राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार-2025 प्रदान किए

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1 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार-2025 प्रदान किए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार-2025 प्रदान किए। यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए राष्ट्र का सर्वोच्च सम्मान है। ये पुरस्कार विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर और विज्ञान टीम सहित चार श्रेणियों के अंतर्गत दिए गए। पद्म विभूषण प्रोफेसर जयंत विष्णु नारलिकर को मरणोपरांत विज्ञान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आठ वैज्ञानिकों को विज्ञान श्री पुरस्कार और 14 युवा वैज्ञानिकों को विज्ञान युवा श्रेणी के अंतर्गत सम्मानित किया गया, जबकि विज्ञान में टीम पुरस्कार अरोमा मिशन सी एस आई आर को दिया गया। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार की स्थापना विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों के व्यापक क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से या टीमों में कार्यरत वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और नवोन्मेषकों के उत्कृष्ट तथा प्रेरणादायक योगदान को सम्मानित करने के लिए की गई है। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची देखने के लिए कृपया यहाँ पर क्लिक कीजिए

2 उपराष्ट्रपति ने ‘सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि’ पुस्तक का विमोचन किया

 

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति निवास में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि‘ का विमोचन किया। उपराष्ट्रपति ने श्री देवनानी को पुस्तक लिखने के लिए बधाई दी और इसे एक समयोचित एवं महत्वपूर्ण योगदान कहा, विशेषकर तब जब देश पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी मना रहा है।

3 श्रीहरिकोटा से इसरो का एलवीएम-3 एम-6 मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च

इसरो का एलवीएम-3 एम-6 मिशन सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 8.54 बजे लॉन्च हुआ। यह मिशन अमेरिका-बेस्ड एएसटी स्पेस मोबाइल के साथ एक कमर्शियल डील के तहत ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को ऑर्बिट में ले गया। यह मिशन अगली पीढ़ी के कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट में तैनात करेगा, जिसे दुनिया भर के स्मार्टफोन को सीधे हाई-स्पीड सेलुलर ब्रॉडबैंड देने के लिए डिजाइन किया गया है। ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 स्पेसक्राफ्ट एलवीएम-3 रॉकेट के इतिहास में लो अर्थ ऑर्बिट में लॉन्च किया जाने वाला सबसे भारी पेलोड है, जिसका वजन 6.5 टन है। लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) सैटेलाइट 19 अक्टूबर को अमेरिका से भारत आया। यह अमेरिका और इसरो के बीच दूसरा कोलेबोरेशन है। जुलाई में, इसरो ने 1.5 बिलियन डॉलर का नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार मिशन (निसार) सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसका मकसद कोहरे, घने बादलों और बर्फ की परतों को भेदने की कैपेसिटी के साथ हाई-रिजॉल्यूशन अर्थ स्कैन लेना है। एलवीएम-3 रॉकेट ने ही चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और 72 सैटेलाइट वाले दो वनवेब मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था।

4 भारतीय तटरक्षक बल ने गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में अपने पहले प्रदूषण नियंत्रण पोत, समुद्र प्रताप को शामिल किया

भारतीय तटरक्षक बल ने गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में अपने पहले प्रदूषण नियंत्रण पोत, समुद्र प्रताप को शामिल किया। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित भारतीय तटरक्षक बल का यह पहला पोत है। यह पोत अत्याधुनिक तकनीक और स्वदेश में विकसित प्रणालियों से लैस है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।

5 पंचायती राज मंत्रालय ने किया दो दिवसीय पेसा महोत्सव का शुभारंभ

पंचायती राज मंत्रालय ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशाखापत्तनम में दो दिवसीय पेसा महोत्सव का शुभारंभ किया है। पेसा अधिनियम का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं का विस्तार करके और स्थानीय स्वशासन में ग्राम सभाओं की भूमिका को मजबूत करके आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाना है। इस महोत्सव का आयोजन अधिनियम के विषय में जागरूकता और इन क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।

6 चक्रवात दित्वाह से प्रभावित श्रीलंका को मदद के लिए 450 मिलियन डॉलर का पैकेज देगा भारत

भारत श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में सहायता के लिए साढे़ चार सौ मिलियन डॉलर का पैकेज प्रदान करेगा। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कोलंबो में मीडिया को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस पैकेज में साढे़ तीन सौ मिलियन डॉलर की रियायती ऋण लाइन और 100 मिलियन डॉलर का अनुदान शामिल है, जिसका उद्देश्य चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में सहायता करना है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की सहायता से चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों को बेहतर सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें सड़क, रेल और पुल संपर्क का पुनर्निर्माण क्षतिग्रस्त घरों के निर्माण के लिए सहायता शामिल है। विदेश मंत्री ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से मुलाकात की, चक्रवात से हुए नुकसान पर विस्तृत चर्चा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र उन्हें सौंपा।

7 केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और वर्चुअल रियलिटी माइन सिम्युलेटर का उद्घाटन किया

दो दिवसीय झारखंड दौरे पर आए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के तहत स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने वर्चुअल रियलिटी माइन सिम्युलेटर (वीआरएमएस) का भी लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी द्वारा उद्घाटित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अनुसंधान और औद्योगिक-स्तर के समाधानों के लिए एक राष्ट्रीय केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह केंद्र मुख्य रूप से महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, एक्सट्रैक्शन, प्रसंस्करण,रीसाइक्लिंग, रीयूज और वेस्ट-टू-वेल्थ जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उद्योग जगत के लीडर्स और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय तथा सेंट पीटर्सबर्ग विश्वविद्यालय जैसे अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी करेगा। साथ ही, इसे आईआईटी गांधीनगर, आईआईटी बीएचयू और सीपीआई (यूके) से इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता भी प्राप्त होगी। कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों—नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड एवं ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सहयोग से आईआईटी (आईएसएम) धनबाद द्वारा विकसित वीआरएसएम, कोयला खनन सुरक्षा और उत्पादकता के लिए भारत का पहला ‘वर्चुअल रियलिटी’ आधारित माइन सिम्युलेटर है। 360-डिग्री इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी थिएटर से लैस, यह वीआरएमएस वास्तविक खदानों के डेटा का उपयोग करता है और भारी उपकरणों के संचालन एवं महत्वपूर्ण सुरक्षा मानक संचालन प्रक्रियाओं को कवर करने वाले 20 से अधिक प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करता है।

8 इन्फ्लुएंजा से निपटने की तैयारी मजबूत करने के लिए NCDC और WHO की बैठक

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के तहत National Centre for Disease Control (NCDC) ने World Health Organization (WHO) इंडिया के सहयोग से सोमवार को देश में इन्फ्लुएंजा से निपटने की तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से दो दिवसीय बैठक की शुरुआत की। “इन्फ्लुएंजा तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए अंतर-मंत्रालयी और अंतर-क्षेत्रीय समन्वय को मजबूत करना” विषय पर आयोजित यह चिंतन शिविर 22 से 23 दिसंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आगामी इन्फ्लुएंजा सीजन से पहले प्रमुख हितधारकों के बीच विचार-विमर्श के लिए एक संगठित मंच उपलब्ध कराना है, ताकि तैयारी और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया जा सके।

9 भारत में सक्रिय हुई Google की Android इमरजेंसी लोकेशन सेवा

 

टेक कंपनी Google ने भारत में एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए अपनी Emergency Location Service (ELS) को सक्रिय कर दिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां इस उन्नत कॉलर लोकेशन तकनीक को 112 इमरजेंसी सेवाओं के साथ पूरी तरह एकीकृत किया गया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अब एंड्रॉयड फोन से 112 पर कॉल या SMS करने पर कॉलर की सटीक लोकेशन अपने आप इमरजेंसी रिस्पॉन्डर्स तक पहुंच जाएगी। ELS एंड्रॉयड फोन में पहले से मौजूद एक इन-बिल्ट फीचर है, जो आपात स्थिति में कॉल करने पर कॉलर की सटीक लोकेशन साझा करता है। यह सेवा

  • GPS,
  • Wi-Fi, और
  • मोबाइल नेटवर्क सिग्नल

का उपयोग कर कॉलर की लोकेशन को लगभग 50 मीटर की सटीकता के साथ पहचानती है। यह तकनीक उन हालात में बेहद मददगार साबित होती है, जब आपातकालीन कॉल जुड़ने के तुरंत बाद कट जाती है। ऐसी स्थिति में भी इमरजेंसी सेवाओं को कॉलर की लोकेशन मिल जाती है और मदद जल्दी पहुंचाई जा सकती है। Google ने स्पष्ट किया है कि ELS सेवा को मजबूत प्राइवेसी सुरक्षा के साथ डिजाइन किया गया है। यह सेवा केवल इमरजेंसी कॉल या SMS के दौरान ही सक्रिय होती है, इसका उपयोग पूरी तरह मुफ्त है, इसके लिए किसी अतिरिक्त ऐप या हार्डवेयर की जरूरत नहीं होती।

10 दुनिया की पहली एआई लैब असिस्टेंट IIT दिल्ली ने किया विकसित

एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब प्रयोगशाला में असली वैज्ञानिक की तरह काम करेगा। आईआईटी दिल्ली ने दुनिया की पहली एआई लैब असिस्टेंट (एलए) प्रणाली विकसित की है, जो बिल्कुल मानव वैज्ञानिक की तरह प्रयोगशालाओं में स्वयं प्रयोग कर सकती है। यह प्रणाली आईआईटी दिल्ली ने डेनमार्क और जर्मनी के वैज्ञानिकों के सहयोग से विकसित की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैज्ञानिक अनुसंधान की दिशा को पूरी तरह बदलने वाला साबित हो सकता है। यह शोध प्रतिष्ठित जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है। अब तक चैटजीपीटी जैसे एआई मॉडल केवल टेक्स्ट लिखने या सवालों के जवाब देने तक सीमित थे, लेकिन एआई एलए इन सीमाओं को तोड़ता है। यह एआई प्रयोगों की योजना बना सकता है, वास्तविक उपकरणों को चला सकता है, माइक्रोस्कोप सेट कर सकता है, परिणामों का विश्लेषण कर सकता है और वैज्ञानिक की तरह निर्णय भी ले सकता है।

11 खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: 14 फरवरी से होगी शुरुआत

 

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (केआईटीजी) के लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट का मंगलवार को बिलासपुर के स्वर्गीय बीआर यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में आधिकारिक रूप से अनावरण किया गया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की शुरुआत अगले साल 14 फरवरी से होगी। केआईटीजी 2026 को मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन, नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन और छत्तीसगढ़ स्टेट ऑर्गनाइजिंग कमिटी मिलकर संभालेंगे, जिसमें टेक्निकल स्टैंडर्ड्स इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन के बराबर होंगे। ऑफिशियल मैस्कॉट को ‘मोरवीर’ नाम दिया गया है। यह नाम छत्तीसगढ़ के कल्चरल माहौल से गहराई से जुड़ा हुआ है, जो दो शब्दों से बना है—’मोर’, जिसका छत्तीसगढ़ी में मतलब ‘मेरा’ या ‘हमारा’ होता है। वहीं, ‘वीर’ शब्द हिम्मत और बहादुरी का प्रतीक है। ऐसे में ‘मोरवीर’ भारत के आदिवासी समुदायों की भावना, गर्व और पहचान को दिखाता है। गेम्स के पहले एडिशन में 7 कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट्स होंगे। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, रेसलिंग, स्विमिंग और वेटलिफ्टिंग के अलावा, दो डेमोंस्ट्रेशन स्पोर्ट्स भी होंगे, जो भारत की पारंपरिक स्पोर्ट्स परंपराओं को दिखाएंगे। अब तक खेलो इंडिया यूथ गेम्स के 7 एडिशन, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के 5 एडिशन, खेलो इंडिया विंटर गेम्स के 6 एडिशन, खेलो इंडिया पैरा गेम्स के 2 एडिशन, खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल का पहला एडिशन और खेलो इंडिया बीच गेम्स का पहला एडिशन 36 राज्यों/यूटीएस की भागीदारी के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।

12 दीप्ति शर्मा का जलवा, बनीं दुनिया की नंबर वन टी20 गेंदबाज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा टी20 फॉर्मेट में दुनिया की नई नंबर वन गेंदबाज बन गई हैं। दीप्ति शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। टॉप-10 में दीप्ति शर्मा एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं। दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड, जबकि तीसरे स्थान पर पाकिस्तान की सादिया इकबाल हैं। इन दोनों खिलाड़ियों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है। चौथे स्थान पर इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टन और पांचवें स्थान पर इंग्लैंड की ही लॉरेन बेल काबिज हैं। महिलाओं की नई वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट एक बार फिर भारत की स्मृति मंधाना को पछाड़ते हुए नंबर वन स्थान पर पहुंच गई हैं। वोल्वार्ड्ट को एक स्थान का फायदा हुआ है, जबकि मंधाना दूसरे स्थान पर खिसक गई हैं और उन्हें एक स्थान का नुकसान हुआ है।