राष्ट्रपति मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किया स्वीकार, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

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1 राष्ट्रपति मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किया स्वीकार, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री परामर्श पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के अंतर्गत श्री धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री के परामर्श, राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि मंत्रिमंडल मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालय के प्रभार के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा जाए। श्री जोशी, वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि उनका यह फैसला छात्रों के हितों की रक्षा करने और देश के युवाओं को “भ्रम के जाल” में फंसने से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।

2 प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल

प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। विश्व के सबसे पवित्र बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक सारनाथ को दक्षिण कोरिया के बुसान में चल रही यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र के दौरान यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण-ए.एस.आई ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सारनाथ भारत का 45वां विश्व धरोहर स्थल बन गया है, जिससे वैश्विक मंच पर देश की सांस्कृतिक विरासत और मजबूत हुई है। सारनाथ बौद्ध धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र स्थल है। उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित इस ऐतिहासिक स्थल पर भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना प्रथम उपदेश दिया था। इस सूची में शामिल स्थल के दो भाग हैं – चौखंडी स्तूप और सारनाथ के पुरातात्विक अवशेष (धमेक स्तूप, धर्मराजिका स्तूप, मूलगंधकुटी विहार, अशोक स्तंभ, आदि), जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित हैं। ये दोनों हिस्से मिलकर सारनाथ के प्राचीन स्थल के वास्तुशिल्प और पुरातात्विक अवशेषों को संजोए हुए हैं। बौद्ध परंपरा में इस स्थल को अलग-अलग नामों, ऋषिपत्तन, इषिपत्तन, मृगदाव के नाम से जाना जाता है। ये सभी नाम एक पवित्र स्थान की ओर इशारा करते हैं, जहाँ छठी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध आए थे और उन्होंने अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे ‘धर्म के पहिये का घूमना’ (धर्मचक्र प्रवर्तन ) कहा जाता है। इसी घटना से बौद्ध संघ की शुरुआत हुई और आर्य अष्टांगिक मार्ग के सिद्धांतों की स्थापना हुई। इस जगह पर प्राचीन स्मारकों का एक समूह है, जो पूर्व-मौर्य काल (5वीं-4वीं सदी ईसा पूर्व से तीसरी सदी ईसा पूर्व) से लेकर 12वीं सदी ईस्वी में सारनाथ के विनाश तक बनाए गए थे (इसमें बाद में कुछ और चीजें भी जोड़ी गईं)। सारनाथ को विश्व धरोहर स्थल घोषित किए जाने के बाद, बौद्ध तीर्थयात्रा के चार सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से तीन, लुंबिनी (नेपाल), महाबोधि मंदिर, बोधगया (बिहार) और अब सारनाथ (उत्तर प्रदेश) विश्व धरोहर में शामिल हो गए हैं। सारनाथ के प्राचीन स्थल को 1998 में विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल किया गया था। इस सूची में 45 स्थलों के साथ, भारत दुनिया भर में छठे और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है, जहाँ सबसे ज़्यादा विश्व धरोहर स्थल हैं। 196 देशों ने विश्व धरोहर सम्मेलन, 1972 को मंज़ूरी दी है।

3 आयकर दिवस पर निर्मला सीतारमण का 5R मंत्र

 

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित 167वें आयकर दिवस समारोह में जवाबदेह और करदाता-केंद्रित टैक्स व्यवस्था के लिए ‘5R’ की रूपरेखा पेश की। उन्होंने टैक्स व्यवस्था में अधिक निश्चितता लाने, कानूनी विवादों को कम करने और ईमानदार करदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने करदाता सेवाओं के लिए ‘रिस्पॉन्सिव टैक्स गवर्नेंस’ के 5R सिद्धांत प्रस्तुत किए

  • पहचानना (Recognise)
  • प्रतिक्रिया देना (Respond)
  • समाधान करना (Resolve)
  • विचार करना (Reflect)
  • सुधार करना (Reform)

6 राष्‍ट्रमंडल खेलों में भारत को पहला पदक मिला, झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट पैरा भारोत्‍तोलन में कांस्‍य पदक जीता

 

 

ग्लास्गो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अपना पहला पदक जीत लिया है। पैरा पावरलिफ्टिंग की पुरुष हैवीवेट स्पर्धा में झंडू कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। बिहार के नालंदा के रहने वाले झंडू कुमार ने 190 किलोग्राम भार उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने 196 किलोग्राम का रिकॉर्ड प्रयास भी किया, लेकिन उसे पूरा नहीं कर सके। लाइटवेट वर्ग में अशोक मलिक चौथे और परमजीत कुमार सातवें स्थान पर रहे। महिला वर्ग में जसप्रीत कौर छठे और सुमन देवी सातवें स्थान पर रहीं। झंडू कुमार ने पोलियो और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की।

7 अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने अपने मुख्य अभियोजक करीम खान को पद से हटाया

 

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने अपने मुख्य अभियोजक करीम खान को पद से हटा दिया है। सदस्य देशों ने कदाचार के आरोपों के चलते उन्हें पद से हटाने के लिए भारी बहुमत से मतदान किया था। ब्रिटिश वकील करीम खान पर लगभग दो वर्षों से एक महिला सहयोगी के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। खान ने इन आरोपों से इनकार किया है।

8 उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दो दिवसीय ओरिएंटेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया

राज्यसभा के माननीय सभापति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने आज 2026 के द्विवार्षिक चुनावों में नव निर्वाचित/मनोनीत राज्यसभा सदस्यों के लिए दो दिवसीय अनुकूलन कार्यक्रम ‘प्रारंभ‘ का उद्घाटन किया। नई दिल्ली में राज्यसभा के नवनिर्वाचित और मनोनीत सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सदन में होने वाली बहस हमेशा किसी सार्थक निर्णय तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ वाद-विवाद लोकतंत्र को मजबूत करता है, जबकि रचनात्मक सहयोग राष्ट्र की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है।

9 एनटीपीसी की पकरी-बरवाडीह खदान को लगातार दूसरी बार फाइव स्टार रेटिंग

 

देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही एनटीपीसी की झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव स्थित पकरी-बरवाडीह ओपन कास्ट कोयला खदान को लगातार दूसरे वर्ष फाइव स्टार रेटिंग मिली है। सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के आधार पर कोयला मंत्रालय के अधीन कोयला नियंत्रक कार्यालय (सीसीओ) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यह सम्मान प्रदान किया है। एनटीपीसी की तीन खदानों—झारखंड की पकरी-बरवाडीह, ओडिशा की दुलंगा और छत्तीसगढ़ की तलाईपल्ली—को इस वर्ष फाइव स्टार रेटिंग मिली है। इनमें पकरी-बरवाडीह खदान ने लगातार दूसरे वर्ष देश की ओपन कास्ट खदानों में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का परिचय दिया है।

10 भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम; 69,725 करोड़ रुपए की योजना मंजूर

 

केंद्र सरकार ने देश के जहाज निर्माण (शिपबिल्डिंग) उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 69,725 करोड़ रुपए के व्यापक पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज का उद्देश्य घरेलू जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाना, समुद्री क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण उपलब्ध कराना, कौशल विकास को प्रोत्साहित करना और भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग हब के रूप में स्थापित करना है। लोकसभा में पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि भारतीय शिपयार्ड की लागत को वैश्विक शिपयार्ड के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 24,736 करोड़ रुपए की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम को मंजूरी दी गई है। इस योजना से घरेलू जहाज निर्माण उद्योग को लागत के स्तर पर मजबूती मिलेगी। पैकेज के तहत 25,000 करोड़ रुपए का मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड भी स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस फंड में 20,000 करोड़ रुपए का मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड और 5,000 करोड़ रुपए का इंटरेस्ट इंसेंटिवाइजेशन फंड शामिल है। सरकार ने 19,989 करोड़ रुपए की शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम (एसबीडीएस) को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत ग्रीनफील्ड क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और मौजूदा शिपयार्ड का ब्राउनफील्ड विस्तार किया जाएगा। इसका लक्ष्य देश की जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाकर प्रतिवर्ष 45 लाख ग्रॉस टनेज तक पहुंचाना है।1

11 सरकार ने संसद में जानकारी दी कि पिछले बारह वर्षों में संविधान में आठ संशोधन किए गए

पिछले बारह वर्षों के दौरान भारत के संविधान में आठ बार संशोधन किया गया और अधिनियमित किए गए इन संविधान संशोधन विधेयकों का विवरण निम्‍नानुसार है:
1. संविधान (निन्यानवेवां संशोधन) अधिनियम, 2014 (सर्वोच्‍च न्‍यायालय और उच्‍च न्‍यायालयों में न्‍यायाधिशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम सिस्टम के स्‍थान पर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग से संबंधित)
2. संविधान (सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 (भारत और बांग्लादेश के बीच भूमि सीमा समझौते से संबंधित)
3. संविधान (एक सौ एकवां संशोधन) अधिनियम, 2016 (भारत में वस्‍तु और सेवा कर से संबंधित)
4. संविधान (एक सौ दोवां संशोधन) अधिनियम, 2018 (राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की संवैधानिक स्थिति से संबंधित)
5. संविधान (एक सौ तीनवां संशोधन) अधिनियम, 2019 (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण से संबंधित)
6. संविधान (एक सौ चारवां संशोधन) अधिनियम, 2019 (लोकसभा और राज्य विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण को अगले दस वर्षों के लिए अर्थात् 25 जनवरी, 2030 तक बढ़ाने से संबंधित)
7. संविधान (एक सौ पांचवां संशोधन) अधिनियम, 2021 (संविधान के अनुच्छेद 342क में संशोधन तथा अनुच्छेद 338ख और 366 में तदनुरूपी संशोधनों से संबंधित)
8. संविधान (एक सौ छहवां संशोधन) अधिनियम, 2023 (लोकसभा और राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण से संबंधित)