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हरिवंश नारायण सिंह लगातार दूसरी बार चुने गए राज्‍यसभा के उपसभापति

हरिवंश नारायण सिंह लगातार दूसरी बार राज्यसभा में उपसभापति चुने गए हैं. हरिवंश सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं. हरिवंश राजनीति में जयप्रकाश नारायण के आदर्शों से भी प्रेरित हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उप सभापति चुने जाने पर हरिवंश को बधाई दी है. पीएम ने कहा कि इस बार संसद सत्र ऐसी परिस्थितियों में आयोजित हो रहा है जैसी पहले कभी नहीं रहीं.

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताब दियारा गांव में 30 जून 1956 को जन्मे हरिवंश को जयप्रकाश नारायण ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया. उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और पत्रकारिता में डिप्लोमा की पढ़ाई की. हरिवंश 1981-84 तक हैदराबाद एवं पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की. साल 1984 में उन्होंने पत्रकारिता में वापसी की.

जानें इंजीनियर्स डे क्यों मनाया जाता है?

एम विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) की जयंती के मौके पर हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है. विश्वेश्वरैया पूरी दुनिया के इंजीनियर्स के लिए मिसाल हैं. विश्वेश्वरैया भारतीय सिविल इंजीनियर, विद्वान और राजनेता थे. साल 1883 में पूना के साइंस कॉलेज से इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद विश्वेश्वरैया को तत्काल ही सहायक इंजीनियर पद पर सरकारी नौकरी मिल गई थी.

एम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को मैसूर के कोलार जिले स्थित चिक्काबल्लापुर तालुक में एक तेलुगु परिवार में हुआ था. उनके पिता श्रीनिवास शास्त्री संस्कृत के विद्वान और आयुर्वेद चिकित्सक थे. एम विश्वेश्वरैया को साल 1955 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

छत्रपति शिवाजी के नाम से जाना जाएगा आगरा में बन रहा संग्रहालय

आगरा में निर्माणाधीन मुगल म्यूजियम, छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर स्थापित होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आगरा मंडल की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रवादी विचारों को पोषित करने वाली है.

संग्रहालय मुगल संस्कृति, कलाकृतियों, चित्रों, भोजन, वेशभूषा, मुगल युग-हथियार और गोला-बारूद और प्रदर्शन कला पर केंद्रित होगा. मराठा योद्धा और 16वीं शताब्दी के राजा छत्रपति शिवाजी महाराज अपने जीवन के अधिकांश समय मुगलों से लड़े और वह अपनी सैन्य विजय के लिए जाने जाते हैं.

योशिहिदे सुगा होंगे जापान के नए प्रधानमंत्री

जापान की सत्तारूढ़ पार्टी ने शिंजो आबे के बाद योशिहिदे सुगा को अपना नया नेता चुन लिया है. अब ये लगभग तय हो गया है कि योशिहिदे सुगा ही जापान के नए प्रधानमंत्री होंगे. पिछले महीने ही शिंजो आबे ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफ़ा दे दिया था.

71 साल के योशिहिदे सुगा शिंजो आबे के भी क़रीबी माने जाते हैं. उन्हें नेता चुने जाने के लिए अपनी पार्टी के सांसदों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के 534 में से 377 वोट मिले. योशिहिदे सुगा ने कहा है कि उनकी शीर्ष प्राथमिकताएं कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ना और इस महामारी से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना है.

राजेश खुल्लर विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक नियुक्त

कार्मिक मंत्रालय ने हाल ही में राजेश खुल्लर को विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया है. उनकी यह नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है. वे भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान से संबंधित मामलों का प्रतिनिधित्व करेंगे. उन्होंने सरकारी कामकाज के तौर पर केंद्र की योजनाओं को हरियाणा में आगे बढ़ाने का काम किया.

विश्व बैंक में 25 ऐसे कार्यकारी निदेशक पूरे विश्व से नियुक्त होते हैं. वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर हरियाणा और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के अलावा एचएसआईआईडीसी के चेयरमैन का कार्यभार भी खुल्लर के पास है.

प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में 7 परियोजनाओं की शुरुआत की

प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार में  सात परियोजनाओं की आधारशिला रखी. इनमें से चार जल आपूर्ति, दो सीवरेज ट्रीटमेंट और एक रिवरफ्रंट डेवलपमेंट से संबंधित हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितम्बर 2020 को बिहार की जलापूर्ति व सीवर से जुड़ी 541 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार में  सात परियोजनाओं की आधारशिला रखी.

इनमें से चार जल आपूर्ति, दो सीवरेज ट्रीटमेंट और एक रिवरफ्रंट डेवलपमेंट से संबंधित हैं. ये परियोजनाएं केंद्र की नमामि गंगे और अमरुत योजना से जुड़ी हैं. इनमें पटना की बेउर और कर्मलीचक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के अलावा सीवान, छपरा, मुंगेर, जमालपुर, मुजफ्फरपुर से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं.

विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) की घोषणा के पहले पीएम मोदी के छह कार्यक्रमों में यह तीसरा कार्यक्रम था. प्रधानमंत्री ने कोरोना संकट को लेकर एहतियात बरतने को भी जरूरी बताया.

प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लाखों इंजीनियर देश के विकास को नई ऊंचाई देने में लगे हैं. बिहार तो देश के विकास को नई ऊंचाई देने वाले लाखों इंजीनियर देता है. बिहार की धरती तो आविष्कार और इनोवेशन की पर्याय रही है. बिहार के कितने ही बेटे हर साल देश के सबसे बड़े इंजीन्यरिंग संस्थानों में पहुंचते हैं, अपनी चमक बिखेरते हैं.

नमामि गंगे के तहत 6054 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री ने विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश में साल 2014 के बाद ग्राम पंचायताओं और स्थानीय निकायों को विकास की जिम्मेदारी दी गई है. नमामि गंगे मिशन के तहत नदी तट विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर के अखाड़ा घाट, सीढ़ी घाट और चंदवारा घाट पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा. बिहार में नमामि गंगे के तहत 6054 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित है.

कर्मलीचक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन

प्रधानमंत्री बेउर और कर्मलीचक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया. नगर परिषद सीवान और छपरा नगर निगम की जलापूर्ति योजना का उद्घाटन किया. वहीं मुजफ्फरपुर में रिवर फ्रंट विकसित करने और मुंगेर नगर निगम तथा जमालपुर नगर परिषद की जलापूर्ति योजनाओं का भी शिलान्यास किया.

मत्स्य विभाग परियोजना का उद्घाटन

प्रधानमंत्री 10 और 13 सितंबर को मत्स्य विभाग और पेट्रोलियम से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ कर चुके हैं. इसी क्रम में नगरीय विकास से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया है.

ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थीम ने जीता यूएस ओपन के मेन्स सिंगल्स का खिताब

ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थीम ने दो सेट गंवाने के बाद पांचवें सेट में अभूतपूर्व टाइब्रेकर में एलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराकर यूएस ओपन मेंस सिंगल्स का खिताब जीत लिया. दूसरी वरीयता प्राप्त ऑस्ट्रिया के थीम ने पांचवीं वरीयता प्राप्त ज्वेरेव को 2-6, 4-6, 6-4, 6-3, 7-6 (8/6) से हराया. यह मुकाबला 4 घंटे 2 मिनट तक चला.

यह उनका पहला ग्रैंडस्लैम खिताब है. डोमिनिक थीम इससे पहले तीन ग्रैंडस्लैम फाइनल में हार चुके थे जिसमें उनका मुकाबला फेडरर या राफेल नडाल से हुआ था. उन्हें फ्रेंच ओपन 2018 और 2019 फाइनल में नडाल ने और इस साल फरवरी में ऑस्ट्रेलियाई ओपन में जोकोविच ने हराया था.

इमामी लिमिटेड कंपनी ने जूही चावला को अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया

इमामी लिमिटेड कंपनी ने हाइजीन रेंज के उत्पादों के लिए अभिनेत्री जूही चावला को अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है. कंपनी ने बताया कि उसने अपनी स्वास्थ्य देखभाल उत्पादों की नई बोरोप्लस श्रृंखला के लिए बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला को ब्रांड एंबेसडर बनाया है. कंपनी ने इस साल अप्रैल में बोरोप्लस हैंड सेनेटाइजर को सफलतापूर्वक बाजार में उतारा है.

जूही चावला हिन्दी फ़िल्मों की अभिनेत्री, मॉडल, फिल्म निर्माता और 1984 की मिस इंडिया विजेता है. जूही चावला ने मुख्य रूप हिन्दी सिनेमा में काम किया है. इसके अलावा उन्होंने बंगाली, पंजाबी, मलयालम, तमिल, कन्नड़ और तेलुगू भाषा की फिल्मों में भी काम किया है.

आयुष्मान खुराना को यूनिसेफ ने बनाया बाल अधिकार अभियान का सेलिब्रिटी एडवोकेट

संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ ने अपने बाल अधिकार अभियान- ‘फॉर एवेरी चाइल्ड’ के लिए आयुष्मान खुराना को अपना ‘सेलिब्रिटी एडवोकेट’ बनाया है. बच्चों के प्रति हिंसा को समाप्त करने की दिशा में आयुष्मान खुराना यूनिसेफ की सहायता करेंगे.

आयुष्मान खुराना ने साल 2004 में रियलिटी टेलीविजन शो एमटीवी रोडीज का दूसरा सीज़न जीता और एंकरिंग करियर में कदम रखा. उन्होंने साल 2012 में रोमांटिक कॉमेडी विक्की डोनर के साथ अपनी फिल्म की शुरुआत की.

आर्य समाज के अग्रणी नेता स्वामी अग्निवेश का निधन

सामाजिक कार्यकर्ता और आर्य समाज की प्रतिष्ठित हस्ती स्वामी अग्निवेश का निधन हो गया है. वह 81 वर्ष के थे. 21 सितंबर 1939 को जन्मे स्वामी अग्निवेश सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे. साल 1970 में आर्य सभा नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी.

वे साल 1977 में हरियाणा विधानसभा में विधायक चुने गए और हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे. उन्होंने साल 1981 में बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन की स्थापना की. स्वामी अग्निवेश ने 2011 में अन्ना हजारे की अगुवाई वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी हिस्सा लिया था.

मेघालय सरकार ने भारत का सबसे बड़ा “Piggery Mission” लॉन्च किया

मेघालय सरकार द्वारा 209 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाला भारत का सबसे बड़ा “Piggery Mission” लॉन्च किया गया है. इसे मेघालय पशुधन उद्यम उन्नति सोसायटी (MLEADS) के तत्वावधान में और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है.

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य अगले तीन वर्षों में 150 करोड़ रुपये के पोर्क (Pork) वार्षिक आयात को कम करना है. “Piggery Mission” के माध्यम से राज्य में किसानों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा. राज्य सरकार किसानों को ऋण लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज का भुगतान करेगी.

भारतीय मूल की पहली अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के नाम पर रखा गया स्पेसक्राफ्ट का नाम

नॉर्थरोप ग्रुमैन, एक अमेरिकी कंपनी, ने मानव अंतरिक्ष यान के लिए कल्पना चावला के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार करने के लिए अपने अगले साइग्नस कैप्सूल का नाम “एस.एस. कल्पना चावला” रखने का फैसला किया है. वे अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाली पहली भारत में जन्मी महिला थीं.

अमेरिकी वैश्विक एयरोस्पेस और रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी, नॉर्थरोप ग्रुमैन ने यह घोषणा की है कि, इसके अगले साइग्नस कैप्सूल का नाम मिशन विशेषज्ञ कल्पना चावला की याद में, “एस.एस. कल्पना चावला” होगा. भारतीय मूल की कल्पना चावला की मृत्यु अंतरिक्ष यान कोलंबिया में सवार अपने छह साथियों के साथ वर्ष 2003 में हुई थी.

नॉर्थरोप ग्रुमैन के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होने वाले एक अमेरिकी वाणिज्यिक कार्गो स्पेसक्राफ्ट का नाम कल्पना चावला के नाम पर रखने का निर्णय मानव अंतरिक्ष यान में उनके महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार करने के लिए लिया गया है. वे अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाली पहली भारत में जन्मी महिला थीं.

इस अमेरिकी कंपनी ने इस खबर को अपनी वेबसाइट पर भी साझा किया और यह बताया है कि पूर्व अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के नाम पर एनजी -14 साइग्नस अंतरिक्ष यान का नाम रखने पर नार्थोप ग्रुम्मन को गर्व है. इसमें यह कहा गया है कि, यह कंपनी की परंपरा है कि प्रत्येक सिग्नस का नाम एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर रखे जिसने मानव अंतरिक्ष यान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो.

अमेरिकी अंतरिक्ष यान का नामकरण एस.एसकल्पना चावला

अपने इस फैसले के बारे में सूचित करते हुए, नॉर्थरोप ग्रुमैन ने आगे यह कहा कि, कल्पना चावला को इतिहास में उनके प्रमुख स्थान को सम्मान प्रदान करने के लिए चुना गया, क्योंकि वे अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं.

इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि, जबकि कल्पना चावला ने अंतरिक्ष कार्यक्रम की सेवा में अंतिम बलिदान दिया था, उनकी विरासत अभी भी उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों और उन लोगों के माध्यम से कायम है जो उनके नक्शेकदम पर चलने के लिए प्रेरित हैं.

कोलंबिया में किए गए उनके अंतिम शोध ने अंतरिक्ष यान के दौरान अंतरिक्ष यात्री के स्वास्थ्य और सुरक्षा को समझने में हमारी काफी मदद की है.

एस.एसकल्पना चावला कब लॉन्च किया जायेगा?

“एस.एस. कल्पना चावला“ कैप्सूल 29 सितंबर, 2020 को वर्जीनिया में नासा के वॉलॉप्स फ्लाइट फैसिलिटी में MARS- मिड-अटलांटिक रीजनल स्पेसपोर्ट से एक नॉर्थ ग्रुम्मन एंटेर्स रॉकेट पर NG-14 मिशन पर लॉन्च किया जायेगा.

NG -14 मिशन के लिए यह सिग्नस अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष स्टेशन तक लगभग 3,629 किलोग्राम माल पहुंचाएगा. अगले दो दिन बाद इस अंतरिक्ष यान का आगमन होगा और यह अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ जाएगा.

नासा में कल्पना चावला

• कल्पना चावला ने वर्ष 1988 में नासा में अपने करियर की शुरुआत एम्स रिसर्च सेंटर, कैलिफ़ोर्निया में एक पावर्ड-लिफ्ट कम्प्यूटेशनल फ्लूड डायनामिक्स शोधकर्ता के तौर पर की थी. उनका काम ’ग्राउंड इफेक्ट’ में उड़ान भरने वाले विमानों द्वारा सामना किए जाने वाले जटिल वायु प्रवाह के अनुकरण पर केंद्रित था.

• कल्पना चावला ने वर्ष 1993 में ओवरसेट मेथड्स इंक में बतौर उपाध्यक्ष और वायुगतिकी में एक शोधकर्ता पद ग्रहण किया.

• अप्रैल, 1991 में एक प्राकृतिक अमेरिकी नागरिक बनने के बाद, उसने नासा के अंतरिक्ष यात्रियों की वाहिनी के लिए आवेदन किया. दिसंबर, 1994 में उन्हें चयनित किया गया और वर्ष 1995 में ह्यूस्टन में जॉनसन स्पेस सेंटर में समूह 15 में शामिल एक अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने रिपोर्ट किया.

• कल्पना चावला को नवंबर, 1996 में स्पेस शटल कोलंबिया में, STS – 87 में एक मिशन विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया गया और वे अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली भारतीय मूल की पहली महिला बन गई.

• उनका दूसरा स्पेसफ्लाइट अनुभव वर्ष, 2001 में आया था जब उन्हें STS -107 के चालक दल के लिए चुना गया था. यह उड़ान लगभग अनुसंधान और विज्ञान के लिए समर्पित थी जिसके तहत लगभग 80 प्रयोग पूरे किये गये.

कल्पना चावला के बारे में

कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च, 1962 को हरियाणा के करनाल में हुआ था. उन्होंने वर्ष 1982 में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से वैमानिकी इंजीनियरिंग में विज्ञान विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की थी.

अपनी स्नातक शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए वह संयुक्त राज्य अमेरिका चली गईं और वर्ष 1984 में उन्होंने टेक्सास विश्वविद्यालय से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की. उन्होंने वर्ष 1988 में कोलोराडो में विश्वविद्यालय से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री भी हासिल की.

कल्पना चावला के पास एकल और बहु-इंजन हवाई जहाज, ग्लाइडर और सी-प्लेन के लिए वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस भी था. वे एक प्रमाणित उड़ान प्रशिक्षक भी थी.

वर्ष 2003 में STS-107 मिशन के दौरान उनकी जान चली गई, जब अंतरिक्ष यान कोलंबिया पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.