स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदी

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1 स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया की यात्रा के दौरान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत और स्लोवाकिया के बीच मजबूत होते संबंधों और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है। यह किसी विदेशी देश की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया की सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

2 भारत और स्लोवाकिया ने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए

 

 

भारत और स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक उन्नत करते हुए द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच हुई वार्ता के बाद प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम करने पर भी सहमति व्यक्त की। इससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद है। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस यूरोपीय राष्ट्र की पहली यात्रा में, श्री मोदी ने कहा कि संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा देना साझा विश्वासों, प्राथमिकताओं और भविष्य का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने श्री रॉबर्ट फिको के साथ संबंधों को नई दिशा देने के तरीकों पर चर्चा की। श्रम प्रवासन, रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा और क्वांटम संचार के क्षेत्रों में हुए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। श्री मोदी और श्री रॉबर्ट फिको ने कुशल पेशेवरों की व्यवस्थित, सुरक्षित और कानूनी आवाजाही के लिए समर्थन व्यक्त किया और आवाजाही को सुगम बनाने के लिए श्रम प्रवासन के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

3 फ्रांस के एवियन में शुरू हुआ 52वां जी-7 शिखर सम्मेलन

 

52वां जी-7 शिखर सम्मेलन फ्रांस के एवियन में शुरू हुआ। इसमें विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने “प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना” विषय पर एक कार्यकारी रात्रिभोज का आयोजन किया। इससे पहले, श्री मैक्रॉन ने शिखर सम्मेलन में जी-7 देशों के नेताओं का औपचारिक रूप से स्वागत किया, जिनमें अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लियन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा शामिल थे। जी-7 शिखर सम्मेलन एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जिसे प्रतिवर्ष जी-7 सदस्य देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमरीका के नेता आयोजित करते हैं।

4 जेवर एयरपोर्ट से शुरू हुआ विमान संचालन, इंडिगो बनी पहली एयरलाइन

विमानन कंपनी इंडिगो ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) से उड़ान संचालन शुरू कर दिया। इसके साथ ही इंडिगो इस हवाई अड्डे से परिचालन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बन गई है। एयरलाइन के अनुसार, पहली उड़ान लखनऊ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची, जबकि पहली प्रस्थान उड़ान बेंगलुरु के लिए रवाना हुई। 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया था। अभी इसके पहले फेज का काम पूरा हुआ है। इसमें करीब 3300 एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे बनाए हैं। इस प्रोजेक्ट की लागत 11 हजार करोड़ रुपए है। नोएडा एयरपोर्ट को 4 फेज में बनाया जाएगा। पूरा होने पर ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा बड़ा एयरपोर्ट होगा। एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को किया गया था। यहां से हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे।

5 एएसआई और डेनमार्क के नेशनल म्यूजियम ने ऐतिहासिक डेनिश जहाज ‘ओरेसंड’ के जलमग्न पुरातात्विक अन्वेषण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

 

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अंडरवाटर आर्कियोलॉजी विंग और डेनमार्क के नेशनल म्यूज़ियम के ‘न्योर्ड- सेंटर फ़ॉर मैरीटाइम एंड अंडरवाटर कल्चरल हेरिटेज‘ (कोपेनहेगन) ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य 1619 ईस्वी में पुडुचेरी के कराईकल तट के पास दुर्घटनाग्रस्त ऐतिहासिक डेनिश जहाज ‘ओरेसंड’ के अवशेषों का पता लगाने और उनका दस्तावेजीकरण करने के लिए जलमग्न पुरातात्विक परियोजना शुरू करना है। समुद्री इतिहास में ‘ओरेसंड’ का विशेष महत्व है, क्योंकि यह भारत पहुंचने वाला पहला डेनिश जहाज़ माना जाता है। भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने के कुछ ही समय बाद, यह जहाज़ कराईकल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस वजह से, यह डेनमार्क और भारत के बीच शुरुआती समुद्री संबंधों, और साथ ही 17वीं सदी की शुरुआत में हिंद महासागर में समुद्री यात्रा और व्यापार के व्यापक इतिहास को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्रोत बन गया है। समझौता ज्ञापन की शर्तों के तहत, यह परियोजना जहाज के मलबे के संभावित अवशेषों का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करके नॉन-इनवेसिव पुरातत्व सर्वेक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह अन्वेषण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के ‘अंडरवाटर आर्कियोलॉजी विंग’ द्वारा डेनमार्क के नेशनल म्यूज़ियम के सहयोग से किया जाएगा। यह सहयोग ‘अंडरवाटर आर्कियोलॉजी विंग’ के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह किसी अंतर्राष्ट्रीय संगठन के साथ उसकी पहली संयुक्त पुरातात्विक परियोजना है।

6 उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली में उप-राष्ट्रपति भवन में ‘अगथियार- द यूनिफायर’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।

 

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि देश की एकता कोई आज की बात नहीं है, बल्कि यह हज़ारों सालों से ऋषियों और ज्ञानी विचारकों द्वारा संजोई गई एक प्राचीन सभ्यतागत सच्चाई है। नई दिल्ली में उप-राष्ट्रपति भवन में ‘अगथियार – द यूनिफायर‘ (Agatthiyar – The Unifier) ​​नाम की किताब जारी करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह किताब ऋषि अगथियार की स्थायी विरासत और उस गहरी सांस्कृतिक एकता को उजागर करती है जिसने हज़ारों सालों से भारत को एकजुट रखा है। यह किताब मैसूर के ओ. शमा भट और डॉ. एम. एन. सुधा ने लिखी है। प्रोफ़ेसर कल्याणी ने इस किताब का तमिल में अनुवाद किया है। उपराष्ट्रपति ने इस किताब को लाने के लिए ‘कलईमगल‘ (Kalaimagal) पत्रिका की भी तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका 95 से ज़्यादा सालों से बेहतरीन सेवा कर रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए तमिल साहित्य, संस्कृति और विरासत को संजोने और बढ़ावा देने का काम कर रही है।

7 सुदर्शन पटनायक ने जीता रूस ग्रैंड सैंड मास्टर कप 2026

 

ओडिशा के सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक प्रतिष्ठित रूस ग्रैंड सैंड मास्टर कप 2026 जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। उन्हें यह पुरस्कार 11 जून, 2026 को रूस में आयोजित ‘II इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ़ सैंड स्कल्पचर‘ में मिला। पटनायक को सैंड आर्ट में उनके बेहतरीन योगदान और ग्लोबल वॉर्मिंग के मुद्दे को उजागर करने वाली उनकी विचारोत्तेजक कलाकृति के लिए सम्मानित किया गया। जूरी ने सर्वसम्मति से उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना और उनकी कलात्मक प्रतिभा और सामाजिक व पर्यावरणीय जागरूकता के लिए रेत कला का माध्यम इस्तेमाल करने की उनकी कोशिशों को सराहा। उनकी मूर्ति ग्लोबल वार्मिंग के विषय पर आधारित थी। यह कलाकृति लगभग 3 मीटर ऊँची थी। मूर्ति में पृथ्वी के दो विपरीत पहलुओं को दिखाया गया था। इसमें पर्यावरण के नुकसान और संरक्षण की कोशिशों को उजागर किया गया। यह पुरस्कार जनरल डायरेक्टर एलेना अलेक्जेंड्रोव्ना ने दिया। सुदर्शन पटनायक दुनिया के सबसे मशहूर रेत कलाकारों में से एक हैं। वे पुरीओडिशा से हैं और उन्होंने दशकों से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता, मानवीय कार्यों और वैश्विक शांति से जुड़े संदेश देने के लिए रेत कला का इस्तेमाल किया है।

8 भारत को विश्व की रचनात्मक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के आह्वान के साथ हुआ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 का उद्घाटन

भारत के वृत्तचित्र, लघु कथा एवं एनीमेशन फिल्मों के प्रमुख महोत्सव, मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) के 19वें संस्करण का उद्घाटन सोमवार शाम मुंबई के दादर स्थित रवीन्द्र नाट्य मंदिर में सिनेमाई उत्कृष्टता, सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक नवाचार के भव्य उत्सव के बीच किया गया। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने महोत्सव का उद्घाटन किया और मुख्य वक्तव्य दिया, जिसने सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन की दिशा निर्धारित करते हुए भारत को कथावाचन, सामग्री सृजन और रचनात्मक उद्यमिता के उभरते वैश्विक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। दक्षिण एशिया के गैर-फीचर सिनेमा को समर्पित सबसे पुराने और सबसे बड़े फिल्म महोत्सव के रूप में मान्यता प्राप्त मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) लंबे समय से वृत्तचित्र, लघु कथा और एनीमेशन फिल्म निर्माण के एक जीवंत उत्सव के रूप में स्थापित है। वर्ष 1990 में स्थापित तथा भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित एमआईएफएफ एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो विश्वभर के फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और सिनेमा प्रेमियों को आकर्षित करता है।

9 दुनिया की पहली कमर्शियल ब्रेन चिप NEO को मंजूरी मिली

15 जून को चीन ने दुनिया की ब्रेन चिप ‘NEO’ को मंजूरी दी। ये पहली चिप है, जिसे कॉमर्शियल यूज के लिए उपयोग किया जा सकता है। NEO दुनिया की पहली व्यावसायिक (commercially approved) ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) चिप है। NEO को बीजिंग की सिंघुआ यूनिवर्सिटी और शंघाई स्थित न्यूराकल टेक्नोलॉजी ने मिलकर डेवलप किया है। NEO चिप का पहला वर्जन मुख्य रूप से उन मरीजों की मदद के लिए तैयार किया गया है, जो रीढ़ की हड्डी की चोट (स्पाइनल कॉर्ड इंजरी) और पैरालिसिस (लकवा) से जूझ रहे हैं। NEO डिवाइस ऐसे मरीजों को उनके नर्वस सिस्टम के कुछ हिस्सों पर फिर से कंट्रोल हासिल करने में मदद करेगा। ये चिप लोगों के मस्तिष्क संकेतों को पढ़कर उन्हें डिजिटल कमांड में बदल देगी। NEO एक सिक्के के आकार का इम्प्लांट है। इसमें 8 इलेक्ट्रोड होते हैं, जो मस्तिष्क के ऊपर स्थित सुरक्षात्मक झिल्ली (dura mater) पर लगाए जाते हैं। इन कमांड्स की मदद से मरीज रोबोटिक ग्लव या अन्य सहायक उपकरण नियंत्रित कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, NEO को इम्प्लांट करने में ब्लीडिंग और सेल्स डेमेज होने का जोखिम कम है, इसलिए इसको मंजूरी मिल पाई है। यह टेक्नोलॉजी पैरालिसिस के अलावा पार्किंसंस, मिर्गी (एपिलेप्सी), स्ट्रोक और डिप्रेशन जैसी दिमागी और नर्व यानी तंत्रिका संबंधी बीमारियों से पीड़ित लाखों लोगों के जीवन में सुधार कर सकती है। अक्टूबर 2023 से अब तक NEO चिप की 36 से ज्यादा टेस्टिंग की जा चुकी हैं। इलॉन मस्क की कंपनी ने भी ‘न्यूरालिंक’ ब्रेन चिप बनाई है, लेकिन इसे अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो इंसान के दिमाग और बाहरी डिवाइसेज (जैसे कंप्यूटर, रोबोटिक आर्म या व्हीलचेयर) के बीच एक सीधा कम्युनिकेशन करती है।

10 ओडिशा में पारंपरिक राजा महोत्सव

हिंदू पंचांग के मुताबिक, 15 जून सोमवार को सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश करने को ही मिथुन संक्रांति कहा जाता है। इस खास अवसर पर ओडिशा में एक खास पर्व ‘राजा पर्व’ मनाया जाता है। यह पर्व आमतौर पर तीन से चार दिनों तक चलता है। इस दौरान धरती माता और नारीत्व के प्रति सम्मान और आस्था का भाव देखने को मिलता है। दरअसल ओडिशा की पारंपरिक मान्यताओं के मुताबिक, मिथुन संक्रांति के दौरान धरती माता रजस्वला होती हैं। जिस तरह महिलओं को मासिक धर्म के दौरान आराम करने दिया जाता है, उसी तरह इस खास दिन पर धरती माता को विश्राम देने की परंपरा निभाई जाती है। इसलिए उड़ीसा में राजा पर्व के दौरान खेती-बाड़ी, जुताई और भूमि की खुदाई जैसे कार्यों को करने से बचा जाता है।

11 आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में भारत ने 2 गोल्ड जीते

14 जून को तुर्की में भारत के तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। तुर्किये के अंताल्या में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 की रिकर्व मिक्स्ड टीम चैंपियनशिप में धीरज और कुमकुम ने ये मेडल जीते हैं। भारतीय जोड़ी ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में साउथ कोरिया के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन ओह ये-जिन और किम जे-देओक को 5-1 से हराया। धीरज और कुमकुम दोनों का ही ये पहला इंटरनेशनल गोल्ड मेडल है। पुरुषों के इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में धीरज ने साउथ कोरिया के ली वू सियोक को 6-4 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इसके साथ ही धीरज रिकर्व इंडिविजुअल वर्ल्ड कप में टाइटल जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं। ये पहला बार है जब भारत ने एक ही वर्ल्ड कप स्टेज में दो गोल्ड मेडल जीते हैं। 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड के लिए यह पहला वर्ल्ड कप मिक्स्ड टीम स्वर्ण पदक है। इस तरह धीरज ने अंताल्या में दो स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। भारत मेडल टैली में चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहा, जबकि आर्चरी में टॉपर साउथ कोरिया चौथे नंबर पर आया। ये चैंपियनशिप 9 से 14 जून तक तुर्की के अंताल्या में हुई।

12 विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस

प्रतिवर्ष 15 जून को विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (World Elder Abuse Awareness Day) मनाया जाता है। यह दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। इसका उद्देश्य वृद्धजनों के विरुद्ध होने वाली हिंसा, उपेक्षा, आर्थिक शोषण और भावनात्मक उत्पीड़न के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनके सम्मान, सुरक्षा और गरिमा की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। इसका मूल उद्देश्य यह संदेश देना था कि वृद्धों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक मामला मात्र नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और मानवाधिकार संबंधी समस्या है। वर्ष 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून को आधिकारिक रूप से विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की।

13 अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस

अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस (इंटरनेशनल डे ऑफ फैमिली रेमिटेंसेज) हर वर्ष 16 जून को मनाया जाता है। यह दिन उन करोड़ों प्रवासी श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है, जो अपने परिवारों के बेहतर भविष्य के लिए घर से दूर रहकर काम करते हैं और अपनी कमाई का एक हिस्सा नियमित रूप से अपने घर भेजते हैं। संयुक्त राष्ट्र समर्थित इस दिवस का उद्देश्य परिवार प्रेषण यानी रेमिटेंस की सामाजिक और आर्थिक भूमिका को रेखांकित करना है। अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस की शुरुआत वर्ष 2015 में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) की पहल पर की गई थी। इस दिन का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि विदेशों या अपने गृह क्षेत्र से दूर काम करने वाले श्रमिकों द्वारा भेजी गई धनराशि परिवारों और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी इस पहल का समर्थन किया और इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता प्रदान की।