंध के द्वारा भारतीय नौसेना लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शिपयार्डों के विकास को निरंतर प्रोत्साहित और मजबूत करना है।

डोल पूर्णिमा, जिसे डोल जात्रा, दौल उत्सव या देउल के नाम से भी जाना जाता है, पूर्वी भारत (पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम) में मनाया जाने वाला सबसे जीवंत हिंदू त्योहारों में से एक है। यह त्योहार हिंदू माह फाल्गुन (फरवरी-मार्च) की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है और रंगों के प्रसिद्ध त्योहार होली के साथ मेल खाता है । डोल पूर्णिमा भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम और भक्ति से गहराई से जुड़ी हुई है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण राधाकृष्ण त्योहार बन जाता है।
4 असम से जीआई-टैग वाले कार्बी आंगलोंग अदरक का पहली बार निर्यात

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि असम ने कृषि निर्यात में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जीआई-टैग प्राप्त कार्बी आंगलोंग अदरक की पहली खेप लंदन भेजी गई है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। कार्बी आंगलोंग के किसानों से सीधे प्राप्त 21.2 मीट्रिक टन प्रीमियम ताजा अदरक की खेप को गुवाहाटी के कृषि भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह पहली बार है जब जीआई टैग वाला कार्बी आंगलोंग अदरक असम से ब्रिटेन के बाजार में निर्यात किया जा रहा है।

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के अट्टुकल मंदिर में आयोजित होने वाला अट्टुकल पोंगल विश्व में किसी त्योहार के लिए महिलाओं का सबसे बड़ा जमावड़ा है। पोंगल, जिसका अर्थ है ‘उबलना‘, एक ऐसा अनुष्ठान है जिसमें महिलाएं मीठा पायसम (चावल, गुड़, नारियल और केले को एक साथ पकाकर बनाया गया हलवा) तैयार करती हैं और देवी या ‘भगवती’ को अर्पित करती हैं।
6 केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने जनजातीय कला उत्सव 2026 का उद्घाटन किया

नई दिल्ली में केजी मार्ग पर स्थित त्रावणकोर पैलेस में 2-13 मार्च 2026 तक जनजातीय कला उत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने त्रावणकोर पैलेस में 12 दिवसीय उत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने जनजातीय समुदायों के सुनियोजित आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ जनजातीय विरासत के संरक्षण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता जताई। जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफआईसीसी) और नैशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में 75 से अधिक जनजातीय कलाकार और 30 से अधिक जनजातीय कला परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाली 1,000 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। यह भारत की जनजातीय दृश्य संस्कृति के सबसे व्यापक राष्ट्रीय कला उत्सव में से एक है।
7 विश्व वन्यजीव दिवस

विश्व वन्यजीव दिवस हर साल 3 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के महत्व को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। विश्व वन्यजीव दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि पृथ्वी की सीमाएं हैं, परंतु मानव की जिम्मेदारियां असीम हैं। यदि आज हमने सतत विकास, हरित ऊर्जा, जिम्मेदार उपभोग और संरक्षण-आधारित नीतियों को नहीं अपनाया, तो भविष्य की पीढ़ियां हमें क्षमा नहीं करेंगी। भारत विश्व के 17 ‘मेगा-बायोडायवर्स’ देशों में शामिल है। यहां विश्व की लगभग 8% ज्ञात जैव विविधता पाई जाती है, जबकि भौगोलिक क्षेत्रफल मात्र 2.4% है। हिमालय, पश्चिमी घाट, सुंदरबन, थार मरुस्थल, अंडमान-निकोबार द्वीप, ये सभी अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्रों के उदाहरण हैं। भारत ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। 1972 का वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों की स्थापना, प्रोजेक्ट टाइगर, प्रोजेक्ट एलीफेंट, ग्रीन इंडिया मिशन ये सभी प्रयास संरक्षण की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। विश्व वन्यजीव दिवस 2026 की थीम : “Medicinal and Aromatic Plants: Conserving Health, Heritage and Livelihoods” (“औषधीय और सुगंधित पौधे: स्वास्थ्य, विरासत और आजीविका का संरक्षण”)