1 भारत-मोजाम्बिक समुद्री सहयोग के लिए आईएनएस सावित्री मोजाम्बिक पहुंची
भारतीय नौसेना के आईएनएस सावित्री (INS Savitri) ने 10 नवंबर 2025 को मोज़ाम्बिक के पोर्ट बेइरा (Port Beira) पर पहुंचकर भारत–मोज़ाम्बिक के द्विपक्षीय संबंधों और हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region – IOR) में समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई दिशा दी। यह जहाज भारतीय नौसेना का ऑफशोर पेट्रोल पोत (Offshore Patrol Vessel – OPV) है। मोज़ाम्बिक नौसेना ने जहाज का पारंपरिक सम्मान के साथ स्वागत किया, जो दोनों देशों के ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है। यह दौरा भारत की “सागर” (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) नीति को सुदृढ़ करता है और हिंद महासागर में भारत की “पसंदीदा सुरक्षा साझेदार (Preferred Security Partner)” की भूमिका को पुष्ट करता है।
2 प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत में बोत्सवाना से चीतों को स्थानांतरित किया जाएगा
बोत्सवाना प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत भारत में चीतों को स्थानांतरित करने के लिए सौंपेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उनकी बोत्सवाना समकक्ष डूमा बोको के बीच द्विपक्षीय वार्ता के अंत में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान इसकी घोषणा की गई। प्रोजेक्ट चीता एक अनूठी पहल है जिसका उद्देश्य दशकों बाद चीतों को भारत में फिर से लाना है। सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित किया गया। अगले वर्ष दक्षिण अफ्रीका से बारह चीतों को स्थानांतरित किया जाएगा। इनमें से अधिकांश चीते, अपने नए वातावरण में अच्छी तरह से ढल गए हैं, प्राकृतिक व्यवहार कर रहे हैं और विशेष रूप से प्रजनन भी कर रहे हैं।
3 पीएम मोदी के भूटान दौरे में पुनातसांगछू परियोजना का उद्घाटन और तीन अहम समझौते
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाया। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने 1020 मेगावाट की पुनातसांगछू दो जलविद्युत परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। मोदी ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना और गेलफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के लिए भारत के पूर्ण समर्थन की घोषणा की। पीएम मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक के निमंत्रण पर 11 और 12 नवंबर को भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। उन्होंने भूटान की जनता के साथ चौथे राजा जिग्मे सिंगे वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और थिम्पू में चल रहे वैश्विक शांति प्रार्थना उत्सव में शामिल हुए। भारत और भूटान ने उर्वरक आपूर्ति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा, वित्तीय प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहयोग जैसे नए क्षेत्रों में भी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। यूपीआई के दूसरे चरण के तहत भूटानी नागरिक अब भारत में अपने मोबाइल अनुप्रयोगों से भुगतान कर सकेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान तीन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग, स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग तथा मानसिक स्वास्थ्य संस्थागत साझेदारी पर। भूटान के राजगीर स्थित रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक और वाराणसी में भूटान मंदिर एवं अतिथि गृह के लिए भूमि आवंटन के भारत सरकार के निर्णय का भी स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय भूटान दौरे के दूसरे दिन, बुधवार को कालचक्र अभिषेक का उद्घाटन किया।
4 सरकार ने देश के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ निर्यात संवर्धन मिशन को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय के साथ निर्यात संवर्धन मिशन-ई.पी.एम को मंजूरी दे दी है। इस प्रमुख पहल की घोषणा इस वर्ष के बजट में भारत के निर्यात को विशेष रूप से एम.एस.एम.ई के पहली बार के निर्यातकों और श्रम क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए की गई थी। नई दिल्ली में बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह मिशन वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक निर्यात प्रोत्साहन के लिए एक व्यापक, लचीला और डिजिटल रूप से संचालित खाका उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि ईपीएम कई योजनाओं से परिणाम-आधारित और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र में एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है। यह वैश्विक व्यापार चुनौतियों और उभरती निर्यातक जरूरतों को पूरा कर सकता है।
5 ऋण गारंटी योजना (CGSE) को दी मंजूरी, एमएसएमई और गैर-एमएसएमई निर्यातकों को मिलेगा लाभ
पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएसई) शुरू करने को मंजूरी दे दी। इससे राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य ऋण संस्थानों (एमएलआई) को 100 प्रतिशत ऋण गारंटी कवरेज प्रदान किया जा सकेगा ताकि पात्र निर्यातकों, जिनमें एमएसएमई भी शामिल हैं, को 20,000 करोड़ रुपए तक की अतिरिक्त ऋण सुविधाएं प्रदान की जा सके। इस योजना का कार्यान्वयन वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के माध्यम से करेगा ताकि एमएसएमई सहित पात्र निर्यातकों को एमएलआई अतिरिक्त ऋण सहायता प्रदान कर सके। डीएफएस सचिव की अध्यक्षता में गठित एक प्रबंधन समिति इस योजना की प्रगति और कार्यान्वयन की देखरेख करेगी। इस योजना से भारतीय निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के बढ़ने और नए एवं उभरते बाजारों में विविधीकरण को मदद मिलने की उम्मीद है।
6 आईआईटी बॉम्बे ने विकसित किया भारत का पहला क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के तहत, आईआईटी बॉम्बे में पी-क्वेस्ट समूह ने गतिशील चुंबकीय क्षेत्र इमेजिंग के लिए भारत का पहला स्वदेशी क्वांटम डायमंड माइक्रोस्कोप (क्यूडीएम) विकसित किया है। यह एक ऐसी सफलता है जो क्वांटम सेंसिंग में एक मील का पत्थर है और इसने भारत को इस क्षेत्र में अपना पहला पेटेंट दिलाया है। इस तकनीक की औपचारिक घोषणा हाल ही में संपन्न इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2025) के दौरान की गई। यह उपकरण न्यूरोसाइंस और मटेरियल रिसर्च में बड़े बदलाव लाने की क्षमता रखता है, साथ ही सेमीकंडक्टर चिप्स के नॉन-डिस्ट्रक्टिव विश्लेषण में भी नई संभावनाएँ खोलता है, क्योंकि यह एन्कैप्सुलेटेड चिप की 3D परतों में चुंबकीय क्षेत्र की मैपिंग करने में सक्षम है। प्रो. कस्तुरी साहा के नेतृत्व में विकसित यह QDM तकनीक डायमंड में उपस्थित नाइट्रोजन-वैकेंसी (NV) सेंटर्स पर आधारित है, जो नैनोस्केल पर त्रि-आयामी चुंबकीय क्षेत्र की इमेजिंग के लिए एक शक्तिशाली प्लेटफॉर्म प्रदान करती है। NV सेंटर्स — यानी डायमंड क्रिस्टल में नाइट्रोजन परमाणु और रिक्त स्थान के संयोजन से बने एटॉमिक-स्केल दोष — कमरे के तापमान पर भी अपनी क्वांटम कोहेरेंस बनाए रखते हैं। ये चुंबकीय, विद्युत और तापीय परिवर्तनों के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं। ऑप्टिकली डिटेक्टेड मैग्नेटिक रेजोनेंस (ODMR) के माध्यम से इनका स्पिन-आधारित फ्लोरेसेंस स्थानीय चुंबकीय क्षेत्र की सटीक रीडिंग देता है।
7 ‘वन नेशन, वन हेल्थ आईडी’ की दिशा में बड़ा कदम: राजस्थान में ABHA ID उपयोग अनिवार्य
राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम (IHMS) में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA ID) का उपयोग अब अनिवार्य कर दिया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशन में यह कदम राजस्थान डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत और सुगम बनाना है। मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान योजना (MNNRY) के तहत स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने वाले सभी नागरिकों का पंजीकरण अब ABHA ID से IHMS में किया जाएगा। सभी अस्पतालों को OPD और IPD पंजीकरण के समय मरीज की ABHA ID लिंक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि “वन नेशन, वन हेल्थ आईडी” की अवधारणा को आगे बढ़ाया जा सके। ABHA ID प्रत्येक नागरिक की एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जो उनके सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखती है। नागरिक अपने स्वास्थ्य विवरण मोबाइल ऐप या पोर्टल पर देख सकते हैं और डॉक्टरों से डिजिटल रूप में साझा कर सकते हैं, जिससे उपचार प्रक्रिया तेज़, सटीक और पेपरलेस हो जाएगी।
8 सेनाओं ने किया तत्परता का अद्भुत प्रदर्शन, पश्चिमी सीमाओं के पास सैन्य अभ्यास
संयुक्तता और मिशन तत्परता का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए थलसेना और भारतीय वायुसेना ने एक समन्वित एयरबोर्न अभ्यास को अंजाम दिया। दोनों सेनाओं ने यह प्रदर्शन अभ्यास ‘मरु ज्वाला’ के तहत किया है। इस प्रभावशाली अभ्यास में थलसेना व वायुसेना ने सटीकता, तालमेल और परिचालन दक्षता का अद्वितीय प्रदर्शन किया। वहीं, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान के थार रेगिस्तान में सैन्य अभ्यास ‘महागुजराज’ को अंजाम दिया है। सेना के मुताबिक, इस अभ्यास ने यह सिद्ध किया कि भारतीय सशस्त्र बल जटिल एयरबोर्न अभियानों की योजनाओं, समन्वय और निष्पादन में एकीकृत रूप से कार्य करने में सक्षम हैं। यह रणनीतिक तालमेल भविष्य के बहु-आयामी युद्धक्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम है। यह अभ्यास दक्षिणी कमान की सुदर्शन चक्र कोर के तहत एकीकृत त्रि-सेवा अभ्यास ‘त्रिशूल’ का हिस्सा था। इसी दौरान थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त अभ्यास भी किया। इसका उद्देश्य तीनों सेनाओं की संयुक्त युद्धक क्षमताओं और समन्वय का प्रदर्शन करना था। यह संयुक्त त्रि-सेवा युद्धाभ्यास ‘त्रिशूल’ का हिस्सा था। वहीं, वायुसेना के अभियान ‘महागुजराज’ नाम से संचालित किए गए। भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी क्षेत्र में अभ्यास महागुजराज-25 का आयोजन किया। यह अभ्यास 28 अक्टूबर से 11 नवंबर तक चला।
9 विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के अतिरिक्त अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों से मुलाकात की
विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कनाडा के ओंटारियो में जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के अतिरिक्त अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों से मुलाकात की। डॉ. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद को इस आयोजन की मेजबानी के लिए बधाई दी और नए रोडमैप 2025 के कार्यान्वयन में हुई प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत इस द्विपक्षीय साझेदारी के और अधिक सुदृढ़ होने की आशा करता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के निमंत्रण पर आउटरीच पार्टनर्स के साथ G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए 11 से 13 नवंबर तक कनाडा का दौरा कर रहे हैं। इस सम्मेलन में जी-7 के सदस्य देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के मंत्रियों के साथ-साथ भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, सऊदी अरब, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन सहित कई आउटरीच राष्ट्रों के मंत्री शामिल होंगे।
10 भारत नेट योजना को पूरे राज्य में लागू करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बना
पंजाब संशोधित भारत नेट योजना को पूरे राज्य में लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इससे इस सीमावर्ती राज्य की देश के किसी भी स्थान से लाइव निगरानी की जा सकेगी। योजना के कार्यान्वयन के लिए बीएसएनएल, पंजाब सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक अजय कुमार करारा ने मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को सम्मानित किया। राज्य के 43 क्षेत्रों में इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएँ उपलब्ध करा दी गई हैं। नवंबर माह के अंत तक प्रत्येक गाँव को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा। भारत नेट योजना का उद्देश्य देश की सभी ग्राम पंचायतों के अलावा घरों और संस्थानों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में ई-स्वास्थ्य और ई-गवर्नेंस सेवाओं की भी परिकल्पना की गई है।
11 भारत और क्यूबा ने आपराधिक मामलों में परस्पर कानूनी सहायता संधि सहित कई सहयोग पर हस्ताक्षर किये
भारत और क्यूबा ने आपराधिक मामलों में परस्पर कानूनी सहायता संधि तथा सांस्कृतिक आदान प्रदान और सहयोग से संबंधित दिशा-निर्देशों के बारे में राजधानी हवाना में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। इस समझौते पर विदेश राज्यमंत्री पबित्र मार्गेरिटा और क्यूबा के कार्यवाहक विदेश मंत्री गेर्राडो पेनाल्वर पोर्टल ने बैठक के दौरान हस्ताक्षर किए। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की और रूचि वाले क्षेत्रों में कार्य बढाने के बारे में चर्चा की। श्री पेनाल्वर ने हाल के वर्षों में क्यूबा द्वीप समूह में आये तूफानों के मद्देनजर भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाल में आये मेलिसा तूफान के बाद भारत ने बीस टन राहत सामग्री और पूर्वी क्यूबा में प्रभावितों को चिकित्सीय सहायता देने के लिए चलते-फिरते स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा पहुंचाई।
12 साहित्य अकादमी-बाल साहित्य पुरस्कार 14 नवम्बर को प्रदान किए जाएंगे
इस वर्ष का साहित्य अकादमी-बाल साहित्य पुरस्कार 14 नवम्बर को नई दिल्ली में प्रदान किया जाएगा। बाल साहित्य की विधा में ये वार्षिक पुरस्कार साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक प्रदान करेंगे। संस्कृति मंत्रालय ने बताया है कि पुरस्कार विजेताओं को एक कांस्य पट्टिका के साथ पचास हज़ार रुपये का चेक भी दिया जाएगा। हिन्दी साहित्य में यह पुरस्कार सुशील शुक्ला को उनकी पुस्तक ‘एक बटे बारह‘ के लिए जबकि अंग्रेजी में नितिन कुशलप्पा को ‘दक्षिण- साउथ इंडियन मिथ्स एंड फेबल्स रिटोल्ड के लिए प्रदान किया जाएगा।
13 वित्त मंत्रालय ने नई दिल्ली में जनसमर्थ पोर्टल पर कॉमन एप्लीकेशन जर्नी स्टार्टअप का शुभारंभ किया
वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग ने नई दिल्ली में जनसमर्थ पोर्टल पर कॉमन एप्लीकेशन जर्नी स्टार्टअप का शुभारंभ किया। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यह पोर्टल स्टार्टअप्स को सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से ऋण प्राप्त करने के लिए एक एकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराता है। यह पोर्टल स्टार्टअप्स को ऋण के लिए आवेदन करने, प्रस्तावों की तुलना करने और एकीकृत डिजिटल माध्यम से अपने आवेदनों को आसानी से ट्रैक करने में सक्षम बनाएगा। एक मॉडल ऋण योजना के सहयोग तैयार यह पोर्टल, स्टार्टअप्स के लिए ऋण गारंटी योजना के अंतर्गत 20 करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान करती है।
14 विश्व निमोनिया दिवस 2025
विश्व निमोनिया दिवस हर साल 12 नवम्बर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य निमोनिया जैसी रोके जा सकने वाली, परंतु घातक बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वर्ष 2025 में इस दिवस का प्रमुख फोकस स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना, टीकों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना, और जीवनरक्षक संसाधनों — जैसे एंटीबायोटिक्स और चिकित्सीय ऑक्सीजन — की उपलब्धता बढ़ाना है। निमोनिया आज भी पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु का सबसे बड़ा संक्रामक कारण है। यह बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए भी घातक साबित होता है, विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों, जैसे भारत में। इस वर्ष की थीम इस बात पर बल देती है कि “कोई भी व्यक्ति ऐसी बीमारी से न मरे जो रोकी और ठीक की जा सकती है।”
