राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

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1 राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष 28 फरवरी को महान भौतिकी विज्ञानी सर सी.वी. रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की खोज की स्मृति में मनाया जाता है। इस अभूतपूर्व खोज के लिए सर रमन को 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न विषयों पर आधारित विज्ञान संचार गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस वर्ष का विषय है “विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक”। यह विषय वैज्ञानिक प्रगति को भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने के दृष्टिकोण से जोड़ता है और महिला शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों की भूमिका को मान्यता देता है।

2 केंद्र ने गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया को रोका

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(पीएमजीकेएवाई) तथा भारत सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत चावल के फोर्टिफिकेशन के क्रियान्वयन की समीक्षा की है। इस समीक्षा के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि लाभार्थियों तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए कोई दूसरा तरीका मिलने तक पीएमजीकेएवाई और संबद्ध योजनाओं के तहत चावल के फोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा। दरअसल, सरकार ने आईआईटी खड़गपुर को देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में वास्तविक भंडारण परिस्थितियों के तहत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल(एफआरके) और फोर्टिफाइड राइस(एफआर) की शेल्फ लाइफ का आकलन करने हेतु एक अध्ययन सौंपा गया था। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि नमी की मात्रा, भंडारण की परिस्थितियां, तापमान, सापेक्ष आर्द्रता तथा पैकेजिंग सामग्री जैसे कारक एफआरके और एफआर की स्थिरता एवं शेल्फ लाइफ को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक भंडारण और नियमित हैंडलिंग के दौरान इनमें सूक्ष्म पोषक तत्वों में कमी आने तथा शेल्फ लाइफ घटने की आशंका रहती है। यह कमी अपेक्षित शेल्फ लाइफ को वास्तविकता में कम कर रही है और परिणामस्वरूप निर्धारित पोषण संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति सीमित हो रही है। खरीद की मात्रा और वार्षिक उठान को देखते हुए, चावल सामान्यतः दो से तीन वर्ष तक भंडारण में रहता है।

3 अमरीका के ओपनएआई ने कहा कि उसने अमरीकी युद्ध विभाग के साथ एक समझौता किया

अमरीका के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस अनुसंधान संगठन- ओपनएआई ने कहा है कि उसने अमरीकी युद्ध विभाग के साथ एक समझौता किया है। इसके अंतर्गत अमरीकी रक्षा एजेंसी के गोपनीय नेटवर्क में ओपनएआई के एआई मॉडल का सुरक्षा उपायों के साथ उपयोग किया जाएगा। अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रम्प के एआई कम्‍पनी एंथ्रोपिक को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद यह समझौता हुआ है। ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम अल्टमैन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि समझौते में बड़े पैमाने पर निगरानी पर रोक लगाने वाले प्रावधान शामिल हैं।

4 सौंदला बना महाराष्ट्र का ‘जाति-मुक्त’ गाँव

सौंदला (मुंबई से लगभग 350 किमी दूर) ने 5 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्वयं को “जाति-मुक्त गाँव” घोषित किया। ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के तहत यह तय किया गया कि गाँव में किसी की जाति पूछना, प्रचारित करना या जाति के आधार पर भेदभाव करना स्वीकार्य नहीं होगा। इस पहल का नेतृत्व सरपंच शरद आर्गडे ने किया, जिनका उद्देश्य है कि जाति “सिर्फ कागज़ों तक सीमित रहे, सामाजिक व्यवहार में नहीं।” यह प्रस्ताव अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) जिले में आयोजित विशेष ग्राम सभा में पारित किया गया। प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया कि गाँव में जाति, धर्म, पंथ या रंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा।

5 DBT के 40 साल पूरे; डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘SUJVIKA’ AI-ड्रिवन बायोटेक डेटा पोर्टल लॉन्च किया

जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के 40वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने “SUJVIKA” नामक एआई-आधारित बायोटेक उत्पाद डेटा पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल उद्योग भागीदार जैव प्रौद्योगिकी संचालित उद्यमों का संघ (ABLE) के सहयोग से विकसित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सिविल सेवा अधिकारी संस्थान (CSOI) में हुआ। SUJVIKA एक ट्रेड स्टैटिस्टिक्स डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है, जो बायोटेक उत्पादों के आयात से संबंधित संरचित और प्रमाणित डेटा उपलब्ध कराता है। यह पोर्टल बायोकेमिकल उत्पादों पर सेक्टर-वार जानकारी, औद्योगिक एंजाइम और अन्य बायोटेक आयात का डेटा, उच्च-मूल्य और उच्च-आयतन आयात का विश्लेषण, आयात निर्भरता का आकलन तथा स्वदेशीकरण और अनुसंधान एवं विकास (R&D) योजना को समर्थन प्रदान करता है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक–निजी भागीदारी के माध्यम से घरेलू बायोमैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और साक्ष्य-आधारित नीतिनिर्माण को सुदृढ़ करना है।

6 भारतीय सेना ने स्ट्रेला-10 मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारतीय सेना की कोणार्क कोर ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में स्ट्रेला-10 अल्प-दूरी वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का सफलतापूर्वक सटीक परीक्षण किया, जिसमें तीव्र गति से उड़ रहे निम्न-ऊँचाई वाले हवाई लक्ष्य पर सीधा प्रहार किया गया।इस अभ्यास का उद्देश्य निम्न-ऊँचाई पर उड़ने वाले हवाई खतरों, जैसे दुश्मन के लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर तथा बढ़ते हुए आत्मघाती ड्रोन को निष्क्रिय करना था। यह प्रणाली ट्रैकयुक्त, बख्तरबंद MT-LB वाहन पर स्थापित होती है, जिससे यह ऊबड़-खाबड़ भूभाग, रेतीले टीले और पक्की सड़कों पर उच्च गति से प्रभावी रूप से संचालन कर सकती है। रडार-आधारित प्रणालियों के विपरीत, स्ट्रेला-10 अवरक्त (इन्फ्रारेड) सीकर तकनीक का उपयोग करती है। यह शत्रु विमानों या ड्रोन के इंजनों से निकलने वाली ऊष्मा-छाप (हीट सिग्नेचर) पर लॉक-ऑन करती है। यह प्रणाली सामान्यतः 6 से 10 किलोमीटर की प्रभावी संलग्नता सीमा में कार्य करती है और अग्रसर टैंक तथा पैदल सेना टुकड़ियों के लिये एक ‘मोबाइल किले’ (चलते-फिरते दुर्ग) सुरक्षा प्रदान करती है। यद्यपि स्ट्रेला-10 एक प्रमुख परिसंपत्ति बनी हुई है, भारत समानांतर रूप से स्वदेशी क्षमताओं को भी आगे बढ़ा रहा है। DRDO आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिये लगभग 6 किमी रेंज वाली स्वदेशी चौथी पीढ़ी की VSHORADS विकसित कर रहा है।

7 डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से अत्यंत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली के 3 सफल उड़ान परीक्षण किए

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ ने ओडिशा तट के पास चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से अत्यंत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली-वी.एस.एच.ओ.आर.ए.डी.एस. के तीन सफल उड़ान परीक्षण किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ये परीक्षण विभिन्न गति, दूरी और ऊंचाई पर उड़ने वाले उच्च गति वाले मिसाइल प्रणाली की क्षमता का पुनः सत्यापन करने के लिए किए गए थे। उड़ान परीक्षणों के दौरान मिसाइलों ने विभिन्न खतरे की स्थितियों में उच्च गति वाले हवाई लक्ष्यों को नष्ट किया।

8 NBEMS ने हेल्थकेयर लाइवस्ट्रीम में AI के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने यूट्यूब पर “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयर” विषय पर आयोजित लाइव स्ट्रीम में सर्वाधिक दर्शकों की संख्या दर्ज कर गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड्स (Guinness World Records) में विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह रिकॉर्ड देशभर के पंजीकृत चिकित्सा प्रैक्टिशनरों के लिए आयोजित एआई आधारित राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्थापित हुआ। यह पहल पूरी तरह ऑनलाइन संचालित की गई और पूरे भारत में रिकॉर्ड स्तर की भागीदारी देखी गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा के डिजिटल रूपांतरण और स्वास्थ्य प्रशिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

9 भारत ने लॉन्च किया ‘ज़ीरो प्राइज़’

भारत ने पहली बार परिणाम-आधारित पर्यावरण पुरस्कार ज़ीरो प्राइज़ (Zero Prize) की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य वायु, जल और भूमि प्रदूषण में प्रमाणित कमी लाने वाली पहलों को सम्मानित करना है। नई दिल्ली में लॉन्च किए गए इस पुरस्कार के लिए कुल ₹5 करोड़ का कोष निर्धारित किया गया है, जिसमें तीन श्रेणियों में प्रत्येक को ₹1 करोड़ प्रदान किए जाएंगे। पारंपरिक पुरस्कारों से अलग, ज़ीरो प्राइज़ में वित्तीय प्रोत्साहन को स्वतंत्र रूप से सत्यापित पर्यावरणीय परिणामों से सीधे जोड़ा गया है। यह पहल भारत में जलवायु जवाबदेही और मापनीय पर्यावरणीय सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और नवाचारपूर्ण कदम मानी जा रही है।

10 ऑपरेशन ग़ज़ब लिल-हक़: पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच ‘खुली जंग’ का ऐलान

पाकिस्तान ने “ऑपरेशन ग़ज़ब लिल-हक़” नाम से एक बड़ा सीमापार सैन्य अभियान शुरू किया है, जिससे अफगानिस्तान के साथ तनाव में तीव्र वृद्धि हुई है। यह अभियान 26 फरवरी 2026 की तड़के उस समय शुरू हुआ, जब इस्लामाबाद ने अफगान तालिबान पर सीमा के कई संवेदनशील क्षेत्रों में “बिना उकसावे की गोलीबारी” शुरू करने का आरोप लगाया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे पिछले कई महीनों से बढ़ रही शत्रुता और सीमापार उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ एक निर्णायक जवाब बताया। रिपोर्टों के अनुसार काबुल सहित अफगानिस्तान के कई शहरों में हवाई हमले किए गए, जबकि दोनों देशों ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए। यह घटनाक्रम हाल के वर्षों में दोनों पड़ोसी देशों के बीच सबसे गंभीर टकरावों में से एक माना जा रहा है। पाकिस्तान द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन “ग़ज़ब लिल-हक़” (अर्थ: “न्याय के लिए क्रोध”) एक व्यापक सैन्य अभियान है, जिसे कथित अफ़गान तालिबान ठिकानों के विरुद्ध चलाया जा रहा है।

11 जम्मू और कश्मीर ने जीता पहला रणजी खिताब

जम्‍मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट का खिताब जीत लिया है। कर्नाटक के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया। मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। आकिब नबी को प्‍लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उपराष्‍ट्रपति सीपी राधाकृष्‍णन, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, उपराज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत दिग्‍गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह ने भी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए दो करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि की घोषणा की है। जम्मू-कश्मीर ने 1959-60 में रणजी ट्रॉफी में पहली बार हिस्सा लिया था। तब से 67 साल बीत चुके हैं, और टीम को अब तक कोई खिताब नहीं मिला था। हुब्बल्ली के KSCA Cricket Stadium में खेले गए मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक क्रिकेट टीम को 291 रनों की विशाल पहली पारी बढ़त के आधार पर पराजित किया। कप्तान पारस डोगरा के नेतृत्व में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

12 अंतरराष्ट्रीय ध्रुवीय भालू दिवस 2026

अंतरराष्ट्रीय ध्रुवीय भालू दिवस हर वर्ष 27 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिवस जलवायु परिवर्तन और आर्कटिक समुद्री बर्फ के तेजी से पिघलने के कारण ध्रुवीय भालुओं पर पड़ रहे प्रभाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है। यह आयोजन पोलर बियर इंटरनेशनल (पीबीआई) द्वारा किया जाता है, जो आर्कटिक क्षेत्र और ध्रुवीय भालुओं के संरक्षण के लिए कार्यरत एक प्रमुख वैश्विक संस्था है।

13 विश्व NGO दिवस 2026

विश्व एनजीओ दिवस हर वर्ष 27 फरवरी को विश्वभर में मनाया जाता है। यह दिन विभिन्न क्षेत्रों और महाद्वीपों में कार्यरत संगठनों के योगदान को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। हर साल यह दिवस सामाजिक असमानता, गरीबी उन्मूलन, आपदा राहत और सतत विकास जैसे मुद्दों पर काम कर रहे संगठनों के सामूहिक प्रयासों को उजागर करता है। वर्ष 2026 में विशेष रूप से जागरूकता और वकालत पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लोग समझ सकें कि एनजीओ दीर्घकालिक वैश्विक प्रगति में किस प्रकार योगदान देते हैं।

14 प्रख्यात समाजशास्त्री प्रोफेसर टी के उम्मन का निधन

प्रख्यात समाजशास्त्री टी के उम्मन का 26 फरवरी 2026 को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने गुरुग्राम में अंतिम सांस ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर एमेरिटस रहे उम्मन सामाजिक न्याय, बहुलवाद, पहचान और सामाजिक परिवर्तन पर अपने गहन शोध के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे। टी के उम्मन ने भारतीय समाजशास्त्र को नई दिशा दी। उनका मानना था कि समाजशास्त्र केवल सैद्धांतिक विमर्श तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे वास्तविक सामाजिक चुनौतियों से जुड़ना चाहिए। उनकी एक महत्वपूर्ण कृति विनोबा भावे द्वारा संचालित भूदान आंदोलन पर आधारित थी। उनका डॉक्टोरल शोध “Charisma, Stability and Change: An Analysis of the Bhoodan Gramdan Movement in India” जमीनी स्तर के सामाजिक आंदोलनों की परिवर्तनकारी क्षमता को उजागर करता है। इस अध्ययन ने उन्हें एक ऐसे विद्वान के रूप में स्थापित किया जो सिद्धांत और वास्तविक जीवन के अनुभवों को जोड़ते थे। उनकी पुस्तक “Understanding Security: A New Perspective” ने सांप्रदायिक हिंसा और जातीय संघर्षों को समझने के लिए नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

15 स्टील के दिग्गज जतिंदर मेहरा का 86 साल की उम्र में निधन

भारत के इस्पात उद्योग ने अपने सबसे सम्मानित नेताओं में से एक को खो दिया है। जतिंदर मेहरा, जो एस्सार समूह के मेटल्स एंड माइनिंग डिवीजन के वाइस चेयरमैन और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के पूर्व प्रमुख रहे थे, का 25 फरवरी 2026 को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। छह दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने बड़े औद्योगिक परियोजनाओं, परिचालन उत्कृष्टता और दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से भारत की इस्पात विकास गाथा को नई दिशा दी। उनके योगदान ने देश के इस्पात क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।