GENERAL KNOWLEDGE

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस परीक्षण हेतु भारत की पहली मोबाइल प्रयोगशाला की शुरू

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने 18 जून 2020 को भारत के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में कोरोना वायरस (COVID-19) परीक्षण के लिए भारत की पहली मोबाइल प्रयोगशाला शुरू की. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में परीक्षण सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए, इस तरह के नवाचार देश के आंतरिक, दुर्गम भागों में विकसित किए गए हैं.

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने इस लैब के दायरे के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें प्रति दिन 25 आरटी-पीसीआर परीक्षण, प्रति दिन 300 एलिसा परीक्षण और टीबी, एचआईवी के लिए अतिरिक्त परीक्षण सीजीएचएस दरों के अनुसार करने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि हमने फरवरी में एक प्रयोगशाला के साथ COVID के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने पुरी में रथ यात्रा पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोनावायरस संक्रमण के चलते भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर रोक लगा दी है. 18 जून 2020 को इस संबंध में एक याचिका पर सुनवाई हुई है, जिस दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर वो इसके लिए अनुमति देते हैं तो भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे. भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि ये एक गंभीर मामला है और कोर्ट इसके लिए अनुमति नहीं दे सकता.

रथयात्रा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि इस रथयात्रा में दस लाख लोग इकट्ठा होते हैं. इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश बोबडे ने कहा कि अगर दस हजार भी हैं तो गंभीर बात है. बता दें कि 23 जून से रथयात्रा शुरू होनी थी. यह उत्सव अगले 20 दिनों तक जारी रहता है.

अभिनेता पंकज त्रिपाठी को बिहार खादी का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया

बिहार सरकार ने मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी को बिहार खादी का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है. इस दौरान पंकज त्रिपाठी ने युवाओं से खादी के कपड़े खरीदने और पहनने की अपील की है. बता दें कि, बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने अभी हाल ही में अभिनेता पंकज त्रिपाठी को बिहार खादी का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है.

पंकज त्रिपाठी बिहार के गोपालगंज के मूल निवासी हैं. वहीं, उद्योग मंत्री श्याम रजक ने कहा है कि, पंकज त्रिपाठी के ब्रांड एंबेसडर नियुक्त होने से बिहार में खादी के प्रचार-प्रसार के काम को तेजी से गति मिलेगी.

एक्जिम बैंक ने मलावी को 21.57 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा दी

भारतीय निर्यात-आयात (एक्जिम) बैंक ने हाल ही में मलावी सरकार को भारत सरकार की ओर से 21.57 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा प्रदान की है. इस सहायता का इस्तेमाल पेयजल आपूर्ति योजनाओं और अन्य विकास परियोजनाओं पर किया जायेगा.  इसके साथ ही एक्ज़िम बैंक द्वारा भारत सरकार की ओर से मलावी सरकार को अब तक 39.57 करोड़ डॉलर की कुल पाँच ऋण सुविधाएं प्रदान की जा चुकी हैं.

ये ऋण सुविधाएं मलावी सरकार को सिंचाई नेटवर्क, तंबाकू थ्रेशिंग संयंत्र, ईंधन भंडारण सुविधा की आपूर्ति के लिये और लिखुबुला नदी से मुलांजे से ब्लैंटायर तक एक नयी पेयजल आपूर्ति प्रणाली के निर्माण संबंधी परियोजनाओं के वित्तपोषण हेतु प्रदान की गयी हैं. इस ऋण सुविधा सहित एक्‍ज़िम बैंक द्वारा अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका तथा सोवियत संघ से अलग हुए देशों को मिलाकर 62 देशों को 25.68 अरब डॉलर की कुल 260 ऋण सुविधाएं प्रदान की जा चुकी हैं.

AIFF ने आईएम विजयन के नाम की पद्मश्री के लिये सिफारिश की

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने देश के चौथे सबसे बड़े अवॉर्ड-पद्मश्री अवॉर्ड के लिए दिग्गज फुटबॉलर आईएम विजयन का नाम खेल मंत्रालय को भेजने का फैसला किया है. आईएम विजयन 2003 में अर्जुन अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं.तीन बार एआईएफएफ प्लयर्स ऑफ द ईयर रहे विजयन को देश के सबसे कुशल फुटबॉलरों में से एक माना जाता है. वियजन ने 1992 से 2003 के बीच तक भारत के लिए 79 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 40 गोल दागे थे.

तमिलनाडु में नीट परीक्षा पास करने वाले सरकारी स्कूल के छात्रों को मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण

तमिलनाडु कैबिनेट ने 15 जून 2020 को मुख्यमंत्री ई.के. पलानीस्वामी की अध्यक्षता में नीट परीक्षा पास करने वाले सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को मंज़ूरी दी है. बतौर रिपोर्ट, आरक्षण उन पर लागू होगा जिन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है, जो निगमों-नगरपालिकाओं, आदि द्रविड़ और जनजातीय कल्याण, कल्लार पुनर्वित्त स्कूलों, वन विभाग के स्कूलों के अंतर्गत आते हैं.

यह फैसला मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पी. कलैयारासन वाले एक सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है. एक-दो दिन पहले ही उन्होंने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि देश में आरक्षण का अधिकार संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार नहीं है.

कोरोनावायरस से बचाव के लिये मानव एंटीबॉडी की खोज

वैज्ञानिकों ने कोविड-19 संक्रमण से उबर चुके लोगों के रक्त से एंटीबॉडी की खोज की है. इसका पशुओं और मानव कोशिकाओं पर परीक्षण किये जाने पर यह सार्स-कोव-2 से बचाव में बहुत कारगर साबित हुई हैं. अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार कोविड-19 रोगियों को सैद्धांतिक रूप से बीमारी के शुरुआती स्तर पर एंटीबॉडी इंजेक्शन लगाए गए, ताकि उनके शरीर में वायरस के स्तर को कम करके उन्हें गंभीर हालत में पहुंचने से बचाया जा सके.

शोध के दौरान उन मरीजों से रक्त के नमूने लिए, जो हल्के-से-गंभीर स्तर के कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हुए हैं. उन्होंने इसके बाद एसीई2 नामक परीक्षण कोशिकाएं विकसित कीं, जिनका इस्तेमाल कर सार्स-कोव-2 मानव कोशिकाओं में प्रवेश करता है. प्रारंभिक प्रयोगों के दौरान टीम ने परीक्षण किया कि क्या मरीजों के एंटीबॉडी युक्त रक्त वायरस के प्रभाव को कम कर उसे परीक्षण कोशिकाओं को संक्रमित करने से रोक सकते हैं.

ब्रिटेन ने वायरस के नये टीके का परीक्षण शुरू किया

इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के प्रायोगिक टीके के साथ इस हफ्ते ब्रिटेन में लोगों को प्रतिरक्षित करना शुरू करेंगे. वैश्विक महामारी को रोकने हेतु प्रभावी टीका ढूंढने की दौड़ में यह नयी कोशिश है. ब्रिटिश सरकार ने 15 जून 2020 को एक बयान में कहा कि इंपीरियल में विकसित कोविड-19 के संभावित टीके की दो खुराकों के साथ करीब 300 स्वस्थ लोगों को प्रतिरक्षित किया जाएगा.

इस टीके को विकसित करने के लिए सरकार ने 5.1 करोड़ डॉलर की निधि दी है. इंपीरियल कॉलेज लंदन में विकसित इस संभावित टीके का अब तक केवल जानवरों और प्रयोगशाला में परीक्षण हुआ है जहां इसने संक्रमित व्यक्ति में आम तौर पर देखे जाने वाले एंटीबॉडी से ज्यादा स्तर पर एंटीबॉडी बनाए हैं.

भारत 2019 में नौवां सबसे अधिक एफडीआई पाने वाला देश: रिपोर्ट

भारत को वर्ष 2019 में 51 अरब डालर का विदेशी निवेश प्राप्त हुआ और वह वर्ष के दौरान दुनियाभर में अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पाने वाले देशों में नौवें नंबर पर रहा. यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र संघ की व्यापार इकाई की एक रिपोर्ट में दी गई है.

संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) ने 15 जून 2020 को जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में कोविड- 19 के बाद कमजोर लेकिन सकारात्मक आर्थिक वृद्धि हासिल होने और भारत के व्यापक बाजार देश के लिये निवेश आकर्षित करते रहेंगे.

विश्व बुजुर्ग दुर्व्‍यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस 15 जून को मनाया गया

विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस प्रतिवर्ष 15 जून को मनाया जाता है. बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्युवहार की रोकथाम के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दुनिया भर में इसे 15 जून को मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन के आयोजन की शुरुआत की थी.जैसे-जैसे दुनिया में बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है, वैसे-वैसे उनके साथ दुर्व्यआवहार की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. यह एक गंभीर सामाजिक बुराई है जो मानव अधिकारों को प्रभावित कर रही है। यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र भी जागरूकता के जरिए इसे रोकने के लिए प्रयासरत है