1 राष्ट्रीय संविधान दिवस 2025

राष्ट्रीय संविधान दिवस, या संविधान दिवस (Samvidhan Divas), हर वर्ष 26 नवंबर को उस ऐतिहासिक दिन की स्मृति में मनाया जाता है, जब 1949 में संविधान सभा ने भारत का संविधान अपनाया था। यह दिवस नागरिकों को संविधान निर्माताओं के अद्वितीय योगदान की याद दिलाता है और उन संवैधानिक मूल्यों को पुन: पुष्ट करता है जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और शासन प्रणाली का आधार हैं। हालाँकि संविधान 1949 में अपनाया गया था, लेकिन संविधान दिवस को आधिकारिक रूप से 2015 में घोषित किया गया। 26 नवंबर को इसलिए चुना गया क्योंकि यही संविधान अंगीकरण का दिन है। यह घोषणा डॉ. भी.रा. अंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर की गई थी।
2 भारत को मिली 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी

भारत को 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के तौर पर कन्फर्म किया गया है। ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल आमसभा में भारत के नाम पर मुहर लगी। 2030 के राष्ट्रमंडल खेल भारत के अहमदाबाद शहर में आयोजित किए जाएंगे। अहमदाबाद के अलावा नाइजीरिया का अबुजा शहर मेजबानी की दौड़ में शामिल था, लेकिन भारत बाजी मारने में सफल रहा। राष्ट्रमंडल खेल महासभा में 74 राष्ट्रमंडल सदस्य देशों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भारत की 2030 की दावेदारी का अनुमोदन किया।भारत दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। इससे पहले नई दिल्ली में 2010 में इन खेलो का आयोजन किया था। ये राष्ट्रमंडल खेलों का शताब्दी वर्ष होगा।
3 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में बाबासाहेब की प्रतिमा के अनावरण पर गर्व व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संविधान दिवस पर पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण पर गर्व व्यक्त किया। सोशल मीडिया पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने इसे डॉक्टर आंबेडकर और संविधान निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर आंबेडकर के विचार और आदर्श असंख्य लोगों को शक्ति और आशा प्रदान करते हैं।
4 सेना ने ऑपरेशन पवन के शहीदों को पहली बार दी श्रद्धांजलि

38 वर्षों में पहली बार, भारतीय सेना ऑपरेशन पवन के दौरान शहीद हुए सैनिकों को आधिकारिक रूप से श्रद्धांजलि देगी। 1987 से 1990 के बीच श्रीलंका में चलाया गया यह अभियान भारत का सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण बाहरी सैन्य अभियान माना जाता है। इस लंबे इंतज़ार के बाद मिलने वाला सम्मान उस बहादुरी को राष्ट्रीय मान्यता देता है, जो हजारों सैनिकों ने तमिल–सिंहला संघर्ष के कठिन दौर में दिखाई थी। ऑपरेशन पवन की शुरुआत 1987 में हुई, जब भारत ने इंडो–श्रीलंका समझौते के तहत श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (IPKF) तैनात की। उद्देश्य था:
- उत्तरी और पूर्वी श्रीलंका में शांति बहाल करना
- LTTE सहित सशस्त्र समूहों को निरस्त्र करना
- अशांत क्षेत्रों को स्थिर करना
यद्यपि समझौते का लक्ष्य शांति स्थापित करना था, परन्तु LTTE ने इसे मानने से इनकार कर दिया। शांति स्थापना का मिशन प्रत्यक्ष युद्ध में बदल गया। यह मिशन भारत के सबसे कठिन विदेशी अभियानों में से एक माना जाता है।
- 1,171 भारतीय सैनिक शहीद हुए
- 3,500 से अधिक घायल हुए
- घात लगाकर हमले, गुरिल्ला युद्ध और नज़दीकी लड़ाई आम थीं
- कई बार परिस्थितियों के कारण शहीदों के पार्थिव शरीर भी नहीं लाए जा सके
5 जस्टिस विक्रम नाथ NALSA के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ को नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नामित किया है। यह नियुक्ति उस परंपरा के अनुसार की गई है, जिसके तहत यह जिम्मेदारी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश को दी जाती है। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने 19 नवंबर 2025 की अधिसूचना के माध्यम से इस नामांकन की पुष्टि की, जो लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज़ एक्ट के तहत जारी की गई है।
6 Gavi और UNICEF ने सस्ती मलेरिया वैक्सीन के लिए समझौता किया

Gavi (वैक्सीन एलायंस) और यूनीसेफ़ ने 24 नवंबर 2025 को R21/Matrix-M™ मलेरिया वैक्सीन के लिए एक ऐतिहासिक मूल्य समझौते की घोषणा की, जिसका उद्देश्य पहुंच और वहनीयता को बड़े पैमाने पर बढ़ाना है। मलेरिया अभी भी हर साल लगभग पाँच लाख बच्चों की जान ले लेता है, ऐसे में यह पहल दशक के अंत तक अतिरिक्त 70 लाख बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक बड़ा कदम है। यह सौदा गावी की अग्रिम वित्तीय सहायता से संभव हुआ है, जिसे अंतरराष्ट्रीय वित्त सुविधा फॉर इम्यूनाइज़ेशन (IFFIm) का समर्थन प्राप्त है। यह मॉडल दीर्घकालिक दाता प्रतिबद्धताओं को तुरंत उपलब्ध फंड में परिवर्तित करने में मदद करता है।
7 वैज्ञानिकों ने पर्सनलाइज्ड कैंसर थेरेपी के लिए नया एआई फ्रेमवर्क किया विकसित

एस एन बोस नेशनल बेसिक विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) framework विकसित किया है, जो कैंसर को समझने और उसके उपचार के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार यह शोध personalised cancer therapy की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Ashoka University के सहयोग से विकसित यह AI framework कैंसर को केवल उसके आकार या फैलाव से नहीं, बल्कि उसकी molecular personality के आधार पर समझता है। “कैंसर सिर्फ बढ़ते हुए ट्यूमर की बीमारी नहीं है। इसके पीछे कुछ छिपे हुए biological programmes काम करते हैं, जिन्हें hallmarks of cancer कहा जाता है। यही hallmarks बताते हैं कि स्वस्थ कोशिकाएं कैसे malignant बनती हैं, शरीर की immunity से कैसे बचती हैं, और इलाज का विरोध कैसे करती हैं।” कई वर्षों से डॉक्टर मुख्य रूप से TNM जैसे staging systems पर निर्भर रहे हैं, जो ट्यूमर के आकार और फैलाव को बताता है। लेकिन ये systems अक्सर यह नहीं बताते कि एक ही स्टेज वाले दो मरीजों के परिणाम अलग क्यों हो सकते हैं। नया AI framework OncoMark इस molecular व्यवहार को पढ़ सकता है और कैंसर के भविष्य के व्यवहार का अनुमान लगा सकता है। SN Bose Centre की टीम, जिसका नेतृत्व Dr Shubhasis Haldar और Dr Debayan Gupta ने किया, ने OncoMark के जरिए 14 प्रकार के कैंसर के 3.1 million single cells का विश्लेषण किया। S N Bose, Department of Science and Technology (DST) का एक स्वायत्त संस्थान है। शोधकर्ताओं ने hallmark-driven tumour states को दर्शाने वाले synthetic “pseudo-biopsies” भी तैयार किए। इससे AI को यह सीखने में मदद मिली कि metastasis, immune evasion और genomic instability जैसे hallmarks आपस में मिलकर ट्यूमर की वृद्धि और उपचार के प्रति प्रतिरोध को कैसे बढ़ाते हैं। OncoMark ने internal testing में 99 प्रतिशत से अधिक accuracy दिखाई और पांच independent cohorts में भी 96 प्रतिशत से ऊपर रहा। इसे 20,000 patient samples पर validate किया गया, जिससे इसकी व्यापक उपयोगिता साबित हुई। Nature की जर्नल Communications Biology में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, यह framework यह बता सकता है कि किसी मरीज के tumour में कौन से hallmarks सक्रिय हैं। इससे डॉक्टर उन biological processes को निशाना बनाने वाली दवाओं का चयन कर सकते हैं।
8 आंध्र प्रदेश को मिलेंगे 3 नए जिले, कुल संख्या बढ़कर 29 हुई

आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में तीन नए ज़िलों के गठन को मंज़ूरी दे दी है, जिससे कुल जिलों की संख्या 26 से बढ़कर 29 हो जाएगी। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा पारित इस प्रस्ताव में पाँच नए राजस्व प्रभागों और एक नए मंडल के गठन का भी प्रावधान है। यह प्रशासनिक पुनर्गठन बेहतर शासन, नागरिक सेवाओं की आसान पहुँच और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। नए ज़िले:
पोलावरम
मार्कापुरम
मदनपल्ले
9 Delhi में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 11 की जगह होंगे 13 जिले

दिल्ली बड़े प्रशासनिक पुनर्गठन की तैयारी कर रही है, क्योंकि सरकार ने राजस्व जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दिल्ली कैबिनेट द्वारा सिद्धांत रूप में स्वीकृत इस पुनर्संरचना का उद्देश्य शासन को सरल बनाना, प्रशासन को विकेंद्रीकृत करना और आवश्यक सरकारी सेवाओं को नागरिकों के और करीब लाना है। यह बदलाव राजधानी की बदलती जनसंख्या आवश्यकताओं और तेज़, अधिक सुलभ सार्वजनिक सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है। स्थानीय शासन को मजबूत करने के लिए उप-विभाजनों (SDM कार्यालयों) की संख्या 33 से बढ़ाकर 39 की जाएगी। इससे नागरिकों को प्रमाणपत्र, म्यूटेशन, पंजीकरण और अन्य ज़रूरी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
10 Amur Falcon: बाज ने 6 हजार किलोमीटर तक का सफर तय किया

हर साल शरद ऋतु में, पूर्वोत्तर भारत का आकाश एक अद्भुत प्राकृतिक दृश्य का साक्षी बनता है—जब दसियों हज़ार अमूर फाल्कन अपनी अद्वितीय लंबी प्रवासी उड़ान के लिए यहाँ से प्रस्थान करते हैं। लगभग 150 ग्राम वजन वाले ये छोटे बाज़ प्रजाति के पक्षी 5,000 से 6,000 किलोमीटर की दूरी एक सप्ताह से भी कम समय में तय करते हैं, और अफ्रीका की ओर जाते हुए विशाल अरब सागर को बिना रुके पार करते हैं। नवंबर 2025 में, भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने ऐसे ही तीन पक्षियों—अपापांग, अलांग और आहू—की प्रवासी यात्रा को नज़दीकी से ट्रैक किया। मणिपुर के तमेंगलोंग से अफ्रीका में उनके शीत-वास स्थलों तक की यह आश्चर्यजनक यात्रा रियल-टाइम अपडेट के साथ दर्ज की गई, जो प्रकृति की अद्वितीय सहनशक्ति और दिशा-बोध का प्रेरक उदाहरण है। 11 नवंबर को, भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के वैज्ञानिकों ने तीन अमूर फाल्कनों पर हल्के ट्रांसमीटर लगाए, जिनका वजन लगभग 3.5–4 ग्राम था—जो पक्षियों के शरीर के वजन के 3% की सुरक्षित सीमा से काफी कम है।इन चिह्नित पक्षियों — अपापांग (नर), अलांग (युवा मादा) और आहू (वयस्क मादा) — ने अगले ही दिन अपनी प्रवासी उड़ान शुरू कर दी। उनकी यात्राएँ असाधारण से कम नहीं थीं—
अपापांग ने 6 दिन 8 घंटे में 6,100 किमी की दूरी तय की, मध्य भारत और अरब सागर को पार करते हुए तंजानिया पहुँच गया।
अलांग ने 6 दिन 14 घंटे में 5,600 किमी उड़ान भरी और केन्या पहुँची।
आहू, जिसने बांग्लादेश और अरब सागर से होते हुए थोड़ा अलग मार्ग चुना, ने 5 दिन में 5,100 किमी की उड़ान भरकर सोमालिया में विश्राम लिया।
11 IFFI 2025: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सिनेमैटोग्राफर और फिल्म निर्माता के. वैकुंठ के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी किया

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गोवा के पणजी में 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में लिजेंडरी सिनेमैटोग्राफर और फिल्म निर्माता के. वैकुंठ के सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। गोवा में समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री सावंत ने कहा कि सिनेमा के साथ गोवा के जुड़ने से पहले के. वैकुंठ ने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी है। गोवा के मुख्यमंत्री ने उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया, जिनके कैमरा ने क्लासिक भारतीय सिनेमा की दृश्य भाषा को आकार दिया। उन्होंने कहा कि श्री वैकुंठ की अद्भुत शैली ने भव्य तमाशे और कोमल तथा सूक्ष्म मानवीय भावनाओं को एक साथ समाहित किया है। इस अवसर पर श्री वैकुंठ की 1977 की डॉक्यूमेंट्री गोवा मार्चेस ऑन का भी प्रदर्शन किया गया। पांच दशकों से अधिक लंबे कॅरियर में के. वैकुंठ ने कई एैड और डॉक्यूमेंट्रीज के अलावा, 35 से अधिक फीचर फिल्मों पर काम किया। वे मेरे अपने, बंधन, मौसम, राज और परिचय जैसी कुछ बड़ी हिट फिल्मों के पीछे रहे। श्री वैकुंठ का 9 फरवरी, 2003 को निधन हुआ था।
12 उज्बेकिस्तान के 19 वर्षीय जावोखिर सिंडारोव बने सबसे युवा चेस वर्ल्ड कप चैंपियन

उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंडारोव चेस वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने बुधवार को गोवा में एक नर्व-रैकिंग टाईब्रेक फिनाले में चीन के वेई यी को शिकस्त देकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। एक ऐसे इवेंट में, जहां नॉकआउट स्टेज से पहले एक के बाद एक फेवरेट टीमें बाहर हो रही थीं, सिंडारोव ने टूर्नामेंट की शुरुआत 16वीं सीड के तौर पर की। 8 दिसंबर 2005 को जन्मे जावोखिर के लिए यह टाइटल जीतना बिल्कुल भी आसान नहीं था। वेई यी और सिंडारोव ने चैंपियनशिप राउंड में पहुंचकर 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया था। जावोखिर ने दूसरे 15′ + 10″ रैपिड टाईब्रेक में जीत हासिल करने के बाद चीनी खिलाड़ी को रोमांचक मुकाबले में शिकस्त देकर टाइटल जीता। फिडे विश्व कप 2025 के 11वें संस्करण की शुरुआत 28 अक्टूबर को 206 खिलाड़ियों के साथ हुई थी। सिंडारोव ने सेमीफाइनल में अपने हमवतन नोडिर्बेक याकुब्बोएव को मात देकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि वेई यी ने आंद्रेई एसिपेंको को शिकस्त दी थी।
13 राष्ट्रीय दुग्ध दिवस

राष्ट्रीय दुग्ध दिवस हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन भारत के “श्वेत क्रांति के जनक” डॉ. वर्गीज़ कुरियन की जयंती को समर्पित है। वर्ष 2025 का समारोह न केवल उनके दूरदर्शी नेतृत्व को श्रद्धांजलि देता है, बल्कि भारत की उस अद्भुत यात्रा को भी दर्शाता है जिसमें देश एक दूध–घाटा राष्ट्र से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना और आज वैश्विक उत्पादन का लगभग 25% हिस्सा अकेले भारत देता है।
14 मशहूर साउथ कोरियन एक्टर ली सून जे का 91 साल की उम्र में निधन

दक्षिण कोरिया ने अपने सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आइकॉन में से एक, महान अभिनेता ली सून-जे को खो दिया है। 91 वर्ष की आयु में उनका निधन आधुनिक कोरियाई फ़िल्म, टेलीविजन और रंगमंच जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत माना जा रहा है। सात दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने पीढ़ियों को प्रभावित किया और अपनी गहन अभिनय क्षमता, ईमानदारी, अनुशासन और कला के प्रति समर्पण के लिए अमिट छाप छोड़ी। 1960 के दशक की शुरुआत में उन्होंने रंगमंच नाटक “बियॉन्ड द होराइजन” से अभिनय यात्रा आरंभ की और शीघ्र ही कोरिया के पहले पीढ़ी के अभिनेताओं में गिने जाने लगे। उन्होंने आधुनिक कोरियाई मनोरंजन की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में “अनस्टॉपेबल हाई किक!”, “गुड मॉर्निंग प्रेसिडेंट”, “लेट ब्लॉसम”, “ग्रैंडपाज़ ओवर फ्लावर्स”, “डियर माई फ्रेंड्स”, “द स्कॉलर हू वॉक्स द नाइट” और “ए थाउज़ंड किसेस” जैसी चर्चित रचनाएँ शामिल हैं।