2026 में भारत करेगा विश्व एथलेटिक्स रजत स्तरीय कॉन्टिनेंटल टूर की मेज़बानी

0
9

1 2026 में भारत करेगा विश्व एथलेटिक्स रजत स्तरीय कॉन्टिनेंटल टूर की मेज़बानी

भारत अगले साल 22 अगस्त को भुवनेश्वर में पहली बार विश्व एथलेटिक्स रजत स्तरीय कॉन्टिनेंटल टूर की मेज़बानी करेगा। यह स्पर्धा इस साल भुवनेश्वर में ही आयोजित होने वाली कांस्य स्तरीय स्पर्धा से बेहतर होगी। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को उच्चरैंकिंग अंक प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

2 केंद्र ने 305 करोड़ रुपये की Tex-RAMPS योजना को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने गुरुवार को Tex-RAMPS (Textiles Focused Research, Assessment, Monitoring, Planning and Start-up) योजना को मंजूरी दे दी। यह एक बड़ी पहल है जिसका उद्देश्य भारत के टेक्सटाइल सेक्टर में शोध, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत बनाना है। यह योजना 2025-26 से 2030-31 की अवधि के लिए लागू होगी और इसकी कुल लागत 305 करोड़ रुपये है। इसे केन्द्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) के रूप में लागू किया जाएगा और पूरा खर्च टेक्सटाइल मंत्रालय वहन करेगा। योजना को नई वित्त आयोग के साथ जोड़ा गया है ताकि भविष्य में टेक्सटाइल और परिधान (apparel) सेक्टर को अधिक मजबूत, आधुनिक और विश्व-प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। यह योजना खास तौर पर शोध की कमी, कमजोर डेटा सिस्टम और नवाचार समर्थन जैसे पुराने अंतराल को दूर करने के लिए डिजाइन की गई है।

3 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले लोकसभा अध्यक्ष जीवी मावलंकर को जयंती पर दी श्रद्धांजलि

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में भारत के पहले लोकसभा अध्यक्ष गणेश वासुदेव मावलंकर को उनकी जन्म जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, लोकसभा के महासचिव उत्‍पल कुमार सिंह, कई सांसद, पूर्व सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी उपस्थित होकर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का उद्देश्य मावलंकर के महत्वपूर्ण योगदानों को याद करना था, जिन्होंने भारतीय संसद की बुनियादी कार्यप्रणाली और परंपराओं को मजबूत रूप दिया। मावलंकर का जन्म 27 नवंबर 1888 को बड़ौदा (अब गुजरात) में हुआ था। उन्होंने 1937 में अहमदाबाद से बॉम्बे विधान सभा के सदस्य के रूप में अपनी विधायी यात्रा शुरू की और 1946 तक उसके अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश शासन के अंतिम दौर में छठी केंद्रीय विधान सभा की अध्यक्षता की और स्वतंत्रता से पहले के महत्वपूर्ण वर्षों में उसे नेतृत्व दिया। 1947 के बाद मावलंकर को संविधान सभा (विधायी) के अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। उन्होंने स्वतंत्रता के शुरुआती वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में प्रोविजनल पार्लियामेंट के अध्यक्ष भी बने। जब 1952 में पहली लोकसभा का गठन हुआ, तो उन्हें 15 मई 1952 को सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने यह जिम्मेदारी 27 फरवरी 1956 को अपने निधन तक निभाई और देश की संसदीय कार्यप्रणाली पर अमिट छाप छोड़ी।

4 असम विधानसभा ने असम बहुविवाह निषेध विधेयक 2025 किया पारित

असम विधानसभा ने असम बहुविवाह निषेध विधेयक 2025 पारित कर दिया। इसका उद्देश्‍य वैवाहिक ज़िम्मेदारी को मज़बूत करना और महिलाओं की सुरक्षा करना है। यह कानून देश में बहुविवाह के खिलाफ सबसे सख्त कानूनों में से एक है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन पेश किये गए इस विधेयक में पहले विवाह को कानूनी तौर पर खत्म किए बिना दूसरा विवाह करना जुर्म बताया गया है। विधेयक में पिछला विवाह छिपाने वालों को 10 साल तक की जेल और पहले विवाह को खत्म किए बिना दूसरा विवाह करने पर सात साल तक की जेल का प्रावधान है। बार-बार ऐसा करने वालों को कानून के तहत दोगुनी सज़ा होगी। ऐसे निकाह कराने वाले मौलवियों पर डेढ़ लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। हालाँकि, यह कानून छठीं अनुसूची में शामिल क्षेत्रों या राज्य के आदिवासी समुदायों पर लागू नहीं होगा।

5 राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 2025 के अवसर पर आधारभूत पशुपालन सांख्यिकी 2025 का विमोचन

मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने 26 नवंबर, 2025 को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के ‘आधारभूत पशुपालन सांख्यिकी 2025‘ का वार्षिक प्रकाशन का विमोचन किया। बीएएचएस 2025, 1 मार्च, 2024 से 29 फरवरी, 2025 की अवधि के लिए किए गए एकीकृत नमूना सर्वेक्षण के परिणामों पर आधारित है। देश में अनूठा यह सर्वेक्षण, दूध, अंडे, मांस और ऊन जैसे प्रमुख पशुधन उत्पादों (एमएलपी) के उत्पादन अनुमानों पर महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत करता है, जो पशुधन क्षेत्र में अनुसंधान और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दूध उत्पादन: दूध उत्पादन में भारत वैश्विक रैंक में प्रथम है। देश में 2024-25 के दौरान कुल दूध उत्पादन 247.87 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो 2023-24 में 239.30 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में पिछले वर्ष की तुलना में 3.58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करता है। प्रति व्यक्ति उपलब्धता 2014-15 में 319 ग्राम/दिन से बढ़कर 2024-25 में 485 ग्राम/दिन हो गई है। शीर्ष 5 दूध उत्पादक राज्य हैं: उत्तर प्रदेश (15.66 प्रतिशत), राजस्थान (14.82 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (9.12 प्रतिशत), गुजरात (7.78 प्रतिशत), महाराष्ट्र (6.71 प्रतिशत)। ये सभी मिलकर देश के कुल दूध उत्पादन में 54.09 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
अंडा उत्पादन: भारत विश्व स्तर पर अंडा उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। देश में कुल अंडा उत्पादन 2024-25 के दौरान 149.11 अरब अनुमानित है और इसमें 4.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। 2023-24 के दौरान उत्पादन में वार्षिक 3.18 प्रतिशत की वृद्धि होगी। प्रति व्यक्ति अंडों की उपलब्धता 2014-15 के 62 अंडे/वर्ष से बढ़कर 2024-25 में 106 अंडे/वर्ष हो जाएगी। कुल अंडा उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान आंध्र प्रदेश का है, जिसकी कुल अंडा उत्पादन में हिस्सेदारी (18.37 प्रतिशत) है, इसके बाद तमिलनाडु (15.63 प्रतिशत), तेलंगाना (12.98 प्रतिशत), पश्चिम बंगाल (10.72 प्रतिशत) और कर्नाटक (6.67 प्रतिशत) का स्थान है। सामूहिक रूप से, ये राज्य भारत के कुल अंडा उत्पादन में 64.37 प्रतिशत का योगदान करते हैं, जो देश के पोल्ट्री क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
मांस उत्पादनमांस उत्पादन में भारत का वैश्विक स्थान चौथा है। देश में कुल मांस उत्पादन 2024-25 के दौरान 10.50 मिलियन टन अनुमानित है और इसमें 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। 2023-24 की तुलना में उत्पादन में वृद्धि हुई है। मुर्गीपालन से मांस उत्पादन 5.18 मिलियन टन है, जो कुल मांस उत्पादन का लगभग आधा है। शीर्ष पांच मांस उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल (12.46 प्रतिशत), उत्तर प्रदेश (12.20 प्रतिशत), महाराष्ट्र (11.57 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (10.84 प्रतिशत) और तेलंगाना (10.49 प्रतिशत) हैं। ये सभी मिलकर देश के कुल मांस उत्पादन में 57.55 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
ऊन उत्पादन: देश में कुल ऊन उत्पादन 2024-25 के दौरान 34.57 मिलियन किलोग्राम अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.63 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करता है। कुल ऊन उत्पादन में राजस्थान का सबसे बड़ा योगदान 47.85 प्रतिशत है, इसके बाद जम्मू-कश्मीर (22.88 प्रतिशत), गुजरात (6.22 प्रतिशत), महाराष्ट्र (4.75 प्रतिशत) और हिमाचल प्रदेश (4.30 प्रतिशत) का स्थान आता है। इन राज्यों का कुल मिलाकर देश के कुल ऊन उत्पादन में 85.98 प्रतिशत का योगदान है, जो भारत के ऊन उद्योग में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

6 भारतीय वैज्ञानिकों ने बच्चों में दुर्लभ USP18 जीन म्यूटेशन की पहचान की

भारतीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने बच्चों में बार-बार होने वाली न्यूरोलॉजिकल गिरावट (recurrent neurological decline) से जुड़ी USP18 जीन में दुर्लभ म्यूटेशन की पहचान की है। दुनिया में इस तरह के केवल 11 मामले अब तक दर्ज किए गए थे, और भारत में यह पहला मामला है। यह शोध इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ (बेंगलुरु) द्वारा रामजस कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) और रेडक्लिफ लैब्स के सहयोग से किया गया है। अध्ययन को जर्नल Clinical Dysmorphology में प्रकाशित किया गया है। यह म्यूटेशन Pseudo-TORCH syndrome type-2 से संबंधित है— एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक रोग, जिसमें बच्चों में ऐसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखते हैं जो जन्मजात संक्रमण जैसे लगते हैं, जबकि कोई संक्रमण होता नहीं है। USP18 जीन आमतौर पर शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को नियंत्रित करता है। जब यह जीन ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक सक्रिय हो जाती है और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाती है।

7 केंद्र सरकार ने दो नए डॉप्लर वेदर रडार, सौर ऊर्जा प्रणाली और मौसम संग्रहालय का किया उद्घाटन

केन्द्र सरकार ने गुरुवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की तीन बड़ी पहल शुरू कीं। इनमें दो आधुनिक डॉप्लर वेदर रडार (DWR)मौसत भवन में नई सौर ऊर्जा प्रणाली और एक मौसम विज्ञान संग्रहालय शामिल हैं। इन पहलों का उद्घाटन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने किया। पहला डुअल पोलराइज्ड C Band Doppler Weather Radar छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगाया गया है। यह 250 किलोमीटर के दायरे में मॉनसून सिस्टम, भारी बारिश, आंधी, बिजली, ओलावृष्टि और तूफानों का पता लगा सकेगा। इसकी पहुंच छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, दक्षिण पश्चिम झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों तक है, जिससे इन क्षेत्रों में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ेगी। दूसरा रडार कर्नाटक के मंगलुरु स्थित IMD कार्यालय में लगाया गया है। यह 250 किलोमीटर तक अरब सागर के तटीय क्षेत्र, गोवा, दक्षिण कोंकण, उत्तर लक्षद्वीप और कर्नाटक, केरल, गोवा तथा दक्षिण महाराष्ट्र के स्थलीय हिस्सों में चक्रवात, भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की निगरानी करेगा। सरकार ने IMD के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक मौसम संग्रहालय भी विकसित किया है, जिसमें पुराने मौसम उपकरण, संचार साधन, रडार और उपग्रह से जुड़े घटक प्रदर्शित किए गए हैं। संग्रहालय का उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं और युवाओं को मौसम विज्ञान की जानकारी से जोड़ना है। इसमें ऑडियो विजुअल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

8 एनटीटीएम ने पेश किया भारत का पहला वैज्ञानिक मॉडल, पानीपत में 28 नवंबर को होगा कार्यक्रम

कपड़ा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) ने एक परिवर्तनकारी परियोजना का समर्थन किया है, जो तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में स्थिरता को नया स्वरूप प्रदान करता है। इस परियोजना के परिणामस्वरूप आईआईटी दिल्ली के अंतर्गत पानीपत में अटल वस्त्र पुनर्चक्रण एवं स्थायित्व केंद्र की स्थापना हुई, जिसने दो अग्रणी पहलों, राष्ट्रीय ध्वज पुनर्चक्रण पहल और अरामिड फाइबर पुनर्चक्रण कार्यक्रम के माध्यम से प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं राष्ट्रीय उद्देश्य को एकीकृत किया है। पंजाब, हरियाणा एंड दिल्ली चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) इन नवाचारों और वास्तविक दुनिया पर उनके प्रभावों को प्रदर्शित करने के लिए 28 नवंबर को पानीपत में एक समर्पित प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन करेगा। यह कार्यक्रम परियोजना के अंतर्गत विकसित तकनीकों पर प्रकाश डालेगा, उद्योग एवं सरकार के हितधारकों को एक मंच पर लाएगा तथा तकनीकी वस्त्रों में नवाचार, स्थिरता और औद्योगिक एकीकरण को बढ़ावा देने में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन की भूमिका को मजबूत करेगा। भारत में पहली बार, सेवानिवृत्त राष्ट्रीय ध्वजों का गरिमापूर्ण पुनर्चक्रण करने के लिए एक संरचित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया शुरू की गई है। उद्योग साझेदार द्वारा लागू की गई यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि तिरंगे के कपड़े और संरचनात्मक अखंडता सुरक्षित रहें या बिना गरिमा को नुकसान पहुंचाए इनका जिम्मेदारीपूर्वक पुनः उपयोग हो। यह मॉडल दर्शाता है कि स्थिरता को राष्ट्रभक्ति मूल्यों के साथ किस प्रकार जोड़ा जा सकता है और यह हर घर तिरंगा अभियान की भावना के साथ दृढ़ता से मेल खाता है।

9 चक्रवात दित्वा: श्रीलंका में तेज़ हवाएँ, बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान

श्रीलंका के पूर्वी तट पर बना गहरा दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान दित्वा में बदल गया है। यह बट्टिकलोआ से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। इसके प्रभाव से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की आशंका है। पूरे देश में स्कूली परीक्षाएँ स्थगित कर दी गई हैं। आने वाले दिनों में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है।

10 मणिपुर के 37 हज़ार साल पुराने बांस ने एशिया के हिमयुग का रहस्य खोला

मणिपुर की इंफाल घाटी में चिरांग नदी के गाद वाले जमाव में फॉसिल पौधों के बचे हुए हिस्सों की जांच कर रहे शोधकर्ताओं को सही-सलामत बांस का तना मिला है। इस पर बहुत पहले गायब हो चुके कांटों के निशान हैं। एशिया का यह सबसे पुराना कांटेदार बांस का फॉसिल महाद्वीप के वनस्पति इतिहास का एक नया अध्याय फिर से लिख सकता है। बांस के फॉसिल बहुत कम मिलते हैं क्योंकि उनके खोखले तने और रेशेदार टिशू तेज़ी से खराब हो जाते हैं। इससे भूवैज्ञानिक रिकॉर्ड में उनके बहुत कम निशान रह जाते हैं। वैज्ञानिक आमतौर पर बांस के बचाव को मुख्य रूप से आज की प्रजातियों की तुलना उनके निवास से करके समझते थे। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान बीरबल साहनी इंस्टीट्यूशन ऑफ़ पैलियोसाइंसेज के वैज्ञानिक को मणिपुर की इंफाल वैली में चिरांग नदी के गाद-समृद्ध निक्षेप में क्षेत्र सर्वेक्षण के दौरान अचानक एक बांस का तना मिला जिस पर अजीब निशान थे। उनके विस्तृत विश्लेषण से पता चला कि ये कांटों के निशान हैं। इससे इसकी पहचान और महत्व के बारे में और जांच शुरू हुई। लैब में इसकी बनावट—नोड्स, कलियों और कांटों के निशान—की चांज करके इसे चिमोनोबाम्बुसा जीनस का बताया। बैम्बुसा बैम्बोस और चिमोनोबाम्बुसा कैलोसा जैसे ज़िंदा कांटेदार बांसों से तुलना करने पर इसके बचाव करने वाले गुणों और इकोलॉजिकल भूमिका को फिर से बनाने में मदद मिली। लैब में इसकी मॉर्फोलॉजी नोड्स, बड्स और कांटों के निशान की स्टडी के ज़रिए, उन्होंने इसे चिमोनोबाम्बुसा जीनस का बताया। बैम्बुसा बैम्बोस और चिमोनोबाम्बुसा कैलोसा जैसे जीवित कांटेदार बांसों से तुलना करने पर इसके बचाव करने वाले गुणों और इकोलॉजिकल भूमिका को फिर से बनाने में मदद मिली। यह पहला फॉसिल सबूत है कि बांस में कांटेदारपन—शाकाहारी जानवरों से बचाव का एक तरीका—हिम युग के दौरान एशिया में पहले से मौजूद था। इसका बचाव खास तौर पर इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह ठंडे और सूखे वैश्विक मौसम के समय से आता है। जब यूरोप समेत कई दूसरे इलाकों से बांस खत्म हो गया था। फॉसिल से पता चलता है कि जहां हिम युग के खराब हालात ने बांस के वैश्विक फैलाव को रोक दिया था। वहीं पूर्वोत्तर भारत ने एक सुरक्षित जगह दी जहां यह पौधा फलता-फूलता रहा।

11 टोक्यो डेफलिंपिक्स 2025 में भारतीय दल का शानदार प्रदर्शन

जापान की राजधानी टोक्यो में 15 से 26 नवंबर तक आयोजित 25वें समर डेफलिंपिक्स 2025 में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक का अपना सबसे शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल 20 पदक जीते, जिनमें 9 स्वर्ण, 6 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल हैं। यह भारत की डेफलिंपिक्स इतिहास की सबसे बड़ी मेडल टैली है, जिस पर पूरे देश को गर्व है। भारत की ओर से इस बार कुल 73 एथलीटों ने हिस्सा लिया, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल था। इनमें 45 पुरुष और 28 महिलाएं शामिल थीं। भारतीय दल ने 11 खेलों में प्रदर्शन किया, लेकिन सबसे शानदार नतीजे निशानेबाजी (शूटिंग) में देखने को मिले। शूटिंग में भारत ने कुल 16 मेडल जीते जिनमें 7 स्वर्ण, 6 रजत और 3 कांस्य शामिल थे। इसके अलावा, गोल्फ में 1 स्वर्ण, कुश्ती में 2 पदक, और कराटे में 1 पदक भी जीता गया। ब्राजील में 2021 में हुए पिछले डेफलिंपिक्स में भारत ने सिर्फ 5 पदक जीते थे, जिनमें 3 स्वर्ण शामिल थे।

12 दीप्ति शर्मा को रिटेन न करने के बाद यूपी वॉरियर्ज ने पहली बार ‘राइट टू मैच’ से किया अपने साथ शामिल

महिला प्रीमियर लीग 2026 के लिए गुरुवार को नई दिल्ली में नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। महिला प्रीमियर लीग में पहली बार नीलामी के दौरान आरटीएम का इस्तेमाल किया गया। यूपी वॉरियर्ज ने दिग्गज ऑलराउंडर और पिछले सीजन में टीम की कप्तान रहीं दीप्ति शर्मा को ‘आरटीएम’ का इस्तेमाल करते हुए फिर से अपने साथ जोड़ा। टीम ने इतिहास रचते हुए नीलामी में पहली बार आरटीएम का इस्तेमाल किया और दीप्ति शर्मा को 3.2 करोड़ की बड़ी कीमत पर फिर से अपने साथ जोड़ लिया। दीप्ति शर्मा 2023 से 2025 तक यूपी वॉरियर्ज के लिए खेल चुकी हैं और टीम की कप्तान रह चुकी हैं। तीन साल में दीप्ति ने टीम के लिए 25 मैचों में 27 विकेट लिए हैं और 507 रन बनाए हैं।

13 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टूर्नामेंट शुरू

भारत का पुरुष टी20 घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी शुरू हो रहा है। उद्घाटन मैच मिज़ोरम और नागालैंड के बीच पुणे के डेक्कन जिमखाना मैदान में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट 2007 में शुरू हुआ था। इस वर्ष इसका 18वाँ संस्करण होगा। इसमें 38 टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय स्तर और आईपीएल के कुछ स्टार खिलाड़ी भी शामिल होंगे। गत विजेता मुंबई की कमान इस संस्‍करण में नए कप्तान शार्दुल ठाकुर संभालेंगे। मोहम्मद शमी बंगाल की ओर से खेलेंगे वहीं संजू सैमसन केरल की कप्तानी करेंगे। 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी बिहार के उप-कप्तान होंगे।

14 महिला प्रीमियर लीग 2026 का आयोजन 9 जनवरी से 5 फरवरी तक

महिला प्रीमियर लीग 2026 का आयोजन 9 जनवरी से 5 फरवरी तक होगा। यह घोषणा गुरुवार को बीसीसीआई ने दिल्ली में की। अगले सीजन के मैच नवी मुंबई और वडोदरा में खेले जाएंगे। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम और वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में मुकाबले होंगे, जबकि फाइनल मैच वडोदरा में खेला जाएगा। महिला प्रीमियर लीग 2026, लीग का चौथा सीजन होगा। यह लीग 2023 में शुरू हुई थी। पिछले तीन सीजन में मुंबई इंडियंस ने दो बार खिताब जीता है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स लगातार तीन बार उपविजेता रही है। 2024 में नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आरसीबी ने दिल्ली कैपिटल्स को हराकर विजेता बनी थी।