वियतनाम के राष्ट्रपति को पीतल का बोधि वृक्ष और नमोह 108 किया गया भेंट

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1 वियतनाम के राष्ट्रपति को पीतल का बोधि वृक्ष और नमोह 108 किया गया भेंट

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत के अपने पहले स्टेट विजिट के दौरान राष्ट्रपति भवन में वियतनाम के प्रेसिडेंट तो लाम की मेजबानी की। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। वियतनाम के राष्ट्रपति के लिए आयोजित दावत में बिहार और महाराष्ट्र का स्वाद भी शामिल था। इसके साथ ही इस आधिकारिक दौरे पर उन्हें खास तोहफा भी दिया गया। सिलाओ खाजा – सिलाओ खाजा बिहार के नालंदा जिले के सिलाओ की एक मशहूर पारंपरिक मिठाई है, जिसे इसकी खास पहचान और विरासत के लिए जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला है। गया अनरसा – गया अनरसा बिहार के गया की एक पारंपरिक डिश है, जो अपने खास स्वाद और कल्चरल महत्व के लिए मशहूर है। मिथिला मखाना – मिथिला मखाना, जिसे फॉक्स नट्स या कमल के बीज भी कहते हैं, बिहार के मिथिला इलाके का एक प्रीमियम प्रोडक्ट है। मिथिला मखाना को इसकी खास शुरुआत और क्वालिटी के लिए जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला है। हाजीपुर मालभोग केला – हाजीपुर मालभोग केला बिहार के हाजीपुर के उपजाऊ मैदानों में उगाई जाने वाली एक प्रीमियम किस्म है, जो अपने बेहतरीन स्वाद और क्वालिटी के लिए मशहूर है। आम – रत्नागिरी आम, जिन्हें अल्फांसो या हापुस के नाम से जाना जाता है, महाराष्ट्र के रत्नागिरी इलाके की सबसे अच्छी आम की किस्मों में से एक हैं, जिन्हें जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला हुआ है। हेल्दी मिलेट बार – मिलेट महाराष्ट्र की खेती की विरासत का एक अहम हिस्सा हैं, जो सोलापुर, अहमदनगर और मराठवाड़ा जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं। इसके साथ ही प्रेसिडेंट तो लाम को खास तोहफे में नमोह 108 (कमल)बोधि वृक्ष के साथ पीतल का बुद्ध और रेशमी कपड़ा तोहफे में दिया गया। नमोह 108 (कमल): नमोह 108, नेशनल बॉटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई), लखनऊ, उत्तर प्रदेश द्वारा विकसित किया गया राष्ट्रीय पुष्प (कमल) की एक यूनिक वैरायटी है। बोधि वृक्ष: इस पीतल की मूर्ति में बुद्ध ध्यान की मुद्रा में बैठे हैं, जो एक जटिल, गोल घेरे के सामने है जो बोधि वृक्ष की फैली हुई, नाजुक पत्तियों जैसा दिखता है। रेशमी कपड़ा: यह रेश्मी या सिल्क कपड़ा उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर वाराणसी से आता है, यह इलाका सदियों से अपनी बेहतरीन टेक्सटाइल कला और शाही ब्रोकेड के लिए मशहूर है।

 

2 केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 61वें अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी-ला बिएनाले डी वेनेज़िया में भारत के राष्ट्रीय मंडप का किया उद्घाटन

 

 

 

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने वेनिस में आयोजित 61वें अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी – ला बिएनाले डी वेनेज़िया में भारत के राष्ट्रीय मंडप का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री शेखावत ने कहा कि यह मंडप देश की सांस्कृतिक स्मृति की शक्ति और कलात्मक अभिव्यक्ति की उस क्षमता को दर्शाता है जो भारत को विश्व से जोड़ती है। इस मंडप में ‘जियोग्राफ़ीज़ ऑफ़ डिस्टेंस: रिमेंबरिंग होम’ नामक प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी का संकलन डॉ. अमीन जाफ़र ने किया है।

3   5वें ब्रिक्स एसएआई नेताओं का शिखर सम्मेलन बेंगलुरु में शुरू

 

 

दो दिवसीय 5वें ब्रिक्स सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थान (एसएआई) नेताओं का शिखर सम्मेलन बेंगलुरु में शुरू हुआ। इस शिखर सम्मेलन में शहरी गतिशीलता पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन का विषय जीवन की सुगमता है। यह शिखर सम्मेलन भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक कार्यालय द्वारा भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आयोजित किया गया है। इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के एसएआई प्रमुखों सहित 42 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। शिखर सम्मेलन का उद्घाटन भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के. संजय मूर्ति ने किया।शिखर सम्मेलन में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का समापन ब्रिक्स एसएआई कार्य योजना 2027-28 और बेंगलुरु घोषणापत्र को अपनाने के साथ होगा।

4 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जॉइंट डिफेंस सम्मेलन में हिस्सा लिया

7 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान जयपुर में जॉइंट कमांडर्स समिट में शामिल हुए। ये दो दिनों की समिट ‘नए डोमेन में सैन्य क्षमता‘ विषय पर होगी। 7 मई को ऑपरेशन सिन्दूर को भी एक साल पूरा हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये समिट सायबर, स्पेस और युद्ध से जुड़ी समझ के उभरते क्षेत्रों में चुनौतियों का मूल्यांकन करने और निर्णायक समझ को बढ़ाने के लिए है। इस समिट में युद्ध से जुड़ी जानकारी और AI-बेस्ड मिलिट्री सिस्टम पर बातचीत होगी। इस समिट का उद्देश्य भविष्य में मानवरहित सिस्टम और युद्ध के लिए टेक्नोलॉजी डेवलप करना है। समिट में डिफेंस प्रोडक्शन को स्वदेशी और आत्मनिर्भर बनाने पर बात होगी। सिविल मिलिट्री फ्यूजन और इनोवेशन इकोसिस्टम को डेवलप करने से जुड़े मुद्दों पर बात होगी। भविष्य में देश में बनने वाले डिफेंस एप्लीकेशन को समिट में प्रदर्शित किया जाएगा।

 

5 वंदे मातरम गीत के लिए प्रोटोकॉल जारी

 

6 मई को केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने का फैसला किया है। साथ ही सरकार ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के लिए आधिकारिक प्रोटोकॉल के लिए गाइडलाइन भी जारी की। नई गाइडलाइन के मुताबिक, वंदे मातरम का पूरा वर्जन, राजकीय समारोहों के दौरान बजाया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली जीत के बाद PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की पहली बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट के फैसले के बाद, बंकिम चंद्र चटर्जी रचित वंदे मातरम पर अब वही नियम और पाबंदियां लागू होंगी, जो वर्तमान में राष्ट्रगान पर लागू हैं। अब वंदे मातरम इसके अपमान या गायन में बाधा डालने की स्थिति में सजा होगी। अभी राष्ट्रीय ध्वज,संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। नए प्रोटोकॉल के तहत अब वंदे मातरम को भी इसमें शामिल किया गया है। सरकार वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के मौके पर यह बदलाव कर रही है। इसके लिए कानून की धारा 3 में संशोधन किया जाएगा। धारा 3 के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान गाने में बाधा डालता है या उसे रोकता है, तो उसे तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 में लिखा था। वंदे मातरम को पहली बार 1882 में पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छापा गया था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया था। ये पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं।

 

6 देश की पहली स्पेस-टेक स्टार्टअप यूनिकॉर्न बनी स्काईरूट एयरोस्पेस

 

हैदराबाद स्थित स्पेस-टेक स्काईरूट एयरोस्पेस ने गुरुवार को 60 मिलियन डॉलर (भारतीय रुपए में करीब 570 करोड़ रुपए) जुटाने का ऐलान किया है। इसके साथ कंपनी देश की पहली स्पेस-टेक स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन गई है। मौजूदा फंडिंग राउंड में स्काईरूट की वैल्यूएशन 1.1 अरब डॉलर रही है, जो कि 2023 में कंपनी की वैल्यू से 519 मिलियन डॉलर से करीब चार गुना ज्यादा है। नई फंडिंग मिलना दिखाता है कि भारत का निजी स्पेस सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत का निजी स्पेस सेक्टर तेजी से बढ़ रहा आगे जब भी किसी स्टार्टअप का वैल्यूएशन एक अरब डॉलर से अधिक हो जाता है तो उसे यूनिकॉर्न माना जाता है। स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और सीईओ पवन कुमार चंदना हैं।

7 नीति आयोग ने भारत की स्कूली शिक्षा पर जारी की नई नीति रिपोर्ट

 

 

NITI Aayog ने भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर एक महत्वपूर्ण नीति रिपोर्ट जारी की है। ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया: टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी एन्हांसमेंट’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट को नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने 6 मई 2026 को जारी किया। यह रिपोर्ट पिछले एक दशक में भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों और सुधारों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें शिक्षा तक पहुंच, नामांकन, बुनियादी ढांचा, समानता, समावेशन और सीखने के स्तर जैसे प्रमुख पहलुओं का अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्थाओं में से एक है, जिसमें 14.71 लाख स्कूल और 24.69 करोड़ से अधिक छात्र शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वर्षों में स्कूलों में बिजली, शौचालय और समावेशी सुविधाओं के विस्तार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके साथ ही डिजिटल शिक्षा को भी मजबूती मिली है और स्कूलों में कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा स्मार्ट क्लासरूम की पहुंच बढ़ी है। रिपोर्ट में लड़कियों की शिक्षा में बेहतर भागीदारी और अनुसूचित जाति (SC) तथा अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के नामांकन में वृद्धि को भी सकारात्मक संकेत बताया गया है। नीति आयोग ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020, निपुण भारत मिशन और समग्र शिक्षा अभियान जैसी पहलों के कारण महामारी के बाद बुनियादी साक्षरता और गणनात्मक क्षमता में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी 11 प्रमुख चुनौतियों की पहचान की गई है और उनके समाधान के लिए 13 व्यापक सिफारिशें दी गई हैं। इनमें स्कूल संरचना में सुधार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, प्रशासनिक सुधार, शिक्षकों की बेहतर तैनाती और प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा का विस्तार, समानता और समावेशन को बढ़ावा देना शामिल है। शैक्षणिक स्तर पर रिपोर्ट में शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव, छात्रों के समग्र विकास, व्यावसायिक शिक्षा, प्रारंभिक बाल शिक्षा (ECCE) तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट में इन सिफारिशों को लागू करने के लिए 33 कार्यान्वयन मार्ग भी बताए गए हैं, जिन्हें अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक योजनाओं में विभाजित किया गया है।

8 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जननी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च

 

 

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जननी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है। जननी (गर्भावस्था पूर्व, प्रसव और नवजात शिशु की एकीकृत देखभाल की यात्रा) एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड की निगरानी और प्रबंधन के लिए तैयार किया गया है। यह पुराने आरसीएच पोर्टल का उन्नत संस्करण है, जो गर्भावस्था से लेकर नवजात शिशु देखभाल और परिवार नियोजन तक की सभी सेवाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगा। इस प्लेटफ़ॉर्म के जरिए गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, प्रसव तैयारी, टीकाकरण और नवजात शिशु की देखभाल की निगरानी आसान होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि जननी एप में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल माता और बच्चे के स्वास्थ्य कार्ड की सुविधा दी गई है, जिससे स्वास्थ्य रिकॉर्ड कहीं भी आसानी से उपलब्ध रहेंगे।

9 दुबई में भारतीय कारोबारी दीपक भाटिया को प्रतिष्ठित एर्थ दुबई पुरस्कार से सम्मानित किया

दुबई के भारतीय व्यापार समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि अमीरात में एक सदी से अधिक के इतिहास वाले पारिवारिक व्यापारिक उद्यम को शहर के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक से सम्मानित किया गया है। अंकल्स शॉप बिल्डिंग मटेरियल ट्रेडिंग के प्रबंध निदेशक दीपक भाटिया को सर्वश्रेष्ठ निजी क्षेत्र इकाई श्रेणी के अंतर्गत एर्थ दुबई पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने दुबई के युवराज महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की उपस्थिति में प्रदान किया। इस व्यवसाय की स्थापना 1922 में स्वर्गीय उत्तमचंद भाटिया ने की थी। उन्हें प्यार से ‘वत्तरा’ कहा जाता था। यह संयुक्त अरब अमीरात के सबसे पुराने भारतीय मूल के उद्यमों में से एक है और अब परिवार की चौथी पीढ़ी इसकी जिम्मेदारी संभाल रही है।

 

10 गुजरात में ‘श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना’ से 1.42 लाख युवाओं को लाभ

 

गुजरात सरकार ने गुरुवार को बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच ‘श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना’ के तहत 1.42 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1,243 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी सहायता प्रदान की गई है। यह योजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 47,462 लाभार्थियों को 466 करोड़ रुपये की सब्सिडी सहायता दी गई। योजना के तहत उद्योग, सेवा और व्यापार क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवाओं को बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है।