1 India Census 2027: आरजीआई ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 शुरू की

सरकार ने भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम कदम उठाया है। लोगों की सुविधा और उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) ने एक नई सेवा शुरू की है। अब जनगणना से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब पाना बहुत आसान हो गया है। सरकार ने इसके लिए एक खास राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी कर दिया है। बता दें, इसके साथ ही, आज के डिजिटल समय को देखते हुए एक व्हाट्सएप चैटबॉट भी लॉन्च किया गया है ताकि लोग आसानी से अपने मोबाइल पर जानकारी हासिल कर सकें। नया हेल्पलाइन नंबर 1855 मुख्य रूप से ‘आवास सूचीकरण और आवास गणना’ (एचएलओ) से जुड़े सवालों का तुरंत समाधान करेगा। जनगणना आयुक्त ने जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए व्हाट्सएप चैटबॉट की शुरुआत की है, जिससे लोग मैसेज भेजकर तुरंत सही और सटीक जानकारी पा सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया आम जनता एवं गणना करने वाले कर्मचारियों, दोनों के लिए बहुत मददगार साबित होगी।
2 सैटेलाइट अध्ययन में मुंबई और सिकंदराबाद के लैंडफिल वैश्विक मीथेन उत्सर्जन के टॉप-25 में शामिल

हाल ही में सैटेलाइट पर आधारित एक वैश्विक अध्ययन से पता चला है कि सिकंदराबाद और मुंबई में मौजूद लैंडफिल साइटें, वर्ष 2025 में दुनिया की शीर्ष 25 मीथेन उत्सर्जित करने वाली कचरा साइटों में शामिल हैं। इन निष्कर्षों ने भारत की कचरा प्रबंधन प्रणालियों से जुड़ी बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं और जलवायु परिवर्तन में उनके योगदान को उजागर किया है। यह विश्लेषण मीथेन के हजारों ‘प्लूम’ (बादलों) के प्रेक्षणों पर आधारित है, और यह लक्षित जलवायु कार्रवाई करने तथा लैंडफिल प्रबंधन में सुधार लाने की तत्काल आवश्यकता पर भी ज़ोर देता है। इस अध्ययन ने दुनिया भर के 707 कचरा स्थलों से निकलने वाले 2,994 मीथेन के गुबारों का विश्लेषण किया है और प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट की पहचान की है। दुनिया भर में सबसे ज़्यादा उत्सर्जन करने वाली शीर्ष 25 जगहों में भारत की 2 लैंडफिल साइटें शामिल हैं। इसके अलावा, चिली और ब्राज़ील जैसे देशों में भी लैंडफिल साइटों की संख्या सबसे ज़्यादा थी (प्रत्येक में 3)। यह शोध ‘कार्बन मैपर’ (Carbon Mapper) से प्राप्त सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके किया गया था, और इसका विश्लेषण लॉस एंजिल्स स्थित कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय द्वारा अपने ‘स्टॉप मीथेन प्रोजेक्ट’ (Stop Methane Project) के माध्यम से किया गया।
3 नीतू समरा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की CEO बनीं

25 अप्रैल को नीतू समरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की इंटरिम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) अपॉइंट हुईं। नीतू अक्टूबर 2021 से एयर पोर्ट की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) बनी थीं। नीतू ने बतौर CFO ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की फाइनेंशियल स्कीम और उसके डेवलपमेंट में बड़ी भूमिका निभाई। नीतू का ये अपॉइंटमेंट, एविएशन सिक्योरिटी स्टैंडर्ड में बदलाव के बाद हुआ है। नए नियम के मुताबिक भारतीय एयरपोर्ट को कोई भारतीय नागरिक ही लीड के सकेगा। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने पूर्व CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, जिससे तत्काल नेतृत्व में फेरबदल हुआ। वहीं CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल किया गया है और उन्हें एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को जेवर, उत्तर प्रदेश में इस एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था।
4 दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड ने जय जमुआर को पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया

दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड ने पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय जमुआर को नियुक्त किया है। श्री जमुआर पूर्व भारतीय रेलवे यातायात सेवा के अधिकारी हैं, जिन्हें भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अनुभव है। दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड की स्थापना दिल्ली मेट्रों द्वारा सरकार के सहयोग से की गई है, जिसका उद्देश्य भारत में दिल्ली के बाहर और विदेशों में मेट्रो परियोजनाओं के साथ-साथ संचालन और रखरखाव संबंधी कार्यों को संभालना है।
5 डाबर ने हरजीत एस. भल्ला को भारत के कारोबार का CEO नियुक्त किया

डाबर ने हरजीत एस. भल्ला को अपने भारत के कारोबार का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 23 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो गया है। यह घोषणा एक रेगुलेटरी फाइलिंग के ज़रिए की गई, जो घरेलू परिचालन के लिए कंपनी के नेतृत्व को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम को दर्शाती है। वह सीधे मोहित मल्होत्रा को रिपोर्ट करेंगे, जो कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक और वैश्विक CEO के तौर पर कार्यरत हैं।
6 NASSCOM को मिला नया चेयरमैन: AI विशेषज्ञ श्रीकांत वेलामाकन्नी ने संभाला पदभार

श्रीकांत वेलामाकन्नी को NASSCOM का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एनालिटिक्स के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेज़ी से विस्तार कर रही है। उम्मीद है कि उनका नेतृत्व IT उद्योग को उभरती हुई तकनीकों, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नवाचार-आधारित विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने में मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
7 राजेश कुमार अग्रवाल ने पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन में निदेशक का कार्यभार संभाला

राजेश कुमार अग्रवाल ने पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) में निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्हें बिजली और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के एक महत्वपूर्ण हिस्से के दौरान वे पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन से जुड़े रहे हैं, जहाँ उन्होंने प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग, क्रेडिट मूल्यांकन और ऋण पोर्टफोलियो प्रबंधन जैसे विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।
8 AU Small Finance Bank में विवेक त्रिपाठी बने ईडी व डब्ल्यूटीडी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने तीन साल की अवधि के लिए AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के कार्यकारी निदेशक (ED) के रूप में श्री विवेक त्रिपाठी की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। श्री विवेक त्रिपाठी पूर्णकालिक निदेशक (डब्ल्यूटीडी) के रूप में भी कार्यभार संभालेंगे और बैंक के शेयरधारकों से अनुमोदन के बाद कार्यकाल 24 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा।
9 तुर्की ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगाया प्रतिबंध

तुर्की ने एक नया बिल पास किया है, जिसका मकसद 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया तक पहुँच को सीमित करना है। यह बिल ऑनलाइन सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस कानून के तहत, प्लेटफ़ॉर्म्स को उम्र की पुष्टि करने वाले सख्त सिस्टम और माता-पिता के नियंत्रण (parental controls) लागू करने होंगे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब डिजिटल कंटेंट का बच्चों पर पड़ने वाले असर को लेकर दुनिया भर में चिंताएँ बढ़ रही हैं।
10 ब्रिटेन (UK) की संसद ने ‘तंबाकू और वेप्स बिल’ को मंज़ूरी दी : 2008 के बाद जन्मे लोग कभी भी कानूनी रूप से सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे

ब्रिटेन (UK) की संसद ने ‘तंबाकू और वेप्स बिल’ को मंज़ूरी दे दी है। इस बिल के तहत, 1 जनवरी 2009 या उसके बाद पैदा हुए लोग अब कभी भी तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद पाएंगे। इस कदम का मकसद एक ‘धूम्रपान-मुक्त पीढ़ी’ तैयार करना और सबसे ज़रूरी बात, धूम्रपान से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। शाही मंज़ूरी मिलने के बाद, यह नया कानून दुनिया भर में धूम्रपान-विरोधी सबसे सख़्त और कड़े उपायों में से एक बन जाएगा। संसद से बिल पास हो चुका है और अब सिर्फ किंग चार्ल्स III की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। यह पूरे ब्रिटेन यानी इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में लागू होगा। सरकार ने यह बिल 2024 में पेश किया था और इसे अपनी बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था। नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से यह कानून लागू होगा। हाल ही में पारित इस कानून के तहत ‘पीढ़ीगत प्रतिबंध’ (generational ban) लागू किया गया है। इसका मतलब है कि 2008 के बाद जन्मे लोग कानूनी तौर पर कभी भी तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद पाएंगे। इसके अलावा, कानूनी उम्र हर साल प्रभावी रूप से बढ़ती जाएगी। और आने वाली पीढ़ियों में धूम्रपान धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

जाने-माने फोटोग्राफर रघु राय का निधन हो गया है। वे 83 वर्ष के थे और दो साल से कैंसर से जूझ रहे थे। श्री राय ने अपनी फोटोग्राफी से दुनिया भर का ध्यान खींचा था। उनकी फोटोग्राफी को अक्सर आधुनिक भारत का “दृश्य अभिलेख” कहा जाता है। बांग्लादेश मुक्ति संग्राम और भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ी उनकी तस्वीरें यादगार हैं। रघु राय का जन्म 18 दिसंबर, 1942 को झांग (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। बांग्लादेश युद्ध के दौरान उनकी सशक्त फोटोग्राफी के लिए उन्हें भारत सरकार ने 1972 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। 1992 में उन्हें अमरीका में “वर्ष का सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफर” नामित किया गया था। 2019 में उन्हें शीर्ष सम्मान एकेडेमी डेस बोक्स-आर्ट्स फोटोग्राफी पुरस्कार मिला था। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने उन्हें 2017 में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया था। रघु ने मशहूर फ्रांसीसी फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसन के मार्गदर्शन में काम किया था।
12 दुबई के वस्त्र उद्योग के बादशाह वासु श्रॉफ का 85 वर्ष की आयु में निधन

दुबई के वस्त्र उद्योग के बादशाह के रूप में मशहूर दिग्गज भारतीय व्यवसायी वासु श्रॉफ का 85 वर्ष की आयु में उनके आवास पर निधन हो गया है। श्रॉफ उन शुरुआती उद्यमियों में से थे जिन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के एक छोटे से राज्य को वैश्विक वाणिज्यिक केंद्र में परिवर्तित होते देखा और उसमें योगदान दिया। भारत में जन्मे श्रॉफ 1960 में मुंबई से नाव द्वारा शारजाह पहुंचे और बाद में दुबई में बस गए, जहां उन्होंने एक अमिट व्यापारिक विरासत बनाई। श्रॉफ को दुबई के वस्त्र व्यापार में एक अग्रणी व्यक्ति के रूप में व्यापक रूप से माना जाता है, जिन्होंने अमीरात के शुरुआती वाणिज्यिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।