GENERAL KNOWLEDGE

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भारत ने अग्नि-2 का सफल परीक्षण किया

भारत ने 16 नवंबर 2019 को मध्यम दूरी के बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-2 का सफल परीक्षण किया है. इस मिसाइल का सफल परीक्षण ओडिशा के बालासोर से किया गया. यह परीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने पहली बार इस मिसाइल का रात में परीक्षण किया है.

इस मिसाइल की मारक क्षमता 2000 किलोमीटर तक है. यह मिसाइल 20 मीटर लंबी होती है तथा यह 1000 किलो तक का वजन ले जाने में सक्षम है. इस मिसाइल को डीआरडीओ की एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी ने तैयार किया है. इस मिसाइल को इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत बनाया गया है.

अमेरिकी सीनेट ने सर्वसम्मति से सिख समुदाय के सम्मान में प्रस्ताव पारित किया

अमेरिकी सीनेट ने हाल ही में सर्वसम्मति से सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के 550वें जन्मदिन के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को मान्यता देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है. सिखों का अमेरिका के विकास में अहम योगदान है. यह प्रस्ताव मुख्य रूप से इसको लेकर ही सीनेट की ओर से पारित किया गया है.

सीनेट के प्रस्ताव में अमेरिका में उनके योगदान हेतु चार प्रतिष्ठित सिखों का भी उल्लेख किया गया है. यह सिख धर्म पर अपनी तरह का पहला प्रस्ताव है जो अमेरिकी सीनेट ने पहले सिख गुरु की 550वीं जयंती पर पारित किया है.

रजत शर्मा ने डीडीसीए के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने 16 नवंबर 2019 को दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. रजत शर्मा ने तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ दिया है. डीडीसीए ने रजत शर्मा के इस्तीफे की जानकारी ट्विटर पर दी है.

रजत शर्मा ने डीडीसीए के अध्यक्ष रहते दिल्ली के फिरोजशाह कोटला का नाम बदलकर ‘अरुण जेटली स्टेडियम’ रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी मिली. प्रसिद्ध पत्रकार रजत शर्मा को जुलाई 2018 में डीडीसीए का अध्यक्ष चुना गया था. रजत शर्मा ने इस रेस में पूर्व क्रिकेटर मदनलाल को पीछे छोड़ा था.

दार्जिलिंग ग्रीन और व्हाइट टी को जीआई टैग मिला

दार्जिलिंग टी एसोसिएशन ने 16 नवंबर 2019 को कहा कि उसके पहाड़ी क्षेत्र की ‘ग्रीन’ और ‘व्हाइट’ चाय को भौगोलिक संकेत (जीआई) उत्पादों के रूप में पंजीकृत किया गया है. दार्जिलिंग चाय की इन दो किस्मों को भौगोलिक संकेत (माल पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम 1999 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है. यह अक्टूबर 2019 से प्रभावी हो गया है.

यह ‘दार्जिलिंग चाय के बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा. दार्जिलिंग चाय के कुल 85 लाख किलोग्राम के वार्षिक उत्पादन में से ‘ग्रीन’ टी का उत्पादन दस लाख किलो तथा ‘व्हाइट’ टी का एक लाख किलोग्राम उत्पादन है.

जस्टिस आर. भानुमति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में शामिल हुईं

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के सेवानिवृत्ति के बाद अब जस्टिस आर. भानुमति कॉलेजियम का हिस्सा बन गई हैं. जस्टिस आर. भानुमति बीते 13 सालों में पहली महिला जस्टिस हैं जो कॉलेजियम का हिस्सा बनी हैं. वर्तमान समय में सुप्रीम कोर्ट में आर. भानुमति के अतिरिक्त दो और महिला न्यायाधीश (इंदू मल्होत्रा एवं इंदिरा बनर्जी) हैं.

आर. भानुमति ने साल 1981 में वकील के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी. वे साल 1988 में तमिलनाडु हायर ज्यूडिशियल सर्विस के जरिए डिस्ट्रिक्ट जज बनी थीं. उन्हें अप्रैल 2003 में मद्रास हाईकोर्ट में जज नियुक्त किया गया था. उन्हें अगस्त 2014 में सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस बनाया गया था.

सुप्रीम कोर्ट के सभी मुख्य न्यायधीशों की सूची

भारत का सर्वोच्च न्यायालय 26 जनवरी 1950 को स्थापित किया गया था और इसका उद्घाटन 28 जनवरी 1950 से हुआ था. वर्तमान में श्री शरद अरविंद बोबड़े भारत के 47 वें मुख्य न्यायधीश के रूप में कार्य कर रहे हैं, उन्होंने श्री रंजन गोगोई का स्थान लिया है.

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत, भारत के मुख्य न्यायाधीश को भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है अर्थात सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश को भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी जाती है.

नामपद धारण की तारीखकब तक
1. श्री न्यायमूर्ति हरीलाल जेकिसुनदास कनिया26/01/195006/11/1951*
2. श्री न्यायमूर्ति एम. पतंजलि शास्त्री07/11/195103/01/1954
3. श्री जस्टिस मेहर चंद महाजन04/01/195422/12/1954
4. श्री न्यायमूर्ति बिजन कुमार मुखर्जी23/12/195431/01/1956**
5. श्री न्यायमूर्ति सुधी रंजन दास01/02/195630/09/1959
6. श्री जस्टिस भुवनेश्वर प्रसाद सिन्हा01/10/195931/01/1964
7. श्री न्यायमूर्ति पी.बी. गजेन्द्रगडकर01/02/196415/03/1966
8. श्री न्यायमूर्ति ए.के. सरकार16/03/196629/06/1966
9. श्री जस्टिस के. सुब्बा राव30/06/196611/04/1967**
10. श्री न्यायमूर्ति के.एन. वांचू12/04/196724/02/1968
11. श्री न्यायमूर्ति एम. हिदायतुल्ला25/02/196816/12/1970
12. श्री न्यायमूर्ति जे.सी. शाह17/12/197021/01/1971
13. श्री न्यायमूर्ति एस.एम. सीकरी22/01/197125/04/1973
14. श्री न्यायमूर्ति ए.एन. रे26/04/197328/01/1977
15. श्री जस्टिस एम. हमीदुल्ला बेग29/01/197721/02/1978
16. श्री न्यायमूर्ति वाई.वी. चंद्रचूड़22/02/197811/07/1985
17. श्री न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती12/07/198520/12/1986
18. श्री न्यायमूर्ति आर.एस. पाठक21/12/198618/06/1989**
19. श्री न्यायमूर्ति ई.एस. वेंकट रमैया 19/06/198917/12/1989
20. श्री जस्टिस सब्यसाची मुखर्जी18/12/198925/09/1990*
21. श्री न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्रा25/09/199024/11/1991
22. श्री जस्टिस के.एन. सिंह25/11/199112/12/1991
23. श्री न्यायमूर्ति एम.एच. कानिया13/12/199117/11/1992
24. श्री न्यायमूर्ति एल.एम.शर्मा18/11/199211/02/1993
25. श्री न्यायमूर्ति श्री एम एन वेंकटचलैया  12/02/199324/10/1994
26. श्री न्यायमूर्ति ए.एम. अहमदी25/10/199424/03/1997
27. श्री न्यायमूर्ति जे.एस. वर्मा25/03/199717/01/1998
28. श्री न्यायमूर्ति एम.एम. पुंछी18/01/199809/10/1998
29. डॉ। न्यायमूर्ति ए.एस. आनंद10/10/199831/10/2001
30. श्री न्यायमूर्ति एस.पी.भारुचा01/11/200105/05/2002
31. श्री न्यायमूर्ति बी.एन. किरपाल06/05/200207/11/2002
32. श्री न्यायमूर्ति जी.बी. पटनायक08/11/200218/12/2002
33. श्री न्यायमूर्ति वी. एन. खरे19/12/200201/05/2004
34. श्री न्यायमूर्ति एस. राजेंद्र बाबू02/05/200431/05/2004
35. श्री न्यायमूर्ति आर.सी. लाहोटी01/06/200431/10/2005
36. श्री न्यायमूर्ति वाई.के. सभरवाल01/11/200513/01/2007
37. श्री न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन14/01/200711/05/2010
38. श्री न्यायमूर्ति एस.एच. कपाड़िया12/05/201028/09/2012
39. श्री जस्टिस अल्तमस कबीर29/09/201218/07/2013
40. श्री न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम19/07/201326/04/2014
41. श्री न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा27/04/201427/09/2014
42. श्री न्यायमूर्ति एच एल दत्तू28/09/201402/12/2015
43. श्री न्यायमूर्ति हरीलाल जेकुंदास कानिया03/12/201503/01/2017
44.  श्री जगदीश सिंह खेहर04/01/201727/08/2017
45. श्री जस्टिस दीपक मिश्रा28/08/201702/10/2018
46. श्री रंजन गोगोई03/10/201817/11/ 2019
47. श्री शरद अरविंद बोबड़े (वर्तमान)18/11/ 201923/04/ 2021

भारत का संघीय न्यायालय; 1 अक्टूबर 1937 को अस्तित्व में आया था और इसने 1937-50 के बीच भारत के संघीय न्यायालय का कार्य किया था. भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश श्री सर मौरिस ग्वेयर (1 अक्टूबर 1937 से 25 अप्रैल 1943) थे. हालाँकि न्यायमूर्ति हरीलाल जेकिंदस कानिया भारत के पहले भारतीय मुख्य न्यायधीश थे.

न्यायमूर्ति वाई. वी. चंद्रचूड़; सबसे लंबे समय तक सेवारत मुख्य न्यायधीश (फरवरी 1978 – जुलाई 1985) हैं, जिन्होंने 2696 दिनों की सेवा की, जबकि कमल नारायण सिंह सबसे कम दिनों तक पद पर रहने वाले मुख्य न्यायधीश थे.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लद्दाख क्षेत्र हेतु विंटर ग्रेड डीजल लॉन्च किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 17 नवंबर 2019 को लद्दाख क्षेत्र के लिए पहले विंटर ग्रेड डीजल (शीतकालीन ग्रेड डीजल) बिक्री केन्‍द्र का शुभारंभ किया. इससे अत्यधिक ठंड के मौसम में डीजल ईंधन के जम जाने के कारण लोगों की समस्‍याओं के समाधान में सहायता मिलेगी.

गृह मंत्री द्वारा बताया गया कि विशेष विंटर ग्रेड डीजल में पांच प्रतिशत बायोडीजल भी मिश्रित किया गया है. -33 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी यह डीजल अपनी तरलता बरकरार रखता है. डीजल के जमने से पहले लद्दाख में वाहन रुकते थे लेकिन अब वे सर्दियों में भी चलने वाले डीजल पर चल सकते हैं.

इससे संबंधित मुख्य तथ्य

• लद्दाख में तापमान की गिरावट के साथ सर्दियों में सामान्य डीजल जम जाता है. इस डीजल के जमने से गाड़ियों को चलाने में परेशानी होती है.

• इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इसे ध्यान में रखते हुए विशेष विंटर ग्रेड डीजल का उत्पादन शुरू किया.

• केंद्र सरकार लद्दाख के पूरी तरह से विकास के लिए 50 हज़ार करोड़ की लागत से बिजली, सौर ऊर्जा, शिक्षा तथा पर्यटन की योजनाओं को पूरा कर रही है.

• विंटर ग्रेड डीजल का पहला बैच है. यह भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों को पूरा करता है. इसको पानीपत रिफाइनरी से रवाना किया गया है.

फायदा

इस विंटर ग्रेड डीजल से अत्यधिक ठंड के समय पर्यटकों को यात्रा के दौरान आसानी होगी. इस क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा तथा कुल मिलाकर आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी. इससे लद्दाख क्षेत्र का विकास होगा तथा रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे.

इस विंटर ग्रेड डीजल से लेह लद्दाख के लोगों के जीवन में नया शुभारंभ होगा. लद्दाख में जब सबसे अधिक पर्यटक आने का समय होता है, तब वहां अब यातायात की सुविधा पूरी तरह से मुहैया होगी, जो पहले नहीं होती थी.

विंटर ग्रेड डीजल क्या है?

विंटर ग्रेड डीजल एक विशेष श्रेणी का ईंधन है जो ठंड के मौसम में जम नहीं पाता है. यह डीजल -33 डिग्री सेल्सियस तापमान पर नहीं जमता है. दरअसल, लद्दाख में तापमान की गिरावट के साथ सर्दियों में सामान्य डीजल जम जाता है. लद्दाख में विशेष डीजल स्थानीय निवासियों के साथ भारतीय सेना, सुरक्षाबलों हेतु भी बहुत खास अहमियत रखता है.

यह भारत में पहली बार है जब भारतीय तेल ने देश की आवश्यकता के अनुसार एक शीतकालीन-ग्रेड डीजल का उत्पादन किया. शीतकालीन श्रेणी के डीजल की पहली डिलीवरी पानीपत तेल रिफाइनरी द्वारा दी गई, जबकि दूसरी डिलीवरी जालंधर तेल रिफाइनरी द्वारा निर्धारित की गई है.