व्हाट्सएप ने फर्जी खबरों से निपटने के लिए पेश किया ‘चेकपॉइंट टिपलाइन’

0
124

राष्ट्रीय न्यूज़

1.एनडीए सरकार ने ओडिसा के मुख्‍यमंत्री के असहयोग के बावजूद केन्‍द्रीय योजनाओं के साथ राज्‍य में बदलाव किया प्रधानमंत्री मोदी:-

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि केन्‍द्र की एन.डी.ए. सरकार ने ओडिसा के लोगो के कल्‍याण के पक्‍की व्‍यवस्‍था की और राज्‍य में विकास परियोजनाएं चलाई। उन्‍होंने नवीन पटनायक के नेतृत्‍व वाली ओडीशा सरकार पर राज्‍य के विकास में तेजी लाने के मामले में केन्‍द्र से सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया।श्री मोदी ने राज्‍य के लोगो से अपील की कि वे केन्‍द्र और राज्‍य दोनों जगह भाजपा सरकार लाने के लिए वोट दें। उन्‍होंने कहा कि ओडिसा को भी उत्‍तर प्रदेश में 2017 और त्रिपुरा में 2018 का इतिहास दोहराना चाहिए।सरकार की उपब्धियां गिनाते हुए श्री मोदी ने कहा की एन.डी.ए. सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में एक करोड़ 40 लाख लोगों के बैंक खाते खोले गए और 50 लाख घरों में शौचालयों का निर्माण करवा कर महिला सुरक्षा की व्‍यवस्‍था की गई। बीते पांच वर्षों में ओडिसा के करीब आठ लाख गरीब परिवारों को घर मिल चुके हैं। ओडिसा में 24 लाख घरों को मुफ्त बिजली कनेक्‍शन मिल चुका है। ओडिसा की 40 लाख गरीब बहनों को उज्‍जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्‍शन मिला। ये मोदी ने नहींये मोदी तो सिर्फ सेवक हैंये सारे काम आपके वोट के कारण हुए हैं।श्री मोदी ने बताया कि जनजातीय विदयार्थियों को बेहतर किस्‍म की शिक्षा उपलब्‍ध करानें के उद्देश्‍य से 4 सौ से ज्‍यादा एक्‍लव्‍य स्‍कूल खोले गए।उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस शासन में बिचोलियों ने भारी मुनाफे कमाएं और लोगों को परिवार छोडकर अन्‍य राज्‍यों में जाना पड़ा।

2.भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्‍ट्रेलियन के बीच द्विपक्षीय सामुद्रिक अभ्‍यास का तीसरा संस्‍करण ऑसीइंडैक्‍स-19:-

भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नौसेना के बीच द्विपक्षीय सामुद्रिक अभ्यास के तीसरे संस्करण ऑसीइंडैक्से-19 का एचएमएएस केनबरा (एल02), लैंडिंग हेलीकॉप्‍टर डॉक, दोनों बेड़ों-एचएमएएस न्‍यू कॉसल (06) और एचएमएएस पेरामेट्टा (154); परम्‍परागत पनडुब्‍बी एचएमएएस कॉलिन्‍स और डयुरेंसक्‍लास मल्‍टी-प्रोडक्‍ट ऑयलर एचएमएएस सक्‍सेस (ओआर 304) के 2 अप्रैल 2019 को विशाखापत्‍तनम पहुंचने के साथ ही आरंभ होने जा रहा है। इस अभ्‍यास का उद्देश्‍य ‘’ भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नौसेना के बीच सम्‍पर्क और व्‍यवसायिक विचारों के आदान-प्रदान के अवसर उपलब्‍ध कराने के माध्‍यम से दोनों नौसेनाओं के बीच परस्‍पर सहयोग और अंतर-संचालन को मजबूती देना और उसमें वृद्धि  करना है।‘’  भारत  के प्रधानमंत्री और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री द्वारा 2014 में घोषित सुरक्षा सहयोग के लिए फ्रेमवर्क (एफएससी) की परिकल्‍पना के अनुरूप दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के संकेत के रूप में विशाखापत्तनम में सितंबर 2015 में अभ्यास का पहला संस्करण आयोजित किया गया था। अभ्यास के दूसरे संस्करण की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया ने जून 2017 में फ्रीमैंटल में की थीजिसमें भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के जहाजों ने रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के जहाजों और पनडुब्बियों के साथ अभ्यास किया।

पहले विश्‍व युद्ध के दौरान गैलीपोली की खाइयों और पश्चिमी मोर्चे के साथ साझा अनुभवों सहित सहयोग के लंबे इतिहास पर आधारित भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच सकारात्‍मक रक्षा संबंध रहे हैंजिन्‍हें 2006 के रक्षा सहयोग के ज्ञापन तथा 2009 के सुरक्षा सहयोग पर संयुक्‍त घोषणा-पत्र के माध्‍यम से नया आधार प्रदान किया गया।  हालांकि 2014 में द्विपक्षीय एफएससी के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा के मामलों को महत्‍वपूर्ण गति मिली और इस प्रकार सचेत और केन्द्रित वृद्धि देखी गई।पिछले चार वर्षों में द्विवार्षिक सामुद्रिक अभ्‍यास की जटिलता निरंतर बढ़ती गई है। तीसरे संस्‍करण में एएसडब्‍ल्‍यू पर केन्द्रित तीनों आयामों वाले अभ्‍यास शामिल किये जाएंगे। द्विप‍क्षीय अभ्‍यास में दोनों देशों की नौसेनाओं द्वारा अब तक की सर्वाधिक इकाइयां भाग ले रही हैं। भागीदारी के पैमाने में वृद्धि दोनों देशों द्वारा इस अभ्‍यास  को दिये जा रहे महत्‍व को दर्शाती हैजबकि बढ़ी हुई जटिलता दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन का संकेत है। कुल मिलाकर यह अभ्‍यास भारत के विजन सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और प्रगति) और सामुद्रिक क्षेत्र में अच्‍छी व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करने के प्रति दोनों देशों के साझा उद्देश्‍यों को रेखांकित करता है तथा मित्र एवं सामंजस्यपूर्ण देशों के साथ एकजुटता प्रकट करता है। 

3.राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने  चिली में  शिष्टमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया और चिली विश्वविद्यालय में भारत चिली व्यापार मंच के साथ-साथ  छात्रों को भी संबोधित किया:- 

राष्ट्रपति ने  भारतीय बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश के लिये चिली के सॉवरिन वेल्थ फंड को आमंत्रित किया चिली ने वैध अमेरिकी वीज़ा धारक भारतीयों के लिये वीज़ा-मुक्त यात्रा की घोषणा की भारत और चिली ने खनन, संस्कृति और विकलांगता के क्षेत्र में तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद 30 मार्च, 2019 की शाम को तीन देशों – क्रोएशियाबोलीविया और चिली की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में चिली की राजधानी सैंटियागो पहुँचे। 31 मार्च, 2019 को राष्ट्रपति ने सैंटियागो में पाब्लो नेरुदा संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने उस परिवार द्वारा बनाया गया एक विशेष पेन इस संग्रहालय को दान में दिया जिसे गांधी जी ने भारत में पहला स्वदेशी फाउंटेन पेन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया था। शाम को राष्ट्रपति ने चिली में भारत की राजदूत सुश्री अनीता नायर द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय और भारत के दोस्तों की एक सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि विकास और प्रगति की हमारी खोज में- विदेशी भारतीय समुदाय एक अमूल्य भागीदार है।अप्रैल, 2019 को राष्ट्रपति ने मोनुमेंटो अल लिबर्टाडोर जनरल बर्नार्डो ओ ‘हिगिंस के प्रति सम्मान व्यक्त किया। बाद में श्री कोविंद  “ला मोनेदा” राष्ट्रपति महल पहुंचे जहां चिली के राष्ट्रपति श्री सेबेस्टियन पिनेरा ने उनका औपचारिक स्वागत किया।

राष्ट्रपति ने दोनों पक्षों के बीच  आयोजित शिष्टमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया। इस अवसर परउन्होंने कहा कि भारत और चिली के बीच व्यापार संबंध बहुत अच्छे हैं। लेकिन दोनों देश इस दिशा में बहुत कुछ कर सकते हैं। चिली लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में भारत का पांचवा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। चिली से आयात में तांबे का 85 प्रतिशत से अधिक योगदान हैं। हमें व्यापार को और मजबूत बनाने के लिए अपने व्यापार में विविधता लानी चाहिए। द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए चिली ने यह घोषणा की है कि वह वैध अमेरिकी वीजा रखने वाले भारतीय नागरिकों को वीजा मुक्त प्रवेश की अनुमति देगा। राष्ट्रपति ने चिली के फैसले का स्वागत  करते हुए कहा कि  इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।राष्ट्रपति ने हाल ही में हुए पुलवामा आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए  चिली को धन्यवाद दिया। दोनों देश सभी प्रकार के आतंकवाद को परास्त करने और उसे नष्ट करने के लिये वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत बनाने के लिये मिलकर काम करने के लिये सहमत हुए । भारत ने अपने  प्रमुख रक्षा संस्थानों में चिली के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण देने का भी प्रस्ताव किया हैं  जिसमें युद्ध और शांति स्थापना के पाठ्यक्रम भी  शामिल हैं। दोनों देशों ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत संयुक्त रूप से रक्षा उपकरण बनाने सहित रक्षा क्षेत्र में अन्य सहयोग के अवसरों का पता लगाने के बारे मे भी सहमति व्यक्त की। शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के दौरान खननसंस्कृति और विकलांगता के क्षेत्र में तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गए।राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने सैंटियागो में इंडिया-चिली बिजनेस राउंडटेबल को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और भारतीय व्यापार के लिएचिली सिर्फ एक बाजार  ही नहीं है बल्कि यह भारत का  एक बहुत ही महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक भागीदार देश है। चिली भारत के लिए लैटिन अमेरिका और प्रशांत गठबंधन का एक प्रमुख देश हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देश अपने व्यापार क्षेत्र का विस्तार करने और आर्थिक जुड़ाव के लिए नए रास्ते तलाशने  के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम समुद्री अनुसंधान और अन्य वैज्ञानिक अन्वेषण जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर सकते हैं। भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में चिली के साथ अपने सहयोग को मजबूत करने के लिए भी उत्सुक है।

राष्ट्रपति ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में  भारत ने लगभग 62 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) अर्जित किया और इसे दुनिया के सबसे लोकप्रिय निवेश स्थलों में से एक माना गया।  इस सदी की शुरुआत से , चिली की कंपनियों ने भारत में सिर्फ  150 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है। इसमें सुधार करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि चिली के दो सॉवरिन वेल्थ फंड्स की बड़े निवेश निर्णयों में प्रतिष्ठा है। भारतीय बुनियादी ढांचे क्षेत्र में इऩके लिए निवेश अवसर हो सकते है। हम मिलकर चिली के  आर्थिक और सामाजिक स्थिरीकरण कोष के साथ-साथ उसके पेंशन रिजर्व फंड के लिए भी निवेश उत्पादों को  तैयार कर सकते हैं। अपने अगले कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने चिली के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित भोज के अवसर पर कहा कि हमारा द्विपक्षीय एजेंडा बहुत  व्यापक है ऊर्जा से सुरक्षा तकऔर योग से लेकर बाह्य अंतरिक्ष तक हमें साथ-साथ मिलकर बहुत  काम करना है। उन्होंने यह कामना की कि हमारे दोनों देशों के आपसी लाभकारी मैत्रिकपूर्ण संबंधों में मजबूती आये और दोनों  देशों की जनता की प्रगति हो। राष्ट्रपति ने “गांधी फॉर द यंग’ विषय पर चिली विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया।इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी  सभी संस्कृतियों से जुड़े थे और उन्होंने सभी धर्मों से कुछ न कुछ ग्रहण किया। हिंदू धर्म में  उनकी गहरी आस्था थी लेकिन वे  ईसाई धर्मबौद्ध धर्मजैन धर्म और इस्लाम के साथ-साथ टॉल्स्टॉयरस्किन और थोरो जैसे विचारकों से भी प्रभावित थे। राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी ने प्रकृति के साथ सदभाव से रहने के लिए वैश्विक प्रेम की अपनी अवधारणा को आगे बढ़ाया। उन्होंने ऐसी अवधारणाओं को भी बढ़ावा दिया जो अब  संयुक्त राष्ट्र  द्वारा अपनाए गये सतत विकास लक्ष्यों में निहित हैं।राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी एक विशिष्ट व्यक्ति थे। उन्होंने पूर्व और पश्चिम दोनों को प्रेरित किया। उन्होंने मानवीय प्रयास के नए रास्ते बनाये और साथ-साथ ही परम्परा और  आध्यात्मिक जड़ों की शक्ति और पवित्रता को भी बरकरार रखा। जो लोग आज संदेह और अविश्वास के समुद्र में डूबे हुए हैं उनके लिये गांधी जी का जीवन, उनके विचार और दर्शन उन्हें आंतरिक शक्ति और  विश्वास हासिल  करने में प्रेरित करेंगे। महात्मा गांधी एक मनुष्य ही नही थे बल्कि एक विचारधारा, एक संस्थान थे  जो विकसित  होने के बाद 100 साल से अधिक समय से अब तक भी प्रतिध्वनित हो रही है। 

4.अमेरिका ने भारत को 24 एमएच 60 रोमियो सीहॉक हेलीकॉप्टर की बिक्री की मंजूरी दी:-

ट्रम्प प्रशासन ने भारत को 2.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत पर 24 बहु-भूमिका MH-60 रोमियो सीहॉक हेलीकॉप्टर की बिक्री को मंजूरी दी है, विदेश विभाग ने कहा है। इसे दुनिया का सबसे उन्नत समुद्री हेलीकॉप्टर माना जाता है। चॉपर भारतीय रक्षा बलों को सतह-रोधी और पनडुब्बी रोधी युद्धक अभियानों को अंजाम देने की क्षमता प्रदान करेगा। अमेरिकी सरकार ने कल कांग्रेस को सूचित किया कि उसने हेलीकॉप्टरों की बिक्री को मंजूरी दे दी है।  अपनी अधिसूचना में, विदेश विभाग ने कांग्रेस को बताया कि यह प्रस्तावित बिक्री यूएस-भारतीय रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करके अमेरिका की विदेश नीति का समर्थन करेगी।बयान में कहा गया है कि हेलीकॉप्टरों की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन में कोई बदलाव नहीं होगा। 

अन्तराष्ट्रीय न्यूज़

5.अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बूतेफ्लिका  अपने जनादेश की समय सीमा समाप्त होने से पहले इस्तीफा देंगे:-

अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बूतेफ्लिका 28 अप्रैल को अपने जनादेश की अवधि समाप्त होने से पहले इस्तीफा दे देंगे। राष्ट्रपति के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएंगे कि संक्रमण काल के दौरान राज्य के संस्थान काम करते रहें। लाखों अल्जीरियनों ने 82-वर्षीय बूतेफ्लिका को कार्यालय में लगभग 20 वर्षों के बाद पद छोड़ने के लिए साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन किया है। 2013 में उन्हें चोट लगने के बाद सार्वजनिक रूप से शायद ही कभी देखा गया हो। बूतेफ्लिका ने शुरू में पांचवें कार्यकाल के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थीलेकिन 11 मार्च को चुनाव को अपनी उम्मीदवारी  वापस ले ली और चुनाव स्थगित कर दिया । मूल रूप से 18 अप्रैल को भारी विरोध के जवाब में स्लेट। पिछले हफ्तेदेश के शक्तिशाली सेना प्रमुख ने  बूतेफ्लिका को पद के लिए अयोग्य घोषित करने के लिए एक संवैधानिक प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव रखा था।

बाजार न्यूज़

6.व्हाट्सएप ने फर्जी खबरों से निपटने के लिए पेश किया चेकपॉइंट टिपलाइन’:-

देश में आम चुनावों से पहले फर्जी खबरों से निपटने के लिए व्हाट्सएप ने मंगलवार को चेकपॉइंट टिपलाइनपेश की। इसके माध्यम से लोग उन्हें मिलने वाली जानकारी की प्रमाणिकता जांच सकते हैं। व्हाट्सएप पर मालिकाना हक रखने वाली कंपनी फेसबुक ने एक बयान में कहा, ‘‘ इस सेवा को भारत के एक मीडिया कौशल स्टार्टअप प्रोटोने पेश किया है। यह टिपलाइन गलत जानकारियों एवं अफवाहों का डाटाबेस तैयार करने में मदद करेगी। इससे चुनाव के दौरान चेकपॉइंटके लिए इन जानकारियों का अध्ययन किया जा सकेगा। चेकपॉइंट एक शोध परियोजना के तौर पर चालू की गई है जिसमें व्हाट्सएप की ओर से तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है।’’कंपनी ने कहा कि देश में लोग उन्हें मिलने वाली गलत जानकारियों या अफवाहों को व्हाट्सएप के +91-9643-000-888 नंबर पर चेकपॉइंट टिपलाइन को भेज सकते हैं। एक बार जब कोई उपयोक्ता टिपलाइन को यह सूचना भेज देगा तब प्रोटो अपने प्रमाणन केंद्र पर जानकारी के सही या गलत होने की पुष्टि कर उपयोक्ता को सूचित कर देगा। इस पुष्टि से उपयोक्ता को पता चल जाएगा कि उसे मिला संदेश सहीगलतभ्रामक या विवादित में से क्या है।प्रोटो का प्रमाणन केंद्र तस्वीरवीडियो और लिखित संदेश की पुष्टि करने में सक्षम है। यह अंग्रेजी के साथ हिंदीतेलुगूबांग्ला और मलयालम भाषा के संदेशों की पुष्टि कर सकता है।